pm – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Sat, 22 Nov 2025 05:51:23 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg pm – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 प्रधानमंत्री जोहान्सबर्ग पहुंचे, जी-20 लीडर्स समिट में लेंगे हिस्सा https://demo.theshikshanews.com/pradhaanamantree-johaansabarg-pahunche-jee-20-leedars-samit-mein-lenge-hissa/ https://demo.theshikshanews.com/pradhaanamantree-johaansabarg-pahunche-jee-20-leedars-samit-mein-lenge-hissa/#respond Sat, 22 Nov 2025 05:51:23 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5818 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय दक्षिण अफ्रीका दौरे के क्रम में शुक्रवार को जोहान्सबर्ग पहुंचे। यहां उनका गर्मजोशी के साथ भव्य स्वागत किया गया। वह दक्षिण अफ्रीका की ओर से आयोजित होने वाले ‘जी-20 लीडर्स’ समिट में हिस्सा लेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि जी-20 शिखर सम्मेलन से संबंधित कार्यक्रमों के लिए जोहान्सबर्ग पहुंच गया हूं। प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर विश्व नेताओं के साथ उपयोगी चर्चा की आशा है। हमारा ध्यान सहयोग को मजबूत करने, विकास प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और सभी के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने पर रहेगा।
‘जी-20 लीडर्स’ समिट का आयोजन जोहान्सबर्ग में होगा। यह विकासशील देशों में आयोजित होने वाला लगातार चौथा जी20 समिट होगा। समिट में प्रधानमंत्री मोदी ‘जी-20’ एजेंडा पर भारत का दृष्टिकोण पेश करेंगे। उनके समिट के तीनों सत्रों में संबोधित करने की उम्मीद है।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अपने एक संदेश में कहा, “मैं 21-23 नवंबर तक रिपब्लिक ऑफ साउथ अफ्रीका जा रहा हूं। मैं सिरिल रामफोसा (दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति) के बुलावे पर जोहान्सबर्ग में साउथ अफ्रीका की प्रेसीडेंसी में हो रहे 20वें ‘जी-20 लीडर्स’ समिट में शामिल होऊंगा।” उन्होंने कहा कि यह एक खास समिट होगा, क्योंकि यह अफ्रीका में होने वाला पहला जी-20 समिट होगा। 2023 में जी-20 की भारत की प्रेसीडेंसी के दौरान अफ्रीकन यूनियन जी-20 का मेंबर बना था। यह समिट दुनिया के खास मुद्दों पर बात करने का एक मौका होगा।
उन्होंने कहा, “मैं समिट में ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ और ‘एक धरती, एक परिवार और एक भविष्य’ के हमारे विजन के हिसाब से भारत का नजरिया पेश करूंगा। मैं पार्टनर देशों के लीडर्स के साथ बातचीत और समिट के दौरान होने वाले छठे ‘आईबीएसए समिट’ में हिस्सा लेने का इंतजार कर रहा हूं। इस विजिट के दौरान, मैं साउथ अफ्रीका में रहने वाले प्रवासी भारतीयों के साथ अपनी बातचीत का भी इंतजार कर रहा हूं।”
इस साल के जी-20 की थीम ‘एकजुटता, समानता और सस्टेनेबिलिटी’ है, जिसके जरिए साउथ अफ्रीका ने भारत और ब्राजील में हुए पिछले आयोजनों के नतीजों को आगे बढ़ाया है।

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किसान मंदी से घिरे, प्रधानमंत्री सच्चाई से भाग रहे हैं: कांग्रेस https://demo.theshikshanews.com/kisaan-mandee-se-ghire-pradhaanamantree-sachchaee-se-bhaag-rahe-hain-kaangres/ https://demo.theshikshanews.com/kisaan-mandee-se-ghire-pradhaanamantree-sachchaee-se-bhaag-rahe-hain-kaangres/#respond Thu, 23 Oct 2025 03:36:02 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5426 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके सहयोगी इस सच्चाई से भाग रहे हैं कि देश के किसान फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) नहीं मिलने से मंदी का सामना कर रहे हैं।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि एमएसपी की कानूनी गारंटी देश के किसानों के लिए जरूरी है। उनके मुताबिक मूंग, अरहर और कुछ अन्य फसलें तय एमएसपी से कम दाम पर खरीदी जा रही हैं।
⁠रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘प्रधानमंत्री और उनके सहयोगी अर्थव्यवस्था में तेजी का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि वे देशभर के किसानों के सामने खड़ी मंदी की सच्चाई से बस भाग रहे हैं।’
उन्होंने दावा किया कि मकई, सोयाबीन, मूंग, अरहर, कपास और बाजरा जैसी फसलों के बाज़ार भाव फिलहाल उनके न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी नीचे हैं। रमेश ने कहा, ‘इसी वजह से किसानों के संगठन एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग कर रहे हैं, जिसका देश के पूर्व उप राष्ट्रपति (जगदीप धनखड़) ने भी पुरज़ोर समर्थन किया था।’

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प्रधानमंत्री से मिले मिस्र के विदेश मंत्री, गाजा शांति समझौते में मिस्र की भूमिका की सराहना https://demo.theshikshanews.com/pradhaanamantree-se-mile-misr-ke-videsh-mantree-gaaja-shaanti-samajhaute-mein-misr-kee-bhoomika-kee-saraahana/ https://demo.theshikshanews.com/pradhaanamantree-se-mile-misr-ke-videsh-mantree-gaaja-shaanti-samajhaute-mein-misr-kee-bhoomika-kee-saraahana/#respond Fri, 17 Oct 2025 14:20:41 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5395 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। भारत यात्रा पर आये मिस्र के विदेश मंत्री डॉ. बद्र अब्देलती ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच बढ़ते सामरिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने गाजा क्षेत्र में शांति स्थापना के प्रयासों में मिस्र की अहम भूमिका की सराहना की और राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी के प्रति शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मिस्र ने जिस दूरदृष्टि और संतुलन के साथ मध्यपूर्व में शांति बहाली की दिशा में कार्य किया है, वह सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत करता है। उन्होंने इस आशा को व्यक्त किया कि मिस्र की मध्यस्थ भूमिका से गाजा क्षेत्र में स्थायी और टिकाऊ शांति स्थापित होगी, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता को भी बल मिलेगा।
विदेश मंत्री डॉ. अब्देलती ने प्रधानमंत्री को अपनी भारत यात्रा के दौरान आयोजित पहली भारत-मिस्र रणनीतिक वार्ता की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह वार्ता दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और विकासोन्मुख सहयोग को और प्रगाढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है।
