Yogi – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Mon, 01 Dec 2025 15:00:17 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg Yogi – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 2027 तक उत्तर प्रदेश को गरीबी मुक्त प्रदेश बनाना लक्ष्य: योगी https://demo.theshikshanews.com/2027-tak-uttar-pradesh-ko-gareebee-mukt-pradesh-banaana-lakshy-yogee/ https://demo.theshikshanews.com/2027-tak-uttar-pradesh-ko-gareebee-mukt-pradesh-banaana-lakshy-yogee/#respond Mon, 01 Dec 2025 15:00:17 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5910 NCR TODAY. Khabariya. Lucknow। संविधान दिवस पर पेरिस से आई एक विशेष तस्वीर ने पूरे देश, खासकर उत्तर प्रदेश को गर्व से भर दिया। यूनेस्को मुख्यालय में भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव राव अम्बेडकर की प्रतिमा का भव्य अनावरण किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने ‘योगी की पाती’ के माध्यम से प्रदेशवासियों को संबोधित किया और बाबा साहेब को भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते हुए प्रदेश को वर्ष 2027 तक गरीबी मुक्त प्रदेश बनाने की बात कही है।
सोमवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रदेश की जनता के नाम संबोधित “योगी की पाती” पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विश्व समुदाय जब बाबा साहेब के योगदान को सराहता है, तो यह क्षण प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का होता है। उन्होंने कहा कि अम्बेडकर केवल संविधान निर्माता ही नहीं थे, बल्कि सामाजिक न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व की मूल भावना को जीवन में उतारने वाले युगांतरकारी महापुरुष थे। शोषित, वंचित और दबे-कुचले वर्गों को अधिकार दिलाने की उनकी कोशिशें आज भी सामाजिक परिवर्तन का आधार हैं।
योगी ने कहा कि उनकी ही प्रेरणा से उत्तर प्रदेश की सरकार ने दलितों, वंचितों और कमजोर तबकों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएँ चलाई हैं। शिक्षा, छात्रवृत्ति, छात्रावास सुविधाएँ, प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भरता तथा आर्थिक सहायता—इन सभी क्षेत्रों में व्यापक सुधार किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी जरूरतमंद सामाजिक सुरक्षा से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब की सोच पर चलते हुए प्रदेश में ‘जीरो पॉवर्टी अभियान’ संचालित किया जा रहा है। इसके तहत कमजोर वर्गों तक आवास, राशन, पेंशन, शिक्षा, श्रम योजनाएँ और बाल विकास कार्यक्रमों का लाभ तेज गति से पहुँचाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश को गरीबी मुक्त बनाना है।
उन्होंने कहा कि महापरिनिर्वाण दिवस, 6 दिसंबर को हम बाबा साहेब को श्रद्धापूर्वक नमन करेंगे और संविधान की मूल आत्मा—समानता, न्याय और बंधुत्व—को जीवन में उतारने का संकल्प लेंगे। मुख्यमंत्री ने अपील की कि समाज का हर व्यक्ति इन मूल्यों को अपनाकर समतामूलक और संवेदनशील व्यवस्था के निर्माण में अपनी भूमिका निभाए।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबा साहेब के मार्ग पर चलकर ही राष्ट्र सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बन सकता है।

