unity. – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Fri, 31 Oct 2025 15:43:09 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg unity. – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 मुर्मु और शाह ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की, शाह ने एकता दौड़ को झंडी दिखाई https://demo.theshikshanews.com/murmu-aur-shaah-ne-saradaar-patel-ko-shraddhaanjali-arpit-kee-shaah-ne-ekata-daud-ko-jhandee-dikhaee/ https://demo.theshikshanews.com/murmu-aur-shaah-ne-saradaar-patel-ko-shraddhaanjali-arpit-kee-shaah-ne-ekata-daud-ko-jhandee-dikhaee/#respond Fri, 31 Oct 2025 15:43:09 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5560 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150 वीं जयंती पर शुक्रवार को यहां पटेल चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
बाद में श्री शाह ने सरदार पटेल की जयंती ‘एकता दिवस’ के अवसर पर लोगों को देश की एकता और अखंडता के संकल्प की शपथ दिलाई और ‘एकता दिवस दौड़’ को झंडी दिखाकर रवाना किया। श्रीमती मुर्मु और श्री शाह ने सुबह साढे छह बजे यहां पटेल चौक स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। दिल्ली के उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्रपति ने श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद अपने संदेश में कहा, ‘‘लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के जन्म दिवस पर मैं सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं। सरदार पटेल एक महान देशभक्त, दूरदर्शी नेता और राष्ट्र-निर्माता थे, जिन्होंने अपने अटूट संकल्प, अदम्य साहस और कुशल नेतृत्व से देश के एकीकरण का ऐतिहासिक कार्य किया। उनकी कर्मनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की भावना हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। आइए, ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के अवसर पर हम सब एकजुट होकर, एक सशक्त, समरस और श्रेष्ठ भारत के निर्माण का संकल्प लें।’’
श्री शाह ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय एकता, अखंडता और किसानों के सशक्तीकरण के प्रतीक लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी का उनकी जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से वंदन करता हूं।
सरदार साहब ने रियासतों का एकीकरण कर देश की एकता और सुरक्षा को सुदृढ़ बनाया और किसानों, पिछड़ों और वंचितों को सहकारिता से जोड़कर देश को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर किया। उनका दृढ़ विश्वास था कि देश के विकास की धुरी किसानों की समृद्धि में निहित है। वे आजीवन किसानों के कल्याण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित रहे।
सरदार साहब ने जिस न्यायप्रधान और एकता के सूत्र में बंधे राष्ट्र का निर्माण किया, उसकी रक्षा करना हर एक राष्ट्रभक्त का दायित्व है।”
बाद में श्री शाह ने यहां मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में उपस्थित लोगों को देश की एकता और अखंडता के संकलप की शपथ दिलाई और एकता दिवस दौड़ को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर केन्द्रीय शहरी आवास मंत्री मनोहर लाल, खेल और युवा मामलों के मंत्री मनसुख मांडविया, गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार, दिल्ली के उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, अनेक जाने माने खिलाड़ी और कई गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।
श्री शाह ने इस अवसर पर कहा कि इस वर्ष सरदार पटेल की जयंती को देश भर में विशेष रूप से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर सरदार पटेल की गुजरात के केवड़िया स्थित प्रतिमा स्थल ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर गणतंत्र दिवस की तर्ज पर भव्य परेड का आयोजन किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा ले रहे हैं।
उन्होंने कहा, “आज सरदार पटेल की 150वीं जयंती है और यह बहुत खास दिन है। 2014 से हर साल 31 अक्टूबर को हम सरदार पटेल के सम्मान में रन फॉर यूनिटी इवेंट ऑर्गनाइज़ करते हैं। सरदार पटेल की 150वीं जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे बड़े धूमधाम से मनाने का फैसला किया। सरदार पटेल ने आज के भारत को बनाने और एक यूनाइटेड देश बनाने में आज़ादी के बाद देश को एक करने में बहुत बड़ा योगदान दिया।”
श्री शाह ने कहा कि सरदार पटेल ने अंग्रेजों की देश को 562 रियासतों में बांटने की रणनीति को नाकाम करते हुए सभी 562 रियासतों को एक करने का बहुत बड़ा काम पूरा किया और आज का आधुनिक भारत का नक्शा सरदार पटेल की विज़न और कोशिशों का नतीजा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अनुच्छेद 370 को हटाकर कश्मीर को भारत में मिलाकर सरदार पटेल के संकल्प को पूरा किया है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस सरकारों पर सरदार पटेल की उपेक्षा किये जाने का आरोप लगाया और कहा, “उस समय की कांग्रेस सरकार ने सरदार वल्लभभाई पटेल को सही सम्मान नहीं दिया। सरदार पटेल को 41 साल की देरी के बाद भारत रत्न दिया गया। देश में कहीं भी न तो कोई मेमोरियल बनाया गया और न ही कोई स्मारक। यह तभी हुआ जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने, उन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का आइडिया सोचा और सरदार पटेल के सम्मान में एक शानदार स्मारक बनाया।” श्री शाह ने सरदार पटेल के किसानोंं के हितों की रक्षा करने के लिए चलाये गये बारडाेली सत्याग्रह का भी उल्लेख किया और कहा कि सरदार पटेल ने अपने इरादों से अंग्रेजों को झुकने के लिए मजबूर कर दिया।

 

