India – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Wed, 21 Jan 2026 15:17:07 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg India – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 भारत लोकतंत्र की जननी, प्राचीन काल से ही हमारे यहां रही है मतदान की परंपरा : ज्ञानेश कुमार https://demo.theshikshanews.com/bhaarat-lokatantr-kee-jananee-praacheen-kaal-se-hee-hamaare-yahaan-rahee-hai-matadaan-kee-parampara-gyaanesh-kumaar/ https://demo.theshikshanews.com/bhaarat-lokatantr-kee-jananee-praacheen-kaal-se-hee-hamaare-yahaan-rahee-hai-matadaan-kee-parampara-gyaanesh-kumaar/#respond Wed, 21 Jan 2026 15:17:07 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6152 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर भारत अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (आईआईसीडीईएम) 2026 शुरू किया।
यह तीन दिवसीय सम्मेलन लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में भारत द्वारा आयोजित अपनी तरह का सबसे बड़ा वैश्विक आयोजन होने वाला है, जिसमें दुनिया भर से चुनाव प्रशासक, नीति निर्माता, शिक्षाविद और विशेषज्ञ एक साथ आएंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए भारत की प्राचीन लोकतांत्रिक प्रणाली के बारे में विस्तार से बताया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में बुधवार को ईसीआई ने चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर, भारत मंडपम में आयोजित आईआईसीडीईएम 2026 के आधिकारिक स्वागत समारोह में 40 से अधिक देशों के सम्मानित मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत किया।
उद्घाटन सत्र में सभा को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “आज मैं नई दिल्ली में हो रहे इस तीन-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करने के लिए आपके सामने खड़ा हूं। सबसे पहले, मैं हमारे अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों का हार्दिक स्वागत करता हूं। जैसा कि हम अक्सर कहते हैं, भारत लोकतंत्र की जननी है। जब आप इस हॉल से बाहर निकलेंगे, तो आप देखेंगे कि बैकग्राउंड में स्तूप और अशोक स्तंभ हैं, जो लोकप्रिय रूप से लगभग 600 ईसा पूर्व के लोकतांत्रिक विचारों की शुरुआती नींव से जुड़े हुए हैं।”
उन्होंने कहा कि सम्मेलन के बैकग्राउंड में अथर्ववेद का एक संस्कृत श्लोक भी था, जो वर्तमान युग से एक सहस्राब्दी से भी पहले का है, जिसमें ग्राम समितियों और कमेटियों के बारे में बताया गया है।
उन्होंने कहा, “बैकड्रॉप में कुडावोलाई का भी जिक्र है, जो वोटिंग की एक पुरानी प्रणाली है, जिसका जिक्र तमिल शिलालेखों और मूर्तियों में मिलता है, जो मौजूदा दौर से लगभग हजार साल पुरानी हैं।”
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, “ये सभी ऐतिहासिक बातें हमें न सिर्फ लोकतंत्र का जश्न मनाने के लिए, बल्कि इसके भविष्य के रास्ते, चुनौतियों और चुनावी प्रक्रियाओं को ज्यादा आसान और कुशल बनाने के तरीकों को समझने के लिए भी एक साथ लाती हैं। ये हमें यह समझाने में मदद करती हैं कि लॉजिस्टिक्स, पैमाने और पारदर्शिता के मामले में भारतीय चुनाव साल-दर-साल दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक अभ्यासों में से एक कैसे बन गए हैं।”
उन्होंने कहा कि भारत का चुनाव आयोग, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत स्थापित एक संवैधानिक संस्था है, को चुनावों की देखरेख, निर्देशन और संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस स्वागत समारोह से चर्चाओं की औपचारिक शुरुआत हुई और प्रतिनिधियों को साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनावी प्रक्रियाओं पर बातचीत करने का मौका मिला।
अब तक, 32 देशों से लगभग 71 प्रतिनिधि आईआईसीडीईएम 2026 में हिस्सा लेने के लिए आ चुके हैं। उम्मीद है कि इस कार्यक्रम में दुनिया भर के 70 से ज्यादा देशों के लगभग 100 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि, भारत में स्थित विदेशी मिशनों के सदस्य, और चुनाव प्रबंधन के शिक्षाविद और विशेषज्ञ शामिल होंगे।

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भारत और यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के करीब: यूरोपीय आयोग अध्यक्ष https://demo.theshikshanews.com/bhaarat-aur-yooropeey-sangh-mukt-vyaapaar-samajhaute-par-hastaakshar-ke-kareeb-yooropeey-aayog-adhyaksh/ https://demo.theshikshanews.com/bhaarat-aur-yooropeey-sangh-mukt-vyaapaar-samajhaute-par-hastaakshar-ke-kareeb-yooropeey-aayog-adhyaksh/#respond Tue, 20 Jan 2026 16:32:52 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6145 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मंगलवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर के करीब हैं और यह अब तक का सबसे बड़ा समझौता होगा।
सुश्री लेयेन ने मंगलवार को दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) को संबोधित करते हुए कहा कि दावोस के बाद अगले सप्ताहांत में वह भारत की यात्रा करेंगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी कुछ काम शेष है।
उन्होंने कहा, “और दावोस के तुरंत बाद अगले सप्ताहांत में मैं भारत की यात्रा करूंगी। अभी कुछ काम बाकी है, लेकिन हम एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बिल्कुल करीब हैं। वास्तव में, कुछ लोग इसे सभी समझौतों की जननी कहते हैं।” उन्होंने कहा कि यह समझौता दो अरब लोगों का मुक्त बाजार तैयार करेगा। इसमें शामिल पक्ष वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में लगभग एक चौथाई योगदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इससे यूरोप को दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते और गतिशील क्षेत्रों में से एक (भारत) के साथ पहले समझौता करने का लाभ मिलेगा।
यूरोपीय आयोग अध्यक्ष ने कहा कि यूरोप मौजूदा दौर में आर्थिक वृद्धि के केंद्रों और इस सदी की आर्थिक शक्तियों के साथ व्यापार करना चाहता है जिसमें लैटिन अमेरिका से लेकर हिन्द प्रशांत और उससे आगे तक के क्षेत्र शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ ऑस्ट्रेलिया के साथ एक नए मुक्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत कर रहा है। इसके अलावा वह फिलीपींस, मलेशिया, इंडोनेशिया और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ भी समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “यूरोप दुनिया को चुनेगा और दुनिया भी यूरोप को चुनने के लिए तैयार है।”
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। इसके बाद वे 27 जनवरी को संयुक्त रूप से भारत-यूरोपीय शिखर सम्मेलन की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ सह-अध्यक्षता करेंगे। इस दौरान मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है।

