Kim Jong Un – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Tue, 23 Sep 2025 04:37:54 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg Kim Jong Un – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 परमाणु निरस्त्रीकरण अब पुरानी कहानी: किम जोंग उन https://demo.theshikshanews.com/paramaanu-nirastreekaran-ab-puraanee-kahaanee-kim-jong-un/ https://demo.theshikshanews.com/paramaanu-nirastreekaran-ab-puraanee-kahaanee-kim-jong-un/#respond Tue, 23 Sep 2025 04:37:54 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5123 NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. Pyongyang। उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग उन ने कहा है कि परमाणु निरस्त्रीकरण एक अवधारणा के रूप में अपना अर्थ खो चुका है और उनका देश अपने परमाणु हथियारों को ‘कभी नहीं’ त्यागेगा, लेकिन अगर अमेरिका ‘परमाणु निरस्त्रीकरण के अपने मोह को छोड़ दे’ तो वह उसके साथ ‘शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व’ पर चर्चा के लिए तैयार है।
उत्तर कोरिया की संवाद समिति केसीएनए के अनुसार, श्री उन ने चौदहवीं सुप्रीम पीपुल्स असेंबली के तेरहवें सत्र के दूसरे दिन यह टिप्पणी की। यह सत्र 20 से 21 सितंबर तक मानसुडे असेंबली हॉल में आयोजित किया गया था। अपने संबोधन में श्री किम ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ अपनी ‘अच्छी यादें’ साझा कीं। साल 2018-19 में हुयी इन मुलाकातों में प्रतिबंधों में राहत के बदले परमाणु निरस्त्रीकरण के कदमों पर चर्चा करने के लिए तीन बार बात की गयी थी।
यह टिप्पणी अमेरिका के राष्ट्रपति के इस साल श्री किम से मिलने की इच्छा व्यक्त करने के एक महीने से भी कम समय बाद आयी है। उन्होंने तब श्री किम के साथ अपने ‘बेहद मैत्रीपूर्ण’ संबंधों पर ज़ोर दिया था।
श्री किम ने दक्षिण कोरिया के साथ बातचीत की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया और दोहराया कि उनका देश कभी भी दक्षिण कोरिया के साथ पुनर्मिलन की कोशिश नहीं करेगा।
उत्तर कोरिया, अपने इस पड़ोसी देश को अमेरिका के अधीन एक ‘औपनिवेशिक देश’ बता चुका है। उन्होंने देश की आर्थिक दिशा और कृषि उपज में विश्वास भी जताया और यूक्रेन पर रूस के आक्रमण का सामना करने के लिए उत्तर कोरिया के सैनिकों की तैनाती के समर्थन किया।<
उत्तर कोरियाई नेता ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ता की संभावना को कड़े शब्दों में खारिज करते हुए कहा कि न तो अमेरिका और न ही दक्षिण कोरिया के पास ‘दुनिया को हमारे साथ बातचीत करने की जरूरत के बारे में समझाने के लिए पर्याप्त आधार हैं।’
श्री किम ने कहा कि देश का अस्तित्व बना रहेगा या पतन हो जायेगा, “इस सवाल के जवाब में एक परमाणु-सशस्त्र राज्य में हमारा परिवर्तन एक अनिवार्य विकल्प था और इसी कारण से, हमने गणराज्य के सर्वोच्च कानून में परमाणु हथियारों के कब्जे को एक पवित्र और पूर्ण अधिकार के रूप में प्रतिष्ठित किया है जिसे किसी भी परिस्थिति में बदला नहीं जा सकता। ”
उत्तर कोरियाई नेता ने कहा, “हमें ‘परमाणु निरस्त्रीकरण’ क्यों करना चाहिए? प्रतिबंध हटाने के लिए? कभी नहीं, बिल्कुल नहीं। मैं स्पष्ट रूप से कहता हूं कि ‘परमाणु निरस्त्रीकरण’ हमारे साथ कभी नहीं होगा।”
श्री किम ने कोरियाई प्रायद्वीप के आसपास अमेरिका और दक्षिण कोरिया की सैन्य गतिविधियों के बारे में शिकायतों की एक लंबी सूची गिनवायी और दावा किया कि बिगड़ती सुरक्षा स्थिति ‘रिकॉर्ड तोड़ रही है,’ लेकिन युद्ध रोकने और दुश्मनों को रोकने के उद्देश्य से अपने सैन्य विकास के कारण उत्तर कोरिया पहले से कहीं अधिक सुरक्षित बना हुआ है।
श्री किम ने ज़ोर देकर कहा कि उत्तर कोरिया अपनी सैन्य क्षमताओं को तब तक मजबूत करना बंद नहीं करेगा, जब तक ‘हमारे खिलाफ बाहरी परमाणु खतरा अनसुलझा रहता है।’
उन्होंने दक्षिण कोरिया और उसके सहयोगियों को धमकी दी कि अगर वे उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों से नहीं डरते हैं तो वे उन्हें ‘नष्ट’ कर देंगे। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उत्तर कोरिया बाहरी चुनौतियों का सामना करने के लिए अपने सशस्त्र बलों में सुधार जारी रखेगा, और कहा कि उनके पास अब ‘गुप्त हथियार’ हैं ।”
गौरतलब है कि लंबी दूरी के सटीक प्रहार करने वाले हथियार, एआई सक्षम मानवरहित प्रणालियां, उन्नत वायु-रोधी मिसाइलें और समुद्री प्लेटफार्मों पर रणनीतिक हथियार इनमें शामिल किये जाते हैं।

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