Election Commission – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Tue, 06 Jan 2026 14:54:01 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg Election Commission – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 चुनाव आयोग ने जारी की उप्र की मतदाता सूची, 2.89 करोड़ नाम हटाये गये https://demo.theshikshanews.com/chunaav-aayog-ne-jaaree-kee-upr-kee-matadaata-soochee-2-89-karod-naam-hataaye-gaye/ https://demo.theshikshanews.com/chunaav-aayog-ne-jaaree-kee-upr-kee-matadaata-soochee-2-89-karod-naam-hataaye-gaye/#respond Tue, 06 Jan 2026 14:54:01 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6077 NCR TODAY. Khabariya. Lucknow। लखनऊ, 6 जनवरी (वार्ता) निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने मंगलवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत उत्तर प्रदेश की मसौदा (ड्राफ्ट) मतदाता सूची जारी की जिसमें लगभग दो करोड़ 89 लाख नाम हटा दिये गये हैं।
अब एसआईआर ड्राफ्ट लिस्ट में कुल मतदाताओं की संख्या 15.44 करोड़ से घटकर 12.56 करोड़ हो गई है, जो लगभग 18.70 प्रतिशत कम है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मंगलवार को बताया कि 27 अक्टूबर को मतदाता सूची जारी करते समय प्रदेश में 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार 92 मतदाता पंजीकृत थे। जिसमे मतदाताओं से 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 गणना प्रपत्र प्राप्त हुए, जो कुल मतदाताओं का 81.30 प्रतिशत है।
मंगलवार को लोकभवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि 27 अक्टूबर 2025 को पहले दौर की मतदाता सूची को फ्रीज किया गया था। उस समय उत्तर प्रदेश में कुल 15 करोड़ 44 लाख 392 मतदाता पंजीकृत थे। इसके बाद चार नवंबर 2025 से गणना चरण शुरू होकर 26 दिसंबर 2025 तक चली।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि इस दौरान मतदाताओं से 12 करोड़ 55 लाख गणना प्रपत्र प्राप्त हुए, जो कुल मतदाताओं का 81.30 प्रतिशत है। पुनरीक्षण में 46,23,796 लाख मतदाता मृत पाए गए, जो 2.99 प्रतिशत हैं। वहीं 79,52,190 मतदाता ट्रेस नही हो सके जबकि 12,97,74,72 करोड़ मतदाता अन्यत्र स्थानांतरित हो चुके थे। इसके अलावा 25.47 लाख मतदाता ऐसे चिन्हित किए गए, जिनके नाम मतदाता सूची में एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए गए। ऐसे मामलों में मतदाता का नाम केवल एक ही स्थान पर रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि मतदाता सुविधा और मानकों को ध्यान में रखते हुए एक मतदान केंद्र पर 1200 से अधिक मतदाता न हों, इसके लिए प्रदेश में 15,430 नए मतदेय स्थल बनाए गए हैं। विशेष पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों का सक्रिय सहयोग रहा। प्रदेश के सभी 75 जिलों में दलों के साथ बैठकें की गईं और उन्हें मतदाता सूची की सॉफ्ट कॉपी एवं प्रिंटेड कॉपी उपलब्ध कराई गई। अब तक 1546 बैठकें राजनीतिक दलों के साथ आयोजित की जा चुकी हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि, 6 जनवरी 2026 से 6 फरवरी 2026 तक दावा एवं आपत्ति की अवधि निर्धारित की गई है। इस अवधि में पात्र मतदाता फॉर्म-6, 6क, 7 एवं 8 के माध्यम से नाम जोड़ने, संशोधन कराने या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी है, उन्हें बीएलओ के माध्यम से नोटिस भेजे जाएंगे और वे माता–पिता का नाम सहित विवरण सही करा सकेंगे। अब तक 15 लाख 78 हजार 423 फॉर्म-6 प्राप्त हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि आयु पात्रता के अनुसार 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूर्ण करने वाले युवाओं के नाम इस सूची में शामिल होंगे, जबकि एक अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष पूर्ण करने वालों के नाम बाद में अक्टूबर माह में जोड़े जाएंगे। सभी दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद छह मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। घोषणा की कि प्रति बूथ 1500 से 1200 वोटर्स के हिसाब से पोलिंग बूथ को तर्कसंगत बनाने के बाद, अब राज्य में 15030 नए बूथ जोड़े गए हैं।