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भारतीय परंपरा संतों, ऋषि-मुनियों व महापुरुषों के त्याग-बलिदान की महागाथाः योगी https://demo.theshikshanews.com/bhaarateey-parampara-santon-rshi-muniyon-va-mahaapurushon-ke-tyaag-balidaan-kee-mahaagaathaah-yogee/ https://demo.theshikshanews.com/bhaarateey-parampara-santon-rshi-muniyon-va-mahaapurushon-ke-tyaag-balidaan-kee-mahaagaathaah-yogee/#respond Thu, 27 Nov 2025 16:00:19 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5870 NCR TODAY. Khabariya. Ghaziabad। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की परंपरा संतों, ऋषि-मुनियों व महापुरुषों के त्याग-बलिदान की महागाथा है। युगों-युगों से यह महागाथा विश्व मानवता के लिए प्रेरणा रही है। विश्व मानवता ने इस महागाथा का श्रवण व प्रेरणा प्राप्त कर भविष्य को तय किया है।
भारत के अंदर आज भी पवित्र उपासना विधियां श्रद्धाभाव के साथ कार्य करते हुए इस व्यवस्था को बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि तीन दिन पूर्व अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण कार्य को पूर्ण करने के महायज्ञ के पूर्णाहुति कार्यक्रम के साथ ही पीएम मोदी के करकमलों से भव्य भगवा ध्वज का आरोहण संपन्न हुआ। पूरी दुनिया व देश ने भारत के इस सनातन वैभव को देखा और अनुभव किया।


सीएम योगी गुरुवार को तरुण सागरम् तीर्थ, मुरादनगर पहुंचे। उन्होंने यहां पंचकल्याणक महामहोत्सव के अंतर्गत 100 दिन में निर्मित गुफा मंदिर का उद्घाटन किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भगवान पार्श्वनाथ जी व संत तरुण सागर जी महाराज का स्मरण किया।
सीएम ने मेरी बिटिया व अंतर्मना दिव्य मंगल पाठ पुस्तक का विमोचन भी किया।सीएम योगी ने कहा कि यूपी का सौभाग्य है कि अयोध्या में प्रथम जैन तीर्थंकर भगवान ऋषभ देव व चार जैन तीर्थंकर पैदा हुए। दुनिया ने काशी में चार जैन तीर्थंकरों को अवतरित होते हुए देखा है। श्रावस्ती में जैन तीर्थंकर भगवान संभवनाथ का जन्म हुआ। भगवान महावीर का महापरिनिर्वाण कुशीनगर के पावागढ़ में हुआ था। हमारी सरकार ने फाजिलनगर का नाम (जहां भगवान महावीर ने महापरिनिर्वाण हुआ था), उसके नामकरण की कार्रवाई को पावा नगरी के रूप में बढ़ाया है।
सीएम योगी ने कहा कि 24 जैन तीर्थंकरों ने समाज को नई दिशा और विश्व मानवता को करुणा, मैत्री, अहिंसा व ‘जियो-जीने दो’ की प्रेरणा दी। उन्होंने सिर्फ मनुष्य ही नहीं, बल्कि प्रत्येक जीव-जंतु के लिए नई प्रेरणा प्रदान की, जिसकी प्रासंगिकता आज भी उसी रूप में बनी हुई है। मानव सभ्यता को विकास की नित नई ऊंचाइयों तक पहुंचना है तो उन्हें भारत के अध्यात्म की शरण में जाना होगा।
अध्यात्म के साथ ही भौतिक विकास, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक उन्नयन के लिए सुरक्षित, सुसभ्य, साफ-सुथरा वातावरण चाहिए, जिसे भारत ने पहले भी दुनिया को दिया है और भारत, ऋषि-मुनियों, परंपरा व भारतीय संस्कृति का संदेश आज भी विश्व मानवता के लिए यही है। सीएम योगी ने कहा कि ऋषि-मुनि परंपरा ने जो संदेश दिया है, हम उसे आत्मसात करते हैं तो यह विश्व मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है।
गत वर्ष अप्रैल में पीएम मोदी ने विश्व नवकार महामंत्र दिवस पर वन वर्ल्ड-वन चैन कार्यक्रम का उद्घाटन किया था और हम सभी को नौ संकल्प (पानी की बचत, एक पेड़ मां के नाम, स्वच्छता का मिशन, वोकल फॉर लोकल, देश-दर्शन, नेचुरल फॉर्मिंग, हेल्दी लाइफ स्टाइल, योग व खेल को जीवन में लाना, गरीब कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य करना) प्रदान किया था। जैन मुनियों की परंपरा उसी को बढ़ाने का कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि आचार्य प्रसन्न सागर जी महाराज व उपाध्याय मुनि पीयूष सागर जी महाराज की दिनचर्या को देखा। 557 दिन की कठोर साधना, 496 दिन का निर्जल उपवास, तप, अनुशासन व आत्मसंयम का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला है। ये चीजें दिखाती हैं कि यदि हम संकल्प ले लें तो जो कुछ हमें बाहर दिखाई दे रहा है, वह सब कुछ इस शरीर में अनुभव होते हुए भी दिखाई देगा। प्रसन्न सागर जी महाराज की साधना के माध्यम से यह देखने व अनुभव करने का अवसर प्राप्त हुआ है।

