Gadkari – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Thu, 18 Dec 2025 13:57:06 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg Gadkari – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वालों को पुरस्कृत किया जायेगा : गडकरी https://demo.theshikshanews.com/sadak-durghatana-mein-ghaayalon-kee-madad-karane-vaalon-ko-puraskrt-kiya-jaayega-gadakaree/ https://demo.theshikshanews.com/sadak-durghatana-mein-ghaayalon-kee-madad-karane-vaalon-ko-puraskrt-kiya-jaayega-gadakaree/#respond Thu, 18 Dec 2025 13:57:06 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6028 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को लोक सभा में बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की मदद करने वालों को अब पुलिस से पूछताछ या अन्य किसी तरह की परेशानी का सामना करना नहीं पड़ेगा और उन्हें पुरस्कृत भी किया जायेगा।
श्री गडकरी ने प्रश्न काल में एक सवाल के जवाब में बताया कि सरकार ने ऐसे प्रावधान किये हैं जिससे सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले लोगों को चिकित्सीय सहायता देने या अस्पताल पहुंचाने वालों को अब पुलिस परेशान नहीं करेगी और वे किसी तरह के कानूनी पचड़े में भी नहीं पड़ेंगे। घायलों की मदद करने वालों को 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जायेगी। उन्होंने लोगों से सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने बताया कि घायलों के अस्पताल पहुंचने पर तुरंत उनका इलाज शुरू हो सके, इसके लिए अस्पतालों को तत्काल डेढ़ लाख रुपये तुरंत प्रतिपूर्ति के रूप में दिये जायेंगे।

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अगले साल के अंत तक पूरे देश में शुरू हो जायेगा एमएलएफएफ: गडकरी https://demo.theshikshanews.com/agale-saal-ke-ant-tak-poore-desh-mein-shuroo-ho-jaayega-emelepheph-gadakaree/ https://demo.theshikshanews.com/agale-saal-ke-ant-tak-poore-desh-mein-shuroo-ho-jaayega-emelepheph-gadakaree/#respond Wed, 17 Dec 2025 16:53:08 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6023 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को संसद में बताया कि टोल भुगतान की नयी प्रणाली मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) साल 2026 के अंत तक पूरे देश में लागू हो जायेगी।
श्री गडकरी ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि नयी प्रणाली लागू होने के बाद टोल नाकों पर कर्मचारियों की जरूरत नहीं रहेगी। कैमरों के माध्यम से वाहन का नंबर कैप्चर होगा, उपग्रह के माध्यम से जानकारी केंद्रीकृत प्रणाली में जायेगी और संबंधित बैंक खाते से पैसा कट जायेगा। इससे टोल नाकों पर 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से भी वाहन गुजर सकते हैं और टोल का भुगतान भी हो जायेगा।
उन्होंने कहा कि इससे 1,500 करोड़ रुपये का ईंधन बचेगा और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की आमदनी कम से कम 6,000 करोड़ रुपये बढ़ने का अनुमान है। उन्होंने सदन को बताया कि कुछ जगहों पर यह प्रणाली शुरू की गयी है। इस संबंध में पहले 10 ठेके आवंटित किये जा चुके हुए हैं और 10 का आवंटन प्रक्रिया में है। अगले साल के अंत तक राष्ट्रीय राजमार्गों पर पूरे देश में इसे शुरू कर दिया जायेगा।
एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में श्री गडकरी ने कहा कि यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार को हुए हादसे में एम्बुलेंस का एक घंटे बाद पहुंचना दुःखद है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकारों को पूरी तरह अत्याधुनिक एम्बुलेंस प्रदान करने की योजना पर काम कर रही है। उनके परिचालन की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होगी, शर्त बस इतनी होगी कि दुर्घटना के 10 मिनट के भीतर मौके पर एम्बुलेंस पहुंच जाये।

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इलेक्ट्रिक ट्रक बैटरी के इस्तेमाल से परिवहन क्षेत्र में आएगी क्रांति: गडकरी https://demo.theshikshanews.com/ilektrik-trak-baitaree-ke-istemaal-se-parivahan-kshetr-mein-aaegee-kraanti-gadakaree/ https://demo.theshikshanews.com/ilektrik-trak-baitaree-ke-istemaal-se-parivahan-kshetr-mein-aaegee-kraanti-gadakaree/#respond Wed, 08 Oct 2025 16:16:04 +0000 https://www.khabariya.com/?p=5294 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi।  सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि देश में ईंधन के नये उपायों के इस्तेमाल से परिवहन क्षेत्र में तेजी से बदलाव आ रहा है और अब इलेक्ट्रिक बैटरी से चलने वाले ट्रकों के संचालन से इस क्षेत्र में जबरदस्त क्रांति आएगी और माल ढुलाई का काम सस्ता, प्रदूषणरहित और ज्यादा आसान हो जाएगा।
