PMO – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Tue, 20 Jan 2026 15:59:53 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg PMO – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 भाजपा में नेतृत्व बदलता है, संगठन की दिशा नहीं : मोदी https://demo.theshikshanews.com/bhaajapa-mein-netrtv-badalata-hai-sangathan-kee-disha-nahin-modee/ https://demo.theshikshanews.com/bhaajapa-mein-netrtv-badalata-hai-sangathan-kee-disha-nahin-modee/#respond Tue, 20 Jan 2026 15:59:53 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6139 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संगठन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक परिवार बताया है और कहा है कि पार्टी में नेतृत्व तो बदलता है, लेकिन इसकी दिशा नहीं बदलती।
श्री मोदी ने भाजपा के नये अध्यक्ष के चुनाव के उपलक्ष्य में पार्टी मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। प्रधानमंत्री ने भाजपा के नव निर्वाचित अध्यक्ष नितिन नबीन को दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल का अध्यक्ष चुने जाने पर बहुत-बहुत बधाई और ‘शुभकामनाएं’ दीं और यह भी कहा कि खुद उनके लिए भाजपा का कार्यकर्ता होना बड़े गर्व की बात है। श्री मोदी ने कहा, “हमारी पार्टी में अध्यक्ष बदलते हैं, लेकिन आदर्श नहीं बदलते। नेतृत्व बदलता है, लेकिन दिशा नहीं बदलती।”
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा एक संस्कार है, भाजपा एक परिवार है। हमारे यहां ‘मेंबरशिप’ से भी ज्यादा ‘रिलेशनशिप’ होती है। भाजपा एक ऐसी परंपरा है, जो पद से नहीं, प्रक्रिया से चलती है। हमारे यहां पदभार एक व्यवस्था है और कार्यभार जीवन भर की जिम्मेदारी है।” श्री मोदी ने कहा, ‘‘हमारा नेतृत्व परंपरा से चलता है, अनुभव से समृद्ध होता है और जनसेवा एवं राष्ट्रसेवा के भाव से संगठन को आगे बढ़ाता है। भाजपा की शून्य से लेकर शिखर तक की यात्रा में यह सदैव प्रतिबिंबित होता रहा है।”
श्री मोदी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं का चरित्र और संस्कार ऐसा है कि उनके लिए ‘खुद से बड़ा दल और दल से बड़ा देश’ होता है। उन्होंने इसे भाजपा के हर कार्यकर्ता का संस्कार और जीवनमंत्र बताया और कहा, ‘‘इसी भाव के साथ बीते 11 वर्षों में हमने अनेक चुनौतियों पर विजय पाई है।” उन्होंने गत 11 वर्षों की भाजपा की यात्रा को जन-विश्वास अर्जित करने की अद्भुत यात्रा बताया और कहा कि पार्टी पर जनता-जनार्दन का भरोसा किस प्रकार सुदृढ़ हुआ है, यह हाल के विधानसभा चुनावों से लेकर स्थानीय निकाय चुनावों में भी देखने को मिला है।
इस दौरान जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने, तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाये जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन बातों को कभी असंभव माना जाता था, आज ये हकीकत बन चुके हैं। श्री मोदी ने कहा, ‘‘दशकों तक हमारे आदिवासी समाज को सिर्फ वोट बैंक से जोड़कर देखा गया। लेकिन भाजपा की संवेदनशीलता, संस्कार और समानता की भावना ने आदिवासियों में भी सबसे पिछड़ी जनजातियों की पीड़ा तक को समझा और उनके कल्याण के लिए योजनाएं बनायीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा के संगठनात्मक चुनाव एक व्यापक प्रक्रिया शत-प्रतिशत लोकतांत्रिक तरीके और भाजपा के संविधान की भावना के साथ आज विधिपूर्वक सम्पन्न हुए हैं। ‘संगठन पर्व’ का आज का यह विशाल आयोजन पार्टी की लोकतांत्रिक आस्था, संगठनात्मक अनुशासन और कार्यकर्ता केंद्रित सोच का प्रतीक है।
श्री मोदी ने कहा, लोगों को लगता होगा कि नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं, तीसरी बार प्रधानमंत्री बने, 50 साल की छोटी आयु में मुख्यमंत्री बन गये। 25 साल से ये लगातार सरकार के प्रमुख रहे हैं। ये सब अपनी जगह है, लेकिन इन सबसे भी बड़ी चीज मेरे जीवन में है, मैं भाजपा का कार्यकर्ता हूं। ये सबसे बड़ा गर्व है। जब बात पार्टी के विषयों पर आती है, तब मैं एक कार्यकर्ता हूं और माननीय नितिन नबीन जी मेरे बॉस हैं।”
श्री मोदी ने मंगलवार को कहा कि देश के लिए एक महत्वपूर्ण काल खंड के प्रारंभ में भाजपा का नेतृत्व नितिन नबीन जैसा युवा नेता संभाल रहा है, जिसमें भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री नबीन एक तरह से ‘मिलेनियल जेनरेशन’ के हैं और उन्होंने अपने आंखों के सामने भारत में बहुत बड़े बदलाव होते देखा है। उन्होंने कहा कि अगले 25 वर्ष भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कालखंड है। इसमें विकसित भारत का निर्माण होना तय है।
पार्टी के निवर्तमान अध्यक्ष जे पी नड्डा ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि श्री नबीन मूलत: कार्यकर्ता हैं, वैचारिक पृष्ठभूमि पर परिपक्व हैं और बहुत ही छोटी उम्र में पांच बार विधायक रह चुके हैं और वर्तमान में भी विधायक हैं। उन्होंने कहा, “ऐसे नौजवान, ऊर्जावान, प्रतिभावान व्यक्तित्व ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला है।” कार्यक्रम के मंच पर पार्टी के पूर्व अध्यक्ष सर्वश्री राजनाथ सिंह, अमित शाह और नितिन गडकरी तथा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी डॉ के लक्षमण उपस्थित थे।

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अगले साल के अंत तक पूरे देश में शुरू हो जायेगा एमएलएफएफ: गडकरी https://demo.theshikshanews.com/agale-saal-ke-ant-tak-poore-desh-mein-shuroo-ho-jaayega-emelepheph-gadakaree/ https://demo.theshikshanews.com/agale-saal-ke-ant-tak-poore-desh-mein-shuroo-ho-jaayega-emelepheph-gadakaree/#respond Wed, 17 Dec 2025 16:53:08 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6023 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को संसद में बताया कि टोल भुगतान की नयी प्रणाली मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) साल 2026 के अंत तक पूरे देश में लागू हो जायेगी।
श्री गडकरी ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि नयी प्रणाली लागू होने के बाद टोल नाकों पर कर्मचारियों की जरूरत नहीं रहेगी। कैमरों के माध्यम से वाहन का नंबर कैप्चर होगा, उपग्रह के माध्यम से जानकारी केंद्रीकृत प्रणाली में जायेगी और संबंधित बैंक खाते से पैसा कट जायेगा। इससे टोल नाकों पर 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से भी वाहन गुजर सकते हैं और टोल का भुगतान भी हो जायेगा।
उन्होंने कहा कि इससे 1,500 करोड़ रुपये का ईंधन बचेगा और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की आमदनी कम से कम 6,000 करोड़ रुपये बढ़ने का अनुमान है। उन्होंने सदन को बताया कि कुछ जगहों पर यह प्रणाली शुरू की गयी है। इस संबंध में पहले 10 ठेके आवंटित किये जा चुके हुए हैं और 10 का आवंटन प्रक्रिया में है। अगले साल के अंत तक राष्ट्रीय राजमार्गों पर पूरे देश में इसे शुरू कर दिया जायेगा।
एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में श्री गडकरी ने कहा कि यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार को हुए हादसे में एम्बुलेंस का एक घंटे बाद पहुंचना दुःखद है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकारों को पूरी तरह अत्याधुनिक एम्बुलेंस प्रदान करने की योजना पर काम कर रही है। उनके परिचालन की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होगी, शर्त बस इतनी होगी कि दुर्घटना के 10 मिनट के भीतर मौके पर एम्बुलेंस पहुंच जाये।

