Mallikarjun Kharge – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Mon, 03 Nov 2025 15:20:58 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg Mallikarjun Kharge – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 नीतीश को डुबाने की चाल चल रहे हैं प्रधानमंत्री, अपने किसी ‘चेले’ को मुख्यमंत्री बना देंगे: खरगे https://demo.theshikshanews.com/neeteesh-ko-dubaane-kee-chaal-chal-rahe-hain-pradhaanamantree-apane-kisee-chele-ko-mukhyamantree-bana-denge-kharage/ https://demo.theshikshanews.com/neeteesh-ko-dubaane-kee-chaal-chal-rahe-hain-pradhaanamantree-apane-kisee-chele-ko-mukhyamantree-bana-denge-kharage/#respond Mon, 03 Nov 2025 15:12:55 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5599 NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. Patna/Vaishali। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को डुबाने की चाल रहे हैं और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की फिर से सरकार बनने पर वह अपने किसी ‘चेले’ को मुख्यमंत्री बना देंगे तथा नीतीश को घर बैठा देंगे।


उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन में यह कटाक्ष भी किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नीतीश को इस तरह ‘‘गायब’’ कर दिया है कि अब उन्हें मुख्यमंत्री बनाने का नाम ही नहीं लिया जा रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने पटना में रविवार को हुए प्रधानमंत्री के रोडशो का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘नीतीश जी कहां थे, नहीं दिखे। राजग सरकार बनाने की बात करने वालों ने उन्हें गायब कर दिया। इतना गायब कर दिए, उनको मुख्यमंत्री बनाने का नाम नहीं लेते।’’
⁠खरगे ने आरोप लगाया, ‘‘चुनाव के बाद क्या होगा, मैं नहीं कह सकता। मोदी जी नीतीश जी को डुबाने की चाल चल रहे हैं।’’ उन्होंने बाद में एक बयान में कहा कि नीतीश कुमार को ‘हाईजैक’ कर लिया गया है और चुनाव के बाद उन्हें दूध से मक्खी की तरह बाहर निकाल दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री के रोडशो में जनता दल (यू) की तरफ से पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह शामिल हुए थे।
इससे पहले, खरगे ने वैशाली में एक जनसभा में कहा, ‘‘अब ये (नीतीश) मोदी की गोद में बैठे हैं। यह लिखकर रख लो वह (प्रधानमंत्री) नीतीश को मुख्यमंत्री नहीं बनाएंगे। वह अपने किसी चेले को बना देंगे और कहेंगे कि नीतीश जी, आपकी तबियत ठीक नहीं है, आप घर बैठकर आराम करिए, हम आपकी औषधि का इंतजाम करते हैं।’’
राजद द्वारा कांग्रेस की कनपटी पर ‘कट्टा रखकर’ मुख्यमंत्री पद छीनने संबंधी प्रधानमंत्री के आरोपों पर खरगे ने संवाददाता सम्मेलन में तंज कसा, ‘‘क्या जब राजद ने कांग्रेस की कनपट्टी पर कट्टा रखा, तो नरेन्द्र मोदी वहां मौजूद थे? ’’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री कैसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। न कांग्रेस को कोई डरा सकता है न कांग्रेस किसी से डरने वाली है। हमारा महागठबंधन सम्मान और दोस्ती के साथ आगे बढ़ रहा है।’’
कांग्रेस अध्यक्ष ने राजग के घोषणापत्र को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘ये लोग घोषणापत्र जारी करने आए तो सिर्फ 36 सेकंड में प्रेस वार्ता ख़त्म कर दी। 20 साल से शासन में हैं दो मिनट तो रुक जाते।’’
खरगे ने कहा, ‘‘दो दशकों से बिहार में भाजपा-जद(यू) की सरकार है और 11 वर्ष से मोदी जी केंद्र में हैं। आज अगर मुद्दों की बात करें तो बिहार के लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्याएं, महंगाई, बेरोज़गारी, बढ़ता पलायन और आर्थिक असमानता है।’’
उन्होंने महागठबंधन के चुनावी वादों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार बनने पर इन पर पूरी तरह अमल किया जाएगा।
खरगे ने कहा, ‘‘बिहार में चुनाव आते ही नीतीश जी ने महिलाओं के खाते में 10 हजार रुपये डाल दिए और सोचा कि महिलाएं इनको वोट दे देंगी। लेकिन बिहार के लोग इतने होशियार हैं कि कोई अगर उनके खाते में 10 लाख रुपये भी डालेगा, तब भी वह सोच-समझकर ही वोट देंगे।’’
उन्होंने सवाल किया कि 10 हजार रुपये देने की बात भाजपा-जद (यू) को 20 साल में याद क्यों नहीं आई?
