Pmo India – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Thu, 04 Dec 2025 16:36:48 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg Pmo India – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 राष्ट्रपति पुतिन दो दिन की भारत यात्रा पर दिल्ली पहुंचे https://demo.theshikshanews.com/raashtrapati-putin-do-din-kee-bhaarat-yaatra-par-dillee-pahunche/ https://demo.theshikshanews.com/raashtrapati-putin-do-din-kee-bhaarat-yaatra-par-dillee-pahunche/#respond Thu, 04 Dec 2025 16:36:48 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5962 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिन की भारत यात्रा पर गुरुवार शाम यहां पहुंच गये। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी परंपरा से हटकर श्री पुतिन की अगवानी के लिए हवाई अड्डे पर मौजूद थे। उन्होंने गर्मजोशी के श्री पुतिन का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने पहले हाथ मिलाया और फिर गले मिले। हवाई अड्डे से दोनों नेता एक ही कार में प्रधानमंत्री आवास के लिए रवाना हुए। इस मौके पर हवाई अड्डे पर ही रूसी राष्ट्रपति के स्वागत के लिए नृत्य का आयोजन किया गया था।

PM meets the President of Russian Federation, Mr. Vladimir Putin at 7, Lok Kalyan Marg, in New Delhi on December 04, 2025.

दोनों नेताओं के बीच आज रात श्री मोदी द्वारा आयोजित रात्रि भोज पर क्षेत्रीय, द्विपक्षीय और वैश्विक महत्व के विभिन्न मुद्दों पर खुलकर बातचीत होने की संभावना है।
श्री पुतिन का शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया जायेगा। वहां से वह सीधे राजघाट जायेंगे और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
रूसी राष्ट्रपति की भारत यात्रा चार वर्ष के अंतराल पर हो रही है। मौजूदा वैश्विक भू-राजनैतिक परिदृश्य में यह यात्रा काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
श्री पुतिन शुक्रवार को 23वीं भारत रूस वार्षिक शिखर बैठक में श्री मोदी के साथ वार्ता करेंगे। बैठक में सुखोई-57 लड़ाकू विमानों के सौदे, एस-400 रक्षा प्रणाली, तेल खरीद समेत कई मुद्दों पर बातचीत होगी। दोनों नेता परस्पर हित के मुद्दों के साथ-साथ वैश्विक महत्व के मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा करेंगे। भारत रूस के साथ व्यापार घाटे को कम करने में उसकी प्रतिबद्धता चाहता है।
श्री पुतिन से पहले ही एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल यहां पहुंच चुका है जिसमें रूस के कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और शीर्ष कारोबारी शामिल हैं।
हैदराबाद हाउस में होने वाली शिखर बैठक के बाद श्री पुतिन और श्री मोदी संयुक्त प्रेस वक्तव्य भी देंगे।
बाद में श्री पुतिन एक बिजनेस कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इसमें दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के उपायों पर चर्चा होगी।
शाम को राष्ट्रपति मुर्मु श्री पुतिन के सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन करेंगी। रात्रि भोज के बाद शुक्रवार रात ही रूसी राष्ट्रपति स्वदेश रवाना हो जायेंगे।

PM meets the President of Russian Federation, Mr. Vladimir Putin at 7, Lok Kalyan Marg, in New Delhi on December 04, 2025.

अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत आयात शुल्क लगाये जाने की घोषणा के बाद उत्पन्न स्थिति और घटनाक्रमों के बीच श्री पुतिन की इस यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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एसआईआर के मुद्दे पर हंगामे के कारण लोकसभा में दूसरे दिन भी नहीं हुआ कामकाज https://demo.theshikshanews.com/esaeeaar-ke-mudde-par-hangaame-ke-kaaran-lokasabha-mein-doosare-din-bhee-nahin-hua-kaamakaaj/ https://demo.theshikshanews.com/esaeeaar-ke-mudde-par-hangaame-ke-kaaran-lokasabha-mein-doosare-din-bhee-nahin-hua-kaamakaaj/#respond Tue, 02 Dec 2025 15:06:09 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5919 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। लोकसभा में मंगलवार को मतदाता सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर चर्चा कराने की मांग पर विपक्ष के हंगामे के कारण कोई कामकाज नहीं हुआ और सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गयी।
दो बार स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने कहा कि सदन चर्चा के लिए है जो भी मुद्दा है उस पर चर्चा करायी जायेगी और आपको इसमें हिस्सा लेने के लिए मौका भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश की जनता सदन की कार्यवाही को देख रही है। आप जिम्मेदार विपक्ष है इसलिए अपने स्थान पर बैठें और सदन को चलाने में सहयोग करें। यह तरीका जनता पसंद नहीं करती है। आप लोग बार बार सुनियोजित तरीके से सदन को बाधित कर रहे हैं।
श्री सैकिया ने कहा कि एसआईआर के मुद्दे पर हंगामा किया जा रहा हैं जबकि बिहार में एसआईआर हुआ और आपने परिणाम देखा। बिहार की जनता ने एसआईआर का समर्थन किया है। पीठासीन अधिकारी के बार बार आग्रह करने के बावजूद विपक्षी सदस्यों का हंगामा नहीं रूका, जिसके कारण सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गयी।
इससे पहले एक बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही बारह बजे शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने एसआईआर के मुद्दे पर फिर शोरगुल शुरू कर दिया। पीठासीन पी सी मोहन ने हंगामे के दौरान ही जरूरी कागजात सदन के पटल पर रखवाये। इसी बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार चुनाव सुधारों समेत सभी मुद्दों पर नियमों के अनुसार चर्चा कराने के लिए तैयार है। वह विपक्षी दलों के नेताओं के संपर्क में हैं, उन्हें बातचीत के लिए बुलाया गया है। विपक्षी दलों के नेताओं से बातचीत करके इसका कोई रास्ता निकाला जायेगा इसलिए विपक्षी सदस्यों को अपने-अपने स्थान पर जाकर सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देने में सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्यों को ठंडे दिमाग से चर्चा में शामिल होना चाहिए। देश में अनेक मुद्दे हैं, उन पर चर्चा होनी चाहिए। वह किसी भी मुद्दे को छोटा या बड़ा नहीं मानते। सिर्फ एक मुद्दे के कारण सभी मुद्दों को छोड़ा नहीं जा सकता। सदन में कई छोटे-छोटे दलों के एक या दो सदस्य हैं, उनकी भी बात सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्यों को चुनावी हार की भड़ास यहां नहीं निकालनी चाहिए। चुनावों में हार-जीत होती रहती है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी चुनाव हारे थे लेकिन उन्होंने कभी इस तरह का व्यवहार नहीं किया। श्री रिजिजू ने कहा कि विपक्षी दलों के लगातार इस तरह का व्यवहार करने से वे जनता का विश्वास खो देंगे।
विपक्षी सदस्यों पर हालांकि श्री रिजिजू के आग्रह का कोई असर नहीं हुआ। इसके बाद श्री मोहन ने भी विपक्षी सदस्यों से अपने-अपने स्थानों पर जाकर शून्य काल की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देने का अनुरोध किया, लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्य नारे लगाते हुए हंगामा करते रहे। कई सदस्य सदन के बीचोबीच आकर भी शोरगुल कर रहे थे।
इस पर श्री मोहन ने सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी थी।
इससे पहले आज पूर्वाह्न 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही श्री बिरला ने विशेष दीर्घा में बैठे जार्जिया के प्रतिनिधिमंडल के बारे में सदन को अवगत कराया। श्री बिरला ने हंगामे के बीच ही प्रश्नकाल को चलाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि सदस्य जिस तरह का आचरण सदन में कर रहे हैं और सदन के बाहर संसद के लिए जिस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह देशहित के लिए ठीक नहीं है।