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रिजर्व बैंक ने रेपो दर 0.25 प्रतिशत घटाई https://demo.theshikshanews.com/reserve-bank-reduced-repo-rate-by-0-25-percent/ https://demo.theshikshanews.com/reserve-bank-reduced-repo-rate-by-0-25-percent/#respond Sat, 06 Dec 2025 03:40:27 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5978 NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. Mumbai।  रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बाजार की उम्मीद के मुताबिक रेपो दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती की है।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक के बाद शुक्रवार को नीतिगत दरों की घोषणा करते हुए कहा कि समिति ने सर्वसम्मति से रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर इसे 5.25 प्रतिशत करने का फैसला किया है जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
उन्होंने बताया कि मुद्रास्फीति निम्नतम स्तर पर बनी हुई है और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर ऊंची बनी हुई है। इससे केंद्रीय बैंक के पास नीतिगत ब्याज दरों में कटौती का मौका है। आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए विकास दर अनुमान 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही मुद्रास्फीति का अनुमान घटाकर दो प्रतिशत कर दिया है।

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संविधान राष्ट्रीय अस्मिता का ग्रंथ, इसे आत्मसात कर संसद ने जन आकांक्षाओं को अभिव्यक्त किया: मुर्मु https://demo.theshikshanews.com/sanvidhaan-raashtreey-asmita-ka-granth-ise-aatmasaat-kar-sansad-ne-jan-aakaankshaon-ko-abhivyakt-kiya-murmu/ https://demo.theshikshanews.com/sanvidhaan-raashtreey-asmita-ka-granth-ise-aatmasaat-kar-sansad-ne-jan-aakaankshaon-ko-abhivyakt-kiya-murmu/#respond Wed, 26 Nov 2025 15:55:12 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5858 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संविधान को राष्ट्रीय अस्मिता और पहचान का ग्रंथ बताते हुए कहा है कि बीते दशक में हमारी संसद ने इसके मूल्यों पर चलते हुए जन आकांक्षाओं को अभिव्यक्त करने के अनेक कार्य किये हैं।
श्रीमती मुर्मु ने बुधवार को यहां संविधान दिवस के अवसर पर संविधान सदन के केन्द्रीय कक्ष में अपने अभिभाषण में कहा कि संविधान सभा ने संसदीय प्रणाली को अपनाने के पक्ष में जो ठोस तर्क दिये गए थे वे आज भी प्रासंगिक हैं। विश्व के विशालतम लोकतन्त्र में जन-आकांक्षाओं को अभिव्यक्त करने वाली भारतीय संसद, विश्व के अनेक लोकतंत्रों के लिए आज एक उदाहरण के रूप में प्रतिष्ठित है। उन्होंंने कहा ,” हमारे संविधान निर्माता चाहते थे कि संविधान के माध्यम से हमारा सामूहिक और व्यक्तिगत स्वाभिमान सुनिश्चित रहे। मुझे यह कहते हुए बहुत प्रसन्नता होती है कि बीते दशक में हमारी संसद ने जन-आकांक्षाओं को अभिव्यक्त करने के अत्यंत प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। ”
श्रीमती मुर्मु ने कहा कि संविधान निर्माताओं की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए वह सभी सांसदों को बधाई देती हैं और कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से संविधान सभा के परम सम्माननीय सदस्यों की स्मृति में सादर नमन करती हैं। उन्होंने कहा कि संविधान की अंतरात्मा सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुता जैसे आदर्शों में अभिव्यक्त होती है।
उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि इन सभी आयामों पर संसद सदस्यों ने संविधान निर्माताओं की परिकल्पनाओं को यथार्थ स्वरूप प्रदान किया है। संसदीय प्रणाली की सफलता के ठोस प्रमाण के रूप में, आज भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेज गति से अग्रसर है। भारत में लगभग 25 करोड़ लोगों के गरीबी की सीमारेखा से बाहर आने से आर्थिक न्याय के पैमाने पर विश्व की सबसे बड़ी सफलता अर्जित हुई है।
राष्ट्रपति ने कहा कि संविधान में सामाजिक न्याय के आदर्श के अनुरूप देश में समावेशी विकास के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ लागू होने से महिलाओं के नेतृत्व में विकास के एक नए युग का आरंभ होगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष सात नवंबर से राष्ट्र-गीत ‘वन्दे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में देशव्यापी स्मरणोत्सव मनाए जा रहे हैं। यह स्मरणोत्सव भारत माता को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प का अवसर है। उन्होंने कहा ,” मुझे विश्वास है कि इस राष्ट्रीय संकल्प की सिद्धि के लिए आप सभी सदस्यगण देशवासियों को दिशा और प्रेरणा प्रदान करेंगे। ”
उन्होंने कहा कि देश का संविधान, हमारी राष्ट्रीय अस्मिता का ग्रंथ है। यह हमारी राष्ट्रीय पहचान का ग्रंथ है। यह औपनिवेशक मानसिकता का परित्याग करके राष्ट्रवादी विचारधारा के साथ देश को आगे बढ़ाने का मार्गदर्शक ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि इसी भावना के अनुरूप, सामाजिक और तकनीकी बदलावों को ध्यान में रखते हुए, आपराधिक न्याय प्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण अधिनियम लागू किए गए हैं।
राष्ट्रपति ने संविधान संशोधन के प्रावधानों के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि संविधान में ही ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसके बल पर भावी पीढ़ियां आवश्यकतानुसार समयानुकूल संशोधन कर सकें। इस प्रकार संविधान निर्माताओं ने हमारे संविधान को गतिशीलता और जीवंतता प्रदान की।
इस अवसर पर उप राष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू , राज्यसभा मेंं सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सभी सांसद मौजूूद थे।