श्री मोदी ने भारत और मिस्र के बीच बढ़ते व्यापार, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, रक्षा और जन-संपर्क क्षेत्रों में हो रही प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि दोनों देशों के बहुआयामी संबंध न केवल द्विपक्षीय हितों को सशक्त करेंगे, बल्कि वैश्विक स्तर पर दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए भी नई संभावनाएं खोलेंगे।
मुलाकात में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ, जिसमें वैश्विक दक्षिण देशों के हितों की रक्षा, आतंकवाद के विरुद्ध संयुक्त कार्रवाई और सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति जैसे विषय शामिल रहे। दोनों नेताओं ने एकमत से कहा कि भारत और मिस्र अपनी प्राचीन सभ्यताओं के साझा मूल्यों के आधार पर आधुनिक साझेदारी का विस्तार करेंगे।

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पूरण कुमार की मौत दलितों के सम्मान का मामला है, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री तुरंत कार्रवाई करें : राहुल https://demo.theshikshanews.com/pooran-kumaar-kee-maut-daliton-ke-sammaan-ka-maamala-hai-pradhaanamantree-mukhyamantree-turant-kaarravaee-karen-raahul/ https://demo.theshikshanews.com/pooran-kumaar-kee-maut-daliton-ke-sammaan-ka-maamala-hai-pradhaanamantree-mukhyamantree-turant-kaarravaee-karen-raahul/#respond Wed, 15 Oct 2025 05:17:48 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5342 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi/Chandigarh। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि हरियाणा के पुलिस अधिकारी वाई पूरण कुमार की मौत एक परिवार के सम्मान का मामला नहीं है, बल्कि यह सभी दलितों के सम्मान का मामला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मामले में तत्काल कार्रवाई करने को कहा और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को गिरफ्तार करने की मांग की।
पिछले हफ्ते चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर मृत पाए गए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के परिवार से मिलने के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि कुमार का मनोबल तोड़ने और उनके करियर को नुकसान पहुंचाने के लिए उनके साथ सुनियोजित भेदभाव किया जाता रहा। आईपीएस अधिकारी के शरीर पर गोली लगने के निशान थे।
उनकी यह टिप्पणी राज्य सरकार द्वारा सोमवार देर रात राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेजे जाने के कुछ घंटों बाद आई है। इससे पहले सरकार ने रोहतक के पूर्व पुलिस अधीक्षक (एसपी) नरेंद्र बिजारणिया का तबादला कर दिया था।
कुमार (52) ने कथित तौर पर आठ पन्नों का अंतिम नोट छोड़ा था जिसमें हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और अब स्थानांतरित रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया सहित आठ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों पर ‘‘जाति-आधारित भेदभाव, लक्षित मानसिक उत्पीड़न, सार्वजनिक अपमान और अत्याचार’’ का आरोप लगाया गया है।
गांधी सुबह कुमार की पत्नी एवं हरियाणा की वरिष्ठ नौकरशाह अमनीत पी. कुमार, उनकी दो बेटियों और परिवार के अन्य सदस्यों से मिलने चंडीगढ़ पहुंचे और अंतिम संस्कार पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष के नेता के तौर पर मेरा प्रधानमंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री को संदेश है कि आपने इन दोनों बेटियों से जो वादा किया है उसे पूरा करें और उनके पिता का अंतिम संस्कार होने दें और यह ‘तमाशा’ बंद करें।’’
परिवार ने अब तक पोस्टमार्टम की अनुमति नहीं दी है। उन्होंने कहा कि ‘‘… इस परिवार पर दबाव खत्म करें’’ नोट में जिन अधिकारियों का जिक्र है उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। गांधी ने कहा, ‘‘आप उन्हें गिरफ्तार करें।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या परिवार ने पोस्टमार्टम के लिए सहमति दी है, उन्होंने कहा कि परिवार एक सीधा-सा संदेश दे रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘और यह सही भी है। वे कह रहे हैं कि उन्हें सम्मान चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री ने स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच का अपना वादा पूरा नहीं किया है।
गांधी ने कहा, ‘‘एक दुखद घटना हुई है। वह एक सरकारी अधिकारी थे और मुख्यमंत्री ने परिवार को व्यक्तिगत रूप से आश्वासन दिया था कि स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होगी और मामले में कार्रवाई शुरू की जाएगी।’’

लगभग एक घंटे तक परिवार के साथ रहे पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह स्पष्ट है कि यह मामला 10 या 15 दिन का नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘कई साल से अधिकारी का मनोबल गिराने, उनके करियर और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए सुनियोजित भेदभाव किया जा रहा था।’’
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह केवल एक परिवार का मामला नहीं है, बल्कि हर दलित भाई-बहन के सम्मान का मामला है। गांधी ने कहा, ‘‘दलित भाइयों और बहनों को गलत संदेश दिया जा रहा है… कि आप चाहे कितने भी सफल क्यों न हो जाएं, अगर आप दलित हैं तो आपको दबाया और कुचला जा सकता है। यह हमें स्वीकार्य नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि कुमार का करियर खत्म करने की कोशिश की गई, जिसके कारण उन्होंने अपनी जान दे दी। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘उनके निधन के बाद उन्हें सम्मान दें। अगर आप सम्मान नहीं देंगे, तो यह हमें स्वीकार्य नहीं है।’’
कुमार 2001 बैच के अधिकारी थे। उन्हें अधिकारियों के अधिकारों, वरिष्ठता और अन्य मुद्दों से जुड़े मामलों में अपने हस्तक्षेप के लिए जाना जाता था। वह हाल में रोहतक के सुनारिया स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (पीटीसी) में महानिरीक्षक के पद पर तैनात हुए थे।
उनकी पत्नी हरियाणा सरकार के विदेश सहयोग विभाग की आयुक्त एवं सचिव हैं। सात अक्टूबर को कुमार अपने घर में मृत पाए गए थे और घटना के वक्त वह मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल के साथ जापान में थीं।
गांधी ने एक ‘‘झूठे मामले’’ का भी ज़िक्र किया। गांधी का संकेत रोहतक में एक शराब ठेकेदार द्वारा पुलिस कांस्टेबल के खिलाफ रिश्वतखोरी का मामला दर्ज कराने की ओर था, जिसमें ठेकेदार ने आरोप लगाया कि हेड कांस्टेबल सुशील कुमार ने पूरण कुमार के नाम पर 2.5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी (जब वह वहां तैनात थे)। सुशील कुमार को हाल में गिरफ्तार किया गया था।