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘जनता जानती है कि यह चुनावी घोषणा है।’’
खरगे ने आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी युवाओं के लिए गंभीर नहीं हैं।
उनका कहना था, ‘‘रोजगार के नाम पर मोदी पहले कहते थे कि ‘पकौड़ा तलो’ और अब कहते हैं ‘रील बनाओ’। नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री हैं। उन्हें ठोस कदम उठाना चाहिए और लोगों को बताना चाहिए कि वे आगे क्या करने वाले हैं।’’
महागठबंधन की तरफ से उप मुख्यमंत्री पद के लिए सिर्फ एक नाम घोषित करने से जुड़े सवाल पर खरगे ने कहा कि सरकार बनने पर इस बारे में फैसला होगा कि कितने उप मुख्यमंत्री बनाए जाएंगे।

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सच्चे ‘जीएसटी 2.0’ का इंतजार जारी, राज्यों को राजस्व क्षतिपूर्ति की अवधि पांच साल बढ़े: कांग्रेस https://demo.theshikshanews.com/gst-2-0-continues-the-period-of-revenue-compensation-to-states-extended-by-five-years-congress/ https://demo.theshikshanews.com/gst-2-0-continues-the-period-of-revenue-compensation-to-states-extended-by-five-years-congress/#respond Thu, 04 Sep 2025 15:08:59 +0000 http://www.khabariya.com/?p=4985 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। कांग्रेस ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में सुधारों को लेकर बृहस्पतिवार को दावा किया कि अभी भी सच्चे ‘जीएसटी 2.0’ (जीएसटी के दूसरे संस्करण) का इंतजार जारी है और यह ‘जीएसटी 1.5’ है क्योंकि अभी यह देखना होगा कि क्या निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और क्या एमएसएमई पर बोझ कम होगा।
मुख्य विपक्षी दल ने यह भी कहा कि राज्यों की यह मांग अभी भी अनसुलझी है तथा पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है कि राजस्व की क्षतिपूर्ति की अवधि को पांच साल के लिए और बढ़ाया जाए।
जीएसटी परिषद ने बुधवार को आम सहमति से माल एवं सेवा कर में व्यापक सुधारों को मंजूरी दी। इन सुधारों के तहत साबुन, साइकिल, टीवी और व्यक्तिगत स्वास्थ्य तथा जीवन बीमा पॉलिसी जैसे आम उपयोग के उत्पादों पर जीएसटी की दरें कम की गयी हैं।
जीएसटी में पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो-स्तरीय कर संरचना को मंजूरी दी गयी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘लगभग एक दशक से कांग्रेस जीएसटी के सरलीकरण की माँग कर रही है। मोदी सरकार ने “एक राष्ट्र, एक कर” को ‘एक राष्ट्र, नौ कर’ बना दिया था।’
उन्होंने उल्लेख किया कि कांग्रेस पार्टी ने अपने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों के घोषणापत्रों में सरल और तर्कसंगत कर व्यवस्था के साथ जीएसटी 2.0 की मांग की थी।
उन्होंने दावा किया कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के समय जब जीएसटी विधेयक लाया गया था तो गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसका विरोध किया था।
खरगे ने कहा कि आज यही भाजपा सरकार रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह का जश्न मनाती है, जैसे कि आम जनता से टैक्स वसूलकर उसने कोई बहुत बड़ा काम किया हो।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘देश के इतिहास में पहली बार किसानों पर टैक्स लगाया गया है। इस मोदी सरकार ने कृषि क्षेत्र की कम से कम 36 वस्तुओं पर जीएसटी थोपा था। दूध-दही, आटा-अनाज, यहाँ तक कि बच्चों की पेन्सिल-किताबें, ऑक्सीजन, बीमा और अस्पताल के खर्च जैसी रोज़मर्रा की चीज़ों पर भी मोदी सरकार ने जीएसटी थोपा।’