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मोदी ने चार नयी वंदे भारत ट्रेनों को दिखायी हरी झंडी https://demo.theshikshanews.com/modee-ne-chaar-nayee-vande-bhaarat-trenon-ko-dikhaayee-haree-jhandee/ https://demo.theshikshanews.com/modee-ne-chaar-nayee-vande-bhaarat-trenon-ko-dikhaayee-haree-jhandee/#respond Sat, 08 Nov 2025 15:50:37 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5702 NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. Varanasi। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को चार नयी वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। श्री मोदी ने यहां बनारस रेलवे स्टेशन पर एक कार्यक्रम में बनारस-खजुराहो ट्रेन को हरी झंडी दिखायी। इसके अलावा उन्होंने वर्चुअल माध्यम से लखनऊ-सहारनपुर, बेंगलुरु-एर्नाकुलम और फिरोजपुर कैंट – दिल्ली वंदे भारत प्रीमियम ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
श्री मोदी के साथ केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी भी थे।
विशेष पास पर ट्रेन में यात्रा कर रहे लोगों में काफी उत्साह दिखा। बड़ी संख्या में स्कूलों के बच्चे भी ट्रेन में थे। प्रधानमंत्री ने ट्रेन में बच्चों और ड्राइवर से भी बात की।
इसके साथ ही अब देश में वंदे भारत ट्रेनों की संख्या 78 से बढ़कर 82 हो गयी है। उल्लेखनीय है कि 15 फरवरी 2019 को पहली वंदे भारत ट्रेन का उद्घाटन किया गया था जो नयी दिल्ली से वाराणसी के लिए चली थी। अब तक देश भर में विभिन्न मार्गों पर वंदे भारत ट्रेनों में सवा सात करोड़ से अधिक यात्री सफर कर चुके हैं। इसका विस्तार 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हो चुका है। श्री मोदी ने दुल्हन की तरह सजे बनारस रेलवे स्टेशन से खजुराहो जाने वाली उद्घाटन ट्रेन को हरी झंडी दिखायी। खास बात यह है कि यह प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र से खजुराहो के लिए पहली नियमित ट्रेन है।
आम दिनों में वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत (26422) सुबह 5:25 बजे वाराणसी से रवाना होगी और दोपहर बाद 1:10 बजे खजुराहो पहुंचेगी। वापसी की ट्रेन (26421) दोपहर बाद 3:20 पर रवाना होगी और रात 11 बजे वाराणसी आयेगी। यह ट्रेन गुरुवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी। इसका ठहराव ब्लॉक हट ‘के’, विंध्याचल, प्रयागराज, बांदा, महोबा और खजुराहो में होगा।
लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत (26504) सुबह पांच बजे लखनऊ से खुलेगी और दोपहर बाद 12:45 बजे सहारनपुर पहुंचेगी। वापसी की ट्रेन (26503) दोपहर बाद तीन बजे चलकर रात 11 बजे लखनऊ पहुंचेगी। इसका ठहराव सीतापुर, सीतापुर सिटी, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, नजीबाबाद, रुड़की और सहारनपुर में होगा। यह सोमवार को छोड़कर सभी छह दिन चलेगी।
केएसआर बेंगलुरु-एर्नाकुलम वंदे भारत (26651) सुबह 5:10 बजे बेंगलुरु से चलकर दोपहर बाद 1:50 बजे एर्नाकुलम पहुंचेगी। वापसी में यह (26652) 2:20 बजे एर्नाकुलम से रवाना होगी और रात 11 बजे केएसआर बेंगलुरु पहुंचेगी। इसके ठहराव कृष्णराजपुरम्, जेटीजे-ए, सलेम, इरोड, तिरुपपुर, कोयम्बटूर, पलक्कड़ और त्रिशूर में होंगे। यह बुधवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी।
फिरोजपुर कैंट-दिल्ली वंदे भारत (26462) बुधवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी। यह सुबह 7:55 बजे फिरोजपुर कैंट से खुलेगी और दोपहर बाद 2:35 बजे दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 26461 शाम चार बजे दिल्ली से चलकर रात 10:35 बजे फिरोजपुर कैंट पहुंचेगी।
वंदे भारत देश में निर्मित पहली सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन है। इसका निर्माण इंटीग्रेटेड कोच फैक्टरी, चेन्नई में किया जाता है। यह अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम है। इसमें इंटेलिजेंट ब्रेकिंग सिस्टम, स्वचालित दरवाजे, जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली और बायो वैक्यूम शौचालय जैसे कुछ खास फीचर हैं। एक्सक्लुजिव श्रेणी में रोटेटिंग सीटें लगी हुई हैं। इसकी विशेष ब्रेकिंग प्रणाली 30 प्रतिशत तक बिजली की बचत भी करती है। इसमें लगायी गयी सुविधाओं को दिव्यांगों के अनुकूल बनाया गया है ताकि उन्हें कोई परेशानी न हो।

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हरियाणा में 25 लाख वोटों की गड़बडी से बनायी गयी अवैध सरकार : राहुल https://demo.theshikshanews.com/hariyaana-mein-25-laakh-voton-kee-gadabadee-se-banaayee-gayee-avaidh-sarakaar-raahul/ https://demo.theshikshanews.com/hariyaana-mein-25-laakh-voton-kee-gadabadee-se-banaayee-gayee-avaidh-sarakaar-raahul/#respond Thu, 06 Nov 2025 03:52:36 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5663 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi।  कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि देश में किसी विशेष निर्वाचन क्षेत्र नहीं, राज्य स्तर पर नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर वोटों की हेराफेरी हो रही है। इसी क्रम में हरियाणा विधानसभा चुनाव में 25 लाख वोटों में गड़बड़ी की गयी है।
श्री गांधी ने बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वह जिस प्रमाण के साथ वोट चोरी का विवरण दे रहे हैं उससे साफ होता है कि हरियाणा में चुनाव नहीं हुए, बल्कि 100 फीसदी प्रमाणों से साबित होता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा तथा चुनाव आयोग ने मिलकर लोकतंत्र को ध्वस्त किया है। हरियाणा में वोटों की चोरी कर वहां भाजपा की सरकार बनाई है।
उनका कहना था कि वोट चोरी का यह काम बहुत गहरी साजिश और रणनीति के तहत किया गया है। इसके पुख्ता प्रमाण हैं कि पूरे राज्य में कैसे वोटों को चुराया गया है। उम्मीदवारों से हरियाणा में बहुत सारी शिकायतें उन्हें मिलती रहीं हैं और कई उम्मीदवारों ने अनियमितताओं की सूचना भी उस समय दी थी। इसी तरह से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मतदान हुआ है। इन सब राज्यों में भाजपा ने व्यवस्थित तरीके से वोट चोरी का काम करवा कर मतदान कराया है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जिस तरह के प्रमाण कांग्रेस ने फर्जी वोटरों को लेकर जुटाए हैं उससे साफ हो गया है कि हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश आदि राज्यों में मुख्यमंत्री लोकतांत्रिक तरीके से नहीं बने हैं। वोट चोरी करके उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी दी गई है। इन सब राज्यों में कांग्रेस की भारी जीत को हार में बदलने की योजना एक सोची समझी रणनीति के तहत बनी थी।
उन्होंने कहा “आश्चर्य की बात है कि एग्जिट पोल में हरियाणा में कांग्रेस की जीत की बात हो रही थी। एग्जिट पोल काफी सटीक होते हैं। हरियाणा के चुनावी इतिहास में पहली बार, डाक मत वास्तविक मतदान से भिन्न थे और राज्य के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। हमने सोचा कि चलो विवरण में चलते हैं। जब मैंने पहली बार यह विवरण देखा तो मुझे इस पर विश्वास नहीं हो रहा था और मैं सदमे में था इसलिए मैंने विवरण तैयार कर रही अपनी टीम से कई बार क्रॉस-चेक करने के लिए कहा।”
श्री गांधी ने हरियाणा में एक महिला का जिक्र किया और दावा किया कि यह महिला ब्राजील की है और वह एक मॉडल है जिसका नाम हरियाणा की मतदाता सूची में है। उसके नाम से बनाये गये फर्जी वोटर कार्ड पर दस बूथों पर 22 बार वोट डाले गये हैं। इसका मतलब है कि यह काम केंद्रीय स्तर पर हो रहा है इसलिए ब्राजील की महिला के नाम पर एक नहीं बल्कि 22 बार वोट डाले गये हैं। इस तरह हरियाणा में 25 लाख फर्जी वोट डाले गये।

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नीतीश को डुबाने की चाल चल रहे हैं प्रधानमंत्री, अपने किसी ‘चेले’ को मुख्यमंत्री बना देंगे: खरगे https://demo.theshikshanews.com/neeteesh-ko-dubaane-kee-chaal-chal-rahe-hain-pradhaanamantree-apane-kisee-chele-ko-mukhyamantree-bana-denge-kharage/ https://demo.theshikshanews.com/neeteesh-ko-dubaane-kee-chaal-chal-rahe-hain-pradhaanamantree-apane-kisee-chele-ko-mukhyamantree-bana-denge-kharage/#respond Mon, 03 Nov 2025 15:12:55 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5599 NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. Patna/Vaishali। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को डुबाने की चाल रहे हैं और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की फिर से सरकार बनने पर वह अपने किसी ‘चेले’ को मुख्यमंत्री बना देंगे तथा नीतीश को घर बैठा देंगे।


उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन में यह कटाक्ष भी किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नीतीश को इस तरह ‘‘गायब’’ कर दिया है कि अब उन्हें मुख्यमंत्री बनाने का नाम ही नहीं लिया जा रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने पटना में रविवार को हुए प्रधानमंत्री के रोडशो का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘नीतीश जी कहां थे, नहीं दिखे। राजग सरकार बनाने की बात करने वालों ने उन्हें गायब कर दिया। इतना गायब कर दिए, उनको मुख्यमंत्री बनाने का नाम नहीं लेते।’’
⁠खरगे ने आरोप लगाया, ‘‘चुनाव के बाद क्या होगा, मैं नहीं कह सकता। मोदी जी नीतीश जी को डुबाने की चाल चल रहे हैं।’’ उन्होंने बाद में एक बयान में कहा कि नीतीश कुमार को ‘हाईजैक’ कर लिया गया है और चुनाव के बाद उन्हें दूध से मक्खी की तरह बाहर निकाल दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री के रोडशो में जनता दल (यू) की तरफ से पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह शामिल हुए थे।
इससे पहले, खरगे ने वैशाली में एक जनसभा में कहा, ‘‘अब ये (नीतीश) मोदी की गोद में बैठे हैं। यह लिखकर रख लो वह (प्रधानमंत्री) नीतीश को मुख्यमंत्री नहीं बनाएंगे। वह अपने किसी चेले को बना देंगे और कहेंगे कि नीतीश जी, आपकी तबियत ठीक नहीं है, आप घर बैठकर आराम करिए, हम आपकी औषधि का इंतजाम करते हैं।’’
राजद द्वारा कांग्रेस की कनपटी पर ‘कट्टा रखकर’ मुख्यमंत्री पद छीनने संबंधी प्रधानमंत्री के आरोपों पर खरगे ने संवाददाता सम्मेलन में तंज कसा, ‘‘क्या जब राजद ने कांग्रेस की कनपट्टी पर कट्टा रखा, तो नरेन्द्र मोदी वहां मौजूद थे? ’’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री कैसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। न कांग्रेस को कोई डरा सकता है न कांग्रेस किसी से डरने वाली है। हमारा महागठबंधन सम्मान और दोस्ती के साथ आगे बढ़ रहा है।’’
कांग्रेस अध्यक्ष ने राजग के घोषणापत्र को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘ये लोग घोषणापत्र जारी करने आए तो सिर्फ 36 सेकंड में प्रेस वार्ता ख़त्म कर दी। 20 साल से शासन में हैं दो मिनट तो रुक जाते।’’
खरगे ने कहा, ‘‘दो दशकों से बिहार में भाजपा-जद(यू) की सरकार है और 11 वर्ष से मोदी जी केंद्र में हैं। आज अगर मुद्दों की बात करें तो बिहार के लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्याएं, महंगाई, बेरोज़गारी, बढ़ता पलायन और आर्थिक असमानता है।’’
उन्होंने महागठबंधन के चुनावी वादों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार बनने पर इन पर पूरी तरह अमल किया जाएगा।
खरगे ने कहा, ‘‘बिहार में चुनाव आते ही नीतीश जी ने महिलाओं के खाते में 10 हजार रुपये डाल दिए और सोचा कि महिलाएं इनको वोट दे देंगी। लेकिन बिहार के लोग इतने होशियार हैं कि कोई अगर उनके खाते में 10 लाख रुपये भी डालेगा, तब भी वह सोच-समझकर ही वोट देंगे।’’
उन्होंने सवाल किया कि 10 हजार रुपये देने की बात भाजपा-जद (यू) को 20 साल में याद क्यों नहीं आई?
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘जनता जानती है कि यह चुनावी घोषणा है।’’
खरगे ने आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी युवाओं के लिए गंभीर नहीं हैं।
उनका कहना था, ‘‘रोजगार के नाम पर मोदी पहले कहते थे कि ‘पकौड़ा तलो’ और अब कहते हैं ‘रील बनाओ’। नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री हैं। उन्हें ठोस कदम उठाना चाहिए और लोगों को बताना चाहिए कि वे आगे क्या करने वाले हैं।’’
महागठबंधन की तरफ से उप मुख्यमंत्री पद के लिए सिर्फ एक नाम घोषित करने से जुड़े सवाल पर खरगे ने कहा कि सरकार बनने पर इस बारे में फैसला होगा कि कितने उप मुख्यमंत्री बनाए जाएंगे।

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लेह हिंसा: सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र से मांगा जवाब https://demo.theshikshanews.com/leh-hinsa-sonam-vaangachuk-kee-giraphtaaree-ko-chunautee-dene-vaalee-yaachika-par-kendr-se-maanga-javaab/ https://demo.theshikshanews.com/leh-hinsa-sonam-vaangachuk-kee-giraphtaaree-ko-chunautee-dene-vaalee-yaachika-par-kendr-se-maanga-javaab/#respond Wed, 29 Oct 2025 14:44:39 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5523 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi।सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को जलवायु परिवर्तन कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार और लद्दाख प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। शीर्ष अदालत नेयह आदेश वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो की संशोधित याचिका को अदालत के रिकॉर्ड पर लेते हुए दिया है, जिसमें वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने के साथ ही, उन्हें रिहा करने की मांग की है। जस्टिस अरविंद कुमार और एनवी अंजारिया की पीठ ने केंद्र और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को संशोधित याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा।
इसके साथ ही, पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से भी कहा है कि यदि सरकार की ओर दाखिल होने वाले जवाब पर कुछ कहना चाहते हैं तो जवाबी हलफनामा दाखिल करें। मामले की अगली सुनवाई 24 नवंबर को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने 15 अक्टूबर को, आंगमो की याचिका पर सुनवाई स्थगित करते हुए, उन्हें अपनी याचिका में संशोधन करने की अनुमति दे दी थी। आंगमो ने सोनम वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने के लिए अतिरिक्त आधारों के साथ एक संशोधित याचिका दायर करने की मांग अनुमति मांगी थी। वांगचुक को फिलहाल राजस्थान के जोधपुर की सेंट्रल जेल में रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपनी संशोधित याचिका में गीतांजलि जे. आंगमो ने कहा है कि उनके पति वांगचुक को एनएसए के तहत हिरासत में रखने का आदेश और हिरासत के आधार कानून की नजर में बिल्कुल अनुचित और गलत हैं क्योंकि वे बेकार के आधारों, पुरानी प्राथमिकी, बाहरी चीज़ों, अपने फायदे के लिए दिए गए बयानों और जानकारी छिपाने पर आधारित हैं। याचिका में कहा गया है कि वांगचुक को हिरासत में लेने और रखने के लिए 5 प्राथमिकी को आधार बनाया गया है, जिनमें से 3 एक साल से भी अधिक पुरानी हैं और जिनमें न तो उनके खिलाफ कोई आरोप है और न ही उनका नाम साफ तौर पर बताया गया है। साथ ही कहा है कि चौथी प्राथमिकी में उनका (वांगचुक) नाम है, लेकिन यह उनके लेह के सर्वोच्च बोर्ड (एबीएल) में शामिल होने के तुरंत बाद दर्ज की गई थी। कहा गया है कि यह एफआईआर पूरी तरह से अलग तथ्यों से संबंधित है। याचिका में कहा गया है कि 5वीं प्राथमिकी, जो उन्हें हिरासत में लेने से एक दिन पहले दर्ज की गई है, उसमें सिर्फ इतना कहा गया है कि यह कुछ अज्ञात बदमाशों के खिलाफ है: इस बीच कुछ बदमाश युवकों ने जानबूझकर साजिश करके भूख हड़ताल में शामिल लोगों को उकसाया और भीड़ को जुलूस में बदल दिया। इसके बाद, उन बदमाशों ने लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल के ऑफिस पर पत्थर फेंकना भी शुरू कर दिया और पुलिसकर्मियों पर हमला किया।’ लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची का दर्जा मांगने वाले हिंसक विरोध प्रदर्शनों के दो दिन वांगचुक को 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया था। इस हिंसा में 90 घायल हो गए थे। सरकार ने उन पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था।