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भाजपा में नेतृत्व बदलता है, संगठन की दिशा नहीं : मोदी https://demo.theshikshanews.com/bhaajapa-mein-netrtv-badalata-hai-sangathan-kee-disha-nahin-modee/ https://demo.theshikshanews.com/bhaajapa-mein-netrtv-badalata-hai-sangathan-kee-disha-nahin-modee/#respond Tue, 20 Jan 2026 15:59:53 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6139 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संगठन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक परिवार बताया है और कहा है कि पार्टी में नेतृत्व तो बदलता है, लेकिन इसकी दिशा नहीं बदलती।
श्री मोदी ने भाजपा के नये अध्यक्ष के चुनाव के उपलक्ष्य में पार्टी मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। प्रधानमंत्री ने भाजपा के नव निर्वाचित अध्यक्ष नितिन नबीन को दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल का अध्यक्ष चुने जाने पर बहुत-बहुत बधाई और ‘शुभकामनाएं’ दीं और यह भी कहा कि खुद उनके लिए भाजपा का कार्यकर्ता होना बड़े गर्व की बात है। श्री मोदी ने कहा, “हमारी पार्टी में अध्यक्ष बदलते हैं, लेकिन आदर्श नहीं बदलते। नेतृत्व बदलता है, लेकिन दिशा नहीं बदलती।”
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा एक संस्कार है, भाजपा एक परिवार है। हमारे यहां ‘मेंबरशिप’ से भी ज्यादा ‘रिलेशनशिप’ होती है। भाजपा एक ऐसी परंपरा है, जो पद से नहीं, प्रक्रिया से चलती है। हमारे यहां पदभार एक व्यवस्था है और कार्यभार जीवन भर की जिम्मेदारी है।” श्री मोदी ने कहा, ‘‘हमारा नेतृत्व परंपरा से चलता है, अनुभव से समृद्ध होता है और जनसेवा एवं राष्ट्रसेवा के भाव से संगठन को आगे बढ़ाता है। भाजपा की शून्य से लेकर शिखर तक की यात्रा में यह सदैव प्रतिबिंबित होता रहा है।”
श्री मोदी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं का चरित्र और संस्कार ऐसा है कि उनके लिए ‘खुद से बड़ा दल और दल से बड़ा देश’ होता है। उन्होंने इसे भाजपा के हर कार्यकर्ता का संस्कार और जीवनमंत्र बताया और कहा, ‘‘इसी भाव के साथ बीते 11 वर्षों में हमने अनेक चुनौतियों पर विजय पाई है।” उन्होंने गत 11 वर्षों की भाजपा की यात्रा को जन-विश्वास अर्जित करने की अद्भुत यात्रा बताया और कहा कि पार्टी पर जनता-जनार्दन का भरोसा किस प्रकार सुदृढ़ हुआ है, यह हाल के विधानसभा चुनावों से लेकर स्थानीय निकाय चुनावों में भी देखने को मिला है।
इस दौरान जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने, तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाये जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन बातों को कभी असंभव माना जाता था, आज ये हकीकत बन चुके हैं। श्री मोदी ने कहा, ‘‘दशकों तक हमारे आदिवासी समाज को सिर्फ वोट बैंक से जोड़कर देखा गया। लेकिन भाजपा की संवेदनशीलता, संस्कार और समानता की भावना ने आदिवासियों में भी सबसे पिछड़ी जनजातियों की पीड़ा तक को समझा और उनके कल्याण के लिए योजनाएं बनायीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा के संगठनात्मक चुनाव एक व्यापक प्रक्रिया शत-प्रतिशत लोकतांत्रिक तरीके और भाजपा के संविधान की भावना के साथ आज विधिपूर्वक सम्पन्न हुए हैं। ‘संगठन पर्व’ का आज का यह विशाल आयोजन पार्टी की लोकतांत्रिक आस्था, संगठनात्मक अनुशासन और कार्यकर्ता केंद्रित सोच का प्रतीक है।
श्री मोदी ने कहा, लोगों को लगता होगा कि नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं, तीसरी बार प्रधानमंत्री बने, 50 साल की छोटी आयु में मुख्यमंत्री बन गये। 25 साल से ये लगातार सरकार के प्रमुख रहे हैं। ये सब अपनी जगह है, लेकिन इन सबसे भी बड़ी चीज मेरे जीवन में है, मैं भाजपा का कार्यकर्ता हूं। ये सबसे बड़ा गर्व है। जब बात पार्टी के विषयों पर आती है, तब मैं एक कार्यकर्ता हूं और माननीय नितिन नबीन जी मेरे बॉस हैं।”
श्री मोदी ने मंगलवार को कहा कि देश के लिए एक महत्वपूर्ण काल खंड के प्रारंभ में भाजपा का नेतृत्व नितिन नबीन जैसा युवा नेता संभाल रहा है, जिसमें भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री नबीन एक तरह से ‘मिलेनियल जेनरेशन’ के हैं और उन्होंने अपने आंखों के सामने भारत में बहुत बड़े बदलाव होते देखा है। उन्होंने कहा कि अगले 25 वर्ष भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कालखंड है। इसमें विकसित भारत का निर्माण होना तय है।
पार्टी के निवर्तमान अध्यक्ष जे पी नड्डा ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि श्री नबीन मूलत: कार्यकर्ता हैं, वैचारिक पृष्ठभूमि पर परिपक्व हैं और बहुत ही छोटी उम्र में पांच बार विधायक रह चुके हैं और वर्तमान में भी विधायक हैं। उन्होंने कहा, “ऐसे नौजवान, ऊर्जावान, प्रतिभावान व्यक्तित्व ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला है।” कार्यक्रम के मंच पर पार्टी के पूर्व अध्यक्ष सर्वश्री राजनाथ सिंह, अमित शाह और नितिन गडकरी तथा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी डॉ के लक्षमण उपस्थित थे।