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मंगोलिया के नागरिकों को निशुल्क ई-वीजा देगा भारत: पीएम https://demo.theshikshanews.com/mangoliya-ke-naagarikon-ko-nishulk-ee-veeja-dega-bhaarat-peeem/ https://demo.theshikshanews.com/mangoliya-ke-naagarikon-ko-nishulk-ee-veeja-dega-bhaarat-peeem/#respond Wed, 15 Oct 2025 05:07:45 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5338 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को मंगोलिया के विकास में मजबूत और विश्वसनीय साझेदार बताते हुए दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे होने के मौके पर मंगोलिया के नागरिकों के लिए निशुल्क ई-वीजा की घोषणा की है।
श्री मोदी ने भारत की यात्रा पर आए मंगोलिया के राष्ट्रपति हुरेलसुख उखना के साथ यहां द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त वक्तव्य में कहा कि भारत मंगोलिया के विकास में एक दृढ़ और विश्वसनीय साझेदार रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति हुरेलसुख की यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब भारत और मंगोलिया के बीच राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष और रणनीतिक भागीदारी के 10 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि छह वर्ष के बाद मंगोलिया के राष्ट्रपति का भारत आना अपने आप में एक बहुत विशेष अवसर है।
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा करते हुए कहा कि भारत मंगोलिया के नागरिकों को निःशुल्क ई-वीजा देगा और हर वर्ष मंगोलिया से युवा ‘कल्चरल एम्बेसडर्स’ की भारत यात्रा की भी व्यवस्था करेगा। श्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच दस वर्ष पहले हुई रणनीतिक साझेदारी का विस्तार हुआ है और यह प्रगाढ हुई है।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी लगातार मजबूत हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारत और मंगोलिया के संबंध केवल राजनयिक नहीं है यह हमारे बीच आत्मीय और आध्यात्मिक बंधन है। हमारे संबंधों की असली गहराई और व्यापकता हमारे लोगों के बीच संपर्क में दिखाई पड़ती है।”
प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच अध्यात्मिक संबंधों का उल्लेख करते हएु कहा कि अगले वर्ष भगवान बुद्ध के दो महान शिष्यों — सारिपुत्र और मौद्गल्या-यन के पवित्र अवशेष भारत से मंगोलिया भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत मंगोलिया की ‘गंदन मॉनेस्टेरी’ में एक संस्कृत शिक्षक भी भेेजेगा ताकि वहां के बौद्ध ग्रंथों का गहराई से अध्ययन किया जा सके और प्राचीन ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाया जा सके
श्री मोदी ने मंगोलिया में बौद्ध धर्म के लिए नालंदा विश्वविद्यालय की अहम भूमिका का उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि नालंदा और ‘गंदन मॉनेस्टेरी’ को साथ जोड़कर हम इस ऐतिहासिक संबधो में एक नई उर्जा लायेंगे।
इस अवसर पर दोनों नेताओं ने वृक्षारोपण भी किया। श्री मोदी ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति हुरेलसुख ने अपनी स्वर्गीय माताजी के नाम पर जो वटवृक्ष लगाया है, वह आने वाली कई पीढ़ियों तक हमारी गहरी मित्रता और पर्यावरण के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक रहेगा।”

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मोदी कल पूसा में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की 42 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे https://demo.theshikshanews.com/modee-kal-poosa-mein-krshi-aur-sambaddh-kshetron-kee-42-hajaar-karod-rupaye-kee-pariyojanaon-ka-udghaatan-aur-shilaanyaas-karenge/ https://demo.theshikshanews.com/modee-kal-poosa-mein-krshi-aur-sambaddh-kshetron-kee-42-hajaar-karod-rupaye-kee-pariyojanaon-ka-udghaatan-aur-shilaanyaas-karenge/#respond Fri, 10 Oct 2025 18:09:05 +0000 https://www.khabariya.com/?p=5319 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को यहां भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (पूसा) में एक विशेष कृषि कार्यक्रम में भाग लेंगे जहां वह कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में 42,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं और योजनाओं का शुभारंभ, उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को यहा बताया कि प्रधानमंत्री इस अवसर पर किसानों के साथ बातचीत करेंगे और उसके बाद एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे।
यह कार्यक्रम किसान कल्याण, कृषि आत्मनिर्भरता और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने की प्रधानमंत्री की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। यह आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने, किसानों का समर्थन करने और किसान-केंद्रित पहलों में महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर केंद्रित होगा।
प्रधानमंत्री कृषि क्षेत्र में 35,440 करोड़ रुपये के व्यय वाली दो प्रमुख योजनाओं का शुभारंभ करेंगे। वह 24,000 करोड़ रुपये के व्यय वाली प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना का शुभारंभ करेंगे। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादकता में वृद्धि, फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाना, पंचायत और ब्लॉक स्तर पर कटाई के बाद भंडारण क्षमता में वृद्धि, सिंचाई सुविधाओं में सुधार और चयनित 100 जिलों में दीर्घकालिक और अल्पकालिक ऋण की उपलब्धता को सुगम बनाना है।
श्री मोदी 11,440 करोड़ रुपये के व्यय के साथ दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन का भी शुभारंभ करेंगे। इसका उद्देश्य दलहन की उत्पादकता में सुधार, दलहन की खेती के क्षेत्र का विस्तार, मूल्य श्रृंखला – खरीद, भंडारण, प्रसंस्करण – को मजबूत करना और नुकसान में कमी सुनिश्चित करना है।
प्रधानमंत्री कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों में 5,450 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की परियोजनाओं का उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित करेंगे, साथ ही लगभग 815 करोड़ रुपये की अतिरिक्त परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।