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भारत की नदियां केवल विरासत का प्रतीक नहीं बल्कि प्रगति की राजमार्ग हैं: मोदी https://demo.theshikshanews.com/bhaarat-kee-nadiyaan-keval-viraasat-ka-prateek-nahin-balki-pragati-kee-raajamaarg-hain-modee/ https://demo.theshikshanews.com/bhaarat-kee-nadiyaan-keval-viraasat-ka-prateek-nahin-balki-pragati-kee-raajamaarg-hain-modee/#respond Fri, 17 Oct 2025 14:24:44 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5398 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश के जल परिवहन तंत्र में हो रहे बदलाव की सराहना करते हुए कहा कि भारत की नदियां आज केवल विरासत का प्रतीक नहीं, बल्कि प्रगति के मुख्य माध्यम बन गई हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल के जलमार्गों पर लिखे लेख को साझा करते हुए यह टिप्पणी की। प्रधानमंत्री ने लिखा, “भारत की नदियां केवल विरासत का प्रतीक नहीं हैं, वे प्रगति के राजमार्ग हैं। पुनर्जीवित जलमार्गों के लिए केंद्रीय मंत्री सोनोवाल के दृष्टिकोण और विकसित भारत की ओर उनके योगदान को जानना महत्त्वपूर्ण है।”
केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने अपने लेख में कहा कि एक समय था जब भारतीय नदियां मालवहन का मुख्य स्रोत थीं, पर रेल और सड़कों के आगमन के बाद उनका महत्व कम होता गया। अब सरकार इंटरनल वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (आईडब्लूएआई) के सहयोग से नदियों का पुनर्जीवन कर रही है। मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2014 तक केवल 5 राष्ट्रीय जलमार्ग थे, वहीं आज 111 को राष्ट्रीय जलमार्गों का दर्जा दिया गया है, जिनमें से 32 चालू हैं। यह परिवर्तन केवल संख्यात्मक नहीं बल्कि लॉजिस्टिक्स दर्शन और कनेक्टिविटी के व्यापक विस्तार का प्रतीक है।
लेख में स्पष्ट किया गया है कि जलमार्गों द्वारा परिवहन से ईंधन व उत्सर्जन कम होता है तथा यह आर्थिक दृष्टि से अधिक लाभकारी है। 2013-14 में माल ढुलाई 18 मिलियन टन थी जो 2024-25 तक 145 मिलियन टन तक पहुंच गई है। सरकार ने 2030 तक 200 मिलियन टन तथा 2047 तक 250 मिलियन टन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
सोनोवाल ने आगे कहा कि नदी पर्यटन भी तेज़ी से बढ़ रहा है। जहां एक दशक पहले केवल पांच क्रूज़ चालू थे, अब 13 जलमार्गों पर 25 से अधिक क्रूज़ जहाज संचालन में हैं। गंगा, ब्रह्मपुत्र एवं केरल के बैकवाटर्स में पर्यटन गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। आधुनिक टर्मिनलों, इलेक्ट्रिक शोर लिंक व चौबीस घंटे नेविगेशन जैसी सुविधाओं से यह उम्मीद की जा रही है कि नदी मार्ग पर आवागमन सुरक्षित, आरामदायक और टिकाऊ बनेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने नदियों के संरक्षण और उनके योजनाबद्ध विकास पर प्रशासनिक प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि “हमें बस नदी का सम्मान करना है – समझदारी से ड्रेजिंग करनी है, उसे सुरक्षित दिशा में आगे बढ़ाना है तथा उसे नवजीवन देना है।” इस कार्य से न केवल परिवहन, पर्यटन व व्यापार को नई गति मिल रही है, बल्कि नदी सभ्यता की विरासत भी सुरक्षित हो रही है।

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मंगोलिया के नागरिकों को निशुल्क ई-वीजा देगा भारत: पीएम https://demo.theshikshanews.com/mangoliya-ke-naagarikon-ko-nishulk-ee-veeja-dega-bhaarat-peeem/ https://demo.theshikshanews.com/mangoliya-ke-naagarikon-ko-nishulk-ee-veeja-dega-bhaarat-peeem/#respond Wed, 15 Oct 2025 05:07:45 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5338 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को मंगोलिया के विकास में मजबूत और विश्वसनीय साझेदार बताते हुए दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे होने के मौके पर मंगोलिया के नागरिकों के लिए निशुल्क ई-वीजा की घोषणा की है।
श्री मोदी ने भारत की यात्रा पर आए मंगोलिया के राष्ट्रपति हुरेलसुख उखना के साथ यहां द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त वक्तव्य में कहा कि भारत मंगोलिया के विकास में एक दृढ़ और विश्वसनीय साझेदार रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति हुरेलसुख की यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब भारत और मंगोलिया के बीच राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष और रणनीतिक भागीदारी के 10 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि छह वर्ष के बाद मंगोलिया के राष्ट्रपति का भारत आना अपने आप में एक बहुत विशेष अवसर है।
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा करते हुए कहा कि भारत मंगोलिया के नागरिकों को निःशुल्क ई-वीजा देगा और हर वर्ष मंगोलिया से युवा ‘कल्चरल एम्बेसडर्स’ की भारत यात्रा की भी व्यवस्था करेगा। श्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच दस वर्ष पहले हुई रणनीतिक साझेदारी का विस्तार हुआ है और यह प्रगाढ हुई है।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी लगातार मजबूत हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारत और मंगोलिया के संबंध केवल राजनयिक नहीं है यह हमारे बीच आत्मीय और आध्यात्मिक बंधन है। हमारे संबंधों की असली गहराई और व्यापकता हमारे लोगों के बीच संपर्क में दिखाई पड़ती है।”
प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच अध्यात्मिक संबंधों का उल्लेख करते हएु कहा कि अगले वर्ष भगवान बुद्ध के दो महान शिष्यों — सारिपुत्र और मौद्गल्या-यन के पवित्र अवशेष भारत से मंगोलिया भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत मंगोलिया की ‘गंदन मॉनेस्टेरी’ में एक संस्कृत शिक्षक भी भेेजेगा ताकि वहां के बौद्ध ग्रंथों का गहराई से अध्ययन किया जा सके और प्राचीन ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाया जा सके
श्री मोदी ने मंगोलिया में बौद्ध धर्म के लिए नालंदा विश्वविद्यालय की अहम भूमिका का उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि नालंदा और ‘गंदन मॉनेस्टेरी’ को साथ जोड़कर हम इस ऐतिहासिक संबधो में एक नई उर्जा लायेंगे।
इस अवसर पर दोनों नेताओं ने वृक्षारोपण भी किया। श्री मोदी ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति हुरेलसुख ने अपनी स्वर्गीय माताजी के नाम पर जो वटवृक्ष लगाया है, वह आने वाली कई पीढ़ियों तक हमारी गहरी मित्रता और पर्यावरण के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक रहेगा।”