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ध्वजारोहण यज्ञ की पूर्णाहूति नहीं, बल्कि नए युग का शुभारंभ : योगी https://demo.theshikshanews.com/dhvajaarohan-yagy-kee-poornaahooti-nahin-balki-nae-yug-ka-shubhaarambh-yogee/ https://demo.theshikshanews.com/dhvajaarohan-yagy-kee-poornaahooti-nahin-balki-nae-yug-ka-shubhaarambh-yogee/#respond Tue, 25 Nov 2025 14:37:33 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5844 NCR TODAY. Khabariya. Ayodhya। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां मंगलवार को राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण समारोह के दौरान कहा कि ध्वजारोहण यज्ञ की पूर्णाहूति नहीं, बल्कि नए युग का शुभारंभ है। प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था, सम्मान एवं आत्मगौरव का प्रतीक है।श्री योगी ने अपनी बातों का आगाज सियावर रामचंद्र भगवान, माता जानकी, सरयू मैया की जय, भारत माता की जय और हर हर महादेव के उद्घोष के साथ किया। मुख्यमंत्री के साथ ही समूचा मंदिर परिसर जय-जयकार से गूंज उठा।
मुख्यमंत्री ने भव्य मंदिर के निर्माण में योगदान देने वाले कर्मयोगियों का भी अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि आज का पावन दिन उन पूज्य संतों, योद्धाओं, श्रीरामभक्तों की अखंड साधना-संघर्ष को समर्पित है, जिन्होंने आंदोलन व संघर्ष के लिए जीवन को समर्पित किया। विवाह पंचमी का दिव्य संयोग इस उत्सव को और भी पावन बना रहा है।
उन्होंने कहा कि ध्वजारोहण उस सत्य का उद्घोष है कि धर्म का प्रकाश अमर है और रामराज्य के मूल्य कालजयी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 में जब नेतृत्व संभाला था, उसी दिन कोटि-कोटि भारतवासियों के मन और हृदय में जिस संभावना, संकल्प व विश्वास का सूर्योदय हुआ, आज वही तपस्या, अनगिनत पीढ़ियों की प्रतीक्षा आपके कर कमलों के माध्यम से साकार होकर भव्य राम मंदिर के रूप में भारतवासियों एवं सनातन धर्मावलंबियों के समक्ष है।
श्री योगी ने कहा कि श्रीराम मंदिर पर फहराता केसरिया ध्वज धर्म, मर्यादा, सत्य-न्याय एवं राष्ट्रधर्म का भी प्रतीक है। यह विकसित भारत की संकल्पना का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता। सभी ने 11 वर्ष में बदलते भारत को देखा है। हम नए भारत का दर्शन कर रहे हैं, जहां विकास और विरासत का बेहतरीन समन्वय है। यह इसे नई ऊंचाई प्रदान कर रहा है।
उन्होंने कहा कि 80 करोड़ लोगों को राशन, 50 करोड़ लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा, हर जरूरतमंद को आवास, हर व्यक्ति बिना भेदभाव शासन की योजनाओं का लाभ पा रहा है तो यह रामराज्य की वह उद्घोषणा है, जिसका आधार विकसित भारत है। उन्होंने कहा कि 500 वर्षों में साम्राज्य बदले, पीढ़ियां बदलीं लेकिन आस्था अडिग रही। आस्था न झुकी, न रुकी। जन-जन का विश्वास अटल था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे संगठन के हाथों में कमान आई तो हर मुंह से एक ही उद्घोष निकलता था कि ‘रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। लाठी गोली खाएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे।’
श्री योगी ने कहा कि एक समय था, जब वैभवशाली अयोध्या संघर्ष, बदहाली का शिकार बन चुकी थी, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में अयोध्या उत्सवों की वैश्विक राजधानी बन रही है। यहां हर दिन पर्व है, हर दान प्रताप है और हर दिशा में रामराज्य की पुनर्स्थापना की दिव्य अनुभूति हो रही है।
उन्होंने कहा कि रामलला की पावन नगरी आस्था एवं आधुनिकता, आस्था एवं अर्थव्यवस्था के नए युग में प्रवेश कर चुकी है। यहां बेहतर कनेक्टिविटी है। धर्मपथ, रामपथ, भक्ति पथ, पंचकोसी और 14 कोसी के साथ 84 कोसी की परिक्रमा श्रद्धालुओं व भक्तों को नया मार्ग व आस्था को नया सम्मान प्रदान कर रही है। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट कनेक्टिविटी की बेहतर सुविधा उपलब्ध करा रही है।

 

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में अयोध्या धाम में आस्था, आधुनिकता, आस्था और अर्थव्यवस्था का नया केंद्र दिख रहा है। देश की पहली सोलर सिटी-सस्टेनबल स्मार्ट रूप में नई अयोध्या का दर्शन हो रहा है। आज का दिन हर भारतवासी, सनातन धर्मावलंबी के लिए आत्मगौरव-राष्ट्रगौरव का दिन है।