श्री गडकरी ने बुधवार को हरियाणा में सोनीपत के गांव पांची गुजरान में देश के पहले वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक ट्रक बैटरी स्वैपिंग और चार्जिंग स्टेशन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि ट्रकों के लिए इलेक्ट्रिक बैटरी के निर्माण से परिवहन की दर बहुत कम हो जाएगी। जिस दर पर बड़े ट्रक डीजल ईंधन से चलते हैं उसके मुकाबले बहुत कम दाम पर अब इलेक्ट्रिक ट्रक अपने गंतव्य तक पहुंच पाएंगे और इससे लॉजिस्टिक खर्च बहुत कम हो जाएगा। इससे ट्रांसपोर्टर का बहुत पैसा बचेगा और इसका सीधा फायदा उपभोक्ता को होगा।
श्री गडकरी ने कहा कि इस समय पेट्रोल डीजल आदि ईंधन का बड़े स्तर पर आयात किया जाता और इस पर 25 लाख करोड़ रुपए खर्च होते हैं। इस कारण देश में वायु प्रदूषण की भी समस्या पैदा होती है। अब ट्रांसपोर्ट में बड़े ट्रक जब बैटरी से चलेंगे तो उससे पर्यावरण को नुकसान नहीं होगा और सस्ते दाम पर सामान को एक जगह से दूसरी जगह भी पहुंचाया जा सकेगा। उनका कहना था कि सड़कें अच्छी बन गई हैं और इसके कारण दिल्ली से देहरादून की दूरी दो घंटे में, दिल्ली से जयपुर तीन घंटे में और दिल्ली से अमृतसर चार घंटे में पहुंचा जा सकता है। इससे परिवहनआसान हो रहा है। सड़क निर्माण में भी क्रांति आ रही है और किसानों के पराली जैसे बेकार उत्पादों का प्रयोग सड़क बनाने में किया जा रहा है।
श्री गडकरी ने इस क्रांति से किसानों को हो रहे फायदे का जिक्र करते हुए कहा “मैं भी किसान हूं। हरियाणा के किसान बेहतरीन काम कर रहे हैं। किसान अन्नदाता हैं। अब हमने तय किया है कि किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं रहेगा। किसान ऊर्जादाता, ईंधनदाता, कोलतारदाता, विटमिनदाता, ईंधनदाता और हाइड्रोजन प्रदाता भी बनेगा।
किसान को अब पराली जलानी नहीं पड़ेगा बल्कि उसे बिटमिन में मिलाकर सड़क का निर्माण किया जाएगा। नागपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहले एक किलोमीटर सड़क का निर्माण पराली को बिटमिन में मिलाकर सड़क बनाया गया है। इस तरह की 400 परियोजनाएं आ रही हैं।
एक किलोमीटर की इस सड़क को परीक्षण में बहुत अच्छा पाया गया है। अब पराली जलाई नहीं जाएगी बल्कि उसका इस्तेमाल आने वाले दिनों में सड़क निर्माण के लिए किया जाएगा।”
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पेट्रोल तथा डीजल जैसे ईंधन के कारण देश के पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है लेकिन उन्हें इस बात की खुशी है कि भारत तेजी से वैकल्पिक ईंधन की ओर बढ़ रहा है और आने वाला समय डीजल-मुक्त परिवहन का होगा। उनकी सरकार ने ईंधन के विकल्प के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और उसी का परिणाम है कि वह आज यहां देश के पहले वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक ट्रक बैटरी स्वैपिंग और चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन कर रहे हैं। समारोह में केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी तथा अन्य कई प्रमुख लोग मौजूद थे।
श्री गडकरी ने कहा कि पराली से सड़कों के निर्माण की जो प्रक्रिया चल रही है वह किसानों के लिए क्रांतिकारी साबित होगी और उन्हें पराली जलानी नहीं पड़ेगी। देश में 50 लाख टन पराली से जैव ईंधन बनाने का काम किया जा रहा है। इससे न सिर्फ प्रदूषण की स्थिति में कमी आएगी बल्कि किसानों की आमदनी भी बढ़ जाएगी। कृषि यंत्रों के लिए भी फ्लेक्सी इंजन विकसित किए जा रहे हैं और इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक से परिवहन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आ रहा है जिसके कारण बैटरियों की कीमत में 50-60 फीसदी तक गिरावट आई है।

