Pakistan – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Wed, 29 Oct 2025 16:08:04 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg Pakistan – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 पाकिस्तान उच्चायोग ने 2100 से ज्यादा सिख तीर्थयात्रियों के वीजा जारी किए https://demo.theshikshanews.com/paakistaan-uchchaayog-ne-2100-se-jyaada-sikh-teerthayaatriyon-ke-veeja-jaaree-kie/ https://demo.theshikshanews.com/paakistaan-uchchaayog-ne-2100-se-jyaada-sikh-teerthayaatriyon-ke-veeja-jaaree-kie/#respond Wed, 29 Oct 2025 16:08:04 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5526 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। पाकिस्तान उच्चायोग ने गुरु नानक जयंती पर्व से पहले 2100 से अधिक सिख तीर्थयात्रियों के वीजा जारी किए हैं। ये जानकारी बुधवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी गई।
पाकिस्तानी हाई कमीशन ने एक्स पोस्ट में कहा,”नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन ने भारत से सिख तीर्थयात्रियों को बाबा गुरु नानक देव जी के जन्म उत्सव में शामिल होने के लिए 2100 से ज्यादा वीजा जारी किए हैं, जो 04-13 नवंबर 2025 तक पाकिस्तान में होंगे।” पिछले साल दोनों देशों ने डिप्लोमैटिक चैनलों के जरिए श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर पर हुए समझौते को और पांच साल के लिए बढ़ाने पर सहमति जताई थी।
यह समझौता 24 अक्टूबर 2019 को भारत से तीर्थयात्रियों को करतारपुर साहिब कॉरिडोर के जरिए पाकिस्तान के नरोवाल में गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर जाने में आसानी के लिए किया गया था, और यह पांच साल के लिए मान्य था। विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, इससे भारतीय तीर्थयात्रियों के पाकिस्तान में पवित्र गुरुद्वारे में जाने के लिए कॉरिडोर का बिना किसी रुकावट के इस्तेमाल सुनिश्चित हुआ। भारत ने पाकिस्तान से यह भी आग्रह किया था कि वह तीर्थयात्रियों पर कोई फीस या चार्ज न लगाए। तीर्थयात्री लगातार पाकिस्तान द्वारा प्रति तीर्थयात्री (प्रति यात्रा) पर लगाए जाने वाले 20 अमेरिकी डॉलर सर्विस चार्ज को हटाने की मांग कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2019 में करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन किया था, जब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में 550 भारतीय तीर्थयात्रियों का पहला जत्था सीमा पार पवित्र स्थान पर गया था। 1947 में बंटवारे के बाद भारत की सीमा पार से आने वाले लोगों के लिए यह पवित्र स्थान बंद कर दिया गया था। 1999 में मरम्मत और जीर्णोद्धार के बाद गुरुद्वारा तीर्थयात्रियों के लिए खोल दिया गया था, और तब से सिख जत्थे नियमित रूप से इस स्थान पर जाते रहे हैं। 22 अप्रैल को हुए भयानक पहलगाम आतंकी हमलों के बाद सुरक्षा हालात को देखते हुए करतारपुर साहिब कॉरिडोर की सेवाएं निलंबित कर दी गई थीं। इस साल की शुरुआत में, गुरुद्वारा दरबार साहिब के गर्भगृह में बाढ़ का पानी घुसने के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों की भारी आलोचना भी हुई थी।
इस बीच, कई रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि पाकिस्तान की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों ने भारतीय सिख तीर्थयात्रियों, या “जत्थों” के देश में आने के दौरान भारत विरोधी बातें फैलाने की योजना बनाई है।
‘खालसा वॉक्स’ की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि सोशल मीडिया पर चल रही बातों से पता चलता है कि 2 अगस्त को लाहौर के होटल गुलबर्ग में एक इंटर-एजेंसी मीटिंग हुई थी, जिसमें सिक्योरिटी एजेंसियों, इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (पीएसजीपीसी) के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों ने गुरुद्वारों में भारत विरोधी बैनर और नारे लगाने का आइडिया दिया था, लेकिन ईटीपीबी और पीएसजीपीसी दोनों ने इस प्रस्ताव का जबरदस्त विरोध किया था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ईटीपीबी के एक अपर सचिव ने चेतावनी दी कि तीर्थयात्रा का राजनीतिकरण करने से भारत ऐसी यात्राओं को अनिश्चित काल के लिए सस्पेंड कर सकता है, जो पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे बोर्ड के लिए एक बड़ा झटका होगा।
इसमें बताया गया है कि सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया कि 8 मई को करतारपुर कॉरिडोर बंद होने के बाद से ईटीपीबी को हर महीने लगभग 70 मिलियन पाकिस्तानी रुपये का नुकसान हो रहा है, और दो बड़ी सालाना सिख तीर्थयात्राएं रद्द होने से यह नुकसान और भी बढ़ गया है।

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अमेरिका ने किया स्पष्ट, पाकिस्तान को नहीं देगा नई उन्नत मिसाइलें https://demo.theshikshanews.com/amerika-ne-kiya-spasht-paakistaan-ko-nahin-dega-naee-unnat-misailen/ https://demo.theshikshanews.com/amerika-ne-kiya-spasht-paakistaan-ko-nahin-dega-naee-unnat-misailen/#respond Fri, 10 Oct 2025 18:35:14 +0000 https://www.khabariya.com/?p=5323 मीडिया रिपोर्टों का अमेरिकी दूतावास ने किया खंडन, बताया— अनुबंध केवल रखरखाव और पुर्जों से संबंधित

NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। अमेरिका ने पाकिस्तान को नई मध्यम दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली उन्नत मिसाइलें देने संबंधी खबरों का सख्त खंडन किया है। भारत में स्थित अमेरिकी दूतावास ने शुक्रवार को जारी अपने आधिकारिक स्पष्टीकरण में कहा कि अमेरिका की ऐसी कोई योजना नहीं है कि वह पाकिस्तान को नई या उन्नत मिसाइलें उपलब्ध कराए। दूतावास ने स्पष्ट किया कि 30 सितम्बर 2025 को जिस रक्षा अनुबंध का उल्लेख मीडिया रिपोर्टों में किया गया है, वह केवल रखरखाव और पुर्जों से संबंधित है, न कि किसी प्रकार की मिसाइल आपूर्ति से।
दूतावास के अनुसार, “30 सितम्बर 2025 को युद्ध विभाग द्वारा जारी मानक अनुबंध घोषणाओं की सूची में पाकिस्तान सहित कई देशों के लिए मौजूदा विदेशी सैन्य बिक्री अनुबंध में रखरखाव और पुर्जों से संबंधित संशोधन का उल्लेख किया गया था। इस अनुबंध में कहीं भी पाकिस्तान को नई उन्नत मध्यम दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें (एएमआरएएएम) देने की बात नहीं की गई है।” बयान में आगे कहा गया, “इस संशोधन में पाकिस्तान की किसी मौजूदा क्षमता के उन्नयन का भी कोई प्रावधान नहीं है। युद्ध विभाग ने इस विषय पर उत्पन्न हुई गलतफहमी को दूर कर दिया है।”
यह स्पष्टीकरण ऐसे समय पर आया है जब हाल के दिनों में कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच संबंधों में सुधार के संकेतों के बीच, अमेरिका इस्लामाबाद को एआईएम-120 एडवांस्ड मीडियम रेंज एयर-टू-एयर मिसाइलें (एएमआरएएएम) देने पर विचार कर रहा है। इन रिपोर्टों में यह भी कहा गया था कि अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा अधिसूचित एक हथियार अनुबंध में 35 देशों के खरीदारों की सूची में पाकिस्तान का नाम भी शामिल किया गया है।
हालांकि, अमेरिकी दूतावास ने अब इन सभी दावों को असत्य बताते हुए कहा है कि उक्त अनुबंध केवल रखरखाव और तकनीकी पुर्जों की आपूर्ति से संबंधित है, न कि किसी नई मिसाइल प्रणाली से।
दूतावास के इस आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद पाकिस्तान को लेकर फैली तमाम अटकलों पर विराम लग गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका की यह स्पष्टता दक्षिण एशिया में रणनीतिक संतुलन बनाए रखने के दृष्टिकोण से भी महत्त्वपूर्ण है।
अमेरिकी दूतावास ने दोहराया कि अमेरिका अपने रक्षा अनुबंधों को लेकर पूर्ण पारदर्शिता बरतता है और किसी भी देश के साथ हथियार आपूर्ति के निर्णयों में अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं और क्षेत्रीय स्थिरता को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
इस स्पष्टीकरण के साथ ही स्पष्ट हो गया है कि अमेरिका पाकिस्तान को नई मध्यम दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें नहीं देगा, और जो अनुबंध चर्चा में था, वह केवल रखरखाव और पुर्जों की आपूर्ति तक सीमित है।

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पाकिस्तानी हैकरों का भारतीय सेना की वेबसाइट्स पर साइबर अटैक हुआ नाकाम https://demo.theshikshanews.com/%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0/ https://demo.theshikshanews.com/%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0/#respond Wed, 30 Apr 2025 05:38:36 +0000 http://www.khabariya.com/?p=1025 खबरिया न्यूज. एनसीआर टुडे. नई दिल्ली। पाकिस्तानी साइबर हमलावरों ने एक बार फिर भारतीय डिजिटल सुरक्षा को भेदने की कोशिश की, लेकिन भारतीय साइबर सिक्योरिटी सिस्टम ने समय रहते इन हमलों को नाकाम कर दिया। हैकरों ने सेना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण साइट्स को निशाना बनाया, जिनमें आर्मी पब्लिक स्कूल (APS) श्रीनगर और रानीखेत की वेबसाइट्स भी शामिल थीं।

बताया जा रहा है कि ये हमलावर ‘IOK Hacker’ नाम से ‘इंटरनेट ऑफ खिलाफा ग्रुप’ के तहत काम कर रहे थे। उन्होंने वेबसाइट्स को नष्ट करने, ऑनलाइन सेवाएं बाधित करने और संवेदनशील जानकारी चुराने की कोशिश की। APS श्रीनगर की साइट पर DDoS अटैक भी किया गया, जबकि आर्मी वेलफेयर हाउसिंग ऑर्गेनाइजेशन (AWHO) और एयरफोर्स प्लेसमेंट पोर्टल को भी निशाना बनाने का प्रयास किया गया।
भारतीय साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने इन हमलों की रियल टाइम में पहचान की और तुरंत उनके स्रोत को पाकिस्तान के रूप में चिन्हित कर सभी संबंधित वेबसाइट्स को सुरक्षित कर लिया। गनीमत रही कि इस हमले का कोई भी असर देश के किसी भी संवेदनशील या गोपनीय नेटवर्क पर नहीं पड़ा।

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