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पश्चिम बंगाल की जीत का दावा भाजपा कितनी मजबूत https://demo.theshikshanews.com/pashchim-bangaal-kee-jeet-ka-daava-bhaajapa-kitanee-majaboot/ https://demo.theshikshanews.com/pashchim-bangaal-kee-jeet-ka-daava-bhaajapa-kitanee-majaboot/#respond Tue, 18 Nov 2025 07:05:36 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5802 पश्चिम बंगाल में अभी चुनाव होने में एक साल है ,लेकिन जिस तरह से बिहार चुनाव के रिजल्ट के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में पश्चिम बंगाल का नाम क्या लिया अब चर्चा पश्चिमी बंगाल की छिड़ गई है सबसे बड़ा सवाल यही है , भाजपा इसके लिए कितना तैयार है, भजपा के लिए बिहार विजय का समीकरण पश्चिम बंगाल के राजनीतिक समीकरण से कितना मेल खाता है।

विजय मिश्र

बिहार विधानसभा चुनाव के बाद कई राज्यों में चुनाव होने हैं । उन राज्यों के लिए बीजेपी ने अपने राजनीतिक आधार के मजबूत होने का दावा करना शुरू कर दिया है. बिहार चुनाव के बाद प्रधानमंत्री का इशारा मिलते ही भारतीय जनता पार्टी के नेता अब पश्चिम बंगाल जीतने का दावा कर रहे हैं. बिहार में जिस तरह के चुनाव परिणाम आए हैं वह भारतीय जनता पार्टी के लिए नई रणनीति का नया स्वरूप जरूर खड़ा कर रहे हैं. यही वजह है कि भारतीय जनता पार्टी 2026 के मार्च अप्रैल महीने में होने वाले पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर अभी से जीत का दावा करना शुरू कर चुकी है।
लंबे समय से इंतजार कर रही भाजपा का इस बार बिहार विजय चुनाव ने कई नए राजनीतिक समीकरण गढ़ दिए अब तक राजनीतिक समीक्षक इस बात को मानते रहे थे कि देश में जो शहरी विधानसभा सीटे हैं उनको बीजेपी आसानी से जीत लेती है. लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी बीजेपी की उतनी मजबूत पकड़ नहीं है. 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड ने गठबंधन के नए आधार को खड़ा कर दिया. बिहार में जिस वोट बैंक पर परंपरागत वोट बैंक की बात होती थी वो दावा भी टूट गया।
उदाहरण के तौर पर देखे तो इस बार बिहार कब शहरी क्षेत्र के तीस में 29 सीट जीती , सेमी अर्बन में 12 सीट में 8 सीट पर जीत हासिल हुई, वही 201 ग्रामीण सीट में 167 सीट एनडीए के खाते में गई। कुल 243 में 202 सीट एनडीए के खाते में रही । और सबसे खास बात यह जेडीयू के साथ रहने के कारण उन सीट पर भी जीत मिली जिसमे जातीय समीकरण में मुस्लिम वोटर थे , आंकड़ो की बात करे तो पसमांदा समाज के करीब 5 प्रतिशत वोट भी इस बार एनडीए के खाते में रहा तो वही सामान्य मुसलमान के भी 5 प्रतिशत से ज्यादा वोट एनडीए खिंचने में सफल रही जिसका श्रेय नीतीश का साथ रहना बताया गया। अब बात करते है पश्चिम बंगाल का बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच चल रही चुनावी लड़ाई ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को एक चुनावी जंग में तब्दील कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी में से किसका पलड़ा भारी यह तो 2026 के चुनाव ही बताएंगे लेकिन जो चुनावी समीकरण इससे पहले रहे उसकी बात करते है।
बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच चल रही चुनावी लड़ाई ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को एक चुनावी जंग में तब्दील कर दिया है। एक तरफ़ जहाँ बीजेपी की तरफ़ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की अगुवाई में बीजेपी अपनी पूरी ताक़त झोंकने की बात कह रही है तो , वहीं दूसरी ओर टीएमसी की सबसे जुझारू नेता ममता बनर्जी ने अपनी रणनीति के सहारे अपनी सत्ता बरकरार रखने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं।
अब सवाल है क्या बंग की जंग में बीजेपी टीएमसी के क़िले में सेंध लगा पाएगी या सिर्फ़ हवा बनाने की कोशिश कर रही है और क्या अंत में तृणमूल कांग्रेस की ही बड़ी जीत होने वाली है?
कई ऐसे पहलू हैं जिससे ऐसा लगता है कि बीजेपी के लिए बंगाल चुनाव उतना आसान नहीं होने जा रहा है। आइए, बारी-बारी से विश्लेषण करते हैं- पिछले चुनाव की बात करे तो भाजपा की ध्रुवीकरण की राजनीति यहाँ पर फेल हो गई थी आपको बता दे
पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने अपने चुनाव घोषणापत्र में सीएए लागू करने का वादा कर साफ़ कर दिया है कि वह राज्य में अपने एजेंडे पर पूरी तरह क़ायम है और उसमें कोई बदलाव नहीं आया है।
इस बार भी पार्टी के चुनाव प्रचारक भी अपने अभियान में इस पर जोर दे रहे हैं। पर बीजेपी का ब्रह्मास्त्र (ध्रुवीकरण) अब तक यहाँ पर ज़मीनी स्तर पर उतना कारगर होता नहीं दिख रहा है जितना बीजेपी के थिंक टैंक को उम्मीद है।
कुछ क्षेत्रों को छोड़ दें (मुर्शिदाबाद, मालदा, ब्रह्मपुर, हुगली) तो मुसलमान तबक़े का समर्थन ममता बनर्जी को एकतरफ़ा मिलता हुआ दिख रहा है। इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण नंदीग्राम है जहाँ ममता को मुसलमान तबक़े का मत एकतरफ़ा मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ़ हिंदू तबक़े में विभाजन साफ़ देखा जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि अभी भी स्थानीय बंगालियों में ममता के प्रति झुकाव बना हुआ है। वही दूसरा सबसे बड़ा कारण है विपक्षी दलों का ममता को सहयोग मिलना आपने देखा होगा।
कांग्रेस और लेफ्ट उसी क्षेत्रों में ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जहाँ उन्हें जीतने की उम्मीद सबसे ज़्यादा है। कांग्रेस नहीं चाहती है कि उसके कारण ममता के मतों में विभाजन हो, खासकर अल्पसंख्यक तबक़े का, और इसका सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि राहुल गांधी या कांग्रेस के किसी भी बड़े राष्ट्रीय नेताओं का बंगाल की तरफ रुख न करना। यह साफ दिख है कि कांग्रेस ने पिछले चुनाव में अधीर रंजन चौधरी, गनी खान चौधरी के सहारे मालदा, मुर्शिदाबाद ब्रह्मपुर और दिनाजपुर तक अपने आप को सीमित कर रखा है। जबकि हक़ीक़त यह है कि कांग्रेस अभी भी बंगाल में मुख्य विपक्षी पार्टी है जिनके 44 विधायक हैं।
वही भाजपा की बात करे तो ज्यादातर चुनाव में वह बगैर कप्तान के ही चुनाव में उतरती है , फिर वह चाहे मध्यप्रदेश हो या फिर राजस्थान जहाँ उन्हें भारी सफलता भी मिली लेकिन वही बात पश्चिम बंगाल में खतरा बन जाता है , यहाँ पर बीजेपी के लिए मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित न करना सबसे बड़ा नकारात्मक फ़ैक्टर साबित हो जाता है।
यदि बीजेपी के पास ममता के मुक़ाबले कोई लोकप्रिय चेहरा होता तो मुक़ाबला और दिलचस्प होने की संभावना रहती । बंगाल के लोगों के मानस में यह बात है कि ममता नहीं तो कौन? यह कौन ही भाजपा के लिए मुश्किल खड़ा करता है।
बंगाल की बात करे तो यहाँ पर बीजेपी का अंतरकलह किसी से छिपा हो ,बंगाल बीजेपी की अंदरूनी कलह पार्टी के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द साबित होता दिख रहा है। पिछली बार पार्टी ने टीएमसी से आए क़रीब 150 नेताओं को इ टिकट दिया है जिससे पुराने कार्यकर्ताओं में रोष कायम रहा जो साफ तौर पर देखने को मिला।
वही अन्य राज्यो के मुकाबले यहाँ पर भाजपा का संगठन उतना मजबूत नही है , उत्तरी बंगाल की तुलना में बीजेपी दक्षिण बंगाल में अभी भी संगठनात्मक रूप से बहुत कमजोर है। 2019 लोकसभा चुनाव के परिणाम को भी देखेंगे तो दक्षिण बंगाल में बीजेपी का प्रदर्शन उतना बेहतर नहीं था जितना उत्तर बंगाल में। क़रीब 60 से 65 फ़ीसदी विधानसभा क्षेत्र दक्षिण बंगाल से आते हैं और वहाँ टीएमसी अभी भी अपनी पैठ बनाए हुए है। यदि बीजेपी दक्षिण के क़िले को फतह कर पाती है तो फिर परिणाम बीजेपी के पक्ष में हो सकते हैं।
देखा जाय तो बिहार चुनाव के बाद भाजपा ने पश्चिम बंगाल के लिए अपनी चुनावी बिगुल फूंक दी है , लेकिन यहाँ जीत हासिल करना उतना सरल नही है ,क्योकि जो जातीय समीकरण अन्य राज्यो में है वह पश्चिम बंगाल में नही है वही बाहर से आये नेता और संगठन का पूरी तरह से प्रदेश में स्थापित न हो पाना इससे भी भाजपा को पार पाना होगा हालांकि अगर बंगाल के समीकरण में भाजपा के पक्ष की बात करे तो S I R लागू होना जरूर वोट के समिकरण को बदलेगा।