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ध्वजारोहण यज्ञ की पूर्णाहूति नहीं, बल्कि नए युग का शुभारंभ : योगी https://demo.theshikshanews.com/dhvajaarohan-yagy-kee-poornaahooti-nahin-balki-nae-yug-ka-shubhaarambh-yogee/ https://demo.theshikshanews.com/dhvajaarohan-yagy-kee-poornaahooti-nahin-balki-nae-yug-ka-shubhaarambh-yogee/#respond Tue, 25 Nov 2025 14:37:33 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5844 NCR TODAY. Khabariya. Ayodhya। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां मंगलवार को राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण समारोह के दौरान कहा कि ध्वजारोहण यज्ञ की पूर्णाहूति नहीं, बल्कि नए युग का शुभारंभ है। प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था, सम्मान एवं आत्मगौरव का प्रतीक है।श्री योगी ने अपनी बातों का आगाज सियावर रामचंद्र भगवान, माता जानकी, सरयू मैया की जय, भारत माता की जय और हर हर महादेव के उद्घोष के साथ किया। मुख्यमंत्री के साथ ही समूचा मंदिर परिसर जय-जयकार से गूंज उठा।
मुख्यमंत्री ने भव्य मंदिर के निर्माण में योगदान देने वाले कर्मयोगियों का भी अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि आज का पावन दिन उन पूज्य संतों, योद्धाओं, श्रीरामभक्तों की अखंड साधना-संघर्ष को समर्पित है, जिन्होंने आंदोलन व संघर्ष के लिए जीवन को समर्पित किया। विवाह पंचमी का दिव्य संयोग इस उत्सव को और भी पावन बना रहा है।
उन्होंने कहा कि ध्वजारोहण उस सत्य का उद्घोष है कि धर्म का प्रकाश अमर है और रामराज्य के मूल्य कालजयी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 में जब नेतृत्व संभाला था, उसी दिन कोटि-कोटि भारतवासियों के मन और हृदय में जिस संभावना, संकल्प व विश्वास का सूर्योदय हुआ, आज वही तपस्या, अनगिनत पीढ़ियों की प्रतीक्षा आपके कर कमलों के माध्यम से साकार होकर भव्य राम मंदिर के रूप में भारतवासियों एवं सनातन धर्मावलंबियों के समक्ष है।
श्री योगी ने कहा कि श्रीराम मंदिर पर फहराता केसरिया ध्वज धर्म, मर्यादा, सत्य-न्याय एवं राष्ट्रधर्म का भी प्रतीक है। यह विकसित भारत की संकल्पना का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता। सभी ने 11 वर्ष में बदलते भारत को देखा है। हम नए भारत का दर्शन कर रहे हैं, जहां विकास और विरासत का बेहतरीन समन्वय है। यह इसे नई ऊंचाई प्रदान कर रहा है।
उन्होंने कहा कि 80 करोड़ लोगों को राशन, 50 करोड़ लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा, हर जरूरतमंद को आवास, हर व्यक्ति बिना भेदभाव शासन की योजनाओं का लाभ पा रहा है तो यह रामराज्य की वह उद्घोषणा है, जिसका आधार विकसित भारत है। उन्होंने कहा कि 500 वर्षों में साम्राज्य बदले, पीढ़ियां बदलीं लेकिन आस्था अडिग रही। आस्था न झुकी, न रुकी। जन-जन का विश्वास अटल था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे संगठन के हाथों में कमान आई तो हर मुंह से एक ही उद्घोष निकलता था कि ‘रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। लाठी गोली खाएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे।’