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तलवारों की जगह दूसरे तरीकों से भारत के खिलाफ हो रहे षड्यंत्र : मोदी https://demo.theshikshanews.com/talavaaron-kee-jagah-doosare-tareekon-se-bhaarat-ke-khilaaph-ho-rahe-shadyantr-modee/ https://demo.theshikshanews.com/talavaaron-kee-jagah-doosare-tareekon-se-bhaarat-ke-khilaaph-ho-rahe-shadyantr-modee/#respond Sun, 11 Jan 2026 15:57:32 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6107 NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. Somnath। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यहां रविवार को ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अवसर पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में वह ताकतें मौजूद और पूरी तरह सक्रिय हैं, जिन्होंने सोमनाथ पुनर्निर्माण का विरोध किया। आज तलवारों की जगह दूसरे तरीके से भारत के खिलाफ षड्यंत्र रचे जा रहे हैं।
श्री मोदी ने कहा कि भारत के पास सोमनाथ जैसे हजारों साल पुराने पुण्य स्थल हैं। ये स्थल हमारे सामर्थ्य, प्रतिरोध और परंपरा के पर्याय रहे हैं लेकिन दुर्भाग्य से आजादी के बाद गुलामी की मानसिकता वाले लोगों ने इनसे पल्ला झाड़ने की कोशिश की। उस इतिहास को भुलाने के कुत्सित प्रयास किए गए। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से, आज भी हमारे देश में वो ताकते मौजूद हैं, जो पूरी तरह सक्रिय हैं, जिन्होंने सोमनाथ पुनर्निर्माण का विरोध किया। आज तलवारों की जगह दूसरे कुत्सित तरीकों से देश के खिलाफ षड्यंत्र हो रहे या फिर रचे जा रहे हैं। इसलिए हमें ज्यादा सावधान रहना है, हमें खुद को शक्तिशाली बनाना है। हमें एक रहना है, एकजुट रहना है, ऐसी हर ताकत को हराना है जो हमें बांटने की साजिशें रच रही हैं।
उन्होंने कहा कि जब हम अपनी आस्था से जुड़े रहते हैं, अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं, पूरे स्वाभिमान के साथ अपनी विरासत का संरक्षण करते हैं, अपनी विरासत के प्रति सजग रहते हैं, तो हमारी सभ्यता की जड़ें भी मजबूत होती हैं। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक अवसर पर, मैंने भारत के लिए हजार साल का विराट स्वप्न सामने रखा था। मैंने ‘देव से देश’ के विजन के साथ आगे बढ़ने की बात कही थी। आज देश का सांस्कृतिक पुनर्जागरण करोड़ों देशवासियों में नया विश्वास भर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हर देशवासी के मन में विकसित भारत को लेकर एक भरोसा है। आज 140 करोड़ भारतीय भविष्य के लक्ष्यों को लेकर संकल्पित हैं। भारत अपने गौरव को नई बुलंदी देगा, हम गरीबी के खिलाफ अपनी लड़ाई में जीतेंगे, हम विकास की नई ऊंचाइयों को छुएंगे। पहले दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य, फिर उसके आगे का सफर, देश अब इसके लिए तैयार हो चुका है। और सोमनाथ मंदिर की ये ऊर्जा, हमारे इन संकल्पों को आशीर्वाद दे रही है।
उन्होंने कहा कि आज का भारत विरासत से विकास की प्रेरणा लेकर आगे बढ़ रहा है। सोमनाथ में विकास भी विरासत भी ये भावना निरंतर साकार हो रही है। आज एक ओर, सोमनाथ मंदिर का सांस्कृतिक विस्तार, सोमनाथ संस्कृत यूनिवर्सिटी की स्थापना, माधवपुर मेले की लोकप्रियता और उसके रंग, इनसे हमारी विरासत मजबूत हो रही है, गिर लायन के संरक्षण से इस क्षेत्र का प्राकृतिक आकर्षण बढ़ रहा है, तो वहीं, प्रभास पाटन क्षेत्र विकास के नए आयाम भी गढ़े जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केशोद एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है। इससे देश-विदेश से श्रद्धालु सीधे सोमनाथ तक पहुंच सकेंगे। अहमदाबाद से वेरावल वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत से तीर्थयात्रियों और पर्यटकों का समय कम हुआ है। इस क्षेत्र में यात्राधाम सर्किट का विकास भी किया जा रहा है। यानी, आज का भारत आस्था को स्मरण करने के साथ ही, इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और टेक्नॉलॉजी के जरिए उसे भविष्य के लिए सशक्त भी कर रहा है।
श्री मोदी ने कहा कि हमारी सभ्यता का संदेश कभी किसी को पराजित करने का नहीं रहा, बल्कि जीवन को संतुलन में रखने का रहा है। हमारे यहां आस्था की राह हमें घृणा की तरफ नहीं ले जाती। हमारे यहाँ शक्ति हमें विनाश करने का अहंकार नहीं देती। सोमनाथ जैसे तीर्थ ने हमें सिखाया है कि, सृजन का मार्ग लंबा होता है, लेकिन वही स्थायी होता है, चिरंजीव होता है।
उन्होंने कहा कि तलवार की नोक पर कभी दिलों को नहीं जीता जा सकता, जो सभ्यताएं दूसरों को मिटाकर आगे बढ़ना चाहती हैं, वे स्वयं समय में खो जाती हैं। इसीलिए, भारत ने दुनिया को ये नहीं सिखाया कि दूसरे को हराकर कैसे जीता जाए, बल्कि ये सिखाया कि कैसे दिलों को जीतकर जिया जाए। ये विचार आज दुनिया की जरूरत हैं। सोमनाथ की हजार वर्षों की गाथा पूरी मानवता को ये सीख दे रही है। इसलिए आइए, हम संकल्प करें, हम विकास की ओर आगे बढ़ें, कदम से कदम मिलाकर चलें, कंधे से कंधा मिलाकर चलें, मन से मन को जोड़कर चलें, लक्ष्य को ओझल दिए हुए बिना हम चलते चलें, और साथ ही अपने अतीत और अपनी विरासत से भी जुड़े रहें।
श्री मोदी ने कहा कि हम आधुनिकता को अपनाते हुए अपनी चेतना को संभाले रखें। आइए, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व जैसे आयोजनों से प्रेरणा लेते हुए, विकसित होने के मार्ग पर तेजी से चलें। हर चुनौती को पार करते हुए, हम अपने लक्ष्य तक पहुंचें और ये कार्यक्रम आज तो शुरू हो रहा है, हमें हजार साल का स्मरण देश के कोन-कोने में करना है, दुनिया को हमारी विरासत का परिचय करवाना है, हमें 75 साल का ये नया पर्व भी मनाना है। हम 2027 मई तक इसको मनाते रहें, जन-जन को जगाते रहें , जगा हुआ देश सपनों को साकार करने के लिए चलता रहे, इसी कामना के साथ, एक बार फिर समस्त देशवासियों को मैं बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

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वर्ष 2026 में चार ग्रहण, भारत में केवल एक ग्रहण ही होगा दृश्य https://demo.theshikshanews.com/varsh-2026-mein-chaar-grahan-bhaarat-mein-keval-ek-grahan-hee-hoga-drshy/ https://demo.theshikshanews.com/varsh-2026-mein-chaar-grahan-bhaarat-mein-keval-ek-grahan-hee-hoga-drshy/#respond Fri, 09 Jan 2026 13:01:38 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6094 NCR TODAY. Khabariya. New Ujjain। खगोलीय घटनाओं के अनुसार वर्ष 2026 में कुल चार ग्रहण होंगे, लेकिन इनमें से भारत में केवल एक ही ग्रहण दिखाई देगा। यह जानकारी उज्जैन स्थित शासकीय जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रकाश गुप्त ने दी।
डॉ. गुप्त ने बताया कि वर्ष 2026 का पहला आंशिक सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को होगा। यह ग्रहण भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा। इसका प्रारंभ दोपहर 03 बजकर 26 मिनट 06 सेकंड पर होगा, मध्यकाल 05 बजकर 41 मिनट 09 सेकंड तथा मोक्षकाल सायंकाल 07 बजकर 57 मिनट 06 सेकंड पर रहेगा। यह ग्रहण अर्जेंटीना, चिली, दक्षिण अफ्रीका और अंटार्कटिका में दिखाई देगा। इसकी कुल अवधि 4 घंटे 31 मिनट की होगी।
उन्होंने बताया कि वर्ष का दूसरा ग्रहण 03 मार्च 2026 को पूर्ण चंद्र ग्रहण के रूप में होगा, जो सैद्धांतिक रूप से भारत में दृश्य माना गया है। इस ग्रहण का प्रारंभ दोपहर 03 बजकर 19 मिनट 07 सेकंड पर, मध्यकाल सायंकाल 05 बजकर 03 मिनट 07 सेकंड पर और मोक्ष सायंकाल 06 बजकर 47 मिनट 06 सेकंड पर होगा। यह ग्रहण भारत के अलावा पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका में भी दिखाई देगा।
हालांकि डॉ. गुप्त ने स्पष्ट किया कि उज्जैन में यह चंद्र ग्रहण व्यावहारिक रूप से नहीं देखा जा सकेगा। उस दिन सूर्यास्त 06 बजकर 31 मिनट पर होगा और चंद्रमा आंशिक ग्रहण की अवस्था में उदय करेगा। ग्रहण का मोक्ष 06 बजकर 45 मिनट 06 सेकंड पर हो जाएगा, जिससे चंद्रमा के स्पष्ट रूप से दिखाई देने से पहले ही ग्रहण समाप्त हो जाएगा।
उन्होंने आगे बताया कि तीसरा पूर्ण सूर्य ग्रहण 12 और 13 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि को होगा, जो भारत में दिखाई नहीं देगा। इस ग्रहण का प्रारंभ रात्रि 09 बजकर 04 मिनट 03 सेकंड पर, मध्यकाल 11 बजकर 15 मिनट 09 सेकंड पर तथा मोक्षकाल 13 अगस्त को रात्रि 01 बजकर 27 मिनट 09 सेकंड पर होगा। यह ग्रहण पश्चिमी यूरोप, पश्चिम अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, ग्रीनलैंड, उत्तरी अटलांटिक और उत्तरी प्रशांत महासागर में दिखाई देगा। इसकी अवधि भी 4 घंटे 31 मिनट की रहेगी।
वर्ष का अंतिम आंशिक चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को होगा। इसका प्रारंभ रात्रि 08 बजकर 03 मिनट 05 सेकंड पर, मध्यकाल 09 बजकर 42 मिनट 09 सेकंड पर और मोक्षकाल 11 बजकर 22 मिनट 03 सेकंड पर होगा। यह ग्रहण अंटार्कटिका, अफ्रीका, यूरोप, एशिया तथा हिंद, अटलांटिक और प्रशांत महासागरों में दिखाई देगा, लेकिन भारत में यह दृश्य नहीं होगा।