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हरियाणा में 25 लाख वोटों की गड़बडी से बनायी गयी अवैध सरकार : राहुल https://demo.theshikshanews.com/hariyaana-mein-25-laakh-voton-kee-gadabadee-se-banaayee-gayee-avaidh-sarakaar-raahul/ https://demo.theshikshanews.com/hariyaana-mein-25-laakh-voton-kee-gadabadee-se-banaayee-gayee-avaidh-sarakaar-raahul/#respond Thu, 06 Nov 2025 03:52:36 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5663 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi।  कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि देश में किसी विशेष निर्वाचन क्षेत्र नहीं, राज्य स्तर पर नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर वोटों की हेराफेरी हो रही है। इसी क्रम में हरियाणा विधानसभा चुनाव में 25 लाख वोटों में गड़बड़ी की गयी है।
श्री गांधी ने बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वह जिस प्रमाण के साथ वोट चोरी का विवरण दे रहे हैं उससे साफ होता है कि हरियाणा में चुनाव नहीं हुए, बल्कि 100 फीसदी प्रमाणों से साबित होता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा तथा चुनाव आयोग ने मिलकर लोकतंत्र को ध्वस्त किया है। हरियाणा में वोटों की चोरी कर वहां भाजपा की सरकार बनाई है।
उनका कहना था कि वोट चोरी का यह काम बहुत गहरी साजिश और रणनीति के तहत किया गया है। इसके पुख्ता प्रमाण हैं कि पूरे राज्य में कैसे वोटों को चुराया गया है। उम्मीदवारों से हरियाणा में बहुत सारी शिकायतें उन्हें मिलती रहीं हैं और कई उम्मीदवारों ने अनियमितताओं की सूचना भी उस समय दी थी। इसी तरह से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मतदान हुआ है। इन सब राज्यों में भाजपा ने व्यवस्थित तरीके से वोट चोरी का काम करवा कर मतदान कराया है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जिस तरह के प्रमाण कांग्रेस ने फर्जी वोटरों को लेकर जुटाए हैं उससे साफ हो गया है कि हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश आदि राज्यों में मुख्यमंत्री लोकतांत्रिक तरीके से नहीं बने हैं। वोट चोरी करके उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी दी गई है। इन सब राज्यों में कांग्रेस की भारी जीत को हार में बदलने की योजना एक सोची समझी रणनीति के तहत बनी थी।
उन्होंने कहा “आश्चर्य की बात है कि एग्जिट पोल में हरियाणा में कांग्रेस की जीत की बात हो रही थी। एग्जिट पोल काफी सटीक होते हैं। हरियाणा के चुनावी इतिहास में पहली बार, डाक मत वास्तविक मतदान से भिन्न थे और राज्य के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। हमने सोचा कि चलो विवरण में चलते हैं। जब मैंने पहली बार यह विवरण देखा तो मुझे इस पर विश्वास नहीं हो रहा था और मैं सदमे में था इसलिए मैंने विवरण तैयार कर रही अपनी टीम से कई बार क्रॉस-चेक करने के लिए कहा।”
श्री गांधी ने हरियाणा में एक महिला का जिक्र किया और दावा किया कि यह महिला ब्राजील की है और वह एक मॉडल है जिसका नाम हरियाणा की मतदाता सूची में है। उसके नाम से बनाये गये फर्जी वोटर कार्ड पर दस बूथों पर 22 बार वोट डाले गये हैं। इसका मतलब है कि यह काम केंद्रीय स्तर पर हो रहा है इसलिए ब्राजील की महिला के नाम पर एक नहीं बल्कि 22 बार वोट डाले गये हैं। इस तरह हरियाणा में 25 लाख फर्जी वोट डाले गये।