श्री योगी ने कहा कि एक समय था, जब वैभवशाली अयोध्या संघर्ष, बदहाली का शिकार बन चुकी थी, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में अयोध्या उत्सवों की वैश्विक राजधानी बन रही है। यहां हर दिन पर्व है, हर दान प्रताप है और हर दिशा में रामराज्य की पुनर्स्थापना की दिव्य अनुभूति हो रही है।
उन्होंने कहा कि रामलला की पावन नगरी आस्था एवं आधुनिकता, आस्था एवं अर्थव्यवस्था के नए युग में प्रवेश कर चुकी है। यहां बेहतर कनेक्टिविटी है। धर्मपथ, रामपथ, भक्ति पथ, पंचकोसी और 14 कोसी के साथ 84 कोसी की परिक्रमा श्रद्धालुओं व भक्तों को नया मार्ग व आस्था को नया सम्मान प्रदान कर रही है। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट कनेक्टिविटी की बेहतर सुविधा उपलब्ध करा रही है।

 

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में अयोध्या धाम में आस्था, आधुनिकता, आस्था और अर्थव्यवस्था का नया केंद्र दिख रहा है। देश की पहली सोलर सिटी-सस्टेनबल स्मार्ट रूप में नई अयोध्या का दर्शन हो रहा है। आज का दिन हर भारतवासी, सनातन धर्मावलंबी के लिए आत्मगौरव-राष्ट्रगौरव का दिन है।

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बसपा का जादू कायम है… सपा पर सीधा हमला और योगी सरकार की तारीफ https://demo.theshikshanews.com/basapa-ka-jaadoo-kaayam-hai-sapa-par-seedha-hamala-aur-yogee-sarakaar-kee-taareeph/ https://demo.theshikshanews.com/basapa-ka-jaadoo-kaayam-hai-sapa-par-seedha-hamala-aur-yogee-sarakaar-kee-taareeph/#respond Fri, 10 Oct 2025 06:20:07 +0000 https://www.khabariya.com/?p=5313 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। राष्‍ट्रीय राजनीति में एक वक्‍त पर बहुजन समाज पार्टी की गूंज दूर-दूर तक सुनाई देती थी, लेकिन गुजरते वक्‍त के साथ बसपा राष्‍ट्रीय राजनीति से जैसे गायब ही हो गई।
समय के साथ पार्टी का प्रभाव धीरे-धीरे सिमटता गया. लोकसभा और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में लगातार झटकों ने बसपा को हाशिए पर ला खड़ा किया। हालांकि गुरुवार को लखनऊ में हुई मायावती की रैली में उमड़ी भारी भीड़ ने न सिर्फ पार्टी को नई ऊर्जा दी, बल्कि मायावती के आत्मविश्वास को भी फिर से जगा दिया है। यह भीड़ बताती है कि बसपा का जादू कायम है। रैली में बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा पर कांशीराम का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा ने सत्ता में आते ही कासगंज जिले का नाम बदल दिया था। मायावती ने दलित समाज से एकजुट होकर जागरूक रहने की अपील की और सपा पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि सपा ने बाबा साहेब को भारत रत्न नहीं दिया। मायावती ने संबोधन में कहा, कि यूपी में कासगंज जिले का नाम मान्यवर कांशीराम नगर के नाम से रखा था। जैसे ही समाजवादी पार्टी सत्ता में आई, उन्होंने नाम बदल दिया।
मायावती ने कहा, इमरजेंसी के दौरान संविधान को कुचला गया। बाबा साहेब को संसद नहीं पहुंचने दिया था। सपा ने कांशीराम का हमेशा अपमान किया। दलित समाज को जागरूक होना होगा। मायावती ने भाजपा के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की। पार्टी संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर बसपा प्रमुख मायावती ने कहा, “हम वर्तमान सरकार के आभारी हैं क्योंकि समाजवादी पार्टी सरकार के विपरीत, इस स्थान पर आने वाले लोगों से एकत्र किए गए धन को वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा दबाया नहीं गया है… जब हम सत्ता में थे, और यह स्मारक स्थल बनाया गया था, तो हमने उन लोगों के लिए टिकट प्रदान करने का फैसला किया जो इसे देखना चाहते थे, और इससे उत्पन्न राजस्व का उपयोग अन्य चीजों पर नहीं किया जाएगा, बल्कि इसका उपयोग लखनऊ में बने पार्कों और अन्य स्मारक स्थलों के रखरखाव के लिए किया जाएगा। मायावती ने कहा, कि आप बसपा शासनकाल में बने कांशीराम स्मारक पर उन्हें श्रद्धांजलि देने आए हैं।