श्री मोदी बेंगलुरु और जम्मू-कश्मीर में कृत्रिम गर्भाधान प्रशिक्षण केंद्र, अमरेली और बनास में उत्कृष्टता केंद्र, राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत असम में आईवीएफ लैब की स्थापना, मेहसाणा, इंदौर और भीलवाड़ा में मिल्क पाउडर प्लांट, असम के तेजपुर में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत मछली आहार प्लांट, कृषि प्रसंस्करण क्लस्टरों के लिए बुनियादी ढांचा, एकीकृत कोल्ड चेन और मूल्यवर्धन अवसंरचना आदि परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।
प्रधानमंत्री जिन परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे उनमें कृष्णा, आंध्र प्रदेश में एकीकृत कोल्ड चेन और मूल्यवर्धन अवसंरचना (विकिरण), उत्तराखंड में ट्राउट मत्स्य पालन, नागालैंड में एकीकृत एक्वा पार्क, कराईकल, पुडुचेरी में स्मार्ट और एकीकृत मत्स्य पालन बंदरगाह, और हीराकुंड, ओडिशा में अत्याधुनिक एकीकृत एक्वा पार्क आदि शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत प्रमाणित किसानों, मैत्री तकनीशियनों और प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों (पीएमकेएसके) और सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) में परिवर्तित प्राथमिक कृषि सहकारी ऋण समितियों (पीएसीएस) को प्रमाण पत्र वितरित करेंगे।
यह कार्यक्रम सरकारी पहलों के तहत हासिल की गई महत्वपूर्ण उपलब्धियों को भी चिह्नित करेगा जिसमें 10,000 एफपीओ में 50 लाख किसान सदस्यताएं शामिल हैं, जिनमें से 1,100 एफपीओ ने 2024-25 में एक करोड़ रूपये से अधिक का वार्षिक कारोबार दर्ज किया। अन्य उपलब्धियों में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत 50,000 किसानों का प्रमाणन, 38,000 मैत्री (ग्रामीण भारत में बहुउद्देशीय एआई तकनीशियन) का प्रमाणन, कम्प्यूटरीकरण के लिए 10,000 से अधिक बहुउद्देशीय और ई-पैक्स की स्वीकृति और संचालन और पैक्स, डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों का गठन और सुदृढ़ीकरण शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री दलहन की खेती में लगे किसानों से बातचीत करेंगे जिन्हें कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन में मूल्य-श्रृंखला आधारित दृष्टिकोण स्थापित करने के उद्देश्य से विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है। इन किसानों को किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) की सदस्यता और कृषि अवसंरचना कोष के तहत सहायता भी मिली है।

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…हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई सफर कर सके https://demo.theshikshanews.com/havaee-chappal-pahanane-vaala-bhee-havaee-saphar-kar-sake/ https://demo.theshikshanews.com/havaee-chappal-pahanane-vaala-bhee-havaee-saphar-kar-sake/#respond Wed, 08 Oct 2025 15:20:12 +0000 https://www.khabariya.com/?p=5285 मुंबई वासियों को पीएम मोदी ने दिया करोड़ों का तोहफा, बोले

NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. Mumbai। महाराष्ट्र के नवी मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग 19,650 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने एक कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज मुंबई का लंबा इंतजार खत्म हुआ। मुंबई को अब अपना दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट मिल गया है। यह एयरपोर्ट इस क्षेत्र को एशिया के सबसे बड़े कनेक्टिविटी हब के रूप में स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
पीएम मोदी ने कहा कि आज मुंबई को पूरी तरह से भूमिगत मेट्रो भी मिली है। इससे मुंबई में परिवहन और आसान होगा, लोगों का समय बचेगा। यह भूमिगत मेट्रो विकसित होते भारत का जीवंत प्रतीक है। मुंबई जैसे व्यस्त शहर में, जमीन के नीचे और ऐतिहासिक ईमारतों को सुरक्षित रखते हुए यह शानदार मेट्रो बनाई गई है। मैं इससे जुड़े श्रमिकों और इंजीनियर्सों को भी बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि जब सपनों को सिद्ध करने का संकल्प हो, जब देशवासियों तक तेज विकास का लाभ पहुंचाने की इच्छा शक्ति हो तो नतीजे भी मिलते हैं। हमारी हवाई सेवा और इससे जुड़ी इंडस्ट्री इसका बहुत बड़ा प्रमाण है।
भारत में एयरपोर्ट की संख्या 160 को पार कर गई है- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि आपको याद होगा, 2014 में जब देश ने मुझे अवसर दिया तो मैंने कहा था कि मेरा सपना है हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई सफर कर सके। इस सपने को पूरा करने के लिए बहुत जरूरी था कि देश में नए-नए एयरपोर्ट बनाए जाएं। हमारी सरकार ने इस मिशन पर गंभीरता से काम करना शुरू किया। बीते 11 साल में देश में एक के बाद एक एयरपोर्ट बनते चले गए। साल 2014 में हमारे देश में केवल 74 एयरपोर्ट थे, आज भारत में एयरपोर्ट की संख्या 160 को पार कर गई है।

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मोदी ने माही बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा परियोजना की सौगात दी https://demo.theshikshanews.com/modee-ne-maahee-baansavaada-paramaanu-oorja-pariyojana-kee-saugaat-dee/ https://demo.theshikshanews.com/modee-ne-maahee-baansavaada-paramaanu-oorja-pariyojana-kee-saugaat-dee/#respond Fri, 26 Sep 2025 04:12:50 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5170 NCR TODAY. Khabariya. Webwarta. Banswara। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को राजस्थान माही बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा परियोजना सहित एक लाख 22 हजार 670 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया।
श्री मोदी ने इस अवसर पर राजस्थान सरकार के 30 हजार 339 करोड़ रुपए से अधिक के 48 विकास कार्यों का भी शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इससे पहले उन्होंने पीएम कुसुम योजना के विभिन्न लाभार्थियों से संवाद भी किया।
प्रधानमंत्री ने राजस्थान में माही बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र सहित 63 हजार 683 करोड़ रुपए की स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं और बिजली निकासी पारेषण प्रणालियों की आधारशिला रखी। उन्होंने राजस्थान में 14 हजार 445 करोड़ रुपए की सात सौर ऊर्जा परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा जोन फेज-4 एवं फेज-5 के विभिन्न भागों से विद्युत निकासी के लिए 13 हजार 183 करोड़ रुपए की ट्रांसमिशन लाइनों के कार्यों का भी शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने पांच राज्यों में कुल 92 हजार 330 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से स्थापित होने जा रही 9.6 गीगावाट उत्पादन क्षमता की स्वच्छ ऊर्जा एवं पारेषण परियोजनाओं का शिलान्यास और शुभारम्भ किया।