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पीएम मोदी ने सीजेआई पर हमले की कोशिश की निंदा की, गवई के संयम को सराहा https://demo.theshikshanews.com/peeem-modee-ne-seejeaee-par-hamale-kee-koshish-kee-ninda-kee-gavee-ke-sanyam-ko-saraaha/ https://demo.theshikshanews.com/peeem-modee-ne-seejeaee-par-hamale-kee-koshish-kee-ninda-kee-gavee-ke-sanyam-ko-saraaha/#respond Wed, 08 Oct 2025 04:26:32 +0000 https://www.khabariya.com/?p=5271 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। बीते रोज सीजेआई जस्टिस बीआर गवई के सामने जूता उछाने की घटना की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा है कि इस तरह के कृत्यों की हमारे समाज में कोई जगह नहीं है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने सीजेआई के धैर्य और संयम की सराहना की है। प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने सीजेआई गवई से बात की है और स्पष्ट कहा है कि हमारे समाज में ऐसे निंदनीय कृत्यों के लिए कोई जगह नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, आज सुप्रीम कोर्ट परिसर में उन पर (सीजेआई गवई पर) हुए हमले से हर भारतीय नाराज़ है। हमारे समाज में ऐसे निंदनीय कृत्यों के लिए कोई जगह नहीं है। यह पूरी तरह से निंदनीय है। प्रधानमंत्री मोदी ने संकट की इस घड़ी में जस्टिस गवई द्वारा दिखाए गए संयम और धैर्य की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, मैंने न्यायमूर्ति गवई द्वारा ऐसी स्थिति का सामना करते हुए प्रदर्शित की गई शांति और संयम की सराहना की। यह न्याय के मूल्यों और हमारे संविधान की भावना को मजबूत करने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बता दें यह घटना तब हुई जब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक 71 वर्षीय वकील ने अचानक सीजेआई गवई पर जूता फेंक दिया, जिससे कोर्ट रूम में अफरा-तफरी मच गई। वकील को तुरंत हिरासत में ले लिया गया। कोर्ट रूम से बाहर ले जाते समय उसने चिल्लाकर कहा, भारत सनातन धर्म के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगा। यह घटना सीजेआई की उस टिप्पणी के कुछ ही हफ्तों बाद हुई है, जिसमें उन्होंने मध्य प्रदेश में क्षतिग्रस्त विष्णु प्रतिमा की बहाली से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कथित तौर पर विवादास्पद टिप्पणी की थी कि जाओ और स्वयं देवता से पूछो।

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देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया दशहरा पर्व https://demo.theshikshanews.com/desh-mein-harshollaas-ke-saath-manaaya-gaya-dashahara-parv/ https://demo.theshikshanews.com/desh-mein-harshollaas-ke-saath-manaaya-gaya-dashahara-parv/#respond Fri, 03 Oct 2025 04:27:10 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5223 NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. New Delhi। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व गुरुवार को देश भर में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर अनेक स्थानों पर बुराई के प्रतीक रावण के पुतले जलाये गये। इसके साथ ही मेघनाद और कुम्भकरण के पुतलों का भी दहन किया गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राजधानी में लाल किले के पास स्थित परेड ग्राउंड पर आयोजित दशहरा समारोह में शामिल हुईं। उन्होंने वहां प्रतीकात्मक रूप से तीर चलाकर रावण दहन किया। श्रीमती मुर्मु ने इस अवसर लोगों को विजयादशमी की बधाई दी। उन्होंने इस पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बताया और कहा कि पहलगाम हमले के बाद हुआ ऑपरेशन सिंदूर भी इसी तरह बुराई पर अच्छाई की जीत है। उन्होंने कहा, “हम हर साल रावण जलाते हैं लेकिन हर साल रावण फिर जीवित हो जाता है। हमें अपने भीतर के रावण को दोबारा आने से रोकना होगा।”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यहां आई पी एक्सटेन्शन में आयोजित दशहरा समारोह में शामिल होने का कार्यक्रम था लेकिन संभवत: भारी बारिश के कारण उनका कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक दशहरा समारोह में शामिल होना था लेकिन उन्हें भी अपना कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में रामलीला ग्राउंड पर आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में सम्मिलित हुये। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में विजयदशमी के विशिष्ट पूजन के क्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को मंदिर की गोशाला में गोपूजन किया।
गोमाता के माथे पर तिलक लगाकर उनका आशीर्वाद लिया। पूजनोपरांत मुख्यमंत्री ने गोमाता को प्रेम और श्रद्धाभाव से गुड़, पूड़ी और चावल का लड्डू खिलाकर उनकी सेवा की।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के परेड ग्राउंड पर रावण दहन कार्यक्रम में शिरकत की। तेलंगाना में गुरुवार को विभिन्न स्थानों पर दशहरा उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया।तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विजयादशमी के अवसर पर राज्य के लोगों को शुभकामनायें दी हैं।महिलाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवी दुर्गा के मंदिरों में उमड़े और इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना की। यह नवरात्र के समापन और राक्षस महिषासुर पर देवी दुर्गा की विजय का भी प्रतीक है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी सहित कई प्रमुख नेताओं ने जुबली हिल्स स्थित अपने आवास पर आयोजित आयुध पूजा कार्यक्रम में भाग लिया।
इस दिन शमी पूजा, आयुध पूजा और वाहन पूजा जैसे अनुष्ठान किये गये। लोगों ने एक-दूसरे को शमी के पत्ते दिये, एक-दूसरे को बधाई दी और त्योहार की शुभकामनायें दीं। कई स्थानों पर रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया।शाम को राजधानी में हुई बारिश से दशहरा से जुड़े कार्यक्रमों में कुछ बाधा पड़ी, लेकिन रावण दहन कार्यक्रम संपन्न किये गये। बिहार की राजधानी पटना में भी बारिश की वजह से दशहरे पर होने वाले कार्यक्रमों में खलल पड़ी।