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रूस तेल आयात को लेकर ट्रंप ने भारत को दी शुल्क बढ़ाने की चेतावनी https://demo.theshikshanews.com/roos-tel-aayaat-ko-lekar-tramp-ne-bhaarat-ko-dee-shulk-badhaane-kee-chetaavanee/ https://demo.theshikshanews.com/roos-tel-aayaat-ko-lekar-tramp-ne-bhaarat-ko-dee-shulk-badhaane-kee-chetaavanee/#respond Mon, 05 Jan 2026 11:56:49 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6066 NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. Washington। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल का आयात करने के मामले में भारत पर आयात शुल्क बढ़ाने की चेतावनी देते हुए संकेत दिया है कि वाशिंगटन इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने के लिए तैयार है और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस मुद्दे पर उनकी नाराजगी से अवगत हैं।
अपने हवाई जहाज एयर फोर्स वन पर रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री ट्रंप ने कहा, “ श्री मोदी रूस के साथ भारत के ऊर्जा व्यापार पर उनकी नाराजगी को जानते हैं। श्री मोदी एक बहुत अच्छे इंसान हैं और वह जानते थे कि मैं खुश नहीं हूं। मुझे खुश करना महत्वपूर्ण था, क्योंकि वह व्यापार करते हैं और हम उन पर बहुत जल्दी शुल्क बढ़ा सकते हैं।”
यह चेतावनी ऐसे समय में आयी है, जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता चल रही है और अमेरिका ने भारत पर पहले ही 50 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क लगा रखा है।
यह घटनाक्रम वेनेजुएला में हाल ही में हुए अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद सामने आया है, जिसमें राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिका ने हिरासत में लिया था। इस घटनाक्रम ने वैश्विक तेल भू-राजनीति पर दुनिया का ध्यान खींचा है। ओपेक के आंकड़ों के अनुसार वेनेजुएला के पास 300 अरब बैरल से अधिक का दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार है, जो वैश्विक भंडार का लगभग 17 से 18 प्रतिशत है।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका के आयात शुल्क को दोगुना करके 50 प्रतिशत तक करने के बाद से श्री मोदी और श्री ट्रंप के बीच तीन बार बातचीत हुई है। इस शुल्क वृद्धि से कपड़ा, रसायन और झींगा मछली जैसी चीजों के निर्यात पर असर पड़ा है। दोनों पक्षों के बीच व्यापार वार्ता जुलाई के अंत में तब विफल हो गयी थी, जब भारत ने अपने कृषि बाजार को अमेरिकी उत्पादों के लिए खोलने का विरोध किया था और भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान श्री ट्रंप की मध्यस्थता की भूमिका को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। बातचीत हालांकि तब से जारी है।
दिसंबर 2025 में अमेरिकी उप व्यापार प्रतिनिधि रिक स्विट्जर ने नयी दिल्ली में भारतीय अधिकारियों के साथ दो दिनों में बैठकें की थीं। इस दौरान भारत ने रूसी तेल खरीद से जुड़े दंडात्मक शुल्कों से राहत देने पर जोर दिया था। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के कार्यालय ने इन चर्चाओं पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था।
श्री ट्रंप भारत पर अमेरिकी बाजार में चावल की डंपिंग करने का आरोप लगाते हुए भारतीय चावल के आयात पर भी नया शुल्क लगाने का संकेत दे चुके हैं।

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राष्ट्रपति पुतिन दो दिन की भारत यात्रा पर दिल्ली पहुंचे https://demo.theshikshanews.com/raashtrapati-putin-do-din-kee-bhaarat-yaatra-par-dillee-pahunche/ https://demo.theshikshanews.com/raashtrapati-putin-do-din-kee-bhaarat-yaatra-par-dillee-pahunche/#respond Thu, 04 Dec 2025 16:36:48 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5962 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिन की भारत यात्रा पर गुरुवार शाम यहां पहुंच गये। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी परंपरा से हटकर श्री पुतिन की अगवानी के लिए हवाई अड्डे पर मौजूद थे। उन्होंने गर्मजोशी के श्री पुतिन का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने पहले हाथ मिलाया और फिर गले मिले। हवाई अड्डे से दोनों नेता एक ही कार में प्रधानमंत्री आवास के लिए रवाना हुए। इस मौके पर हवाई अड्डे पर ही रूसी राष्ट्रपति के स्वागत के लिए नृत्य का आयोजन किया गया था।

PM meets the President of Russian Federation, Mr. Vladimir Putin at 7, Lok Kalyan Marg, in New Delhi on December 04, 2025.

दोनों नेताओं के बीच आज रात श्री मोदी द्वारा आयोजित रात्रि भोज पर क्षेत्रीय, द्विपक्षीय और वैश्विक महत्व के विभिन्न मुद्दों पर खुलकर बातचीत होने की संभावना है।
श्री पुतिन का शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया जायेगा। वहां से वह सीधे राजघाट जायेंगे और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
रूसी राष्ट्रपति की भारत यात्रा चार वर्ष के अंतराल पर हो रही है। मौजूदा वैश्विक भू-राजनैतिक परिदृश्य में यह यात्रा काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
श्री पुतिन शुक्रवार को 23वीं भारत रूस वार्षिक शिखर बैठक में श्री मोदी के साथ वार्ता करेंगे। बैठक में सुखोई-57 लड़ाकू विमानों के सौदे, एस-400 रक्षा प्रणाली, तेल खरीद समेत कई मुद्दों पर बातचीत होगी। दोनों नेता परस्पर हित के मुद्दों के साथ-साथ वैश्विक महत्व के मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा करेंगे। भारत रूस के साथ व्यापार घाटे को कम करने में उसकी प्रतिबद्धता चाहता है।
श्री पुतिन से पहले ही एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल यहां पहुंच चुका है जिसमें रूस के कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और शीर्ष कारोबारी शामिल हैं।
हैदराबाद हाउस में होने वाली शिखर बैठक के बाद श्री पुतिन और श्री मोदी संयुक्त प्रेस वक्तव्य भी देंगे।
बाद में श्री पुतिन एक बिजनेस कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इसमें दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के उपायों पर चर्चा होगी।
शाम को राष्ट्रपति मुर्मु श्री पुतिन के सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन करेंगी। रात्रि भोज के बाद शुक्रवार रात ही रूसी राष्ट्रपति स्वदेश रवाना हो जायेंगे।

PM meets the President of Russian Federation, Mr. Vladimir Putin at 7, Lok Kalyan Marg, in New Delhi on December 04, 2025.

अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत आयात शुल्क लगाये जाने की घोषणा के बाद उत्पन्न स्थिति और घटनाक्रमों के बीच श्री पुतिन की इस यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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संविधान राष्ट्रीय अस्मिता का ग्रंथ, इसे आत्मसात कर संसद ने जन आकांक्षाओं को अभिव्यक्त किया: मुर्मु https://demo.theshikshanews.com/sanvidhaan-raashtreey-asmita-ka-granth-ise-aatmasaat-kar-sansad-ne-jan-aakaankshaon-ko-abhivyakt-kiya-murmu/ https://demo.theshikshanews.com/sanvidhaan-raashtreey-asmita-ka-granth-ise-aatmasaat-kar-sansad-ne-jan-aakaankshaon-ko-abhivyakt-kiya-murmu/#respond Wed, 26 Nov 2025 15:55:12 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5858 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संविधान को राष्ट्रीय अस्मिता और पहचान का ग्रंथ बताते हुए कहा है कि बीते दशक में हमारी संसद ने इसके मूल्यों पर चलते हुए जन आकांक्षाओं को अभिव्यक्त करने के अनेक कार्य किये हैं।
श्रीमती मुर्मु ने बुधवार को यहां संविधान दिवस के अवसर पर संविधान सदन के केन्द्रीय कक्ष में अपने अभिभाषण में कहा कि संविधान सभा ने संसदीय प्रणाली को अपनाने के पक्ष में जो ठोस तर्क दिये गए थे वे आज भी प्रासंगिक हैं। विश्व के विशालतम लोकतन्त्र में जन-आकांक्षाओं को अभिव्यक्त करने वाली भारतीय संसद, विश्व के अनेक लोकतंत्रों के लिए आज एक उदाहरण के रूप में प्रतिष्ठित है। उन्होंंने कहा ,” हमारे संविधान निर्माता चाहते थे कि संविधान के माध्यम से हमारा सामूहिक और व्यक्तिगत स्वाभिमान सुनिश्चित रहे। मुझे यह कहते हुए बहुत प्रसन्नता होती है कि बीते दशक में हमारी संसद ने जन-आकांक्षाओं को अभिव्यक्त करने के अत्यंत प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। ”
श्रीमती मुर्मु ने कहा कि संविधान निर्माताओं की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए वह सभी सांसदों को बधाई देती हैं और कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से संविधान सभा के परम सम्माननीय सदस्यों की स्मृति में सादर नमन करती हैं। उन्होंने कहा कि संविधान की अंतरात्मा सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुता जैसे आदर्शों में अभिव्यक्त होती है।
उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि इन सभी आयामों पर संसद सदस्यों ने संविधान निर्माताओं की परिकल्पनाओं को यथार्थ स्वरूप प्रदान किया है। संसदीय प्रणाली की सफलता के ठोस प्रमाण के रूप में, आज भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेज गति से अग्रसर है। भारत में लगभग 25 करोड़ लोगों के गरीबी की सीमारेखा से बाहर आने से आर्थिक न्याय के पैमाने पर विश्व की सबसे बड़ी सफलता अर्जित हुई है।
राष्ट्रपति ने कहा कि संविधान में सामाजिक न्याय के आदर्श के अनुरूप देश में समावेशी विकास के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ लागू होने से महिलाओं के नेतृत्व में विकास के एक नए युग का आरंभ होगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष सात नवंबर से राष्ट्र-गीत ‘वन्दे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में देशव्यापी स्मरणोत्सव मनाए जा रहे हैं। यह स्मरणोत्सव भारत माता को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प का अवसर है। उन्होंने कहा ,” मुझे विश्वास है कि इस राष्ट्रीय संकल्प की सिद्धि के लिए आप सभी सदस्यगण देशवासियों को दिशा और प्रेरणा प्रदान करेंगे। ”
उन्होंने कहा कि देश का संविधान, हमारी राष्ट्रीय अस्मिता का ग्रंथ है। यह हमारी राष्ट्रीय पहचान का ग्रंथ है। यह औपनिवेशक मानसिकता का परित्याग करके राष्ट्रवादी विचारधारा के साथ देश को आगे बढ़ाने का मार्गदर्शक ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि इसी भावना के अनुरूप, सामाजिक और तकनीकी बदलावों को ध्यान में रखते हुए, आपराधिक न्याय प्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण अधिनियम लागू किए गए हैं।
राष्ट्रपति ने संविधान संशोधन के प्रावधानों के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि संविधान में ही ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसके बल पर भावी पीढ़ियां आवश्यकतानुसार समयानुकूल संशोधन कर सकें। इस प्रकार संविधान निर्माताओं ने हमारे संविधान को गतिशीलता और जीवंतता प्रदान की।
इस अवसर पर उप राष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू , राज्यसभा मेंं सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सभी सांसद मौजूूद थे।

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चुनाव आयोग ने मतदाता विवरण डिजिटलीकरण की समय सीमा नवंबर के अंत तक बढ़ायी https://demo.theshikshanews.com/chunaav-aayog-ne-matadaata-vivaran-dijitaleekaran-kee-samay-seema-navambar-ke-ant-tak-badhaayee/ https://demo.theshikshanews.com/chunaav-aayog-ne-matadaata-vivaran-dijitaleekaran-kee-samay-seema-navambar-ke-ant-tak-badhaayee/#respond Sun, 16 Nov 2025 15:08:40 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5800 NCR TODAY. Khabariya.  Webvarta. Kolkata। चुनाव आयोग (ईसीआई) ने पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में गणना प्रपत्रों के माध्यम से एकत्रित मतदाता विवरणों के डिजिटलीकरण को पूरा करने के लिए नवंबर के अंत तक की समय सीमा तय की है।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के अनुसार, बूथ स्तर पर पहले से ही चल रहे डिजिटलीकरण कार्य में अब तक लगभग 50 लाख फॉर्म शामिल हो चुके हैं। सीईओ कार्यालय के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर यूनीवार्ता को बताया, “आयोग के निर्देशानुसार रविवार से डेटा प्रविष्टि की गति बढ़ायी जायेगी। पूरी प्रक्रिया महीने के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है।”
राज्य के सीईओ मनोज कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में शनिवार शाम को जिलाधिकारियों (जो जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में भी काम करते हैं) और उनके अधीनस्थ चुनाव अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक के दौरान समय सीमा को अंतिम रूप दिया गया। ईसीआई के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअली तरीके से बैठक में शामिल हुए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ईसीआई की चार सदस्यीय टीम चार नवंबर से शुरू हुई संशोधन प्रक्रिया की प्रगति का आकलन करने के लिए 18 से 21 नवंबर तक पश्चिम बंगाल का दौरा करेगी।
प्रतिनिधिमंडल में उप चुनाव आयुक्त ज्ञानेश भारती, प्रमुख सचिव एस. बी. जोशी और मलय मलिक, और उप सचिव अभिनव अग्रवाल शामिल होंगे। चार दिवसीय प्रवास के दौरान ईसीआई की टीम कोलकाता, दक्षिण 24 परगना, नादिया, मुर्शिदाबाद और मालदा में एसआईआर कार्यान्वयन की समीक्षा करेगी। गौरतलब है कि यह इस महीने ईसीआई टीम का दूसरा दौरा होगा। यह राज्य में संशोधन प्रक्रिया पर आयोग की करीबी निगरानी को रेखांकित करता है।
इससे पहले, श्री भारती के नेतृत्व में एक टीम ने उत्तर बंगाल का दौरा किया था और गणना शुरू होने के तुरंत बाद चार जिलों में प्रगति की समीक्षा की। तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा एसआईआर चार नवंबर को शुरू हुआ और अगले साल मार्च तक समाप्त होने की उम्मीद है। पश्चिम बंगाल में आखिरी बार 2002 में इतना व्यापक संशोधन हुआ था।