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बिहार : क्या ख़त्म होगी जाति आधारित राजनीति ? https://demo.theshikshanews.com/bihaar-kya-khatm-hogee-jaati-aadhaarit-raajaneeti/ https://demo.theshikshanews.com/bihaar-kya-khatm-hogee-jaati-aadhaarit-raajaneeti/#respond Mon, 06 Oct 2025 06:03:59 +0000 https://www.khabariya.com/?p=5242 कुमार समीर
जाति आधारित राजनीति के लिए जाने जाने वाले बिहार में यह क्या देखने को मिल रहा है ? क्या यहां जाति आधारित राजनीति ख़त्म होने जा रही है ? इस सवाल को सुनकर आप जरूर आश्चर्यचकित होंगे कि घोर जातिवादी राजनीति करने वाले बिहार में यह क्या संभव है ? एक बार में तो हर किसी का यही ज़वाब होगा कि यह बिल्कुल भी संभव नहीं है। लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि बिहार में जातिवाद आधारित राजनीति खत्म होने की शुरुआत हो चुकी है और इसे शुरू करने वाला और कोई नहीं बल्कि घोर जातिवादी राजनीति करने वाले दल ही हैं। आने वाले कुछ सालों में इसका असर साफ तौर पर दिखाई भी देने लगेगा।
जी हां, बिहार का यह नया रुख पूरे देश में अलख जगाने का काम कर सकता है। इसकी शुरुआत हो चुकी है क्योंकि यहां (बिहार) की राजनीति में पहली बार जाति की जगह क्लास (वर्ग) का महत्व बढ़ता दिख रहा है। सरकारी योजनाओं में महिलाओं, किसानों और पेंशनभोगियों को क्लास के रूप में संबोधित किया जा रहा है। मसलन शिक्षा में मुफ्त योजनाओं की ही बात करें तो दिन का भोजन, साइकिल तथा स्कूल यूनिफॉर्म वितरण में जाति नहीं देखी जा रही है। इसका असर भी दिखने लगा है। छात्रों के विकास को जहां बढ़ावा मिल रहा है वहीं महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।
इस तरह की पहल के बाद कहा जा सकता है कि बिहार में अब ठोस आकार ले रहा है जाति को क्लास (वर्ग) में बदलने का प्रयास। राजनीतिक दलों की घोषणाओं और केंद्र-राज्य सरकार की नीतियों पर गौर करें तो इसका आभास होना शुरू हो जाएगा। हालांकि यह भी सच है कि जाति के क्लास में बदलने के प्रयास का यह प्रारंभिक दौर है। इसलिए जाति और क्लास (वर्ग) -दोनों साथ-साथ चल रहे हैं। जाति का आग्रह जैसे-जैसे कम होगा, वर्ग मजबूत होने लगेगा। यहां सबसे अच्छी बात यह है कि इस बदलाव की पहल सरकार की ओर से हो रही है। वहीं विपक्षी दल भी इसका विरोध नहीं बल्कि अनुसरण ही कर रहे हैं। इसे महिलाओं के मामले में देखें। पिछड़ी जाति की महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में आरक्षण से शुरुआत हुई जो अब सभी के लिए है।
बिहार की सभी सेवाओं में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत पद आरक्षित कर दिए गए हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2006-07 में जब बालिकाओं के लिए पोशाक और किताब की योजना शुरू की तो इसमें सबको समाहित किया गया। जाति-धर्म के आधार पर किसी बालिका को इस योजना से बाहर नहीं किया गया। इसका विस्तार बालकों के बीच भी हुआ। फिर साइकिल देने का निर्णय लिया गया। अब तो उन्हें मैट्रिक से लेकर पीजी तक की परीक्षाओं में पास होने पर भी अधिकतम 75 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
शिक्षा से जुड़ी मुफ्त योजनाओं का असर यह हुआ कि बच्चों का विकास छात्र वर्ग के रूप में होने लगा। यूनिफार्म ने बड़ा बदलाव किया। पहले स्कूली बच्चों के पोशाक से ही उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति का पता चलता था। बच्चों के बीच श्रेष्ठता और हीनता का भाव भी पनपता था। 20 वर्ष पहले जिन बच्चों को इस योजना का लाभ मिला, वे आज के युवा हैं। मतदाता भी हैं। हाल-फिलहाल सभी परिवारों की एक महिला को स्वरोजगार के लिए 10 हजार रुपये देने की योजना बनी।
बताते चलें कि घोषणा यह की गई है कि 10 हजार रुपये से सफलतापूर्वक कारोबार प्रारंभ करने वाली महिलाओं को आने वाले दिनों में दो लाख रुपये तक दिए जाएंगे। दिसंबर तक इस योजना के अंतर्गत एक करोड़ 80 लाख महिलाओं को 10-10 हजार रुपये दिए जाएंगे। महिलाएं इस योजना का लाभ एक क्लास (वर्ग) की तरह ले रही हैं। बदलाव यह आया है कि विरोधी दल की ओर से जो घोषणाएं हो रही हैं, उनमें भी महिलाओं के साथ एक क्लास (वर्ग) की तरह व्यवहार किया जा रहा है। इस योजना के दायरे में एक करोड़ 79 लाख महिलाएं हैं।
किसान और पेंशनधारियों को भी एक क्लास (वर्ग) के रूप में आज केंद्र और राज्य सरकार एक क्लास (वर्ग) के रूप में संबोधित कर रही हैं। उन्हें प्रोत्साहन के लिए खाते में राशि भेजी जा रही है। किसान सम्मान निधि के रूप में सभी किसानों के खाते में प्रति वर्ष छह-छह हजार रुपये प्रधानमंत्री की ओर से दिए जा रहे हैं।
किसानों को कृषि यंत्रों के लिए अनुदान दिए जा रहे हैं। अनाजों की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की सुविधा सभी किसानों को दी जा रही है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने के मामले में भी जातीय भेद समाप्त किया गया है। यहां भी आर्थिक आधार को रखा गया है।
इतना ही नहीं, आयकर दाता और पहले से किसी योजना के तहत पेंशन पा रहे लोगों को छोड़कर 60 वर्ष और उससे अधिक के नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन की परिधि में ले आया गया है। इसने बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन का आधार दिया है।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वालों की कुल संख्या एक करोड़ 40 लाख से अधिक है। सरकारी सेवाओं में आरक्षण को लेकर समाज के एक हिस्से में बड़ा असंतोष था। जातीय संरचना में ऊंची श्रेणी में रहने के बावजूद गरीबों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलता था।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए निर्धारित 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ देकर इस समूह को भी संतुष्ट किया गया है। इसके कारण आरक्षण की सुविधा हासिल करने वाला भी एक अलग क्लास (वर्ग) बन गया है। रोजगार और नौकरी की मांग ऐसी है, जिसकी पूर्ति के लिए युवा एक क्लास (वर्ग) की तरह सड़क पर उतर रहे हैं।
इसे बदलाव की बयार ही कह सकते है कि अब जाति नहीं, गरीबी देखने की बात उठनी शुरू हो गई है। दो वर्ष पहले सभी दलों की पहल पर जाति आधारित गणना हुई। पता चला कि राज्य में 94 लाख से अधिक ऐसे परिवार हैं, जिनकी मासिक आय छह हजार रुपये या उससे कम है।
सरकार ने ऐसे परिवार को कारोबार के लिए दो लाख रुपये देने का नीतिगत निर्णय लिया है। यहां भी जाति के बदले क्लास (वर्ग) को लाभ पहुंचाने के लक्ष्य को देखा जा सकता है। सरकारें पहले भी गरीब कल्याण के लिए योजनाएं चलाती रही हैं, लेकिन वह समाज के सभी गरीबों के लिए नहीं होती थीं। शुरुआत अनुसूचित जाति और जनजाति से होती थी, जो पिछड़े वर्गों तक आकर ठहर जाती थी। उन योजनाओं में लाभ लेने के लिए किसी जाति का होना जरूरी होता था।
समय के साथ इस तरह के बदलाव को हर तबका स्वीकार कर रहा है, यह सबसे बड़ी और सकारात्मक बात है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि सरकार और सभी राजनीतिक दल अगर इसी तरह से इस अच्छी पहल का समर्थन करते रहे तो वह दिन दूर नहीं होगा जब सबका साथ, सबका विकास हर वर्ग, हर समुदाय महसूस करने लगेगा।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।