प्रधानमंत्री ने 348 करोड़ रुपए की लागत से भोपा एवं बैतिना (जैसलमेर), नौखडा (बीकानेर) में 220 केवी के 3 जीएसएस एवं इनकी लाइनों के निर्माण कार्य का शुभारम्भ किया। इसके साथ ही बाड़मेर जिले के शिव में लगभग 143 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित 220 केवी जीएसएस का भी लोकार्पण किया।
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग की 20 हजार 833 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें राम जल सेतु लिंक परियोजना अंतर्गत 17 हजार 777 करोड़ रुपए की लागत से ईसरदा से रामगढ बांध (जयपुर) तक फीडर निर्माण, ईसरदा से खुरा चैनपुरा से बंध बरेठा (भरतपुर) तक फीडर निर्माण, खुरा चैनपुरा से जयसमंद (अलवर) तक फीडर निर्माण, अजमेर जिले में मोर सागर कृत्रिम रिजर्वायर निर्माण और बीसलपुर से मोर सागर कृत्रिम रिजर्वायर तक फीडर निर्माण एवं चित्तौड़गढ़ जिले की रावतभाटा तहसील में ब्राहम्णी बैराज के निर्माण के कार्य कराए जाएंगे।
बीसलपुर बांध परियोजना में इंटेक पंप हाउस, राजसमंद बांध में जल की आवक बढ़ाने के लिए खारी फीडर के जीर्णोद्धार, सोम-कमला-अम्बा-भीखा भाई सागवाडा फीडर, जिला-डूंगरपुर में फीडर नहर का कार्य एवं चित्तौड़गढ़ जिले में बागोलिया बांध फीडर निर्माण के कार्य भी कराए जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने ईसरदा बांध, धौलपुर लिफ्ट परियोजना, तकली परियोजना, बत्तीसा नाला परियोजना, बीकानेर जिले में आईजीएमएन के आरडी 507 पर एस्केप जलाशय का लोकार्पण भी किया।
श्री मोदी ने कार्यक्रम में 878 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से भरतपुर शहर में हीरादास और बिजलीघर चौराहों पर फ्लाईओवर निर्माण, देवली-जयपुर वाया बीसलपुर, टोडारायसिंह सड़क पर बनास नदी पर पुल निर्माण एवं 116 अटल प्रगति पथ के निर्माण कार्यों का शुभारम्भ किया। उन्होंनेे बाड़मेर में एनएच-68 पर 21 किमी लम्बे फोर-लेन बाइपास, ब्यावर-मसूदा-गोयला राज्य राजमार्ग सं.-26ए, अजमेर जिले के अराइ-सरवाड़ राज्य राजमार्ग सं.-7 ई, डूंगरपुर जिले के संगमेश्वर में माही नदी पर हाई लेवल ब्रिज, अजमेर एवं खैरथल-तिजारा जिलों में गादौज माजरी से हरियाणा सीमा व माजरी नीमराणा राज्य राजमार्ग 111 एवं 111ए , डूंगरपुर एवं बांसवाड़ा जिलों में राज्य राजमार्ग सं.- 927ए के सुदृढ़ीकरण एवं विकास कार्यों, राजसमंद एवं उदयपुर जिलों में राज्य राजमार्ग सं.-162ई पर चारभुजा से निचली ओडन (नाथद्वारा) तक 88 किमी सड़क के 1758 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों का भी लोकार्पण किया।
प्रधानमंत्री ने बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर जिलों में वृहद पेयजल परियोजनाओं के विभिन्न पैकेज, चम्बल-भरतपुर-धौलपुर परियोजना पैकेज 1ए के अंतर्गत विभिन्न कार्यों, सवाई माधोपुर जिले की 177 ग्राम पंचायतों एवं बौंली के लिए जलापूर्ति योजना, बाड़मेर लिफ्ट परियोजना द्वितीय चरण भाग-सी में 346 गांव के लिए जलापूर्ति परियोजना, दौसा जिले के लिए ईसरदा दौसा पेयजल परियोजना पैकेज 3बी, चूरू जिले में कर्मसाना फीडर वृहद पेयजल परियोजना, अजमेर जिले में वृहद पेयजल परियोजना अरांई-सिलोरा, भीलवाड़ा जिले में सुवाणा एवं रायपुर तहसील के गांवों में जलापूर्ति के लिए रेट्रोफिटिंग कार्य, अमृत 2.0 के तहत सीकर जिले के सात शहरों के लिए शहरी जल आपूर्ति योजनाओं के कार्य का भी शिलान्यास किया।
श्री मोदी ने भरतपुरवासियों को 128 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित 250 बेड के आरबीएम चिकित्सालय की सौगात दी। उन्होंने 140 करोड़ रुपए की लागत से जयपुर में निर्मित आईटी डवलपमेंट एंड ई-गर्वनेंस सेंटर का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने 226 करोड़ रुपए की लागत से मकराना शहर में सीवरेज लाइन, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, सीवरेज पम्पिंग स्टेशन और झुंझुनूं जिले के मंडावा में सीवरेज एवं जलप्रदाय परियोजना का लोकार्पण भी किया।

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नेपाली प्रधानमंत्री ओली का इस्तीफा https://demo.theshikshanews.com/nepaalee-pradhaanamantree-olee-ka-isteepha/ https://demo.theshikshanews.com/nepaalee-pradhaanamantree-olee-ka-isteepha/#respond Tue, 09 Sep 2025 16:04:20 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5004 NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. Kathmandu। नेपाल में बड़े पैमाने पर हो रहे उग्र प्रदर्शनों को देखते हुए प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने मंगलवार को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। नेपाली मीडिया के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय ने उनके त्यागपत्र की पुष्टि की है।
देश में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ सोमवार को कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। प्रदर्शनकारी कई स्थानों पर उग्र हो गए और उन्होंने आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव किया। पुलिस की कार्रवाई में कल 20 लोगों की मौत हो गई थी और 350 लोग घायल हो गए थे।
इससे पहले गृहमंत्री रमेश लेखक ने सोमवार को गोलीबारी की घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था। इसके अलावा तीन और मंत्रियों ने आज पद से इस्तीफा दे दिया था। श्री ओली ने आज सुबह घोषणा की थी कि शाम को सर्वदलीय बैठक बुलाई जायेगी।
प्रदर्शनकारी श्री ओली के इस्तीफे की मांग को लेकर आज सड़कों पर उतर आये थे। इसके बाद श्री ओली ने इस्तीफा दे दिया।
प्रदर्शन का सिलसिला आज भी जारी है और बड़ी संख्या में लोग संसद भवन में घुस गए और आगजनी की। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के निजी आवासों को भी निशाना बनाया और आगजनी की।

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दुनिया से मुकाबले के लिए मोदी का लाल किले से आत्मनिर्भरता, स्वदेशी और एकजुटता का आह्वान https://demo.theshikshanews.com/duniya-se-mukaabale-ke-lie-modee-ka-laal-kile-se-aatmanirbharata-svadeshee-aur-ekajutata-ka-aahvaan/ https://demo.theshikshanews.com/duniya-se-mukaabale-ke-lie-modee-ka-laal-kile-se-aatmanirbharata-svadeshee-aur-ekajutata-ka-aahvaan/#respond Fri, 15 Aug 2025 12:16:13 +0000 http://www.khabariya.com/?p=4751 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व में बढते संरक्षणवाद के बीच विकसित और वैश्विक रूप से हर क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आत्मनिर्भरता और स्वदेशी को मूल मंत्र बताते हुए राजनीतिक दलों और सभी देशवासियों से इसके लिए अपनी पूरी शक्ति लगाने का पुरजोर आह्वान किया है।