इस स्मारक के कुछ हिस्सों की समय पर मरम्मत नहीं हो पाई थी, जिसके कारण आप उन्हें पुष्पांजलि अर्पित नहीं कर पाए थे। लेकिन अब जबकि इसका अधिकांश भाग पूरा हो चुका है, आपने अपने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और लाखों की संख्या में कांशीराम को श्रद्धांजलि देने आए हैं

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जात-पात पर यूपी सरकार का स्वागत योग्य फैसला, पर… https://demo.theshikshanews.com/jaat-paat-par-yoopee-sarakaar-ka-svaagat-yogy-phaisala-par/ https://demo.theshikshanews.com/jaat-paat-par-yoopee-sarakaar-ka-svaagat-yogy-phaisala-par/#respond Tue, 23 Sep 2025 14:06:10 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5135 अर्जुन देशप्रेमी
इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के बाद उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने जिस तरह से कदम उठाते हुए जाति व्यवस्था के सम्बन्ध में आदेश जारी किया है, उसके दूरगामी परिणाम संभव हैं, वशर्ते सरकार जातीय राजनीति और जाति आधारित अपने ही गठवंधन की पार्टियों के दवाब में न आ जाये। अगर सरकार किसी दवाब में नहीं आती है, तो यह देश के लिए एक बड़ा और बेहतर कदम होगा जिसके अच्छे परिणाम आने वाले वर्षों में दिखेंगे। पर इसके लिए जरूरी है कि केंद्र सरकार भी इस मामले में कुछ कदम उठाये।
दरअसल इलाहाबाद फैसला हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों के बाद योगी आदित्यनाथ की सरकार ने जो कदम उठाया है, उसके तहत उत्तर प्रदेश में अब जाति बताना महंगा पड़ेगा। यादव, ब्राह्मण-बनिया से लेकर तमाम जातियों के नाम पर रैलियां नहीं हो सकेंगी। इतना ही नहीं अब पुलिस एफआईआर, गिरफ्तारी मेमो, सार्वजनिक स्थानों और सरकारी दस्तावेजों में जाति का उल्लेख नहीं होगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जातिगत महिमामंडन को राष्ट्र-विरोधी करार देते हुए इसे समाप्त करने का आदेश दिया था। निर्देश के मुताबिक, सोशल मीडिया, इंटरनेट पर भी जाति का महिमामंडन या नफरत फैलाने वाले कंटेंट के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। आरोपी की पहचान के लिए पिता के साथ मां का नाम भी लिखा जाएगा। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के क्राइम क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) में जाति वाले कॉलम को खाली छोड़ा जाएगा। गाड़ियों पर जाति का महिमंडन करना बैन होगा। नोटिस बोर्ड और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जाति आधारित नारों या महिमामंडन या आलोचना बैन रहेगी। सिर्फ एससी/एसटी एक्ट जैसे मामलों में जाति का उल्लेख जरूरी होने के कारण इस आदेश से उसमें छूट रहेगी।
हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में जाति व्यवस्था को लेकर सख़्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि समाज में जातिगत महिमामंडन बंद किया जाना चाहिए। कोर्ट ने सरकारी दस्तावेज़ों, गाड़ियों और सार्वजनिक जगहों से भी जातियों का नाम, प्रतीक और निशान हटाने को कहा था।  कोर्ट का कहना था कि अगर देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है तो जाति व्यवस्था को ख़त्म करना होगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस विनोद दिवाकर की सिंगल बेंच ने याचिकाकर्ता प्रवीण छेत्री की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि जातिगत महिमामंडन ‘राष्ट्र-विरोधी’ है और वंश के बजाए संविधान के प्रति श्रद्धा ही देशभक्ति का सर्वोच्च रूप और राष्ट्र सेवा की सच्ची अभिव्यक्ति है।
