Re-evaluate NEET-UG result of one candidate: SC – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Wed, 06 Aug 2025 03:27:28 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg Re-evaluate NEET-UG result of one candidate: SC – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 नीट-यूजी, एक अभ्यर्थी का परीक्षा परिणाम का पुनर्मूल्यांकन करें: एससी https://demo.theshikshanews.com/%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%9f-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%85%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b0/ https://demo.theshikshanews.com/%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%9f-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%85%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b0/#respond Wed, 06 Aug 2025 03:27:28 +0000 http://www.khabariya.com/?p=4672 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। सुप्रीम कोर्ट  विभिन्न मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2025 के अभ्यर्थी की याचिका पर उसके परीक्षा परिणाम का एक सप्ताह में पुनर्मूल्यांकन करने का मंगलवार को निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने रॉबिन सिंह की रिट याचिका पर संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इस संबंध में आदेश पारित किया।
शीर्ष अदालत अपने आप में ‘दुर्लभतम’ सवाल उठाने वाली इस याचिका पर अगली सुनवाई 12 अगस्त को करेगी।
याचिकाकर्ता ने प्रश्न पत्र और ओएमआर शीट के क्रम संख्या में असमानता की गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा है कि इसकी वजह से उसकी रैंकिंग में गिरावट आई है।
पीठ ने संबंधित पक्षों की दलीलें विस्तार से सुनने के बाद कहा, “प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। वह (याचिकाकर्ता) प्रक्रिया के लिए आया है। उसे सीट (दाखिला) तो नहीं मिलेगी, लेकिन कम से कम उसे इस बात का संतोष तो होगा कि शीर्ष न्यायालय ने इस पहलू पर गौर किया है।”
पीठ के समक्ष अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अर्चना पाठक दवे दलील देते हुए कहा कि प्रश्न पत्र पुस्तिका नत्थी (स्टेपल) ठीक से नहीं करने के कारण यह समस्या हो सकती है। यह दुर्लभतम मामला है और ऐसे मामले आमतौर पर नहीं होते।
इस पर पीठ ने कहा यह एक गंभीर गलती हो सकती है, लेकिन फिर भी उन्होंने सुझाव दिया कि उम्मीदवार की संतुष्टि के लिए प्रश्नपत्र की मैन्युअल जाँच की जा सकती है।
पीठ की अध्यक्षता कर रहे न्यायमूर्ति नागरत्ना ने कहा, “दुर्लभतम से दुर्लभतम हो या न हो, व्यक्ति को न्याय मिलना ही चाहिए।”
याचिकाकर्ता का दावा है कि उसे प्रश्न पुस्तिका दी गई थी उसमें प्रश्नपत्र प्रश्न संख्या एक से 180 तक क्रमवार नहीं थे। यह प्रश्न संख्या 1 से 27, फिर 54 से 81, फिर 28 से 53, फिर 118 से 151, 82 से 117 और फिर 152 से 180 तक क्रम में थे।
याचिका में उसने यह भी दावा किया कि चूंकि उक्त प्रश्नपत्र के साथ संलग्न ओएमआर शीट 1 से 180 तक बढ़ते क्रम में थी। इस वजह से प्रश्नपत्र और ओएमआर का मिलान नहीं हो पाया। उसने संबंधित पर्यवेक्षकों से प्रश्नपत्र की एक और प्रति मांगी थी, लेकिन उसे देने से मना कर दिया गया था। गौरतलब है कि मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया चल रही है।

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