श्री मोदी ने भारत के खिलाफ व्यापार के क्षेत्र में बढ रहे दबावों के बीच कहा कि विकसित भारत के लिए आत्मनिर्भरता अनिवार्य शर्त है। उन्होंने कहा कि भारत अपने किसानों तथा कमजोर वर्गों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं करेगा और स्वदेशी को अपनी मजबूती के लिए अपनाकर दूसरों को मजबूर करेगा।
प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को यहां 79 वें स्वतंत्रता दिवस पर ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से 12 वीं बार राष्ट्र को संबोधित करते हुए अपने अब तक के सबसे लंबे भाषण में देश के समक्ष चुनौतियों , देश की ताकत और देश के भविष्य का खाका प्रस्तुत किया जिसमें रक्षा और सुरक्षा से लेकर आर्थिक , सामाजिक और तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर दिया गया है। उन्होंने इसी संदर्भ में नयी योजनाओं और पहलों की घोषणा की जिसमें युवाओं के लिए रोजगार योजना, सैन्य और असैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए मिशन सुदर्शन चक्र, अवैध घुसपैठियों से निपटने के लिए उच्च अधिकार प्राप्त मिशन, जीएसटी में नयी पीढी के सुधार, देश को दस लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सुधारों पर कार्य बल के गठन , लड़ाकू विमानों के लिए स्वदेशी इंजन के विकास , परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता में विस्तार और खनिज तेल तथा गैस के लिए गहरे समुद्र में अन्वेषण के लिए समुद्र मंथन जैसी कई घोषणाएं शामिल हैं। उन्होंने सेमिकंडक्टर मिशन की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में इसी वर्ष माइक्रोचिप का विनिर्माण शुरू हो जायेगा। उन्होंने अंतरिक्ष में भारत की ऊंची उडान का जिक्र किया और कहा कि देश गगनयान मिशन की अपने बल पर सफलता तथा अपना अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
श्री मोदी ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि भारत अब परमाणु धमकी में आने वाला नहीं है और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के लिए सेनाओं को खुली छूट दी गयी है। सिंधु जल संधि को अन्यायपूर्ण बताते हुए प्रधानमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि भारत इसे मौजूदा स्वरूप में स्वीकार नहीं करेगा।
उन्होंने भारत के खिलाफ व्यापारिक कार्रवाई कर रहे देशों को करारा संदेश देते हुए दोहराया कि भारत अपने किसानों , पशुपालकों और मछुआरों के हित के साथ कभी कोई समझौता नहीं करेगा और न ही किसी देश के चंगुल में आयेगा। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी की भावना को मजबूत करने के लिए सभी दलों से मिलकर काम करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने दुकानदारों से अपनी दुकान पर ‘यहां स्वदेशी माल बिकता है’ के बोर्ड लगाने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने लालकिले की प्राचीर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्र सेवा की सराहना करते हुए संगठन को उसके शताब्दी वर्ष की शुभकामनाएं भी दी।
श्री मोदी ने लाल किले से पिछले संबोधन में किये गये पंच प्रणों का उल्लेख करते हुए कहा , “ विकसित भारत के लिए न रूकेंगे, न झुकेंगे, परिश्रम की पराकाष्ठा करेंगे और 2047 में अपनी आंखों के सामने विकसित भारत बना कर रहेंगे।”
विरासत को भारत का गौरव तथा आभूषण बताते हुए उन्होंने कहा कि हम जीवन में, व्यवस्थाओं में और नियम, कानून परंपराओं में गुलामी का एक भी कण नहीं बचने देंगे। उन्होंने देश की एकता को शक्तिशाली मंत्र बताते हुए कहा कि हम एकता की डोर को कटने नहीं देंगे। उन्होंने कहा, “ यह कर्तव्य पूजा और तपस्या से कम नहीं है और उसी भाव से हम सब मातृभूमि के कल्याण के लिए परिश्रम की पराकाष्ठा करेंगे। हम अपने आप को खपा देंगे, जो भी सामर्थ्य है, अवसर है उसे नहीं छोड़ेंगे और नये अवसर बनायेंगे।”
उन्होंने भाषण के समापन पर जय हिन्द के उद्घोष से पहले कविता की इन पंक्तियों में अपने भावों का उद्गार करते हुए कहा , “ परिश्रम में जो तपा है , उसने ही इतिहास रचा है।
जिसने फौलादी चट्टानों को तोड़ा है, उसने ही समय को मोड़ा है।
समय को मोड़ देने का भी यही समय है, सही समय है।”
उन्होंने कहा कि ये पंक्तियां बहुत सुंदर हैं जो हमें हर क्षण की महत्ता समझने और उसे व्यर्थ न गँवाने के लिए प्रेरित करती हैं।

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विकासशील देशों को साथ लेकर चले बिना दुनिया में प्रगति नहीं हो सकती : मोदी https://demo.theshikshanews.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%b6%e0%a5%80%e0%a4%b2-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%95/ https://demo.theshikshanews.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%b6%e0%a5%80%e0%a4%b2-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%95/#respond Fri, 04 Jul 2025 03:53:23 +0000 http://www.khabariya.com/?p=4089 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बदलती परिस्थितियों में वैश्विक शासन में विश्वसनीय और प्रभावी सुधारों की जरूरत पर बल देते हुए हुए कहा है कि विकासशील देशों को साथ लेकर चले बिना दुनिया में प्रगति नहीं हो सकती।
श्री मोदी ने गुरूवार को यहां घाना की संसद को संबोधित करते हुए कहा, “ द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनी विश्व व्यवस्था तेजी से बदल रही है, प्रौद्योगिकी में क्रांति, ग्लोबल साउथ का उदय और बदलती जनसांख्यिकी इसकी गति और पैमाने में योगदान दे रही है। ”
उन्होंने कहा कि बदलती परिस्थितियों में वैश्विक शासन में विश्वसनीय और प्रभावी सुधारों की आवश्यकता है और विकासशील देशों को साथ लिए बिना प्रगति नहीं हो सकती।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और घाना के बीच ऐतिहासिक संबंध स्वतंत्रता के साझा संघर्षों , लोकतंत्र और समावेशी विकास के लिए साझा प्रतिबद्धता पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि भारत और घाना के इतिहास में औपनिवेशिक शासन के निशान हैं लेकिन हमारी आत्मा हमेशा स्वतंत्र और निडर रही है।
उन्होंने कहा , “ दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रतिनिधि के रूप में,मैं अपने साथ 140 करोड़ भारतीयों की सद्भावना और शुभकामनाएं लेकर आया हूं। सच्चा लोकतंत्र चर्चा और बहस को बढ़ावा देता है। यह लोगों को एकजुट करता है, सम्मान और मानवाधिकारों को बढ़ावा देता है। ”