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संघ ने देश के सामने आने वाली हर चुनौतियों का डटकर सामना किया : मोदी https://demo.theshikshanews.com/sangh-ne-desh-ke-saamane-aane-vaalee-har-chunautiyon-ka-datakar-saamana-kiya-modee/ https://demo.theshikshanews.com/sangh-ne-desh-ke-saamane-aane-vaalee-har-chunautiyon-ka-datakar-saamana-kiya-modee/#respond Wed, 01 Oct 2025 15:00:58 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5212 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। नरेन्द्र मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपनी प्राथमिकताओं को राष्ट्र की प्राथमिकताओं के साथ संरेखित करते हुए हर युग में देश के सामने आने वाली बड़ी चुनौतियों का डटकर सामना किया है।
श्री मोदी ने बुधवार को यहां आरएसएस के शताब्दी समारोह में कहा कि गुरुवार को विजयादशमी का महापर्व है जो भारतीय संस्कृति के शाश्वत उद्घोष का प्रतीक है। ऐसे ही पावन अवसर पर शताब्दी वर्ष पूर्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना कोई संयोग नहीं है। उन्होंने कहा कि यह हजारों वर्षों से चली आ रही एक प्राचीन परंपरा का पुनरुद्धार है जिसमें राष्ट्रीय चेतना प्रत्येक युग की चुनौतियों का सामना करने के लिए नए रूपों में प्रकट होती है। उन्होंने इस उपलक्ष्य में एक विशेष डाक टिकट और स्मारक सिक्का जारी किया है। 100 रुपये के इस सिक्के पर एक ओर राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न और दूसरी ओर स्वयंसेवकों द्वारा सलामी दिए जा रहे सिंह के साथ वरद मुद्रा में भारत माता की भव्य छवि अंकित है। श्री मोदी ने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में संभवतः यह पहली बार है जब भारत माता की छवि भारतीय मुद्रा पर दिखाई दी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि 1963 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने देशभक्ति की धुनों पर ताल से ताल मिलाते हुए बड़े गर्व के साथ परेड में भाग लिया था। उन्होंने कहा कि यह डाक टिकट उस ऐतिहासिक क्षण की स्मृति को समेटे हुए है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार महान नदियाँ अपने तटों पर मानव सभ्यताओं का पोषण करती है उसी प्रकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी असंख्य जीवन को पोषित और समृद्ध किया है। एक नदी जो अपने माध्यम से बहने वाली भूमि, गाँवों और क्षेत्रों को आशीर्वाद देती है इसी प्रकार संघ ने भारतीय समाज के हर क्षेत्र और राष्ट्र के हर क्षेत्र को छुआ है। श्री मोदी ने कहा कि संघ के अनेक धाराओं में विस्तार के बावजूद उनमें कभी विभाजन नहीं हुआ।
श्री मोदी ने कहा, “अपनी स्थापना के समय से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने एक महान उद्देश्य – राष्ट्र निर्माण – को अपनाया है।” उन्होंने कहा कि संघ अपनी स्थापना के समय से ही देशभक्ति और सेवा का पर्याय रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि विभाजन के कष्टदायक दौर में जब लाखों परिवार विस्थापित हुए थे, स्वयंसेवक सीमित संसाधनों के बावजूद शरणार्थियों की सेवा में सबसे आगे खड़े रहे। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह केवल राहत कार्य नहीं था, बल्कि राष्ट्र की आत्मा को मज़बूत करने का कार्य था।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में भी पंजाब में बाढ़, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आई आपदाओं और केरल के वायनाड में हुई त्रासदी जैसी आपदाओं में स्वयंसेवक सबसे पहले राहत पहुंचाने वालों में से हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान पूरी दुनिया ने संघ के साहस और सेवा भावना को प्रत्यक्ष रूप से देखा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जाति-आधारित भेदभाव जैसी गहरी जड़ें जमाए बैठी सामाजिक बुराइयाँ लंबे समय से हिंदू समाज के लिए एक गंभीर चुनौती रही हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार से लेकर आज तक संघ के प्रत्येक सरसंघचालक ने भेदभाव और छुआछूत के विरुद्ध लड़ाई लड़ी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरसंघचालक मोहन भागवत ने समाज के सामने सामाजिक समरसता का एक स्पष्ट लक्ष्य रखा है जिसमें “एक कुआँ, एक मंदिर और एक श्मशान” की बात कही गयी है। उन्होंने कहा कि संघ ने इस संदेश को देश के कोने-कोने तक पहुँचाया है और भेदभाव, विभाजन और कलह से मुक्त समाज का निर्माण किया है। उन्होंने कहा कि यही समरसता और समावेशी समाज के संकल्प का आधार है, जिसे संघ नए जोश के साथ मज़बूत करता रहता है।
श्री मोदी ने कहा कि एक सदी पहले जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई थी, उस समय की जरूरतें और संघर्ष अलग थे। भारत सदियों पुरानी राजनीतिक पराधीनता से मुक्ति पाने और अपने सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रयासरत था। उन्होंने कहा कि आज जब भारत एक विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है तो चुनौतियाँ भी बदल गई हैं। आबादी का एक बड़ा हिस्सा गरीबी से उबर रहा है, नए क्षेत्र युवाओं के लिए अवसर पैदा कर रहे हैं और भारत कूटनीति से लेकर जलवायु नीतियों तक वैश्विक स्तर पर अपनी आवाज बुलंद कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज की चुनौतियों में दूसरे देशों पर आर्थिक निर्भरता, राष्ट्रीय एकता को तोड़ने की साजिशें और जनसांख्यिकीय बदलाव शामिल हैं। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि सरकार इन मुद्दों का शीघ्रता से समाधान कर रही है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि आत्मनिर्भरता अब एक विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता है। प्रधानमंत्री ने समाज से स्वदेशी के मंत्र को सामूहिक संकल्प के रूप में अपनाने का आह्वान किया और सभी से “वोकल फ़ॉर लोकल” अभियान को सफल बनाने के लिए अपनी पूरी ऊर्जा समर्पित करने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने कहा, “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पांच परिवर्तनकारी संकल्प – आत्म-जागरूकता, सामाजिक सद्भाव, पारिवारिक प्रबोधन, नागरिक अनुशासन और पर्यावरण चेतना – महत्वपूर्ण साधन हैं जो राष्ट्र की शक्ति को बढ़ाएंगे, भारत को विविध चुनौतियों का सामना करने में मदद करेंगे और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए आधारभूत स्तंभ के रूप में काम करेंगे।”
इस कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
श्री शेखावत ने कहा कि संघ केवल एक संगठन नहीं राष्ट्र निर्माण की प्रखर पाठशाला है। इसने देश को नई ऊर्जा देने का कम किया। संघ लगातार सौ वर्षों से काम करता रहा आज यह विश्व का सबसे बड़ा संगठन बना है। दृढ़ भावना के साथ समाज में एकता बनाने के रूप में इसकी पहचान बनी।
श्री होसबोले ने नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संस्कृति मंत्रालय ने इस कार्यक्रम के बारे में सोचा इसके लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूँ। कल संघ के विजय यात्रा में एक विशेष विजय दशमी है। संघ ने सौ विजयादशमी देखी हैं। प्रधानमंत्री ने आरएसएस की शताब्दी वर्ष के विशेष अवसर पर डाक टिकट जारी किया है जो स्वयस्वेकों और सभी के लिए हर्ष का अवसर है। संघ आज बहुत विशाल हुआ है और देश के कोने कोने में फैला हुआ है। देश के किसी भी ट्रेन में जाएँगे तो कोई न कोई स्वयंसेवक मिल जाएगा।
उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष पूर्व समाज को संगठित करने के उद्देश्य से यह संगठन बनाया गया तब कहा गया था कि सदियों से समाज जागरण और धर्म रक्षा करने का जो काम किया है उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का काम किया है। संघ की यात्रा रोचक है। उदासीनता और विरोध के मार्ग पर चलते हुए आज स्वीकारता पर पहुँचा है। संघ का विचार यहाँ की मिट्टी का विचार है।
श्री होसबोले ने कहा कि संघ के स्वंयसेवक जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सक्रिय होकर काम कर रहे है। संघ का उद्देश्य व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण करना है। संघ राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रहरी है।

