money laundering – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Mon, 03 Nov 2025 16:08:59 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg money laundering – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 ईडी ने धन शोधन मामले में अनिल अंबानी के घर और 3,000 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की https://demo.theshikshanews.com/eedee-ne-dhan-shodhan-maamale-mein-anil-ambaanee-ke-ghar-aur-3000-karod-rupaye-kee-sampatti-kurk-kee/ https://demo.theshikshanews.com/eedee-ne-dhan-shodhan-maamale-mein-anil-ambaanee-ke-ghar-aur-3000-karod-rupaye-kee-sampatti-kurk-kee/#respond Mon, 03 Nov 2025 16:08:50 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5621 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन से जुड़े एक मामले में रिलायंस अनिल अंबानी समूह की 40 से ज़्यादा संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। इसमें इस उद्योगपति का मुंबई के पाली हिल इलाके में बना मशहूर आवास भी शामिल है तथा ज़ब्त की गई संपत्तियों का कुल मूल्य 3,000 करोड़ रुपये से अधिक है।
ईडी ने सोमवार को यह जानकारी दी। इसमें कहा गया है कि इसके अलावा दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मुंबई, पुणे, ठाणे, हैदराबाद, चेन्नई, कांचीपुरम और पूर्वी गोदावरी स्थित संपत्तियों को कुर्क किया गया है। ज़ब्त की गई इन संपत्तियों में कार्यालय स्थल, आवासीय इकाइयाँ और ज़मीन का शामिल हैं। इनका कुल मूल्य लगभग 3,084 करोड़ रुपये आंका गया है।
यह मामला समूह की दो कंपनियों रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) के आम लोगों से जुटाए धन की कथित हेराफेरी और शोधन से जुड़ा है। ईडी की जांच में पाया गया कि 2017 और 2019 के बीच, यस बैंक ने इन कंपनियों में लगभग 5,000 करोड़ रुपये का निवेश किया। ये निवेश बाद में गैर-निष्पादित हो गए, जिससे 3,300 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया रह गया।
ईडी ने अपनी जांच में पाया कि नियमों को दरकिनार कर धन का लेनदेन किया गया। पूर्ववर्ती रिलायंस निप्पॉन म्यूचुअल फंड में निवेश किए गए पैसे को यस बैंक के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से अनिल अंबानी समूह की कंपनियों में लगाया गया। ऐसा करने में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियमों की अनदेखी की गयी।
ईडी को अपनी जांच में कर्ज देने की प्रक्रिया में “लगातार और जानबूझकर की गयी विफलताओं” का पता चला। एजेंसी ने कहा कि समूह से जुड़ी संस्थाओं मिले कर्ज की आवश्यक जांच नहीं हुयी और इस काम को “तेज़ी से पूरा” किया गया।
ईडी ने कहा, “कई ऋणों की प्रक्रिया आवेदन, स्वीकृति और समझौते के दिन ही पूरी हो गई, और कुछ मामलों में, वितरण का काम, स्वीकृति से पहले ही हो गया।” ईडी ने आगे कहा कि इस सारे काम की जांच नहीं हुयी और कई दस्तावेज़ “खाली, ओवरराइट और बिना तारीख वाले” पाए गए।
इसी सिलसिले में, ईडी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) ऋण धोखाधड़ी मामले में भी अपनी जांच तेज कर दी है। ईडी ने इसमें 13,600 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी का पता लगाया है।
ईडी ने कहा कि वह ‘अपराध की आय’ का पता लगाना जारी रखे हुए है और इस तरह की कुर्की से होने वाली वसूली से अंततः आम जनता को लाभ होगा।

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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रिलायंस पावर के सीएफओ अशोक कुमार पाल को न्यायिक हिरासत में भेजा गया https://demo.theshikshanews.com/manee-londring-maamale-mein-rilaayans-paavar-ke-seeepho-ashok-kumaar-paal-ko-nyaayik-hiraasat-mein-bheja-gaya/ https://demo.theshikshanews.com/manee-londring-maamale-mein-rilaayans-paavar-ke-seeepho-ashok-kumaar-paal-ko-nyaayik-hiraasat-mein-bheja-gaya/#respond Thu, 16 Oct 2025 14:59:05 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5387 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi।  दिल्ली की एक अदालत ने अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह के वरिष्ठ अधिकारी और रिलायंस पावर लिमिटेड के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) अशोक कुमार पाल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
उद्योगपति अंबानी के करीबी सहयोगी पाल को एडीए समूह से जुड़ी फर्जी बैंक गारंटी मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया था। हिरासत में लिए जाने के तुरंत बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
एडीए मामले में यस बैंक और एडीए समूह की कंपनियों पर वित्तीय घोटाले के आरोप हैं, जिसकी कमान पहले अनिल अंबानी के हाथ में थी।
ईडी ने आरोप लगाया था कि अनिल अंबानी और उनके रिलायंस समूह की संस्थाएं 17,000 करोड़ रुपए के अधिक की लोन धोखाधड़ी मामले में शामिल थीं। ईडी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), एक प्राथमिकी के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत संभावित उल्लंघनों की जांच कर रहा है। सरकारी जांच एजेंसी संदेह है कि 2017 और 2019 के बीच यस बैंक द्वारा वितरित लगभग 3,000 करोड़ रुपए के लोन का दुरुपयोग किया गया था।
सरकारी एजेंसी ने दावा किया है कि पाल ने कंपनी के पैसे को डायवर्ट करने और भारतीय सौर ऊर्जा निगम (एसईसीआई) को 68 करोड़ रुपए से अधिक की फर्जी बैंक गारंटी जमा करने में अहम भूमिका निभाई।
जुलाई में एक बड़े अभियान में, ईडी ने रिलायंस समूह से जुड़े 35 परिसरों की तलाशी ली, जिसमें 50 से अधिक कंपनियों और 25 व्यक्तियों को निशाना बनाया गया, जिनके इस मामले से जुड़े होने का अनुमान है।
अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह की कंपनियों के शेयरों में बीते एक महीने में भारी गिरावट देखी गई। इस दौरान एनएसई पर रिलायंस पावर का शेयर 6.13 प्रतिशत गिरकर 44.99 रुपए पर पहुंच गया है, जबकि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर भी गिरावट आई और 12.06 प्रतिशत गिरकर 229 रुपए पर पहुंच गए हैं।

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