श्री मोदी ने कहा कि भारत के लिए लोकतंत्र केवल एक व्यवस्था नहीं है बल्कि हमारे मौलिक मूल्यों का एक हिस्सा है। प्रधानमंत्री ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था , नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि मजबूत भारत एक अधिक स्थिर और समृद्ध दुनिया में योगदान देगा।
उन्होंने घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा और घाना के लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें दिये गये राष्ट्रीय सम्मान को स्थायी मित्रता का प्रतीक बताया। महान घानाई नेता – डॉ. क्वामे नक्रूमा के योगदान का हवाला देते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि एकता, शांति और न्याय के आदर्श मजबूत तथा स्थायी साझेदारी की नींव हैं। डॉ. नक्रूमा को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा, “ जो ताकतें हमें एकजुट करती हैं वे अंतर्निहित हैं और उन प्रभावों से बड़ी हैं जो हमें अलग रखती हैं।”
श्री मोदी ने जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद, महामारी और साइबर खतरों जैसी वैश्विक चुनौतियों का भी जिक्र किया और वैश्विक शासन में विकासशील देशों के महत्व को रेखांकित किया।
इस संदर्भ में उन्होंने भारत की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को जी-20 समूह में स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किए जाने को भी महत्वपूर्ण करार दिया। प्रधानमंत्री ने घाना की जीवंत संसदीय प्रणाली की सराहना की और दोनों देशों की विधायिकाओं के बीच बढ़ते आदान-प्रदान पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने घाना-भारत संसदीय मैत्री सोसायटी की स्थापना का स्वागत किया।
प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के देशवासियों के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत घाना की प्रगति और समृद्धि की यात्रा में उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।
The world cannot progress without taking developing countries along: Modi

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अब आतंकवादियों के जरिए ‘प्रॉक्सी वार’ नहीं चलने देंगे: मोदी https://demo.theshikshanews.com/%e0%a4%85%e0%a4%ac-%e0%a4%86%e0%a4%a4%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%aa/ https://demo.theshikshanews.com/%e0%a4%85%e0%a4%ac-%e0%a4%86%e0%a4%a4%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%aa/#respond Sun, 01 Jun 2025 03:37:45 +0000 http://www.khabariya.com/?p=3284 वेबवार्ता. खबरिया न्यूज. एनसीआर टुडे. नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को पाकिस्तान फिर चेतावनी दी कि अब आतंकवादियों के माध्यम से ‘प्रॉक्सी वार’ (छद्म युद्ध) नहीं चलेगा और ऐसा हुआ तो घर में घुसकर कार्रवाई की जायेगी।
प्रधानमंत्री ने यहां लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की तीन सौवीं जयंती के अवसर पर आयोजित महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन में अपने संबोधन में कहा,“ अब आतंकवादियों के जरिए प्रॉक्सी वार (छद्म युद्ध) नहीं चलेगा। ऐसा होने पर अब घर में घुसकर भी मारेंगे और जो आतंकवादियों की मदद करेगा, उसको भी इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ”
उन्होंने कहा कि अब प्रत्येक भारतीय कह रहा है और उनकी भावनाओं के अनुरूप अब यदि वह “गोली” चलाएंगे, तो इसका जवाब “गोले” से दिया जायेगा।
श्री मोदी ने कहा कि सरकार देश में विकास के साथ विरासत को साथ लेकर चल रही है। इसके अलावा हमें सुरक्षा, सामर्थ्य और संस्कृति पर ध्यान देना होगा। उन्होंने अपने 40 मिनट के संबोधन को मुख्य रूप से महिलाओं के शौर्य पर केंद्रित रखा और साथ ही हाल में संपन्न ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया। इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा भी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री ने इसी कार्यक्रम के मंच से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इंदौर मेट्रो रेल सेवा का लोकार्पण किया। इसके अलावा उन्होंने सतना और दतिया हवाईअड्डे का भी लोकार्पण किया। उन्होंने अहिल्याबाई होलकर की स्मृति में डाक टिकट और 300 रुपये का सिक्का जारी किया।
उन्होंने कहा कि पहलगाम में आतंकवादियों ने सिर्फ भारतीयों का ही खून नहीं बहाया। उन्होंने कहा,“ हमारी संस्कृति पर भी प्रहार किया है। हमारे समाज को बांटने की कोशिश की है।” उन्होंने कहा कि आतंकवादियों ने भारत की नारी शक्ति को चुनौती दी है। ये चुनौती आतंकवादी और उनके आकाओं के लिए “काल” बन गयी है। इस हमले के बाद भारत की कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ आतंकवादियों के खिलाफ देश का अब तक का सबसे बड़ा और सफल ऑपरेशन है।
श्री मोदी ने कहा, “ पाकिस्तान की सेना ने सोचा भी नहीं होगा, वहां आतंकवादी ठिकानों को हमारी सेना ने मिट्टी में मिला दिया। सैकड़ों किलोमीटर दूर तक।”
उन्होंने कहा, “ साथियों ऑपरेशन सिंदूर हमारी नारी शक्ति के सामर्थ्य का भी प्रतीक बना है। बीएसएफ की ऑपरेशन में बड़ी भूमिका रही है। बीएसएफ की बेटियां सीमाओं पर मोर्चा संभाल रही थीं। सीमा पार से ही रही फायरिंग का मुंह तोड़ जवाब उन्होंने दिया। वीर बेटियों ने अदभुत शौर्य दिखाया है।”
श्री मोदी ने कहा कि भारत संस्कृति और संस्कारों का देश है। सिंदूर नारी शक्ति का प्रतीक है। रामभक्ति में लगे हनुमान भी सिंदूर को ही धारण किए हैं। हम शक्ति पूजा में सिंदूर को अर्पण करते हैं। ये ही अब भारत के शौर्य का प्रतीक बन गया है।
उन्होंने कहा, “ राष्ट्र रक्षा में भारत की बेटियों का सामर्थ्य दिख रहा है। इसके लिए भी बीते दशक में सरकार ने अनेक कदम उठाये। स्कूल से लेकर युद्ध के मैदान तक, देश बेटियों के शौर्य पर अभूतपूर्व भरोसा कर रहा है। पहले एनसीसी में सिर्फ 25 प्रतिशत कैडेट बेटियां होती थीं लेकिन आज 50 प्रतिशत तक हैं।”
उन्होंने कहा कि कल के दिन देश में एक और इतिहास बना है। नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए) में महिला कैडेट का पहला बैच पास आउट हुआ है। अब सेना, नौसेना और वायुसेना में बेटियां अग्रिम मोर्चे पर तैनात हो रही हैं। फाइटर प्लेन से लेकर आईएनएस विक्रांत तक महिलायें जाबांजी दिखा रही हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नौसेना की दो बेटियों ने करीब 250 दिनों की समुद्री यात्रा पूरी की और धरती का चक्कर लगाया। हजारों किलोमीटर की यात्रा ऐसी नाव से की, जो मोटर से नहीं, बल्कि हवा से चलती है। उन दो बेटियाें ने हर मुसीबत को हराया है। इसने बता दिया है कि चुनौती कितनी भी बड़ी हो, भारत की बेटियां उस पर विजय पा सकती हैं। नक्सलियों के खिलाफ अभियान हो या सीमापार आतंकवाद हो, हमारी बेटियां भारत की सुरक्षा की ढाल बन रही हैं।