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जीएलए के विधि छात्र रौनक का राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्णिम कीर्तिमान https://demo.theshikshanews.com/jeeele-ke-vidhi-chhaatr-raunak-ka-raashtreey-star-par-svarnim-keertimaan/ https://demo.theshikshanews.com/jeeele-ke-vidhi-chhaatr-raunak-ka-raashtreey-star-par-svarnim-keertimaan/#respond Wed, 01 Oct 2025 05:32:41 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5207 जीएलए के विधि छात्र रौनक उपमन्यु ने 251 प्रथम पुरस्कार जीतकर ब्रज का नाम देशभर में किया रोशन
NCR TODAY. Khabariya. Mathura। जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के विधि संकाय के अंतिम वर्ष के प्रतिभाशाली छात्र रौनक उपमन्यु ने राष्ट्रीय स्तर पर जीएलए की उत्कृष्ट की शिक्षा की छाप छोड़ी है। रौनक ने अब तक देशभर के प्रतिष्ठित आईआईटी, आईआईएम और विश्वविद्यालयों में आयोजित 279 बहस (डिबेट) प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है, जिनमें से 251 में प्रथम पुरस्कार जीतकर वे देश के पहले ऐसे छात्र डिबेटर बन गए हैं, जिन्होंने इतनी बड़ी संख्या में प्रथम स्थान प्राप्त कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि न केवल जीएलए विश्वविद्यालय बल्कि संपूर्ण ब्रज क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
गत दिवस दिल्ली आईआईटी में आयोजित संविधान सभा की बैठक में भी जीएलए के रौनक ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर अपनी स्वर्णिम उपलब्धियों की श्रृंखला को और समृद्ध किया। इस वर्ष रौनक ने कुल 43 प्रतियोगिताओं में भाग लिया और सभी में प्रथम पुरस्कार जीतकर यह साबित किया कि कठिन परिश्रम और वक्तृत्व कौशल का संगम हमेशा सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।
इस साल रौनक ने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में आयोजित एक प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिसमें उन्हें केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा शील्ड देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त इंदौर इंस्टिट्यूट ऑफ लॉ में प्रथम पुरस्कार, आईआईटी दिल्ली में प्रथम पुरस्कार, तथा इंडियन नेशनल कांग्रेस द्वारा आयोजित युवा संसद प्रतियोगिता में भी उन्होंने अव्वल स्थान हासिल किया, जहां उन्हें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला और सांसद राजीव शुक्ला द्वारा सम्मानित किया गया।
पिछले 25 दिनों के भीतर ही रौनक ने आठ प्रथम पुरस्कार जीतकर अपनी प्रतिभा का लौह मनवाया है। इन प्रतियोगिताओं में आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज, श्री वेंकटेश्वर कॉलेज, देहरादून प्रौद्योगिकी संस्थान, श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज और हिंदू कॉलेज प्रमुख रहे, जिनमें से हिंदू कॉलेज में उन्हें केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने स्वयं पुरस्कृत किया।
रौनक की इस असाधारण उपलब्धि पर जीएलए विश्वविद्यालय परिवार भी गर्व महसूस कर रहा है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने बधाई देते हुए कहा कि रौनक उपमन्यु ने अपने कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास और अद्भुत वक्तृत्व कौशल से न केवल जीएलए विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है, बल्कि ब्रजभूमि को भी राष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाई है। जीएलए की उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और समर्पित शिक्षकों के मार्गदर्शन ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर दिया है और रौनक की उपलब्धि उसी का परिणाम है। इतनी बड़ी संख्या में प्रथम पुरस्कार जीतना न केवल रिकॉर्ड है, बल्कि आने वाली युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।
वहीं विधि संकाय के डीन प्रो. सोमेश धमीजा ने कहा जीएलए के रौनक उपमन्यु ने डिबेटिंग के क्षेत्र में जो सफलता हासिल की है, वह विधि शिक्षा और युवा संसद की परंपरा के लिए एक स्वर्णिम अध्याय है। जीएलए विश्वविद्यालय का शैक्षणिक वातावरण, अनुसंधान-आधारित शिक्षा पद्धति और व्यवहारिक प्रशिक्षण ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में मदद की है। उनकी निरंतर सफलता यह सिद्ध करती है कि यदि विद्यार्थी समर्पण, मेहनत और सही दिशा में प्रयास करें तो वे किसी भी मुकाम तक पहुंच सकते हैं। रौनक का यह रिकॉर्ड पूरे छात्र समुदाय के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण है। रौनक उपमन्यु एन यू जे आई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं ब्रज प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. कमलकांत उपमन्यु एडवोकेट के सुपुत्र हैं।