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केरल और यूपी में हो रहे एसआईआर पर चुनाव आयोग को ‘सुप्रीम’ नोटिस, 26 नवंबर को अगली सुनवाई https://demo.theshikshanews.com/keral-aur-yoopee-mein-ho-rahe-esaeeaar-par-chunaav-aayog-ko-supreem-notis-26-navambar-ko-agalee-sunavaee/ https://demo.theshikshanews.com/keral-aur-yoopee-mein-ho-rahe-esaeeaar-par-chunaav-aayog-ko-supreem-notis-26-navambar-ko-agalee-sunavaee/#respond Sat, 22 Nov 2025 05:48:47 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5815 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। केरल और उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर उठते विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले पर अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी।
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया चुनाव आयोग द्वारा लागू की जा रही वह कवायद है जिसके तहत मतदाता सूची की गुप्त तरीके से पहचान और सत्यापन किया जा रहा है। इस प्रक्रिया को लेकर कानूनी और नैतिक दोनों स्तरों पर सवाल खड़े हुए हैं और इसी को चुनौती देते हुए कई याचिकाएँ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई हैं।
केरल सरकार, राज्य की राजनीतिक पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और अन्य की तरफ से दायर याचिका में एसआईआर प्रक्रिया को तुरंत रोकने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि केरल में स्थानीय निकाय चुनाव की अधिसूचना 9 और 11 दिसंबर के लिए पहले ही जारी की जा चुकी है। ऐसे में इस दौरान एसआईआर की प्रक्रिया चलाना न तो व्यावहारिक है और न ही निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था के अनुकूल है।
याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षक चुनाव की ड्यूटी में व्यस्त हैं, ऐसे में उनसे एसआईआर का कार्य करवाया जाना संभव नहीं है।
केरल सरकार ने याचिका में यह भी कहा था कि लोकल बॉडी इलेक्शन के लिए सरकार को 1 लाख 76 हजार से ज्यादा सरकारी और क्वासी-गवर्नमेंट कर्मचारियों और 68 हजार सिक्योरिटी स्टाफ चाहिए। पिटीशन में कहा गया है कि एसआईआर के तहत 25,668 और अधिकारियों की जरूरत है, जिनमें से कई ट्रेंड इलेक्शन स्टाफ के उसी लिमिटेड पूल से लिए गए हैं।
केरल पंचायत राज एक्ट, 1994 और केरल म्युनिसिपैलिटी एक्ट, 1994 के तहत कानूनी डेडलाइन का जिक्र करते हुए राज्य सरकार की अर्जी में कहा गया कि 21 दिसंबर से पहले एलएसजीआई चुनाव पूरे करना कानूनी तौर पर जरूरी है। साथ ही एसआईआर कराने से एडमिनिस्ट्रेशन पर दबाव पड़ेगा और चुनाव आसानी से होने पर बुरा असर पड़ेगा।
उत्तर प्रदेश में चल रही इसी प्रक्रिया को कांग्रेस के बाराबंकी से सांसद तनुज पूनिया ने चुनौती दी है। उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि एसआईआर प्रक्रिया मतदाता सूची को प्रभावित करने और चुनावी निष्पक्षता पर संदेह पैदा करने वाली है। सुप्रीम कोर्ट ने तनुज पूनिया की याचिका पर भी चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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चुनाव आयोग ने मतदाता विवरण डिजिटलीकरण की समय सीमा नवंबर के अंत तक बढ़ायी https://demo.theshikshanews.com/chunaav-aayog-ne-matadaata-vivaran-dijitaleekaran-kee-samay-seema-navambar-ke-ant-tak-badhaayee/ https://demo.theshikshanews.com/chunaav-aayog-ne-matadaata-vivaran-dijitaleekaran-kee-samay-seema-navambar-ke-ant-tak-badhaayee/#respond Sun, 16 Nov 2025 15:08:40 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5800 NCR TODAY. Khabariya.  Webvarta. Kolkata। चुनाव आयोग (ईसीआई) ने पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में गणना प्रपत्रों के माध्यम से एकत्रित मतदाता विवरणों के डिजिटलीकरण को पूरा करने के लिए नवंबर के अंत तक की समय सीमा तय की है।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के अनुसार, बूथ स्तर पर पहले से ही चल रहे डिजिटलीकरण कार्य में अब तक लगभग 50 लाख फॉर्म शामिल हो चुके हैं। सीईओ कार्यालय के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर यूनीवार्ता को बताया, “आयोग के निर्देशानुसार रविवार से डेटा प्रविष्टि की गति बढ़ायी जायेगी। पूरी प्रक्रिया महीने के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है।”