श्री मोदी ने देश के विकास के लिए विरासत को भी सहेजे जाने पर जोर देते हुए कहा कि देवी अहिल्याबाई होलकर से प्रेरणा पाकर आज का भारत भी विकास और विरासत को साथ लेकर चल रहा है। उन्होंने कहा कि देवी अहिल्याबाई को सामाजिक सुधारों के लिए याद रखा जाएगा। अब अगर बेटियों की शादी की उम्र की चर्चा हो तो कुछ लोगों को ‘सेक्युलरिज्म’ पर खतरा दिखने लगता है, पर देवी अहिल्या उस समय बेटियों की शादी की उम्र के बारे में सोचतीं थीं। उन्होंने इन सब समाज सुधार कार्यों को समर्थन दिया। उन्होंने मालवा की सेना में महिलाओं की विशेष टुकड़ी बनाई। पश्चिम की दुनिया को पता नहीं है, माताओं-बहनों के अधिकारों के नाम पर वे हमें कोसते हैं, पर ढाई सौ साल पहले सेना में महिलाओं का होना, ये बहुत बड़ा कदम था। देवी अहिल्याबाई ने नारी सुरक्षा टोलियां बनाईं। माता अहिल्याबाई राष्ट्रनिर्माण में नारी शक्ति के अमूल्य योगदान का प्रतीक हैं। वे समाज में इतना बड़ा परिवर्तन लाने वाली थीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देवी अहिल्या कहती थीं कि शासन का सही अर्थ जनता की सेवा करना और नागरिकों के जीवन में सुधार लाना होता है। उनकी इसी सोच को आगे बढ़ाना है। आज इंदौर मेट्रो की शुरुआत हुई है। दतिया और सतना भी हवाईसेवा से जुड़ गए हैं। ये सभी परियोजनायें यहां सुविधा बढ़ाएंगी। इनसे विकास और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। देवी अहिल्या प्रतीक हैं कि इच्छाशक्ति और दृढ़प्रतिज्ञा होती है तो विपरीत परिस्थितियां हों, तो भी परिणाम ला सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई ने प्रभुसेवा और जनसेवा को कभी अलग नहीं माना। वह हमेशा शिवलिंग साथ लेकर चलती थीं। चुनौतीपूर्ण कालखंड में एक राज्य का नेतृत्व कांटों से भरा ताज था। अहिल्याबाई होलकर ने अपने राज्य की समृद्धि को नई दिशा दी। गरीब से गरीब को भी समृद्ध बनाया। वह भारत की विरासत की बहुत बड़ी संरक्षक थीं। जब हमारे मंदिरों और तीर्थक्षेत्रों पर हमले हो रहे थे, तब उन्होंने उन्हें संरक्षित रखने का बीड़ा उठाया। काशी विश्वनाथ समेत पूरे देश में अनेक मंदिरों का दोबारा निर्माण कराया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस काशी में लोकमाता अहिल्याबाई ने विकास के इतने काम किये, उस काशी ने उन्हें भी सेवा का अवसर दिया। काशी में देवी अहिल्याबाई की मूर्ति लगवायी गयी है। सुशासन का जो मॉडल उन्होंने अपनाया, उसमें गरीबों और वंचितों को सर्वाधिक प्राथमिकता दी।
श्री मोदी ने कहा कि देवी अहिल्या ने जल संरक्षण के कई कार्य किये। किसानों की आय बढ़ाने के लिए कपास और मसालों की खेती को प्रोत्साहित किया। वह हुनर की पारखी थीं। वह जूनागढ़ से कुछ परिवारों को महेश्वर लाईं और उनको साथ लाकर महेश्वर की साड़ी का काम कराया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देवी अहिल्या का प्रेरक कथन है, उसका भाव जो कुछ भी हमें मिला है, वह जनता द्वारा दिया ऋण है, जिसे हमें चुकाना है। सरकार इन्हीं मूल्यों पर चल कर काम कर रही है। सरकार की हर बड़ी योजना के केंद्र में मातायें बहनें हैं।
उन्होंने कहा कि देवी अहिल्या ने अपने शासनकाल में विकास कार्यों के साथ विरासत को भी सहेजा। आज का भारत भी विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर चल रहा है।
श्री मोदी ने महिला सामर्थ्य और शौर्य के अनेक उदाहरणों का जिक्र करते हुए कहा, “ वर्तमान में देश, इतिहास के उस मोड़ पर है, जहां हमें सुरक्षा, सामर्थ्य और संस्कृति के प्रत्येक स्तर पर कार्य करना है और इस कार्य में महिला-बेटियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।”
प्रधानमंत्री ने देवी अहिल्याबाई, रानी लक्ष्मीबाई, रानी दुर्गावती, रानी कमलापति, रानी अवंतीबाई लोधी, सावित्री बाई फुले और अन्य महान स्त्रियों का नाम लेते हुए कहा कि इनके नाम और काम हमें गौरव से भर देते हैं।
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भारत को दुनिया के कोने-कोने में ले जाने में सफल रहा सिनेमा : पीएम मोदी https://demo.theshikshanews.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%a8/ https://demo.theshikshanews.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%a8/#respond Thu, 01 May 2025 13:01:13 +0000 http://www.khabariya.com/?p=1048 खबरिया न्यूज. वेबवार्ता. मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व ऑडियो विजुअल और मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) का गुरुवार को उद्घाटन किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने भारतीय सिनेमा की जमकर तारीफ की और कहा कि इसकी दुनिया भर में गूंज है। सिनेमा भारत को दुनिया के कोने-कोने में ले जाने में सफल रहा।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ”वेव्स एक ऐसा वैश्विक मंच है, जहां हर कलाकार, हर युवा एक नई योजना के साथ रचनात्मक दुनिया के साथ जुड़ेगा। बीती एक सदी में भारतीय सिनेमा ने भारत को दुनिया के कोने-कोने में ले जाने में सफलता पाई है। हर कहानी भारतीय संस्कृति की आवाज बनकर दुनिया के करोड़ों लोगों के दिलों में उतरी है। गांधीजी की 150वीं जयंती पर मैंने लोगों को उनके प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ गाने के लिए कहा था। दुनियाभर के आर्टिस्ट ने इसे गाया। इसका बहुत बड़ा प्रभाव हुआ। दुनिया एकसाथ आई। हमें जग के मन को जीतना है। आज भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की तरफ आगे बढ़ रहा है।”
समिट 2025 में लगभग पूरी बॉलीवुड इंडस्ट्री शामिल हुई। हर कोई पीएम मोदी की बातों को ध्यान से सुनता नजर आया। उन्होंने आगे कहा, ”राज कपूर ने रूस, सत्यजीत रे ने कान और आरआरआर ने ऑस्कर में भारतीय सिनेमा की ताकत को दर्शाया है। आज देश के मंच पर हमने भारतीय सिनेमा के अनेक दिग्गजों को डाक टिकट के माध्यम से याद किया है। बीते वर्षों में मैं कभी गेमिंग वर्ल्ड, कभी म्यूजिक की दुनिया के लोगों से, फिल्म मेकर्स से मिला, कभी स्क्रीन पर चमकने वाले चेहरों से मिला। इन चर्चाओं में अक्सर भारत की रचनात्मकता, सृजनात्मक क्षमता और वैश्विक सहयोग की बातें उठती थीं। आज उसी समय की कल्पना हकीकत बनकर वेव्स के रूप में जमीन पर उतरी है। जैसे नया सूरज उगते ही आकाश को रंग देता है, वैसे ही यह समिट अपने पहले पल से ही चमकने लगा है। अपने पहले एडिशन में ही वेव्स ने दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है।” यह समिट 1 से 4 मई तक मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में जारी रहेगा। इस समिट का मकसद मीडिया और मनोरंजन की क्षमता को बढ़ावा देना है।

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