उन्होंने कहा कि इसीलिए कांग्रेस ने भाजपा के इस जीएसटी को ‘गब्बर सिंह टैक्स’ का नाम दिया।
खरगे ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह अच्छी बात है कि आठ वर्ष देर से ही सही, जीएसटी पर मोदी सरकार की कुम्भकर्णी नींद खुली और उन्होंने जाग कर दरों को तर्कसंगत बनाने की बात की है।
उन्होंने कहा कि अभी राज्यों को 2024-25 को आधार वर्ष मानकर पांच वर्षों की अवधि के लिए क्षतिपूर्ति दिया जाए, क्योंकि दरों में कटौती से उनके राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना तय है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘कांग्रेस लंबे समय से जीएसटी 2.0 की वकालत कर रही है जिससे दरों की संख्या कम हो, बड़े पैमाने पर उपभोग की जाने वाली वस्तुओं पर दरों में कटौती हो, कर चोरी, गलत वर्गीकरण और विवादों की संख्या कम हों, उलटे शुल्क ढांचे (लागत की तुलना में उत्पादन पर कम कर) समाप्त हों, एमएसएमई पर अनुपालन का बोझ कम हो और जीएसटी कवरेज का विस्तार हो।’
उन्होंने कहा, ‘केंद्रीय वित्त मंत्री ने कल शाम जीएसटी परिषद की बैठक के बाद कई बड़ी घोषणाएं कीं। हालांकि, जीएसटी परिषद की बैठक से पहले ही, प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त, 2025 के अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में इसके निर्णयों की सारगर्भित घोषणा कर दी थी। ‘
उन्होंने सवाल किया कि क्या जीएसटी परिषद एक औपचारिकता मात्र रह गई है?
रमेश ने दावा किया कि निजी उपभोग में तेजी की कमी, निजी निवेश की धीमी दर और अंतहीन वर्गीकरण विवादों का सामना करते हुए, केंद्रीय वित्त मंत्री ने अंततः स्वीकार किया है कि ‘जीएसटी 1.0’ आखिरी सीमा तक पहुंच गया।
उन्होंने कहा, ‘ दरअसल, जीएसटी 1.0 का डिज़ाइन ही दोषपूर्ण था और कांग्रेस ने जुलाई 2017 में ही इस ओर इशारा कर दिया था, जब प्रधानमंत्री ने अपना एक यू-टर्न लेते हुए जीएसटी लागू करने का फैसला किया था। इसे एक अच्छा और सरल कर माना जाता था। यह विकास को दबाने वाला कर निकला।’
कांग्रेस नेता ने कहा कि कल शाम की घोषणाएं निश्चित रूप से सुर्खियां बनीं क्योंकि प्रधानमंत्री ने दिवाली से पहले की समय-सीमा पहले ही तय कर दी थी।
रमेश ने यह भी कहा, ‘ संभवतः दरों में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाएगा। हालांकि, एक सच्चे जीएसटी 2.0 का इंतज़ार जारी है। क्या यह नया ‘जीएसटी 1.5’ निजी निवेश को प्रोत्साहित करेगा, देखना बाकी है। क्या इससे एमएसएमई पर बोझ कम होगा, यह तो समय ही बताएगा। ‘
रमेश ने दावा किया कि सहकारी संघवाद की सच्ची भावना से राज्यों की एक प्रमुख मांग अर्थात उनके राजस्व की पूरी तरह से रक्षा के लिए क्षतिपूर्ति की अवधि को पांच साल के लिए और बढ़ाया जाना, अभी तक अनसुलझी है। उन्होंने कहा कि वास्तव में, यह मांग अब और भी ज़्यादा महत्वपूर्ण हो गई है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा कि जीएसटी दरों में कमी स्वागत योग्य है, लेकिन यह कदम उठाने में बहुत देर हो गई।
पूर्व वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि जीएसटी का मौजूदा डिज़ाइन और कई दरें पहले ही नहीं होनी चाहिए थी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में कर ढांचे को सरल बनाने का ऐलान किया था। उसी घोषणा के अनुरूप जीएसटी परिषद ने कर दरों में व्यापक बदलाव को मंजूरी दी है।

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