इसी के बाद राज्य सर्कस्र ने आदेश जारी किये हैं। पर इन कदमों के बाद भी सवाल है कि क्या इसपर सचमुच में अमल हो पायेगा? अगर पिछले कुछ उदाहरणों को देखें तो ऐसा नहीं लगता है कि यह कारगर हो पायेगा। जातियों के दलदल में फंसे देश में ऐसी मुहिमें अक्सर दम तोड़ती रही हैं। इसके उलट देश के नेता अपने कार्यों से देश को जातियों में बांटने का काम ही करते रहते हैं जिनमे देश के प्रधानमंत्री के पद पर बैठने वाले विश्वनाथ प्रताप सिंह जैसे नेता भी हैं जिन्होंने सत्ता के लिए देश को एक झटके में सैकड़ों जातियों के आग के हवाले कर दिया था।
बिहार में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ जगन्नाथ मिश्र ने 1982 के आसपास अपने नाम से मिश्र हटा लिया ताकि जाति प्रथा को ख़तम किया जा सके। उनके आह्वान पर हजारों बच्चों के नाम से जातिसूचक शब्द (सरनेम) हटाये गए। पर वही डॉ जगन्नाथ वोटों के लोभ में फिर से डॉ जगन्नाथ मिश्र बन गए जो जीवनपर्यंत बने रहे। बिहार के एक और मुख्यमंत्री पहले लालू प्रसाद थे। आज भी उनका सरकारी नाम लालू प्रसाद ही है। पर उन्होंने अपने नाम को लालू यादव ही प्रचलित किया। इसके बाद तो विश्वनाथ प्रताप सिंह ने मंडल कमीशन के नाम पर जो जातीय ज़हर बोया उसका परिणाम आजतक देश भुगत रहा है।
कई दशक पहले चौधरी चरण सिंह ने लोक सेवक के नाम के आगे जाति का उल्लेख न करने का प्रस्ताव लाया था। कांग्रेस ने फरवरी 1951 में तय किया कि पार्टी का कोई भी सदस्य किसी भी जातीय संस्था या संगठन से नहीं जुड़ेगा। यही हाल कम्युनिस्ट दलों का भी था। कांग्रेस ने तो नारा दिया था – “जात पर न पात पर मुहर लगेगी हाथ पर।” पर आज वही कांग्रेस जातीय जनगणना के लिए मरी जा रही है। इसी तरह चौधरी चरण सिंह के उत्तराधिकारियों ने ही जातीय गोलबंदी की। जातिवाद के धुर विरोधी चौधरी चरण सिंह की विरासत संभालने वाले राजनीतिक दलों ने जातीय संगठनों के बूते ही अपने दलों का विस्तार किया। आज देश में ज्यादातर दलों का आधार ही उनका जातीय समीकरण है। राजद और सपा का तो समीकरण ही मुस्लिम-यादव है। मायावती, चंद्रशेखर रावण, रामविलास पासवान-चिराग पासवान का समीकरण दलित हैं। ऐसे ही अनेक और दल हैं जो जाति के बिना राजनीति कर ही नहीं सकते हैं। अभी कुछ दिनों पूर्व ही उत्तर प्रदेश में एक जाति विशेष के विधायकों ने अपना एक मंच बनाया था। मजे की बात कि इसमें भाजपा समेत सभी दल के उसी जाति के विधायक पहुंचे। धीरे-धीरे यह प्रक्रिया साहित्य, कला व पत्रकारिता के क्षेत्र में भी आने लगेगी। दिन-ब-दिन जाति का यह स्वरूप भयानक होता जा रहा है।
लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ का दंभ भरने वाले समाचार पत्रों और चैनलों क हाल यह है कि ये चुनावों के समय ही नहीं, पूरे साल कहाँ किस जाति के कितने वोटर हैं, के आधार पर ही विश्लेषण में लगे रहते हैं। इसके बिना इनका पेट ही नहीं भरता है। इसी आंकड़े के आधार पर ये अपने को ज्ञानी मानते हैं। इसी तरह हर खबर के पीछे जात खोजते हैं कि मरने वाला किस जाति का था, मारने वाला किस जाति का था, बलात्कार किस जाति की महिला का हुआ और किस जाति के मर्द ने बलात्कार किया। किस जाति को कितना मंत्री पद मिला, तो किस जाति के कितने लोग किस नौकरी में लगे। अगर केंद्र सिर्फ मीडिया में जाति-जाति के रटंत पर रोक लगा दे, तो काफी हद तक देश में फ़ैल रहे जातीय उन्माद पर रोक लग सकती है। पर सवाल है कि क्या केंद्र इस पर कुछ सोचेगा? इसी तरह के आदेश जारी करेगा? या उत्तर प्रदेश सरकार का ताज़ा फैसले कुछ समय बाद अपनी स्वाभाविक मौत मर जायेगा?
