protect satellites – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Tue, 23 Sep 2025 04:07:30 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg protect satellites – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 उपग्रहों की सुरक्षा के लिए अंतरिक्ष में तैनात होंगे ‘बॉडीगार्ड https://demo.theshikshanews.com/upagrahon-kee-suraksha-ke-lie-antariksh-mein-tainaat-honge-bodeegaard/ https://demo.theshikshanews.com/upagrahon-kee-suraksha-ke-lie-antariksh-mein-tainaat-honge-bodeegaard/#respond Tue, 23 Sep 2025 04:07:30 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5120 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। भारत अंतरिक्ष में उपग्रहों की सुरक्षा के लिए ‘बॉडीगार्ड उपग्रह बनाने की योजना बना रहा। मामले से जुड़े जानकारों ने ये दावा किया है। ‘बॉडीगार्ड उपग्रह अंतरिक्ष में अहम मिशन से जुड़े उपग्रहों को किसी भी हमले से बचाने में मदद करेंगे। योजना का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाना है।
जानकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि एक ऐसा ‘बॉडीगार्ड उपग्रह बनाया जाए जो खतरों को भांप कर अंतरिक्ष में घूम रहे दूसरे उपग्रहों की रक्षा करने का काम करें। जानकारों का दावा है कि उपग्रह- सुरक्षा परियोजना मोदी सरकार की एक बड़ी योजना है। केंद्र सरकार इस योजना के तहत उपग्रहों की सुरक्षा के लिए 50 सुरक्षा उपग्रहों तैयार करने के लिए 270 अरब रुपये खर्च कर सकती है। इस श्रेणी का पहला उपग्रह अगले साल लॉन्च हो सकता है।
भारत इस कार्यक्रम के लिए लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग सैटेलाइट (एलआईडीआर) लॉन्च कर सकता है। ये अंतरिक्ष में मौजूद खतरों का तुरंत पता लगाएगा जिससे पृथ्वी पर उपग्रह के लिए काम करने वाले लोगों को इससे निपटने के लिए पूरा मौका मिलेगा। तकनीक और रडार से वैज्ञानिक मिशन से जुड़े उपग्रह को सुरक्षित करने का इंतजाम कर सकते हैं। अंतरिक्ष में पाकिस्तान के सिर्फ आठ, भारत के 100 से अधिक जबकि चीन के पास 930 उपग्रह भ्रमण कर रहे हैं। ये मामला बेहद संवेदनशील जानकारों का कहना है कि ये मामला संवेदनशील है क्योंकि उपग्रहों ने पाकिस्तान के खिलाफ हाल ही में हुए संघर्ष में अहम भूमिका निभाई थी।
एक पड़ोसी देश का उपग्रह भारतीय उपग्रह से करीब एक किलोमीटर दूर था जो जमीन से जुड़ी मैपिंग और निगरानी में जुटा था। हालांकि अधिकारियों ने ये नहीं बताया कि ये उपग्रह किस देश का था। इसी घटना के बाद भारत सरकार ने उपग्रहों की सुरक्षा पर जोर देना शुरू किया है। आशंका है कि इस तरह से दूसरे देशों की क्षमता पता लगाने की कोशिश हो सकती है।
एकसाथ दो देशों के उपग्रह इसरो का उपग्रह पृथ्वी से 500 से 600 किलोमीटर दूर अंतरिक्ष में परिक्रमा कर रहा था। इसी क्षेत्र में एलन मस्क का संचार उपग्रह स्टारलिंक का बड़ा बेड़ा परिक्रमा कर रहा था। इसरो के कैपासिटी बिल्डिंग प्रोग्राम ऑफिस के पूर्व निदेशक सुधीर कुमार एन का कहना है कि हमारे पास अभी इस स्तर के निगरानी उपग्रह नही हैं जो परिक्रमा कर रहे उपग्रहों की रक्षा कर सकें। कुछ स्टार्टअप जरूर काम कर रहे हैं। चीन बड़ा खतरा बन रहा भारत और अमेरिका के अधिकारी बार-बार चेता रहे हैं कि चीन की सेना अंतरिक्ष में बड़ा खतरा बनकर उभर रही है।
बीजिंग ने अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम को तेज कर दिया है।
भारतीय वायुसेना के एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने जून में एक सेमिनार में ये दावा किया था। इसी को देखते हुए भारत सरकार अब अंतरिक्ष में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में जुटी हुई है।

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