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अगस्त में 3 लाख वाहन स्क्रैप, बीएस-7 मानदंडों के साथ वैश्विक स्टैंडर्ड अपनाएंगे: गडकरी https://demo.theshikshanews.com/3-laakh-vaahan-skraip-bs-7-norms/ https://demo.theshikshanews.com/3-laakh-vaahan-skraip-bs-7-norms/#respond Thu, 11 Sep 2025 16:56:55 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5031 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि वाहन स्क्रैपिंग नीति देश की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण दोनों के लिए वरदान साबित हो रही है। अगस्त 2025 तक 3 लाख वाहन स्क्रैप हो चुके हैं, जिनमें से 1 लाख 41 हजार सरकारी वाहन थे, जबकि देश में 97.4 लाख वाहनों को स्क्रैप किया जा सकता है।
गडकरी ने नई दिल्ली में सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (एसआईएएम) के 65वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री से स्क्रैपिंग के बाद नई गाड़ियां खरीदने वाले लोगों को जीएसटी में राहत देने का अनुरोध किया है। वर्तमान में मासिक 16,830 वाहन स्क्रैप हो रहे हैं और निजी क्षेत्र ने इस क्षेत्र में 2,700 करोड़ रुपये का निवेश किया है। भारत प्रतिवर्ष 27 लाख टन स्टील आयात करता है, जो स्क्रैपिंग से प्राप्त किया जा सकता है। इसी तरह एल्यूमीनियम का आयात भी कम हो सकता है। स्क्रैपिंग से अब तक 3.67 लाख टन स्टील निकाला गया है, जो कुल जरूरत का मात्र 6 प्रतिशत है। यदि स्क्रैप धातुओं से नई गाड़ियां बनाई जाएं तो केंद्र और राज्य सरकारों को 40 हजार करोड़ रुपये का राजस्व लाभ होगा, साथ ही ऑटोमोबाइल कंपनियों को भी लागत में भारी कमी का फायदा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि भारत ने बीएस-4 से बीएस-6 उत्सर्जन मानदंडों पर पहुंच गया है, जो सभी पक्षों के समन्वय का परिणाम है। अब बीएस-7 मानदंडों और कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी (कैफे) को अपनाने के लिए वैश्विक मानकों, विशेष रूप से यूरोपीय स्टैंडर्ड्स के साथ तालमेल बनाए रखा जाएगा। वायु प्रदूषण को देश की सबसे बड़ी समस्या बताते हुए उन्होंने कहा कि परिवहन क्षेत्र कुल प्रदूषण का 40 प्रतिशत योगदान देता है। स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर पड़ रहा है।
गडकरी ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि माल परिवहन का 81 प्रतिशत सड़कों से, मात्र 1 प्रतिशत रेल से और 17 प्रतिशत अन्य माध्यमों से होता है। सड़कों का विस्तार तेजी से हो रहा है। एक्सप्रेसवे निर्माण कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि आईआईटी कानपुर, चेन्नई और मुंबई की रिपोर्ट बताती है कि लॉजिस्टिक्स लागत 16 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत रह गई है। दिसंबर 2025 तक यह 9 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। यदि माल सीधे हाइवे से फैक्ट्रियों तक पहुंचाया जाए तो लागत और कम होगी। अच्छे हाइवे, कम लॉजिस्टिक्स लागत और तेल कीमतों के कारण परिवहन क्षेत्र में वृद्धि हो रही है। लेकिन जीवाश्म ईंधन पर 22 लाख करोड़ रुपये का आयात बोझ बढ़ रहा है। बायो-फ्यूल, हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के बावजूद मांग बढ़ेगी, जिससे प्रदूषण अधिक होगा। इसलिए ऑटोमोबाइल उद्योग का धन्यवाद, जिनके सहयोग से बीएस-6 संभव हुआ। अब बीएस-7 और कैफे के लिए वैश्विक संरेखण बनाए रखेंगे, ज्यादा कुछ नहीं करेंगे।
गडकरी ने कहा कि देश में प्रतिवर्ष 5 लाख दुर्घटनाओं में 1.80 लाख मौतें होती हैं, जिनमें 66 प्रतिशत से अधिक 18 से 34 वर्ष के युवा होते हैं। रोड इंजीनियरिंग में सुधार किए गए हैं। ऑटोमोबाइल उद्योग ने सुरक्षा मानदंडों को अपनाने में सहयोग किया। नया बस कोड लागू हो चुका है। बसों और ट्रकों के लिए नई तकनीकों को तुरंत अपनाया जा रहा है लेकिन ड्राइवरों की कमी बड़ी समस्या है। देश में 22 लाख ड्राइवरों की कमी है। सड़क निर्माण, वाहन वृद्धि और माइनिंग क्षेत्र में जरूरत बढ़ रही है, लेकिन प्रशिक्षण स्कूलों की कमी है। ऑटोमोबाइल उद्योग से ड्राइवर ट्रेनिंग में सहयोग की अपील की। भारत एनकैप से वाहनों की सुरक्षा जांच मजबूत हो रही है।
उन्होंने कहा कि कई कंपनियां वाहनों को टेस्ट के लिए भारत भेज रही हैं। पुणे में 1,500 करोड़ रुपये की लागत से रिसर्च और टेस्टिंग सेंटर बन रहा है। ई-रिक्शा के मानदंड कड़े किए जा रहे हैं, क्योंकि उनकी मांग तेजी से बढ़ रही है। ई-20 नीति प्रदूषण कम करने और विदेशी मुद्रा बचाने के लिए जरूरी है। एथेनॉल पर निर्भरता से 22 लाख करोड़ रुपये की बचत हो सकती है। मक्के से एथेनॉल उत्पादन से किसानों को 45 हजार करोड़ का लाभ हुआ। मक्के का दाम 1,200 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 2,800 रुपये हो गया। इस साल मक्के की खेती तीन गुना बढ़ी।

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