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अमेरिकी सीनेट में पेश हायर विधेयक भारत के लिए चिंताजनक: कांग्रेस https://demo.theshikshanews.com/amerikee-seenet-mein-pesh-haayar-vidheyak-bhaarat-ke-lie-chintaajanak-kaangres/ https://demo.theshikshanews.com/amerikee-seenet-mein-pesh-haayar-vidheyak-bhaarat-ke-lie-chintaajanak-kaangres/#respond Tue, 04 Nov 2025 16:12:07 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5657 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। कांग्रेस ने कहा है कि अमेरिकी सीनेट में हायर विधेयक पेश किया गया है जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका हो सकता है, इसलिए हमारी सरकार को इसकी चुनौतियों से निपटने की रणनीति पर विचार करना चाहिए।
कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने मंगलवार को यहां एक बयान में कहा कि अमेरिकी सीनेट में सोमवार को ओहायो के सीनेटर बर्नी मोरेनो ने अंतरराष्ट्रीय रोजगार स्थानांतरण अधिनियम को रोकने वाला हाल्टिंग इंटरनेशनल रीलोकेशन ऑफ़ एंप्लॉयमेंट एक्ट, जिसे सरल भाषा में हायर विधेयक कहा जा सकता है, को सदन में पेश किया है और यदि विधेयक पारित होता है तो भारत की अर्थव्यवस्था पर इसका गहरा असर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि इस विधेयक को सीनेट की वित्त समिति के पास भेजा गया है। इसमें उन सभी अमेरिकी व्यक्तियों और कंपनियों पर 25 प्रतिशत टैक्स लगाने का प्रावधान है, जो विदेशी कंपनियों या व्यक्तियों को ऐसे काम के लिए भुगतान करते हैं, जिसका प्रत्यक्ष लाभ अमेरिकी उपभोक्ताओं को मिलता है। इस विधेयक को आउटसोर्सिंग भुगतान की नयी परिभाषा के रूप में पेश किया गया है।
श्री रमेश के अनुसार विशेषज्ञ मानते हैं कि यह विधेयक भारत के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेक्टर, बीपीओ, कंसल्टिंग सेवाओं और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। भारत ही नहीं आयरलैंड, इज़रायल और फ़िलीपीन्स जैसे देशों को भी इससे नुकसान हो सकता है, लेकिन इसका सबसे बड़ा असर भारत के सेवा निर्यात उद्योग पर पड़ने की आशंका जतायी जा रही है, जो पिछले 25 वर्षों से हमारी अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत स्तंभ रहा है।
विधेयक पर चिंता व्यक्त करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि यह कदम अमेरिका में बढ़ती उस सोच को दर्शाता है, जिसके अनुसार ब्लू-कॉलर नौकरियां चीन को ‘खो’ दी गयीं और अब व्हाइट-कॉलर नौकरियां भारत को नहीं सौंपनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों को कई झटके लगे हैं और हायर विधेयक उसी क्रम की एक और कड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि विधेयक अपने वर्तमान स्वरूप में पास हो भी सकता है या इसमें संशोधन भी किया जा सकता है। यदि यह विधेयक हकीकत में बदलता है तो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है और भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों में एक ‘न्यू नॉर्मल’ की स्थिति बन सकती है।
उन्होंने कहा कि सीनेटर मोरेनो का यह प्रस्ताव अमेरिकी राजनीतिक और आर्थिक गलियारे में गंभीर बहस की वजह बन सकता है, लेकिन भारतीय आईटी उद्योग और नीति-निर्माताओं की नजरें अब विधेयक की आगे की स्थिति पर रहेगी।

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नीतीश को डुबाने की चाल चल रहे हैं प्रधानमंत्री, अपने किसी ‘चेले’ को मुख्यमंत्री बना देंगे: खरगे https://demo.theshikshanews.com/neeteesh-ko-dubaane-kee-chaal-chal-rahe-hain-pradhaanamantree-apane-kisee-chele-ko-mukhyamantree-bana-denge-kharage/ https://demo.theshikshanews.com/neeteesh-ko-dubaane-kee-chaal-chal-rahe-hain-pradhaanamantree-apane-kisee-chele-ko-mukhyamantree-bana-denge-kharage/#respond Mon, 03 Nov 2025 15:12:55 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5599 NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. Patna/Vaishali। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को डुबाने की चाल रहे हैं और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की फिर से सरकार बनने पर वह अपने किसी ‘चेले’ को मुख्यमंत्री बना देंगे तथा नीतीश को घर बैठा देंगे।


उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन में यह कटाक्ष भी किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नीतीश को इस तरह ‘‘गायब’’ कर दिया है कि अब उन्हें मुख्यमंत्री बनाने का नाम ही नहीं लिया जा रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने पटना में रविवार को हुए प्रधानमंत्री के रोडशो का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘नीतीश जी कहां थे, नहीं दिखे। राजग सरकार बनाने की बात करने वालों ने उन्हें गायब कर दिया। इतना गायब कर दिए, उनको मुख्यमंत्री बनाने का नाम नहीं लेते।’’
⁠खरगे ने आरोप लगाया, ‘‘चुनाव के बाद क्या होगा, मैं नहीं कह सकता। मोदी जी नीतीश जी को डुबाने की चाल चल रहे हैं।’’ उन्होंने बाद में एक बयान में कहा कि नीतीश कुमार को ‘हाईजैक’ कर लिया गया है और चुनाव के बाद उन्हें दूध से मक्खी की तरह बाहर निकाल दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री के रोडशो में जनता दल (यू) की तरफ से पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह शामिल हुए थे।
इससे पहले, खरगे ने वैशाली में एक जनसभा में कहा, ‘‘अब ये (नीतीश) मोदी की गोद में बैठे हैं। यह लिखकर रख लो वह (प्रधानमंत्री) नीतीश को मुख्यमंत्री नहीं बनाएंगे। वह अपने किसी चेले को बना देंगे और कहेंगे कि नीतीश जी, आपकी तबियत ठीक नहीं है, आप घर बैठकर आराम करिए, हम आपकी औषधि का इंतजाम करते हैं।’’
राजद द्वारा कांग्रेस की कनपटी पर ‘कट्टा रखकर’ मुख्यमंत्री पद छीनने संबंधी प्रधानमंत्री के आरोपों पर खरगे ने संवाददाता सम्मेलन में तंज कसा, ‘‘क्या जब राजद ने कांग्रेस की कनपट्टी पर कट्टा रखा, तो नरेन्द्र मोदी वहां मौजूद थे? ’’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री कैसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। न कांग्रेस को कोई डरा सकता है न कांग्रेस किसी से डरने वाली है। हमारा महागठबंधन सम्मान और दोस्ती के साथ आगे बढ़ रहा है।’’
कांग्रेस अध्यक्ष ने राजग के घोषणापत्र को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘ये लोग घोषणापत्र जारी करने आए तो सिर्फ 36 सेकंड में प्रेस वार्ता ख़त्म कर दी। 20 साल से शासन में हैं दो मिनट तो रुक जाते।’’
खरगे ने कहा, ‘‘दो दशकों से बिहार में भाजपा-जद(यू) की सरकार है और 11 वर्ष से मोदी जी केंद्र में हैं। आज अगर मुद्दों की बात करें तो बिहार के लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्याएं, महंगाई, बेरोज़गारी, बढ़ता पलायन और आर्थिक असमानता है।’’
उन्होंने महागठबंधन के चुनावी वादों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार बनने पर इन पर पूरी तरह अमल किया जाएगा।
खरगे ने कहा, ‘‘बिहार में चुनाव आते ही नीतीश जी ने महिलाओं के खाते में 10 हजार रुपये डाल दिए और सोचा कि महिलाएं इनको वोट दे देंगी। लेकिन बिहार के लोग इतने होशियार हैं कि कोई अगर उनके खाते में 10 लाख रुपये भी डालेगा, तब भी वह सोच-समझकर ही वोट देंगे।’’
उन्होंने सवाल किया कि 10 हजार रुपये देने की बात भाजपा-जद (यू) को 20 साल में याद क्यों नहीं आई?
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘जनता जानती है कि यह चुनावी घोषणा है।’’
खरगे ने आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी युवाओं के लिए गंभीर नहीं हैं।
उनका कहना था, ‘‘रोजगार के नाम पर मोदी पहले कहते थे कि ‘पकौड़ा तलो’ और अब कहते हैं ‘रील बनाओ’। नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री हैं। उन्हें ठोस कदम उठाना चाहिए और लोगों को बताना चाहिए कि वे आगे क्या करने वाले हैं।’’
महागठबंधन की तरफ से उप मुख्यमंत्री पद के लिए सिर्फ एक नाम घोषित करने से जुड़े सवाल पर खरगे ने कहा कि सरकार बनने पर इस बारे में फैसला होगा कि कितने उप मुख्यमंत्री बनाए जाएंगे।