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मोदी दिल्ली में आज करेंगे 11 हजार करोड़ की दो राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन https://demo.theshikshanews.com/modee-dillee-mein-aaj-karenge-11-hajaar-karod-kee-do-raajamaarg-pariyojanaon-ka-udghaatan/ https://demo.theshikshanews.com/modee-dillee-mein-aaj-karenge-11-hajaar-karod-kee-do-raajamaarg-pariyojanaon-ka-udghaatan/#respond Sun, 17 Aug 2025 05:08:55 +0000 http://www.khabariya.com/?p=4785 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को यहां रोहिणी क्षेत्र में लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने शनिवार को यहां बताया कि ये परियोजनाएँ – द्वारका एक्सप्रेसवे का दिल्ली खंड और शहरी विस्तार सड़क- दो (यूईआर-दो) राजधानी को भीड़भाड़ से मुक्त करने की सरकार की व्यापक योजना के तहत विकसित की गई हैं। इनका उद्देश्य कनेक्टिविटी में व्यापक सुधार, यात्रा समय में कटौती और दिल्ली तथा उसके आसपास के क्षेत्रों में यातायात को कम करना है। यह पहल प्रधानमंत्री के विश्वस्तरीय बुनियादी ढाँचे के निर्माण के दृष्टिकोण को दर्शाती हैं।
द्वारका एक्सप्रेसवे का 10.1 किलोमीटर लंबा दिल्ली खंड लगभग 5,360 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है। यह खंड यशोभूमि, डीएमआरसी ब्लू लाइन और ऑरेंज लाइन, आगामी बिजवासन रेलवे स्टेशन और द्वारका क्लस्टर बस डिपो को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी भी प्रदान करेगा। इस खंड में पैकेज- एक : शिव मूर्ति चौराहे से द्वारका सेक्टर-21 स्थित रोड अंडर ब्रिज तक 5.9 किमी। पैकेज -दो : द्वारका सेक्टर-21 से दिल्ली-हरियाणा सीमा तक 4.2 किमी, जो शहरी विस्तार मार्ग- दो से सीधा संपर्क प्रदान करता है। द्वारका एक्सप्रेसवे के 19 किमी लंबे हरियाणा खंड का उद्घाटन प्रधानमंत्री ने मार्च 2024 में किया था।
प्रधानमंत्री लगभग 5,580 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बहादुरगढ़ और सोनीपत के लिए नए संपर्क मार्गों के साथ-साथ शहरी विस्तार मार्ग-दो (यूईआर-दो) के अलीपुर से दिचाऊ कलां खंड का भी उद्घाटन करेंगे। इससे दिल्ली के आंतरिक और बाहरी रिंग रोड और मुकरबा चौक, धौला कुआं और एन एच नौ जैसे व्यस्त स्थानों पर यातायात सुगम होगा। नए पुल बहादुरगढ़ और सोनीपत तक सीधी पहुँच प्रदान करेंगे, औद्योगिक संपर्क में सुधार करेंगे, शहर के यातायात को कम करेंगे और एनसीआर में माल की आवाजाही में तेजी लाएंगे।

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आपरेशन सिंदूर भारतीयों के आक्रोश की अभिव्यक्ति : मोदी https://demo.theshikshanews.com/aapareshan-sindoor-bhaarateeyon-ke-aakrosh-kee-abhivyakti-modee/ https://demo.theshikshanews.com/aapareshan-sindoor-bhaarateeyon-ke-aakrosh-kee-abhivyakti-modee/#respond Fri, 15 Aug 2025 12:18:20 +0000 http://www.khabariya.com/?p=4754 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आपरेशन सिंदूर को सीमा पार से आतंकवाद के खिलाफ भारत की जनता के आक्रोश की अभिव्यक्ति बताते हुए कहा है कि भारतीय सेना की कार्रवाई में पाकिस्तान को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है और रोज नये नये खुलासे हो रहे हैं।
श्री मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस संबोधन में शुक्रवार को कहा ‘आपरेशन सिंदूर 140 करोड़ देशवासियों की आक्रोश की अभिव्यक्ति है।’
प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरे देश की सेना ने दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे सजा दी है जिसको वे लंबे समय तक नहीं भूलेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सेना ने पाकिस्तान में सैंकड़ों किलोमीटर घुसकर कार्रवाई की। आतंकवादियों के ठिकानों को मटियामेट कर दिया गया।
उन्होंने कहा, ‘मुझे गर्व है कि आज मुझे लाल किले की प्राचीर से आपरेशन सिंदूर के वीर जवानों को सैलूट करने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे सजा दी है।’
प्रधानमंत्री ने कहा ’22 अप्रैल को पहलगाम में सीमा पार से आतंकवादियों ने आकर जिस प्रकार का कत्लेआम किया, धर्म पूछकर लोगों को मारा, पत्नी के सामने उसके पति को गोलियां मार दी गईं, बच्चों के सामने उनके पिता मौत के घाट उतार दिया गया उससे पूरा हिन्दुस्तान आक्रोश से भरा हुआ था। पूरा विश्व भी इस प्रकार के नरसंहार से चौंक गया था।

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