visible – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Fri, 09 Jan 2026 13:01:38 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg visible – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 वर्ष 2026 में चार ग्रहण, भारत में केवल एक ग्रहण ही होगा दृश्य https://demo.theshikshanews.com/varsh-2026-mein-chaar-grahan-bhaarat-mein-keval-ek-grahan-hee-hoga-drshy/ https://demo.theshikshanews.com/varsh-2026-mein-chaar-grahan-bhaarat-mein-keval-ek-grahan-hee-hoga-drshy/#respond Fri, 09 Jan 2026 13:01:38 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6094 NCR TODAY. Khabariya. New Ujjain। खगोलीय घटनाओं के अनुसार वर्ष 2026 में कुल चार ग्रहण होंगे, लेकिन इनमें से भारत में केवल एक ही ग्रहण दिखाई देगा। यह जानकारी उज्जैन स्थित शासकीय जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रकाश गुप्त ने दी।
डॉ. गुप्त ने बताया कि वर्ष 2026 का पहला आंशिक सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को होगा। यह ग्रहण भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा। इसका प्रारंभ दोपहर 03 बजकर 26 मिनट 06 सेकंड पर होगा, मध्यकाल 05 बजकर 41 मिनट 09 सेकंड तथा मोक्षकाल सायंकाल 07 बजकर 57 मिनट 06 सेकंड पर रहेगा। यह ग्रहण अर्जेंटीना, चिली, दक्षिण अफ्रीका और अंटार्कटिका में दिखाई देगा। इसकी कुल अवधि 4 घंटे 31 मिनट की होगी।
उन्होंने बताया कि वर्ष का दूसरा ग्रहण 03 मार्च 2026 को पूर्ण चंद्र ग्रहण के रूप में होगा, जो सैद्धांतिक रूप से भारत में दृश्य माना गया है। इस ग्रहण का प्रारंभ दोपहर 03 बजकर 19 मिनट 07 सेकंड पर, मध्यकाल सायंकाल 05 बजकर 03 मिनट 07 सेकंड पर और मोक्ष सायंकाल 06 बजकर 47 मिनट 06 सेकंड पर होगा। यह ग्रहण भारत के अलावा पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका में भी दिखाई देगा।
हालांकि डॉ. गुप्त ने स्पष्ट किया कि उज्जैन में यह चंद्र ग्रहण व्यावहारिक रूप से नहीं देखा जा सकेगा। उस दिन सूर्यास्त 06 बजकर 31 मिनट पर होगा और चंद्रमा आंशिक ग्रहण की अवस्था में उदय करेगा। ग्रहण का मोक्ष 06 बजकर 45 मिनट 06 सेकंड पर हो जाएगा, जिससे चंद्रमा के स्पष्ट रूप से दिखाई देने से पहले ही ग्रहण समाप्त हो जाएगा।
उन्होंने आगे बताया कि तीसरा पूर्ण सूर्य ग्रहण 12 और 13 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि को होगा, जो भारत में दिखाई नहीं देगा। इस ग्रहण का प्रारंभ रात्रि 09 बजकर 04 मिनट 03 सेकंड पर, मध्यकाल 11 बजकर 15 मिनट 09 सेकंड पर तथा मोक्षकाल 13 अगस्त को रात्रि 01 बजकर 27 मिनट 09 सेकंड पर होगा। यह ग्रहण पश्चिमी यूरोप, पश्चिम अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, ग्रीनलैंड, उत्तरी अटलांटिक और उत्तरी प्रशांत महासागर में दिखाई देगा। इसकी अवधि भी 4 घंटे 31 मिनट की रहेगी।
वर्ष का अंतिम आंशिक चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को होगा। इसका प्रारंभ रात्रि 08 बजकर 03 मिनट 05 सेकंड पर, मध्यकाल 09 बजकर 42 मिनट 09 सेकंड पर और मोक्षकाल 11 बजकर 22 मिनट 03 सेकंड पर होगा। यह ग्रहण अंटार्कटिका, अफ्रीका, यूरोप, एशिया तथा हिंद, अटलांटिक और प्रशांत महासागरों में दिखाई देगा, लेकिन भारत में यह दृश्य नहीं होगा।

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