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

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मुर्मु, राजनाथ, शाह, नड्डा, योगी, नीतीश सहित विभन्न नेताओं ने दी मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं https://demo.theshikshanews.com/murmu-rajnath-shah-nadda-yogi-neetish-sahit-vibhann-netao-ne-di-modi-ko-janmdin-ki-shubhakamnaen/ https://demo.theshikshanews.com/murmu-rajnath-shah-nadda-yogi-neetish-sahit-vibhann-netao-ne-di-modi-ko-janmdin-ki-shubhakamnaen/#respond Wed, 17 Sep 2025 16:15:09 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5081 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित विभिन्न नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म की 75वीं वर्षगाठ पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
श्रीमती मुर्मु ने बुधवार अपने संदेश में कहा, “भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। परिश्रम की पराकाष्ठा का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अपने असाधारण नेतृत्व से आपने देश में बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करने की संस्कृति का संचार किया है। आज विश्व समुदाय भी आपके मार्गदर्शन में अपना विश्वास प्रकट कर रहा है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूँ कि आप सदा स्वस्थ और सानंद रहें तथा अपने अद्वितीय नेतृत्व से राष्ट्र को प्रगति के नए शिखरों पर पहुंचाएं।”
श्री सिंह ने कहा, “भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। अपने दूरदर्शी नेतृत्व, राष्ट्र के प्रति समर्पण और अथक परिश्रम से मोदीजी ने भारत को नई ऊर्जा, नई दिशा दी है। उन्होंने भारत का सामर्थ्य और सम्मान, पूरे विश्व पटल पर बढ़ाया है।”
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपनी अद्भुत नेतृत्व क्षमता, कल्पनाशीलता के साथ-साथ अपनी संवेदनशीलता का भी परिचय दिया है। गरीब कल्याण और लोक कल्याण के प्रति जो उनकी प्रतिबद्धता है, वह अपने आप में एक मिसाल है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प के साथ मोदी जी देश को आत्मनिर्भरता, विकास और समृद्धि की दृष्टि से मज़बूती दे रहे हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर ऊर्जा प्राप्त हो ताकि वह भारत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में लगातार सफल सिद्ध हों।
श्री शाह ने कहा, ” समस्याओं को दूरदृष्टि से देखना और उनका पूरी निष्ठा से समाधान करना मोदी जी के व्यक्तित्व की खासियत है। पूरा विश्व उन्हें प्रॉब्लम-सॉल्विंग लीडर मानता है। युद्धों, तनावों और ग्लोबल लॉबी के दौर में मोदी जी पूरी दुनिया के सामने संवाद-सेतु बनकर उभरे हैं। इसी कारण दुनिया के 27 देशों ने विश्व-मित्र मोदी जी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है। यह उनकी वैश्विक लीडरशिप का द्योतक है।”
श्री नड्डा ने कहा, “विश्व के सबसे लोकप्रिय राजनेता, नये भारत के शिल्पकार, यशस्वी प्रधानसेवक श्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिवस की आत्मीय बधाई एवं शुभकामनाएँ देता हूँ। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के ध्येय के साथ श्री मोदी ने सभी वर्ग के उत्थान और ‘आत्मनिर्भर व विकसित भारत’ निर्माण के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में कई युगांतरकारी कदम उठाये हैं। आपके दूरदर्शी नेतृत्व में हमारे राष्ट्र की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक प्रतिष्ठा मिली है। आपका कुशल मार्गदर्शन हम सभी कोटिश: भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणापुंज है। ईश्वर आपको उत्तम स्वास्थ्य और सुदीर्घ जीवन प्रदान करें। स्वस्तिकामनाएँ!” योगी आदित्यानाथ ने कहा, “140 करोड़ भारतीयों की आशाओं-आकांक्षाओं के संवाहक, वैश्विक मंच पर ‘नए भारत’ को अग्रिम पंक्ति में प्रतिष्ठित करने वाले, विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय राजनेता, हम सभी के मार्गदर्शक, ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना को साकार करने वाले यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई!” उन्होंने कहा, “राष्ट्र सर्वोपरि और लोक-कल्याण की भावना को जीवन-साधना में उतारने वाले आपके अप्रतिम पुरुषार्थ, संवेदनशील नेतृत्व और अखण्ड कर्मनिष्ठा ने ‘नए भारत’ को आशा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। 25 करोड़ प्रदेश वासियों की ओर से प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु जीवन प्रदान करें, जिससे राष्ट्र को आपका सशक्त नेतृत्व और हम सभी को आपका मार्गदर्शन प्राप्त होता रहे।”
