India Gov – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Mon, 01 Dec 2025 15:00:17 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg India Gov – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 2027 तक उत्तर प्रदेश को गरीबी मुक्त प्रदेश बनाना लक्ष्य: योगी https://demo.theshikshanews.com/2027-tak-uttar-pradesh-ko-gareebee-mukt-pradesh-banaana-lakshy-yogee/ https://demo.theshikshanews.com/2027-tak-uttar-pradesh-ko-gareebee-mukt-pradesh-banaana-lakshy-yogee/#respond Mon, 01 Dec 2025 15:00:17 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5910 NCR TODAY. Khabariya. Lucknow। संविधान दिवस पर पेरिस से आई एक विशेष तस्वीर ने पूरे देश, खासकर उत्तर प्रदेश को गर्व से भर दिया। यूनेस्को मुख्यालय में भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव राव अम्बेडकर की प्रतिमा का भव्य अनावरण किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने ‘योगी की पाती’ के माध्यम से प्रदेशवासियों को संबोधित किया और बाबा साहेब को भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते हुए प्रदेश को वर्ष 2027 तक गरीबी मुक्त प्रदेश बनाने की बात कही है।
सोमवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रदेश की जनता के नाम संबोधित “योगी की पाती” पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विश्व समुदाय जब बाबा साहेब के योगदान को सराहता है, तो यह क्षण प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का होता है। उन्होंने कहा कि अम्बेडकर केवल संविधान निर्माता ही नहीं थे, बल्कि सामाजिक न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व की मूल भावना को जीवन में उतारने वाले युगांतरकारी महापुरुष थे। शोषित, वंचित और दबे-कुचले वर्गों को अधिकार दिलाने की उनकी कोशिशें आज भी सामाजिक परिवर्तन का आधार हैं।
योगी ने कहा कि उनकी ही प्रेरणा से उत्तर प्रदेश की सरकार ने दलितों, वंचितों और कमजोर तबकों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएँ चलाई हैं। शिक्षा, छात्रवृत्ति, छात्रावास सुविधाएँ, प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भरता तथा आर्थिक सहायता—इन सभी क्षेत्रों में व्यापक सुधार किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी जरूरतमंद सामाजिक सुरक्षा से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब की सोच पर चलते हुए प्रदेश में ‘जीरो पॉवर्टी अभियान’ संचालित किया जा रहा है। इसके तहत कमजोर वर्गों तक आवास, राशन, पेंशन, शिक्षा, श्रम योजनाएँ और बाल विकास कार्यक्रमों का लाभ तेज गति से पहुँचाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश को गरीबी मुक्त बनाना है।
उन्होंने कहा कि महापरिनिर्वाण दिवस, 6 दिसंबर को हम बाबा साहेब को श्रद्धापूर्वक नमन करेंगे और संविधान की मूल आत्मा—समानता, न्याय और बंधुत्व—को जीवन में उतारने का संकल्प लेंगे। मुख्यमंत्री ने अपील की कि समाज का हर व्यक्ति इन मूल्यों को अपनाकर समतामूलक और संवेदनशील व्यवस्था के निर्माण में अपनी भूमिका निभाए।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबा साहेब के मार्ग पर चलकर ही राष्ट्र सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बन सकता है।

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संघ ने देश के सामने आने वाली हर चुनौतियों का डटकर सामना किया : मोदी https://demo.theshikshanews.com/sangh-ne-desh-ke-saamane-aane-vaalee-har-chunautiyon-ka-datakar-saamana-kiya-modee/ https://demo.theshikshanews.com/sangh-ne-desh-ke-saamane-aane-vaalee-har-chunautiyon-ka-datakar-saamana-kiya-modee/#respond Wed, 01 Oct 2025 15:00:58 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5212 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। नरेन्द्र मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपनी प्राथमिकताओं को राष्ट्र की प्राथमिकताओं के साथ संरेखित करते हुए हर युग में देश के सामने आने वाली बड़ी चुनौतियों का डटकर सामना किया है।