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हम एसे कार्यों को बढ़ावा देंगे जो देश की एकता को मजबूती दें: मोदी https://demo.theshikshanews.com/ham-ese-kaaryon-ko-badhaava-denge-jo-desh-kee-ekata-ko-majabootee-den-modee/ https://demo.theshikshanews.com/ham-ese-kaaryon-ko-badhaava-denge-jo-desh-kee-ekata-ko-majabootee-den-modee/#respond Fri, 31 Oct 2025 15:48:36 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5563 NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. Ekta Nagar। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के एकता नगर में कहा कि हमने संकल्प लिया है कि हम ऐसे कार्यों को बढ़ावा देंगे जो देश की एकता को मजबूती दें।
श्री मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में यहां आयोजित भव्य समारोह में कहा, “सरदार पटेल मानते थे कि इतिहास लिखने में समय नहीं गंवाना चाहिए हमें तो इतिहास बनाने के लिए मेहनत करनी चाहिए उनकी यह भावना उनकी जीवन गाथा में दिखाई देती है।” सरदार साहब ने जो नीतियां बनायीं जों निर्णय लिए उन्होंने नया इतिहास रचा, नया इतिहास बनाया। आजादी के बाद साढ़े पांच सौ से ज्यादा रियासतों को एकता में जोड़ने के असंभव कार्य को उन्होंने संभव करके दिखा दिया। एक भारत श्रेष्ठ भारत का विचार उनके लिए सर्वोपरी था। इसलिए आज सरदार पटेल की जयंति का दिन स्वभाविक रूप से राष्ट्रीय एकता का महापर्व बन गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “जिस तरह हम 140 करोड़ देशवासी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाते हैं। वैसे ही एकता दिवस का महत्व हमारे लिए प्रेरणा की पल है। गर्व की पल है। आज करोड़ो लोगों ने एकता की शपथ ली है। हमने संकल्प लिया है कि हम एसे कार्यों को बढ़ावा देंगे जो देश की एकता को मजबूती दें। यहां एकता नगर में भी एकता मॉल एकता गार्डन, एकता के सूत्र को सशक्त करते हुए दिखते हैं।”
उन्होंने कहा कि हर ऐसी बात जो देश की एकता को कमजोर करती है हर देशवासी को उससे दूर रहना है। यह राष्ट्रीय कर्तव्य है। यह सरदार साहब को सच्ची श्रद्धांजली है। यही आज देश की जरूरत है। यही आज एकता दिवस का हर भारतीय के लिए संदेश भी है। संकल्प भी है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा,”सरदार साहब ने देश की संप्रभुता को सबसे उपर रखा। लेकिन दुर्भाग्य से सरदार साहब के निधन के बाद के वर्षों में देश की संप्रभुता को लेकर तबकी सरकारों ने उतनी गंभीरता नहीं रही।”
श्री मोदी ने कहा कि एक ओर कश्मीर में हुयी गलतियां दूसरी ओर पूर्वोत्तर में पैदा हुई समस्याएं और देशभर में जगह-जगह पनपा नक्सलवाद, माओवादी आतंक, ये देश की संप्रभुता को सीधी चुनौतियां थीं। लेकिन उस दौर की सरकारों ने सरदार साहब की नितियों पर चलने की जगह रीढ़ विहीन रवैये को चुना। इसका परिणाम देश ने हिंसा और रक्तपात के रूप में झेला।

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लेह हिंसा: सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र से मांगा जवाब https://demo.theshikshanews.com/leh-hinsa-sonam-vaangachuk-kee-giraphtaaree-ko-chunautee-dene-vaalee-yaachika-par-kendr-se-maanga-javaab/ https://demo.theshikshanews.com/leh-hinsa-sonam-vaangachuk-kee-giraphtaaree-ko-chunautee-dene-vaalee-yaachika-par-kendr-se-maanga-javaab/#respond Wed, 29 Oct 2025 14:44:39 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5523 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi।सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को जलवायु परिवर्तन कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार और लद्दाख प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। शीर्ष अदालत नेयह आदेश वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो की संशोधित याचिका को अदालत के रिकॉर्ड पर लेते हुए दिया है, जिसमें वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने के साथ ही, उन्हें रिहा करने की मांग की है। जस्टिस अरविंद कुमार और एनवी अंजारिया की पीठ ने केंद्र और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को संशोधित याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा।
इसके साथ ही, पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से भी कहा है कि यदि सरकार की ओर दाखिल होने वाले जवाब पर कुछ कहना चाहते हैं तो जवाबी हलफनामा दाखिल करें। मामले की अगली सुनवाई 24 नवंबर को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने 15 अक्टूबर को, आंगमो की याचिका पर सुनवाई स्थगित करते हुए, उन्हें अपनी याचिका में संशोधन करने की अनुमति दे दी थी। आंगमो ने सोनम वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने के लिए अतिरिक्त आधारों के साथ एक संशोधित याचिका दायर करने की मांग अनुमति मांगी थी। वांगचुक को फिलहाल राजस्थान के जोधपुर की सेंट्रल जेल में रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपनी संशोधित याचिका में गीतांजलि जे. आंगमो ने कहा है कि उनके पति वांगचुक को एनएसए के तहत हिरासत में रखने का आदेश और हिरासत के आधार कानून की नजर में बिल्कुल अनुचित और गलत हैं क्योंकि वे बेकार के आधारों, पुरानी प्राथमिकी, बाहरी चीज़ों, अपने फायदे के लिए दिए गए बयानों और जानकारी छिपाने पर आधारित हैं। याचिका में कहा गया है कि वांगचुक को हिरासत में लेने और रखने के लिए 5 प्राथमिकी को आधार बनाया गया है, जिनमें से 3 एक साल से भी अधिक पुरानी हैं और जिनमें न तो उनके खिलाफ कोई आरोप है और न ही उनका नाम साफ तौर पर बताया गया है। साथ ही कहा है कि चौथी प्राथमिकी में उनका (वांगचुक) नाम है, लेकिन यह उनके लेह के सर्वोच्च बोर्ड (एबीएल) में शामिल होने के तुरंत बाद दर्ज की गई थी। कहा गया है कि यह एफआईआर पूरी तरह से अलग तथ्यों से संबंधित है। याचिका में कहा गया है कि 5वीं प्राथमिकी, जो उन्हें हिरासत में लेने से एक दिन पहले दर्ज की गई है, उसमें सिर्फ इतना कहा गया है कि यह कुछ अज्ञात बदमाशों के खिलाफ है: इस बीच कुछ बदमाश युवकों ने जानबूझकर साजिश करके भूख हड़ताल में शामिल लोगों को उकसाया और भीड़ को जुलूस में बदल दिया। इसके बाद, उन बदमाशों ने लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल के ऑफिस पर पत्थर फेंकना भी शुरू कर दिया और पुलिसकर्मियों पर हमला किया।’ लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची का दर्जा मांगने वाले हिंसक विरोध प्रदर्शनों के दो दिन वांगचुक को 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया था। इस हिंसा में 90 घायल हो गए थे। सरकार ने उन पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था।

