‘Operation Sindoor’ – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Wed, 08 Oct 2025 16:42:54 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg ‘Operation Sindoor’ – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 ऑपरेशन सिंदूर से राष्ट्रीय चेतना में आक्रामक हवाई कार्रवाई का ‘उचित स्थान’ बहाल: वायुसेना प्रमुख https://demo.theshikshanews.com/opareshan-sindoor-se-raashtreey-chetana-mein-aakraamak-havaee-kaarravaee-ka-uchit-sthaan-bahaal-vaayusena-pramukh/ https://demo.theshikshanews.com/opareshan-sindoor-se-raashtreey-chetana-mein-aakraamak-havaee-kaarravaee-ka-uchit-sthaan-bahaal-vaayusena-pramukh/#respond Wed, 08 Oct 2025 16:42:54 +0000 https://www.khabariya.com/?p=5297 NCR TODAY. Khabariya. Ghaziabad।  वायुसेना प्रमुख ए.पी. सिंह ने बुधवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मन के ठिकानों पर भारतीय वायुसेना के ‘‘साहसिक और सटीक’’ हमलों ने राष्ट्रीय चेतना में आक्रामक हवाई कार्रवाई के उचित स्थान को बहाल किया।
वायु सेना प्रमुख ने कहा कि उनकी सेना ने दुनिया के समक्ष यह साबित कर दिया कि वायु शक्ति का उपयोग कुछ ही दिनों में सैन्य परिणामों को आकार देने में कैसे प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
एयर चीफ मार्शल सिंह ने हिंडन एयरबेस पर 93वें वायुसेना दिवस के अवसर पर वायु योद्धाओं को संबोधित करते हुए ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की सराहना की। भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की आधिकारिक स्थापना आठ अक्टूबर 1932 को हुई थी।
वायु सेना प्रमुख ने वायु योद्धाओं से भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों के लिए ‘‘तैयार रहने’’ का आह्वान किया और इस बात पर बल दिया कि भारतीय वायुसेना की योजना ‘‘नवोन्मेषी, व्यावहारिक और अनुकूलनीय’’ होनी चाहिए तथा इसका प्रशिक्षण ‘‘जैसे हम लड़ते हैं वैसे ही प्रशिक्षण लें’’ के सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे प्रदर्शन ने हमें पेशेवर स्तर पर गौरवान्वित किया। हमने दुनिया के समक्ष यह साबित कर दिया कि वायु शक्ति का इस्तेमाल कुछ ही दिनों में सैन्य परिणामों को आकार देने में कैसे प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।’’
वायुसेना प्रमुख ने ऑपरेशन सिंदूर को इस बात का एक शानदार उदाहरण बताया कि ‘‘सावधानीपूर्वक बनाई गई योजना, अनुशासित प्रशिक्षण और दृढ़ निश्चयी कार्यान्वयन’’ के जरिए क्या हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत के साहसिक और सटीक हमलों ने राष्ट्रीय चेतना में आक्रामक हवाई कार्रवाई को उचित स्थान दिलाया।’’
एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा, ‘‘हमारी मजबूत वायु रक्षा संरचना और सतह से हवा में मार करने वाली लंबी दूरी की मिसाइल प्रणालियों के आक्रामक इस्तेमाल ने दुश्मन की क्षमता को सीमित कर दिया और हमारी महत्वपूर्ण संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की।’’
उन्होंने कहा, ‘‘स्वदेशी रूप से विकसित और एकीकृत हथियारों ने दुश्मन के इलाके में गहराई तक सटीक और विनाशकारी प्रहार किए। उनका प्रदर्शन स्वदेशी रूप से विकसित क्षमताओं में हमारे विश्वास को पुष्ट करता है।’’
पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था जिसमें पाकिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में कई आतंकवादी ढांचों को नष्ट करने के लिए हवाई शक्ति का इस्तेमाल किया गया। इन हमलों के बाद चार दिनों तक भीषण झड़पें हुईं जो 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर बनी सहमति के साथ समाप्त हुईं।
एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा कि भारतीय वायुसेना की अभियानगत योजनाओं में नई प्रणालियों, हथियारों और उपकरणों के एकीकरण की बढ़ती गति एक ‘‘महत्वपूर्ण सफलता’’ रही है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं देख सकता हूं कि वायु योद्धाओं में जवाबदेही, सुरक्षा और संरक्षा की संस्कृति बढ़ी है और यह हमारी कम हुई दुर्घटनाओं में प्रत्यक्ष रूप से परिलक्षित होता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सभी स्तरों पर नेता आगे बढ़कर नेतृत्व कर रहे हैं और असाधारण दूरदर्शिता एवं सहानुभूति का प्रदर्शन कर रहे हैं। वे यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रत्येक व्यक्ति को आवश्यक प्रशिक्षण मिले और वह प्रेरित रहें।’’
वायु सेना प्रमुख ने भारतीय वायुसेना के हर प्रकार की आकस्मिक स्थिति के लिए तैयार रहने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और ‘‘प्रभावी तरीके से ‘टीम वर्क’ (मिलकर काम करना)’’ करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, ‘‘अपनी विजय और सफलता का जश्न मनाते हुए हमें भविष्य के लिए भी तैयार रहना चाहिए। हमारी योजनाएं नवोन्मेषी, व्यावहारिक और अनुकूलनीय होनी चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा प्रशिक्षण ‘जैसे हम लड़ते हैं वैसे ही प्रशिक्षण लें’ के सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए इसलिए यह उभरती चुनौतियों के लिए प्रासंगिक, ईमानदार और कठोर होना चाहिए।’’
वायुसेना प्रमुख ने भारतीय वायुसेना से अपनी ‘‘सामूहिक शक्ति’’ का लाभ उठाने और न केवल अपने बल के भीतर बल्कि अन्य रक्षा सेवाओं के साथ भी ‘‘तालमेल को बढ़ावा देने’’ का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह समझना होगा कि जीत प्रभावी ‘टीम वर्क’ से मिलती है। हमें राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अपनी सामूहिक शक्ति का लाभ उठाना होगा, तालमेल बढ़ाना होगा और न केवल भारतीय वायु सेना के भीतर, बल्कि अन्य रक्षा सेवाओं एवं संगठनों के साथ भी अंतरअभियानगत क्षमता को बढ़ावा देना होगा।’’ वायुसेना प्रमुख ने विभिन्न राष्ट्रीय संकटों के दौरान भी अपने बल की भूमिका का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंधु के दौरान भारतीय वायु सेना ने संघर्षग्रस्त क्षेत्रों से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए तुरंत कार्रवाई की।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जिस करुणा, तेजी और विश्वसनीयता के साथ भारतीय वायु सेना ने अक्सर खतरनाक परिस्थितियों में भी आशा का संचार किया, वह ‘स्वयं से पहले सेवा’ के सर्वोच्च आदर्शों का प्रतीक है।’’
भारत ने ईरान और इजराइल के संघर्षग्रस्त क्षेत्रों से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए जून में ऑपरेशन सिंधु शुरू किया था।

 

]]>
https://demo.theshikshanews.com/opareshan-sindoor-se-raashtreey-chetana-mein-aakraamak-havaee-kaarravaee-ka-uchit-sthaan-bahaal-vaayusena-pramukh/feed/ 0
‘ऑपरेशन सिंदूर’ तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और परिचालन सामंजस्य का प्रमाण : जनरल अनिल चौहान https://demo.theshikshanews.com/operation-sindoor-is-a-proof-of-better-coordination-and-operational-coherence-between-the-three-armies-general-anil-chauhan/ https://demo.theshikshanews.com/operation-sindoor-is-a-proof-of-better-coordination-and-operational-coherence-between-the-three-armies-general-anil-chauhan/#respond Sun, 10 Aug 2025 13:25:29 +0000 http://www.khabariya.com/?p=4716 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने कहा है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और परिचालन सामंजस्य का प्रमाण है। रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में यह जानकारी दी गयी।
