Kishore – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Wed, 08 Oct 2025 15:28:25 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg Kishore – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 अधिवक्ता किशोर के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू करने की मांगी अनुमति https://demo.theshikshanews.com/adhivakta-kishor-ke-khilaaph-aaparaadhik-avamaanana-kaaryavaahee-shuroo-karane-kee-maangee-anumati/ https://demo.theshikshanews.com/adhivakta-kishor-ke-khilaaph-aaparaadhik-avamaanana-kaaryavaahee-shuroo-karane-kee-maangee-anumati/#respond Wed, 08 Oct 2025 15:28:25 +0000 https://www.khabariya.com/?p=5288 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi।  सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को हुई एक बड़ी सुरक्षा चूक के बाद अब इस पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। एक अधिवक्ता ने अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी से अनुरोध किया है कि वकील राकेश किशोर के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मंजूरी दी जाए। दरअसल, 71 वर्षीय वकील ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के दौरान मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की ओर जूता फेंकने की कोशिश की थी और नारे लगाए, ‘सनातन का अपमान नहीं सहेंगे’। यह घटना खुली अदालत में हुई, जिससे वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। इस घटना के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने किशोर का बार लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया।
कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की मांग
अधिवक्ता सुभाष चंद्रन केआर ने अटॉर्नी जनरल को लिखे पत्र में कहा कि किशोर का यह कृत्य न केवल न्यायालय की गरिमा को ठेस पहुंचाता है बल्कि न्याय प्रशासन में ‘गंभीर हस्तक्षेप’ भी है। उन्होंने इसे सुप्रीम कोर्ट की प्रतिष्ठा को ‘कमजोर करने और संविधान का अपमान करने की कोशिश’ बताया। कानून के मुताबिक, अगर अदालत खुद किसी अवमानना की घटना को देखती है तो वह सीधे कार्रवाई कर सकती है। लेकिन अगर कोई अन्य व्यक्ति यह कार्रवाई शुरू करना चाहता है तो उसे अटॉर्नी जनरल या सॉलिसिटर जनरल से अनुमति लेनी होती है।
घटना के बाद भी कोई पछतावा नहीं
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि घटना के बाद किशोर ने मीडिया में मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कीं और अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं जताया। अधिवक्ता का कहना है कि यह रवैया अदालत को बदनाम करने और जनता का भरोसा कमजोर करने की मंशा दिखाता है। इससे पहले ‘मिशन अंबेडकर’ के संस्थापक ने भी अटॉर्नी जनरल को पत्र लिखकर धार्मिक वक्ता अनिरुद्धाचार्य (अनिरुद्ध राम तिवारी) और यूट्यूबर अजीत भारती के खिलाफ अवमानना कार्यवाही की मांग की थी। आरोप है कि उन्होंने इस हमले के लिए माहौल भड़काने में भूमिका निभाई।

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