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राष्ट्रपति मुर्मू ने श्री नारायण गुरु की शिक्षाओं को समानता और एकता का शाश्वत संदेश बताया https://demo.theshikshanews.com/raashtrapati-murmoo-ne-shree-naaraayan-guru-kee-shikshaon-ko-samaanata-aur-ekata-ka-shaashvat-sandesh-bataaya/ https://demo.theshikshanews.com/raashtrapati-murmoo-ne-shree-naaraayan-guru-kee-shikshaon-ko-samaanata-aur-ekata-ka-shaashvat-sandesh-bataaya/#respond Thu, 23 Oct 2025 14:36:16 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5434 NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. Thiruvananthapuram। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को कहा कि श्री नारायण गुरु भारत के महानतम आध्यात्मिक नेताओं और समाज सुधारकों में से एक थे, जिनकी समानता, एकता और सार्वभौमिक प्रेम की शिक्षाएं आज भी अत्यधिक प्रासंगिक हैं।
केरल के वर्कला में शिवगिरि मठ में गुरु की महा समाधि के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गुरु ने लोगों को अज्ञानता और अंधविश्वास से मुक्त करने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया और पीढ़ियों को हर इंसान में दिव्यता देखने के लिए प्रेरित किया।
राष्ट्रपति ने श्री नारायण गुरु को भारत के महानतम आध्यात्मिक नेताओं और समाज सुधारकों में से एक बताया, जिन्होंने देश के सामाजिक और आध्यात्मिक परिदृश्य को बदल दिया। ⁠मुर्मू ने कहा, “उन्होंने पीढ़ियों को समानता, एकता और मानवता के प्रति प्रेम के आदर्शों में विश्वास करने के लिए प्रेरित किया। गुरु ने लोगों को अज्ञानता और अंधविश्वास के अंधेरे से मुक्त करने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने सभी अस्तित्वों की एकता में विश्वास किया और हर जीवित प्राणी में ईश्वर को दिव्य उपस्थिति के रूप में देखा।”
उन्होंने कहा कि गुरु के ‘मानव जाति के लिए एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर’ के संदेश ने आस्था, जाति और पंथ की सभी बाधाओं को पार कर लिया।
राष्ट्रपति ने कहा, “उनका मानना था कि वास्तविक मुक्ति अंधविश्वास से नहीं, बल्कि ज्ञान और करुणा से आती है। उन्होंने आत्म-शुद्धि, सादगी और सार्वभौमिक प्रेम पर भी जोर दिया।” गुरु के शिक्षा और सामाजिक उत्थान में योगदान पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने मंदिरों, स्कूलों और संस्थानों की स्थापना की, जो सीखने और नैतिक विकास के केंद्र के रूप में कार्य करते है।
मुर्मू ने कहा, “इन संस्थानों के माध्यम से, उन्होंने उत्पीड़ित समुदायों के बीच साक्षरता, आत्मनिर्भरता और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा दिया। उनके कार्य मानव जीवन और आध्यात्मिकता की उनकी गहन समझ को दर्शाते हैं।” उन्होंने कहा कि गुरु ने मानवता के साथ शाश्वत आदर्शों को साझा किया।
राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने अपनी शिक्षाओं के माध्यम से बताया कि दुनिया एक आदर्श निवास स्थान है जहां सभी लोग जाति या धर्म के भेद के बिना भाईचारे से रहते हैं। मुर्मू ने कहा कि गुरु का संदेश आधुनिक दुनिया में पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है।
उन्होंने कहा, “एकता, समानता और आपसी सम्मान के लिए उनका आह्वान मानवता के सामने आने वाले संघर्षों का एक कालातीत समाधान प्रदान करता है। उनकी शिक्षाएं हमें याद दिलाती हैं कि सभी मनुष्य एक ही दिव्य सार को साझा करते हैं।” राष्ट्रपति ने लोगों से उनके आदर्शों पर जीने का प्रयास करने, हर व्यक्ति के साथ गरिमा के साथ व्यवहार करने, निःस्वार्थ भाव से सेवा करने और हर व्यक्ति में दिव्यता देखने की आकांक्षा रखने का आग्रह किया।
राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने कहा, “गुरु केवल एक आध्यात्मिक प्रतीक नहीं हैं; वह अपनी आशीषों और शिक्षाओं के माध्यम से आज भी जीवित हैं। मानवता और समानता का उनका संदेश हर दिन अधिक प्रासंगिक होता जा रहा है।”
उन्होंने स्वामी विवेकानंद के इस दर्शन में गुरु के विश्वास को भी याद किया कि ‘मानवता की सेवा ही ईश्वर की सेवा है।’ मुर्मू ने महान समाज सुधारक और आध्यात्मिक नेता की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और दो साल तक चलने वाले शताब्दी समारोहों का उद्घाटन हो गया। श्री नारायण धर्म संगम ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामी सच्चिदानंद ने राष्ट्रपति को एक शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट किया। स्वामी सच्चिदानंद ने कहा कि दो साल तक चलने वाले शताब्दी समारोहों में आध्यात्मिक प्रवचन, सामाजिक सेवा पहल और शैक्षिक कार्यक्रम शामिल होंगे, जिनका उद्देश्य गुरु के एकता और सार्वभौमिक भाईचारे के संदेश को फैलाना है।
इस कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर, सांसद अडूर प्रकाश, राज्य के मंत्री वी एन वासन, वी शिवनकुट्टी और विधायक वी जॉय सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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