श्री मोदी ने बुधवार को यहां आरएसएस के शताब्दी समारोह में कहा कि गुरुवार को विजयादशमी का महापर्व है जो भारतीय संस्कृति के शाश्वत उद्घोष का प्रतीक है। ऐसे ही पावन अवसर पर शताब्दी वर्ष पूर्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना कोई संयोग नहीं है। उन्होंने कहा कि यह हजारों वर्षों से चली आ रही एक प्राचीन परंपरा का पुनरुद्धार है जिसमें राष्ट्रीय चेतना प्रत्येक युग की चुनौतियों का सामना करने के लिए नए रूपों में प्रकट होती है। उन्होंने इस उपलक्ष्य में एक विशेष डाक टिकट और स्मारक सिक्का जारी किया है। 100 रुपये के इस सिक्के पर एक ओर राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न और दूसरी ओर स्वयंसेवकों द्वारा सलामी दिए जा रहे सिंह के साथ वरद मुद्रा में भारत माता की भव्य छवि अंकित है। श्री मोदी ने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में संभवतः यह पहली बार है जब भारत माता की छवि भारतीय मुद्रा पर दिखाई दी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि 1963 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने देशभक्ति की धुनों पर ताल से ताल मिलाते हुए बड़े गर्व के साथ परेड में भाग लिया था। उन्होंने कहा कि यह डाक टिकट उस ऐतिहासिक क्षण की स्मृति को समेटे हुए है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार महान नदियाँ अपने तटों पर मानव सभ्यताओं का पोषण करती है उसी प्रकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी असंख्य जीवन को पोषित और समृद्ध किया है। एक नदी जो अपने माध्यम से बहने वाली भूमि, गाँवों और क्षेत्रों को आशीर्वाद देती है इसी प्रकार संघ ने भारतीय समाज के हर क्षेत्र और राष्ट्र के हर क्षेत्र को छुआ है। श्री मोदी ने कहा कि संघ के अनेक धाराओं में विस्तार के बावजूद उनमें कभी विभाजन नहीं हुआ।
श्री मोदी ने कहा, “अपनी स्थापना के समय से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने एक महान उद्देश्य – राष्ट्र निर्माण – को अपनाया है।” उन्होंने कहा कि संघ अपनी स्थापना के समय से ही देशभक्ति और सेवा का पर्याय रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि विभाजन के कष्टदायक दौर में जब लाखों परिवार विस्थापित हुए थे, स्वयंसेवक सीमित संसाधनों के बावजूद शरणार्थियों की सेवा में सबसे आगे खड़े रहे। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह केवल राहत कार्य नहीं था, बल्कि राष्ट्र की आत्मा को मज़बूत करने का कार्य था।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में भी पंजाब में बाढ़, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आई आपदाओं और केरल के वायनाड में हुई त्रासदी जैसी आपदाओं में स्वयंसेवक सबसे पहले राहत पहुंचाने वालों में से हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान पूरी दुनिया ने संघ के साहस और सेवा भावना को प्रत्यक्ष रूप से देखा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जाति-आधारित भेदभाव जैसी गहरी जड़ें जमाए बैठी सामाजिक बुराइयाँ लंबे समय से हिंदू समाज के लिए एक गंभीर चुनौती रही हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार से लेकर आज तक संघ के प्रत्येक सरसंघचालक ने भेदभाव और छुआछूत के विरुद्ध लड़ाई लड़ी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरसंघचालक मोहन भागवत ने समाज के सामने सामाजिक समरसता का एक स्पष्ट लक्ष्य रखा है जिसमें “एक कुआँ, एक मंदिर और एक श्मशान” की बात कही गयी है। उन्होंने कहा कि संघ ने इस संदेश को देश के कोने-कोने तक पहुँचाया है और भेदभाव, विभाजन और कलह से मुक्त समाज का निर्माण किया है। उन्होंने कहा कि यही समरसता और समावेशी समाज के संकल्प का आधार है, जिसे संघ नए जोश के साथ मज़बूत करता रहता है।
श्री मोदी ने कहा कि एक सदी पहले जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई थी, उस समय की जरूरतें और संघर्ष अलग थे। भारत सदियों पुरानी राजनीतिक पराधीनता से मुक्ति पाने और अपने सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रयासरत था। उन्होंने कहा कि आज जब भारत एक विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है तो चुनौतियाँ भी बदल गई हैं। आबादी का एक बड़ा हिस्सा गरीबी से उबर रहा है, नए क्षेत्र युवाओं के लिए अवसर पैदा कर रहे हैं और भारत कूटनीति से लेकर जलवायु नीतियों तक वैश्विक स्तर पर अपनी आवाज बुलंद कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज की चुनौतियों में दूसरे देशों पर आर्थिक निर्भरता, राष्ट्रीय एकता को तोड़ने की साजिशें और जनसांख्यिकीय बदलाव शामिल हैं। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि सरकार इन मुद्दों का शीघ्रता से समाधान कर रही है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि आत्मनिर्भरता अब एक विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता है। प्रधानमंत्री ने समाज से स्वदेशी के मंत्र को सामूहिक संकल्प के रूप में अपनाने का आह्वान किया और सभी से “वोकल फ़ॉर लोकल” अभियान को सफल बनाने के लिए अपनी पूरी ऊर्जा समर्पित करने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने कहा, “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पांच परिवर्तनकारी संकल्प – आत्म-जागरूकता, सामाजिक सद्भाव, पारिवारिक प्रबोधन, नागरिक अनुशासन और पर्यावरण चेतना – महत्वपूर्ण साधन हैं जो राष्ट्र की शक्ति को बढ़ाएंगे, भारत को विविध चुनौतियों का सामना करने में मदद करेंगे और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए आधारभूत स्तंभ के रूप में काम करेंगे।”