वहीं, नीतीश ने श्री मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। उनके स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की कामना है।”
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 में गुजरात के वड़नगर में हुआ था और भाजपा उनके जन्मदिन को सेवा पखवाड़ा के तौर पर मना रही है और आज से लेकर 02 अक्टूर तक देश के अलग-अलग हिस्सों में कई कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है।

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बड़े औद्योगिक और श्रम सुधारों की ओर बढ़ रहा यूपी: योगी https://demo.theshikshanews.com/bade-audyogik-aur-shram-sudhaaron-kee-or-badh-raha-yoopee-yogee/ https://demo.theshikshanews.com/bade-audyogik-aur-shram-sudhaaron-kee-or-badh-raha-yoopee-yogee/#respond Thu, 28 Aug 2025 12:50:10 +0000 http://www.khabariya.com/?p=4881 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को और सशक्त बनाने के लिए नए कदम उठाना समय की मांग है और औद्योगिक विकास के साथ श्रमिकों की सुरक्षा और सुविधा की गारंटी सुनिश्चित करना भी जरुरी है।
श्री योगी ने गुरुवार को यहां एक उच्च स्तरीय बैठक में कहा “ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘श्रमेव जयते’ के भाव को आत्मसात करते हुए हमें ऐसे सुधार करने होंगे, जो उद्यमियों और श्रमिकों; दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध हों।”
मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार शीघ्र ही ‘सुगम्य व्यापार (प्राविधानों का संशोधन) विधेयक, 2025’ लाने जा रही है। इसके अंतर्गत आबकारी अधिनियम, शीरा अधिनियम, वृक्ष संरक्षण अधिनियम, राजस्व संहिता, गन्ना अधिनियम, भूगर्भ जल अधिनियम, नगर निगम अधिनियम, प्लास्टिक कचरा अधिनियम, सिनेमा अधिनियम तथा क्षेत्र व जिला पंचायत अधिनियम सहित कई कानूनों को अधिक व्यावहारिक स्वरूप दिया जाएगा। इनमें जहाँ पहले कारावास की सज़ा का प्रावधान था, वहां अब अधिक आर्थिक दंड व प्रशासनिक कार्रवाई को वरीयता देने की योजना है। नए प्रावधानों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनावश्यक दंडात्मक प्रावधानों को समाप्त कर, उनकी जगह पारदर्शी और न्यायसंगत व्यवस्था लागू करना समय की मांग है।
बैठक में बताया गया कि इस विधेयक पर संबंधित 14 विभागों से राय ली गई है। अधिकांश विभाग सहमत हैं, जबकि कुछ ने आपत्तियाँ दर्ज कराई हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि आपत्तियों और सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए विधेयक को ऐसा स्वरूप दिया जाए, जो उद्योग और श्रमिकों के हितों में संतुलित हो।
बैठक में श्रम कानूनों के सरलीकरण पर भी चर्चा हुई। प्रस्तावों में फैक्ट्री लाइसेंस की अवधि बढ़ाने, दुकानों व प्रतिष्ठानों के नियमों में व्यावहारिक बदलाव करने और महिलाओं को अधिक अवसर उपलब्ध कराने जैसे कदम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि निरीक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए स्व-सत्यापन और थर्ड पार्टी ऑडिट की प्रणाली अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से जहां उद्योगों का बोझ कम होगा, वहीं श्रमिकों का हित भी सुरक्षित होगा।
सुधारों की शृंखला में ‘निवेश मित्र 3.0’ पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसके तहत निवेशकों की आवेदन व अनुमोदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सुगम बनाया जाएगा। कॉमन एप्लिकेशन फॉर्म, पैन-आधारित पहचान, स्मार्ट डैशबोर्ड, बहुभाषी सहायता और एआई चैटबॉट जैसी सुविधाएँ जोड़ी जाएंगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी और निवेशकों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि निवेश मित्र पोर्टल का नया संस्करण शीघ्र ही लॉन्च किया जाए, जिससे ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को नई मजबूती मिलेगी।

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