US – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Mon, 03 Nov 2025 15:24:33 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg US – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 अमेरिका के साथ व्यापार सौदा अब सिरदर्द बन गया है : कांग्रेस https://demo.theshikshanews.com/amerika-ke-saath-vyaapaar-sauda-ab-siradard-ban-gaya-hai-kaangres/ https://demo.theshikshanews.com/amerika-ke-saath-vyaapaar-sauda-ab-siradard-ban-gaya-hai-kaangres/#respond Mon, 03 Nov 2025 15:24:33 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5605 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। कांग्रेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता संबंधी दावा एक बार फिर से किए जाने के बाद सोमवार को सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार सौदा अब तक नहीं हो सका और यह अब सिरदर्द बन गया है।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि ट्रंप ने यह दावा 57 बार किया है।
रमेश ने एक अमेरिकी चैनल के साथ ट्रंप के साक्षात्कार से संबंधित एक वीडियो साझा करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘एक समय था जब हमें बताया गया था कि भारत नवंबर, 2025 में क्वाड शिखर सम्मेलन (अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत) की मेजबानी करेगा। अब ऐसा नहीं हो रहा है।’
⁠उन्होंने कहा कि एक समय था जब बताया गया था कि भारत अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले शुरुआती पक्षों में से एक होगा, लेकिन यह कथित सौदा एक सिरदर्द की माफिक बन गया है जबकि अमेरिका को निर्यात में गिरावट आई है, जिससे यहां आजीविका का नुकसान हुआ है।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘इस बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने 57वीं बार दोहराया है कि ऑपरेशन सिन्दूर को अचानक और अप्रत्याशित रूप से क्यों और कैसे रोका गया। उस रोक की पहली घोषणा वाशिंगटन से हुई, न कि नई दिल्ली से।’
अमेरिकी राष्ट्रपति कई बार यह दावा भी कर चुके हैं कि उन्होंने इस साल मई में शुल्क (टैरिफ़) की धमकी देकर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाया था।
भारत लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि इस साल मई में पाकिस्तानी सैन्य अभियान महानिदेशक ( डीजीएमओ) द्वारा संपर्क किए जाने पर सैन्य कार्रवाई रोकने पर विचार हुआ था।

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अमेरिका ने किया स्पष्ट, पाकिस्तान को नहीं देगा नई उन्नत मिसाइलें https://demo.theshikshanews.com/amerika-ne-kiya-spasht-paakistaan-ko-nahin-dega-naee-unnat-misailen/ https://demo.theshikshanews.com/amerika-ne-kiya-spasht-paakistaan-ko-nahin-dega-naee-unnat-misailen/#respond Fri, 10 Oct 2025 18:35:14 +0000 https://www.khabariya.com/?p=5323 मीडिया रिपोर्टों का अमेरिकी दूतावास ने किया खंडन, बताया— अनुबंध केवल रखरखाव और पुर्जों से संबंधित

NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। अमेरिका ने पाकिस्तान को नई मध्यम दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली उन्नत मिसाइलें देने संबंधी खबरों का सख्त खंडन किया है। भारत में स्थित अमेरिकी दूतावास ने शुक्रवार को जारी अपने आधिकारिक स्पष्टीकरण में कहा कि अमेरिका की ऐसी कोई योजना नहीं है कि वह पाकिस्तान को नई या उन्नत मिसाइलें उपलब्ध कराए। दूतावास ने स्पष्ट किया कि 30 सितम्बर 2025 को जिस रक्षा अनुबंध का उल्लेख मीडिया रिपोर्टों में किया गया है, वह केवल रखरखाव और पुर्जों से संबंधित है, न कि किसी प्रकार की मिसाइल आपूर्ति से।
दूतावास के अनुसार, “30 सितम्बर 2025 को युद्ध विभाग द्वारा जारी मानक अनुबंध घोषणाओं की सूची में पाकिस्तान सहित कई देशों के लिए मौजूदा विदेशी सैन्य बिक्री अनुबंध में रखरखाव और पुर्जों से संबंधित संशोधन का उल्लेख किया गया था। इस अनुबंध में कहीं भी पाकिस्तान को नई उन्नत मध्यम दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें (एएमआरएएएम) देने की बात नहीं की गई है।” बयान में आगे कहा गया, “इस संशोधन में पाकिस्तान की किसी मौजूदा क्षमता के उन्नयन का भी कोई प्रावधान नहीं है। युद्ध विभाग ने इस विषय पर उत्पन्न हुई गलतफहमी को दूर कर दिया है।”
यह स्पष्टीकरण ऐसे समय पर आया है जब हाल के दिनों में कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच संबंधों में सुधार के संकेतों के बीच, अमेरिका इस्लामाबाद को एआईएम-120 एडवांस्ड मीडियम रेंज एयर-टू-एयर मिसाइलें (एएमआरएएएम) देने पर विचार कर रहा है। इन रिपोर्टों में यह भी कहा गया था कि अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा अधिसूचित एक हथियार अनुबंध में 35 देशों के खरीदारों की सूची में पाकिस्तान का नाम भी शामिल किया गया है।
हालांकि, अमेरिकी दूतावास ने अब इन सभी दावों को असत्य बताते हुए कहा है कि उक्त अनुबंध केवल रखरखाव और तकनीकी पुर्जों की आपूर्ति से संबंधित है, न कि किसी नई मिसाइल प्रणाली से।
दूतावास के इस आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद पाकिस्तान को लेकर फैली तमाम अटकलों पर विराम लग गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका की यह स्पष्टता दक्षिण एशिया में रणनीतिक संतुलन बनाए रखने के दृष्टिकोण से भी महत्त्वपूर्ण है।
अमेरिकी दूतावास ने दोहराया कि अमेरिका अपने रक्षा अनुबंधों को लेकर पूर्ण पारदर्शिता बरतता है और किसी भी देश के साथ हथियार आपूर्ति के निर्णयों में अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं और क्षेत्रीय स्थिरता को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
इस स्पष्टीकरण के साथ ही स्पष्ट हो गया है कि अमेरिका पाकिस्तान को नई मध्यम दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें नहीं देगा, और जो अनुबंध चर्चा में था, वह केवल रखरखाव और पुर्जों की आपूर्ति तक सीमित है।

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