उन्होंने 21 वें उच्च रक्षा प्रबंधन पाठ्यक्रम (एचडीएमसी) के प्रतिभागियों और कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट (सीडीएम), सिकंदराबाद के वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित करते हुए सशस्त्र बलों में एकीकृत अभियानों के भविष्य की कार्य योजना को आकार देने के लिए अहम बिंदुओं का उल्लेख किया।
जनरल अनिल चौहान ने प्रौद्योगिकी-संचालित आधुनिक युद्ध में विघटनकारी परिवर्तनों से निपटने के लिए व्यापक क्षमता विकास, आत्मनिर्भरता और सेना में किए जा रहे परिवर्तनकारी बदलावों की गहरी समझ के महत्व पर बल दिया।
सीडीएस ने ‘राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना और उच्चतर रक्षा प्रबंधन’ पर एक व्यापक व्याख्यान में भारत के रक्षा संगठन के विकास और वर्तमान ढांचे की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने सैन्य मामलों के विभाग की उपलब्धियों, निर्णय लेने के लिए महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुरक्षा समितियों के कामकाज, संगठनात्मक पुनर्गठन सहित सुधारों के पालन और संयुक्त क्षमता बढ़ाने हेतु थिएटर कमांड की कार्य योजना का उल्लेख किया। उन्होंने उभरती राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए निरंतर सुधारों, आपसी तालमेल और अनुकूलनशीलता के महत्व पर बल दिया गया।
जनरल अनिल चौहान ने संयुक्त रसद और एकीकरण को मजबूत करने के निरंतर प्रयासों के तहत, सीडीएम द्वारा तैयार एक व्यापक मार्गदर्शिका, ‘एकीकृत रसद के लिए संयुक्त प्राइमर’ जारी की। उन्होंने कहा कि रसद सैन्य अभियानों की रीढ़ है और सशस्त्र बलों में रसद प्रक्रियाओं का एकीकरण रणनीतिक उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए अत्यंत जरूरी है।
सीडीएस ने स्मार्ट बाइक पब्लिक साइकिल शेयरिंग सुविधा का भी उद्घाटन किया, जो सीडीएम के कर्मचारियों के लिए दैनिक आवागमन हेतु पर्यावरण-अनुकूल ई-साइकिलों तक सुविधाजनक पहुंच सुनिश्चित करने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने की एक अग्रणी कदम है। यह परियोजना सीडीएम द्वारा स्मार्ट बाइक मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से लागू की गई है और यह सीडीएम की पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं, स्मार्ट तकनीक और स्वस्थ जीवनशैली विकल्पों को अपनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस अवसर पर कमांडेंट, सीडीएम मेजर जनरल हर्ष छिब्बर ने सशस्त्र बलों के भविष्य के रणनीतिक नेतृत्व को आकार देने के लिए व्यावसायिक सैन्य शिक्षा को बढ़ावा देने की वर्तमान पहल पर व्यापक जानकारी दी।
सीडीएम, एक प्रमुख त्रि-सेवा संस्थान है जो वरिष्ठ अधिकारियों को उच्च नेतृत्वकारी भूमिकाओं के लिए आवश्यक समकालीन प्रबंधन कौशल से सुसज्जित करने में निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 44 सप्ताह तक चलने वाले इस एचडीएमसी में 167 प्रतिभागी शामिल हैं, जिनमें मित्र देशों के 12 अधिकारी भी शामिल हैं, जो क्षेत्रीय सहयोग और सैन्य कूटनीति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और पुष्ट करता है।

]]>
https://demo.theshikshanews.com/operation-sindoor-is-a-proof-of-better-coordination-and-operational-coherence-between-the-three-armies-general-anil-chauhan/feed/ 0