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देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया दशहरा पर्व https://demo.theshikshanews.com/desh-mein-harshollaas-ke-saath-manaaya-gaya-dashahara-parv/ https://demo.theshikshanews.com/desh-mein-harshollaas-ke-saath-manaaya-gaya-dashahara-parv/#respond Fri, 03 Oct 2025 04:27:10 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5223 NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. New Delhi। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व गुरुवार को देश भर में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर अनेक स्थानों पर बुराई के प्रतीक रावण के पुतले जलाये गये। इसके साथ ही मेघनाद और कुम्भकरण के पुतलों का भी दहन किया गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राजधानी में लाल किले के पास स्थित परेड ग्राउंड पर आयोजित दशहरा समारोह में शामिल हुईं। उन्होंने वहां प्रतीकात्मक रूप से तीर चलाकर रावण दहन किया। श्रीमती मुर्मु ने इस अवसर लोगों को विजयादशमी की बधाई दी। उन्होंने इस पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बताया और कहा कि पहलगाम हमले के बाद हुआ ऑपरेशन सिंदूर भी इसी तरह बुराई पर अच्छाई की जीत है। उन्होंने कहा, “हम हर साल रावण जलाते हैं लेकिन हर साल रावण फिर जीवित हो जाता है। हमें अपने भीतर के रावण को दोबारा आने से रोकना होगा।”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यहां आई पी एक्सटेन्शन में आयोजित दशहरा समारोह में शामिल होने का कार्यक्रम था लेकिन संभवत: भारी बारिश के कारण उनका कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक दशहरा समारोह में शामिल होना था लेकिन उन्हें भी अपना कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में रामलीला ग्राउंड पर आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में सम्मिलित हुये। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में विजयदशमी के विशिष्ट पूजन के क्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को मंदिर की गोशाला में गोपूजन किया।
गोमाता के माथे पर तिलक लगाकर उनका आशीर्वाद लिया। पूजनोपरांत मुख्यमंत्री ने गोमाता को प्रेम और श्रद्धाभाव से गुड़, पूड़ी और चावल का लड्डू खिलाकर उनकी सेवा की।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के परेड ग्राउंड पर रावण दहन कार्यक्रम में शिरकत की। तेलंगाना में गुरुवार को विभिन्न स्थानों पर दशहरा उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया।तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विजयादशमी के अवसर पर राज्य के लोगों को शुभकामनायें दी हैं।महिलाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवी दुर्गा के मंदिरों में उमड़े और इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना की। यह नवरात्र के समापन और राक्षस महिषासुर पर देवी दुर्गा की विजय का भी प्रतीक है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी सहित कई प्रमुख नेताओं ने जुबली हिल्स स्थित अपने आवास पर आयोजित आयुध पूजा कार्यक्रम में भाग लिया।
इस दिन शमी पूजा, आयुध पूजा और वाहन पूजा जैसे अनुष्ठान किये गये। लोगों ने एक-दूसरे को शमी के पत्ते दिये, एक-दूसरे को बधाई दी और त्योहार की शुभकामनायें दीं। कई स्थानों पर रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया।शाम को राजधानी में हुई बारिश से दशहरा से जुड़े कार्यक्रमों में कुछ बाधा पड़ी, लेकिन रावण दहन कार्यक्रम संपन्न किये गये। बिहार की राजधानी पटना में भी बारिश की वजह से दशहरे पर होने वाले कार्यक्रमों में खलल पड़ी।

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ईडी गुरुग्राम जोनल ऑफिस ने दिल्ली-एनसीआर में की छापेमारी https://demo.theshikshanews.com/eedee-gurugraam-jonal-ophis-ne-dillee-enaseeaar-mein-kee-chhaapemaaree/ https://demo.theshikshanews.com/eedee-gurugraam-jonal-ophis-ne-dillee-enaseeaar-mein-kee-chhaapemaaree/#respond Sun, 28 Sep 2025 16:03:08 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5184 NCR TODAY. Khabariya. Gurugram/New Delhi। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के गुरुग्राम जोनल ऑफिस ने दिल्ली-एनसीआर के पांच ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई, जो कि इंटरनेशनल रिक्रिएशन एंड अम्यूजमेंट लिमिटेड (आईआरएएल) से जुड़ी बड़ी निवेशक धोखाधड़ी के मामले में है।
यह जांच कई एफआईआर के आधार पर शुरू की गई, जो गुरुग्राम पुलिस और दिल्ली ईओडब्ल्यू ने इंटरनेशनल रिक्रिएशन एंड अम्यूजमेंट लिमिटेड, ईओडी अम्यूजमेंट पार्क प्राइवेट लिमिटेड, गियन विजेश्वर, रॉबिन विजेश्वर और उनकी अन्य संबंधित कंपनियों के खिलाफ दर्ज की थीं। आरोप है कि इन लोगों ने निवेशकों को ठगा है और करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की है।
आईआरएएल ने लगभग 1,500 निवेशकों से 450 करोड़ रुपए से अधिक राशि एकत्रित की। निवेशकों को सेक्टर 29 और 52-ए, गुरुग्राम में रिटेल शॉप या वर्चुअल स्पेस देने का वादा किया गया था, लेकिन कंपनी समय पर प्रोजेक्ट पूरा नहीं कर सकी और न ही निवेशकों को मासिक निश्चित रिटर्न का भुगतान किया गया।
ईडी की जांच में पता चला कि इस राशि को उनकी होल्डिंग कंपनी में स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके बाद एक तीसरे पक्ष के शेयर खरीद समझौते के जरिए ईओडी अम्यूजमेंट पार्क प्राइवेट लिमिटेड के नाम से फर्जी तरीके से निपटाया गया, जिसमें खरीदार ने उचित भुगतान नहीं किया। आईआरएएल के खिलाफ की गई फोरेंसिक ऑडिट से भी इस धोखाधड़ी की पुष्टि हुई।
जांच में यह भी सामने आया कि आईआरएएल पहले से कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया के तहत है, लेकिन 7 साल बीतने के बाद भी इसका समाधान नहीं हुआ है। इससे पहले इस मामले में दो प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं। पहला 28 मई 2024 को 291.31 करोड़ रुपए का, जिसमें जयपुर की जमीन और नोएडा का शॉपिंग मॉल शामिल है। दूसरा 24 दिसंबर 2024 को 120.98 करोड़ रुपए का, जिसमें अप्पू हाउस ग्रुप के इंटरनेशनल रीक्रिएशन एंड एम्यूजमेंट लिमिटेड शामिल है।
ये ऑर्डर आईआरएएल के खिलाफ जारी हुए थे और दोनों आदेशों की पुष्टि न्याय निर्णायक प्राधिकरण द्वारा की गई। छापेमारी के दौरान ईडी ने भारी मात्रा में अहम सबूत जब्त किए हैं, जिनमें कई छुपे हुए बैंक खाते और डिजिटल उपकरण शामिल हैं। फिलहाल, आगे की जांच जारी है।