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स्वस्थ भारत ही विकसित भारत की आधारशिला : राजनाथ सिंह https://demo.theshikshanews.com/svasth-bhaarat-hee-vikasit-bhaarat-kee-aadhaarashila-raajanaath-sinh/ Sun, 26 Oct 2025 13:00:01 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5493 NCR TODAY. Khabariya. Ghaziabad। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को यहां आयोजित निजी अस्पतालके उद्घाटन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हम उस भारत की ओर बढ़ रहे हैं जिसका सपना हमारे पूर्वजों ने देखा था, जो शक्तिशाली और स्वस्थ हो। हमारा हर कदम, हर नीति, हर प्रयास देश के गरीब, वंचित और ग्रामीण जनमानस को समर्पित है। हम मानते हैं कि जब भारत का हर नागरिक स्वस्थ होगा तभी भारत सशक्त होगा। हमें 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए राष्ट्र के नागरिकों का स्वास्थ्य उत्तम होना बहुत जरूरी है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि निजी अस्पतालके लिए गौरव की बात है कि इसे दक्षिण एशिया में रोबोटिक्स सर्जरी प्रशिक्षण केंद्र के रूप में मान्यता मिली है। यह उपलब्धि निश्चित रूप से मेडिकल ट्रेनिंग और टेक्निकल रिसर्च को नई दिशा देगी। हम जब भी किसी सफल इंसान की कहानी पढ़ते हैं, आपको यही देखने को मिलेगा कि हर बड़ी यात्रा की शुरुआत किसी न किसी बड़ी व्यक्तिगत पीड़ा से निकलती है। निजी अस्पतालके चेयरमैन डॉ. पीएन अरोड़ा ने 1986 में अपनी माता को कैंसर की वजह से मृत्युशैया पर देखा, उनकी इसी पीड़ा ने निजी अस्पतालको जन्म दिया। आज यह अस्पताल समाज के अंतिम व्यक्ति के लिए विश्वास का प्रतीक बनकर उभरी है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि निजी अस्पतालने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का उत्तरदायित्वपूर्ण निर्वाह किया है। ठीक उसी प्रकार हम भी समाज के अंतिम व्यक्ति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था ने नया रूप लिया है। पहले जहां यह गरीब के लिए चिंता का कारण होता था, वही आज उसके अधिकार के रूप में उसके दरवाजे तक पहुंच रहा है। हमने यह सुनिश्चित किया है कि भारत का कोई गरीब किसी भी बीमारी के कारण अपने जीवन की उम्मीद न खोए। इसके लिए आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत देश के 10 करोड़ परिवारों को हर वर्ष पांच लाख रुपए के स्वास्थ्य बीमा का कवच प्रदान किया गया है। अब 70 वर्ष से ऊपर के सभी वरिष्ठ नागरिकों को इस योजना में शामिल किया गया है। ताकि जीवन के उस पड़ाव में जब देखभाल की सबसे अधिक आवश्यकता होती है तब सरकार एक संरक्षक के रूप में उसके साथ खड़ी रहे।
रक्षा मंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों के माध्यम से आम जनता को अत्यंत किफायती दर पर जेनरिक मेडिसिन उपलब्ध कराई जा रही है। आज गांव-गांव में लोग इन केंद्रों से लाभान्वित हो रहे हैं। इसके साथ ही हमने एक मजबूत स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर विशेष बल दिया है। 2014 में देश में 387 मेडिकल कॉलेज थे, वही आज बढ़कर 800 पहुंच चुकी है। 2014 में एमबीबीएस की सीटें केवल 50 हजार हुआ करती थीं, आज यह 1 लाख 20 हजार से ज्यादा हो चुकी हैं। 22 नए एम्स की स्थापना का निर्णय लिया गया। इसमें से 12 पूरी क्षमता के साथ कार्यरत हैं, बाकियों का निर्माण पूरी तेजी पर है। जब ये सभी संस्थान पूरी तरह से कार्यरत होंगी तो हमारा हेल्थ नेटवर्क और मजबूत होगा।
उन्होंने यह कहकर अपनी खुशी जाहिर की कि यशोदा समूह इस क्षेत्र में सकारात्मक प्रयास कर रहा है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि यह संस्था आने वाले समय में न केवल भारत बल्कि दक्षिण एशिया में नवाचार की नई परिभाषा गढ़ेगी। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रपति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने यहां आकर यहां के चिकित्सक और कर्मचारियों के मन में नई ऊर्जा का संचार किया है।

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बेल्जियम में मुकदमा हारा मेहुल चौकसी, भारत वापसी का रास्ता खुला https://demo.theshikshanews.com/beljiyam-mein-mukadama-haara-mehul-chaukasee-bhaarat-vaapasee-ka-raasta-khula/ https://demo.theshikshanews.com/beljiyam-mein-mukadama-haara-mehul-chaukasee-bhaarat-vaapasee-ka-raasta-khula/#respond Thu, 23 Oct 2025 02:46:32 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5416 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। बेल्जियम में एंटवर्प की एक अदालत ने भगोड़े कारोबारी मेहुल चौकसी की अपील खारिज कर दी है और उसे भारत भेजने के फैसले को बरकरार रखा है। हीरा कारोबारी चौकसी 13,000 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले में एक प्रमुख आरोपी है। अदालत ने मामले पर गौर करने के बाद पाया कि उसके प्रत्यर्पण के लिए सभी कानूनी शर्तें पूरी होती हैं। अदालत ने 2018 और 2021 के भारतीय गिरफ्तारी वारंटों को लागू करने योग्य बताया।
चौकसी ने अदालत से अपनी दलील में कहा था कि भारत में उसके जीवन और स्वतंत्रता को खतरा होगा। उसने यह भी दावा किया कि वह राजनीतिक उत्पीड़न का शिकार है और उसे निष्पक्ष सुनवाई नहीं मिलेगी। यही नहीं उसने अपनी खराब सेहत का भी हवाला दिया। लेकिन अदालत ने चौकसी की दलीलों को अपर्याप्त बताया और कहा कि वह भारत में किसी तरह के अमानवीय व्यवहार की आशंका या इंसाफ नहीं मिलने के ‘वास्तविक जोखिम’ को साबित नहीं कर सका है।
इस कानूनी लड़ाई में चौकसी ने राष्ट्रीयता की दलील का भी सहारा लिया। उसके वकीलों ने कहा कि प्रत्यर्पण का अनुरोध ही गलत है क्योंकि भारतीय अधिकारियों ने एंटीगुआ और बारबुडा की उसकी नागरिकता के बारे में अदालत को पूरी जानकारी नहीं दी थी। लेकिन अदालत ने इस तर्क को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि बेल्जियम से प्रत्यर्पण के उद्देश्य के लिए, एकमात्र प्रासंगिक तथ्य यह है कि चौकसी के पास “बेल्जियम की नागरिकता नहीं है,”। यह बात उसे बेल्जियम के कानून के तहत “विदेशी” करार देती है।
अदालत के फैसले में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि उसकी भारतीय या एंटीगुआ की नागरिकता “अप्रासंगिक” है और चूँकि सभी कानूनी शर्तें पूरी हो चुकी हैं, इसलिए उसका प्रत्यर्पण हो सकता है।
गौरतलब है कि चौकसी और उसका भतीजा नीरव मोदी भारत के सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक को अंजाम देने के मुख्य आरोपी हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने फर्जी ऋण गारंटी का इस्तेमाल करके पीएनबी बैंक से धोखाधड़ी की। मामला सामने आने पर ये लोग 2018 में देश छोड़कर भाग गए। नीरव मोदी ब्रिटेन की जेल में प्रत्यर्पण की लड़ाई लड़ रहा है, वहीं चौकसी ने एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता हासिल कर ली है।
इस अपील के खारिज होने के बाद, बेल्जियम में चौकसी के पास देश के सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने का अंतिम कानूनी विकल्प है। अगर वह भी विफल हो जाता है, तो बेल्जियम सरकार के लिये उसे भारत प्रत्यर्पित करने का रास्ता साफ हो जाएगा। इसके बाद उस पर कानूनी कार्रवाई हो सकेगी। यह फैसला चौकसी को मुकदमे का सामना करने के लिए वापस लाने की मांग कर रही भारतीय एजेंसियों के लिए एक बड़ी जीत है। इससे बेल्जियम से उसे भारत वापस लाने की लंबे समय से चल रही कानूनी कवायद का अंत हो गया है।

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