इस कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
श्री शेखावत ने कहा कि संघ केवल एक संगठन नहीं राष्ट्र निर्माण की प्रखर पाठशाला है। इसने देश को नई ऊर्जा देने का कम किया। संघ लगातार सौ वर्षों से काम करता रहा आज यह विश्व का सबसे बड़ा संगठन बना है। दृढ़ भावना के साथ समाज में एकता बनाने के रूप में इसकी पहचान बनी।
श्री होसबोले ने नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संस्कृति मंत्रालय ने इस कार्यक्रम के बारे में सोचा इसके लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूँ। कल संघ के विजय यात्रा में एक विशेष विजय दशमी है। संघ ने सौ विजयादशमी देखी हैं। प्रधानमंत्री ने आरएसएस की शताब्दी वर्ष के विशेष अवसर पर डाक टिकट जारी किया है जो स्वयस्वेकों और सभी के लिए हर्ष का अवसर है। संघ आज बहुत विशाल हुआ है और देश के कोने कोने में फैला हुआ है। देश के किसी भी ट्रेन में जाएँगे तो कोई न कोई स्वयंसेवक मिल जाएगा।
उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष पूर्व समाज को संगठित करने के उद्देश्य से यह संगठन बनाया गया तब कहा गया था कि सदियों से समाज जागरण और धर्म रक्षा करने का जो काम किया है उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का काम किया है। संघ की यात्रा रोचक है। उदासीनता और विरोध के मार्ग पर चलते हुए आज स्वीकारता पर पहुँचा है। संघ का विचार यहाँ की मिट्टी का विचार है।
श्री होसबोले ने कहा कि संघ के स्वंयसेवक जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सक्रिय होकर काम कर रहे है। संघ का उद्देश्य व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण करना है। संघ राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रहरी है।

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ट्रंप को लेकर कांग्रेस का प्रधानमंत्री पर कटाक्ष: दोस्त दोस्त न रहा… https://demo.theshikshanews.com/tramp-ko-lekar-kaangres-ka-pradhaanamantree-par-kataaksh-dost-dost-na-raha/ https://demo.theshikshanews.com/tramp-ko-lekar-kaangres-ka-pradhaanamantree-par-kataaksh-dost-dost-na-raha/#respond Thu, 25 Sep 2025 15:09:50 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5165 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। कांग्रेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया कदमों एवं टिप्पणियों को लेकर बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘दोस्त दोस्त न रहा।’ ‘दोस्त दोस्त न रहा’ प्रख्यात पार्श्व गायक दिवंगत मुकेश के एक मशहूर गीत की एक पंक्ति है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘मई 2025 के मध्य से अब तक राष्ट्रपति ट्रंप ने जो कुछ किया है, उस पर एक नज़र डालें। उन्होंने चार अलग-अलग देशों और संयुक्त राष्ट्र में 45 बार दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम करवाया था जिसके कारण ऑपरेशन सिंदूर अचानक रुक गया था।’
उनके मुताबिक, ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की दोपहर के भोज पर मेज़बानी की थी, जबकि मुनीर वही व्यक्ति है जिसके भड़काऊ और सांप्रदायिक रूप से दुर्भावनापूर्ण बयानों ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की पृष्ठभूमि तैयार की थी।
रमेश ने कहा, ‘ट्रंप ने अमेरिका-पाकिस्तान आर्थिक साझेदारी को और मज़बूत करने की बात की। कुछ खबरों के अनुसार, उन्होंने सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौते को हरी झंडी दे दी है।’
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत द्वारा अमेरिका को किए जा रहे निर्यात पर दंडात्मक शुल्क लगाए और एच1 बी वीज़ा व्यवस्था को अस्त-व्यस्त कर दिया तथा उन्होंने रूस के साथ भारत के लंबे आर्थिक संबंधों को लेकर भारत को निशाना बनाया और दंडित किया।
उनका कहना है, ‘खबरों के मुताबिक आज ट्रंप का व्हाइट हाउस में फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ से मुलाक़ात का कार्यक्रम है।’ रमेश ने सवाल किया, ‘नमस्ते ट्रंप का क्या हुआ? हाउडी मोदी का क्या हुआ? झप्पी कूटनीति का क्या हुआ? इसके बाद रमेश ने कटाक्ष किया, ‘दोस्त दोस्त न रहा…।’

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