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मोदी ने माही बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा परियोजना की सौगात दी https://demo.theshikshanews.com/modee-ne-maahee-baansavaada-paramaanu-oorja-pariyojana-kee-saugaat-dee/ https://demo.theshikshanews.com/modee-ne-maahee-baansavaada-paramaanu-oorja-pariyojana-kee-saugaat-dee/#respond Fri, 26 Sep 2025 04:12:50 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5170 NCR TODAY. Khabariya. Webwarta. Banswara। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को राजस्थान माही बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा परियोजना सहित एक लाख 22 हजार 670 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया।
श्री मोदी ने इस अवसर पर राजस्थान सरकार के 30 हजार 339 करोड़ रुपए से अधिक के 48 विकास कार्यों का भी शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इससे पहले उन्होंने पीएम कुसुम योजना के विभिन्न लाभार्थियों से संवाद भी किया।
प्रधानमंत्री ने राजस्थान में माही बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र सहित 63 हजार 683 करोड़ रुपए की स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं और बिजली निकासी पारेषण प्रणालियों की आधारशिला रखी। उन्होंने राजस्थान में 14 हजार 445 करोड़ रुपए की सात सौर ऊर्जा परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा जोन फेज-4 एवं फेज-5 के विभिन्न भागों से विद्युत निकासी के लिए 13 हजार 183 करोड़ रुपए की ट्रांसमिशन लाइनों के कार्यों का भी शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने पांच राज्यों में कुल 92 हजार 330 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से स्थापित होने जा रही 9.6 गीगावाट उत्पादन क्षमता की स्वच्छ ऊर्जा एवं पारेषण परियोजनाओं का शिलान्यास और शुभारम्भ किया।
प्रधानमंत्री ने 348 करोड़ रुपए की लागत से भोपा एवं बैतिना (जैसलमेर), नौखडा (बीकानेर) में 220 केवी के 3 जीएसएस एवं इनकी लाइनों के निर्माण कार्य का शुभारम्भ किया। इसके साथ ही बाड़मेर जिले के शिव में लगभग 143 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित 220 केवी जीएसएस का भी लोकार्पण किया।
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग की 20 हजार 833 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें राम जल सेतु लिंक परियोजना अंतर्गत 17 हजार 777 करोड़ रुपए की लागत से ईसरदा से रामगढ बांध (जयपुर) तक फीडर निर्माण, ईसरदा से खुरा चैनपुरा से बंध बरेठा (भरतपुर) तक फीडर निर्माण, खुरा चैनपुरा से जयसमंद (अलवर) तक फीडर निर्माण, अजमेर जिले में मोर सागर कृत्रिम रिजर्वायर निर्माण और बीसलपुर से मोर सागर कृत्रिम रिजर्वायर तक फीडर निर्माण एवं चित्तौड़गढ़ जिले की रावतभाटा तहसील में ब्राहम्णी बैराज के निर्माण के कार्य कराए जाएंगे।
बीसलपुर बांध परियोजना में इंटेक पंप हाउस, राजसमंद बांध में जल की आवक बढ़ाने के लिए खारी फीडर के जीर्णोद्धार, सोम-कमला-अम्बा-भीखा भाई सागवाडा फीडर, जिला-डूंगरपुर में फीडर नहर का कार्य एवं चित्तौड़गढ़ जिले में बागोलिया बांध फीडर निर्माण के कार्य भी कराए जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने ईसरदा बांध, धौलपुर लिफ्ट परियोजना, तकली परियोजना, बत्तीसा नाला परियोजना, बीकानेर जिले में आईजीएमएन के आरडी 507 पर एस्केप जलाशय का लोकार्पण भी किया।
श्री मोदी ने कार्यक्रम में 878 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से भरतपुर शहर में हीरादास और बिजलीघर चौराहों पर फ्लाईओवर निर्माण, देवली-जयपुर वाया बीसलपुर, टोडारायसिंह सड़क पर बनास नदी पर पुल निर्माण एवं 116 अटल प्रगति पथ के निर्माण कार्यों का शुभारम्भ किया। उन्होंनेे बाड़मेर में एनएच-68 पर 21 किमी लम्बे फोर-लेन बाइपास, ब्यावर-मसूदा-गोयला राज्य राजमार्ग सं.-26ए, अजमेर जिले के अराइ-सरवाड़ राज्य राजमार्ग सं.-7 ई, डूंगरपुर जिले के संगमेश्वर में माही नदी पर हाई लेवल ब्रिज, अजमेर एवं खैरथल-तिजारा जिलों में गादौज माजरी से हरियाणा सीमा व माजरी नीमराणा राज्य राजमार्ग 111 एवं 111ए , डूंगरपुर एवं बांसवाड़ा जिलों में राज्य राजमार्ग सं.- 927ए के सुदृढ़ीकरण एवं विकास कार्यों, राजसमंद एवं उदयपुर जिलों में राज्य राजमार्ग सं.-162ई पर चारभुजा से निचली ओडन (नाथद्वारा) तक 88 किमी सड़क के 1758 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों का भी लोकार्पण किया।
प्रधानमंत्री ने बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर जिलों में वृहद पेयजल परियोजनाओं के विभिन्न पैकेज, चम्बल-भरतपुर-धौलपुर परियोजना पैकेज 1ए के अंतर्गत विभिन्न कार्यों, सवाई माधोपुर जिले की 177 ग्राम पंचायतों एवं बौंली के लिए जलापूर्ति योजना, बाड़मेर लिफ्ट परियोजना द्वितीय चरण भाग-सी में 346 गांव के लिए जलापूर्ति परियोजना, दौसा जिले के लिए ईसरदा दौसा पेयजल परियोजना पैकेज 3बी, चूरू जिले में कर्मसाना फीडर वृहद पेयजल परियोजना, अजमेर जिले में वृहद पेयजल परियोजना अरांई-सिलोरा, भीलवाड़ा जिले में सुवाणा एवं रायपुर तहसील के गांवों में जलापूर्ति के लिए रेट्रोफिटिंग कार्य, अमृत 2.0 के तहत सीकर जिले के सात शहरों के लिए शहरी जल आपूर्ति योजनाओं के कार्य का भी शिलान्यास किया।
श्री मोदी ने भरतपुरवासियों को 128 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित 250 बेड के आरबीएम चिकित्सालय की सौगात दी। उन्होंने 140 करोड़ रुपए की लागत से जयपुर में निर्मित आईटी डवलपमेंट एंड ई-गर्वनेंस सेंटर का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने 226 करोड़ रुपए की लागत से मकराना शहर में सीवरेज लाइन, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, सीवरेज पम्पिंग स्टेशन और झुंझुनूं जिले के मंडावा में सीवरेज एवं जलप्रदाय परियोजना का लोकार्पण भी किया।

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सरकार ने 97 तेजस विमान खरीदने के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ अनुबंध किया https://demo.theshikshanews.com/sarakaar-ne-97-tejas-vimaan-khareedane-ke-lie-hindustaan-eyaronotiks-limited-ke-saath-anubandh-kiya/ https://demo.theshikshanews.com/sarakaar-ne-97-tejas-vimaan-khareedane-ke-lie-hindustaan-eyaronotiks-limited-ke-saath-anubandh-kiya/#respond Thu, 25 Sep 2025 15:16:37 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5167 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। रक्षा मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को भारतीय वायुसेना के वास्ते 97 तेजस लड़ाकू विमान खरीदने के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ 62,370 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) द्वारा इस बड़ी खरीद को हरी झंडी दिए जाने के लगभग एक महीने बाद अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए हैं। एयरोस्पेस क्षेत्र की इस सरकारी दिग्गज कंपनी के साथ किया गया यह दूसरा ऐसा अनुबंध है।
फरवरी 2021 में, रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायुसेना के लिए 83 तेजस एमके-1ए जेट विमानों की खरीद के लिए एचएएल के साथ 48,000 करोड़ रुपये का सौदा किया था।
मंत्रालय ने बताया कि भारतीय वायुसेना के लिए 62,370 करोड़ रुपये (करों को छोड़कर) की लागत से 97 तेजस हल्के लड़ाकू विमान ‘एमके-1ए’ और संबंधित उपकरणों की खातिर एचएएल के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए हैं। ‘स्वयं रक्षा कवच’ से लैस इन उन्नत जेट में 64 प्रतिशत से ज्यादा स्वदेशी सामग्री और 67 नए स्वदेशी उपकरण होंगे। मंत्रालय ने बताया कि इन विमानों की आपूर्ति 2027-28 में शुरू होगी।
एकल इंजन वाला एमके-1ए, भारतीय वायुसेना के मिग-21 लड़ाकू विमानों की जगह लेगा। भारतीय वायुसेना इन लड़ाकू विमानों को शामिल करना चाहती है क्योंकि उसके लड़ाकू स्क्वाड्रन की संख्या आधिकारिक तौर पर स्वीकृत 42 से घटकर 31 रह गई है। तेजस एक बहु-भूमिका वाला लड़ाकू विमान है जो उच्च-खतरे वाले हवाई वातावरण में परिचालन करने में सक्षम है।

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