राज्य के सीईओ मनोज कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में शनिवार शाम को जिलाधिकारियों (जो जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में भी काम करते हैं) और उनके अधीनस्थ चुनाव अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक के दौरान समय सीमा को अंतिम रूप दिया गया। ईसीआई के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअली तरीके से बैठक में शामिल हुए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ईसीआई की चार सदस्यीय टीम चार नवंबर से शुरू हुई संशोधन प्रक्रिया की प्रगति का आकलन करने के लिए 18 से 21 नवंबर तक पश्चिम बंगाल का दौरा करेगी।
प्रतिनिधिमंडल में उप चुनाव आयुक्त ज्ञानेश भारती, प्रमुख सचिव एस. बी. जोशी और मलय मलिक, और उप सचिव अभिनव अग्रवाल शामिल होंगे। चार दिवसीय प्रवास के दौरान ईसीआई की टीम कोलकाता, दक्षिण 24 परगना, नादिया, मुर्शिदाबाद और मालदा में एसआईआर कार्यान्वयन की समीक्षा करेगी। गौरतलब है कि यह इस महीने ईसीआई टीम का दूसरा दौरा होगा। यह राज्य में संशोधन प्रक्रिया पर आयोग की करीबी निगरानी को रेखांकित करता है।
इससे पहले, श्री भारती के नेतृत्व में एक टीम ने उत्तर बंगाल का दौरा किया था और गणना शुरू होने के तुरंत बाद चार जिलों में प्रगति की समीक्षा की। तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा एसआईआर चार नवंबर को शुरू हुआ और अगले साल मार्च तक समाप्त होने की उम्मीद है। पश्चिम बंगाल में आखिरी बार 2002 में इतना व्यापक संशोधन हुआ था।

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बिहार में 14 लाख फर्स्ट टाइम वोटर करेंगे मतदान, इस बार 90,712 पोलिंग बूथ होंगे : सीईसी ज्ञानेश कुमार https://demo.theshikshanews.com/bihaar-mein-14-laakh-pharst-taim-votar-karenge-matadaan-is-baar-90712-poling-booth-honge-seeeesee-gyaanesh-kumaar/ https://demo.theshikshanews.com/bihaar-mein-14-laakh-pharst-taim-votar-karenge-matadaan-is-baar-90712-poling-booth-honge-seeeesee-gyaanesh-kumaar/#respond Tue, 07 Oct 2025 03:06:47 +0000 https://www.khabariya.com/?p=5264 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। बिहार विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया है। सोमवार को भारतीय निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा की। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बिहार में इस बार 90,712 पोलिंग बूथ होंगे। शहरी क्षेत्रों में 13,911 और ग्रामीण क्षेत्रों में 76,801 बूथ होंगे। 1,044 पोलिंग बूथों की जिम्मेदारी महिलाओं के पास होगी।
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने जानकारी दी कि बिहार में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 7.43 करोड़ है। इनमें लगभग 3.92 करोड़ पुरुष और करीब 3.50 करोड़ महिला मतदाता हैं। उन्होंने बताया कि 1,725 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। करीब 7.2 लाख दिव्यांग मतदाता, 4.04 लाख 85 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक भी वोटर सूची में हैं, जबकि 100 साल के अधिक उम्र की मतदाताओं की संख्या 14 हजार है। फर्स्ट टाइम वोटर लगभग 14 लाख हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि इस बार बिहार के चुनाव मतदाताओं के लिए सुगम और सरल होंगे। पूरी चुनावी मशीनरी तत्परता के साथ मतदाताओं के साथ खड़ी रहेगी। कानून व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और चुनाव पूरी तरह से शांतिपूर्ण व पारदर्शी तरीके से कराए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि 24 जून को शुरू हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए बिहार में मतदाता सूची का शुद्धिकरण किया गया। एक अगस्त को ड्राफ्ट सूची जारी हुई और सभी राजनीतिक दलों को सौंपी गई। एक अगस्त से एक सितंबर तक आपत्ति और दावे के लिए समय दिया गया। पात्रता के परीक्षण के बाद 30 सितंबर को फाइनल मतदाता सूची जारी की गई। यह सूची भी सभी राजनीतिक दलों को दी जा चुकी है।
उन्होंने जानकारी दी कि मतदाता सूची में अगर कोई गलत रह गई है तो जिलाधिकारी के पास अपील की जा सकती है। अगर किसी का नाम छूटा है तो वह नॉमिनेशन के 10 दिन पहले तक जुड़वा सकता है।
बता दें कि 2020 में बिहार विधानसभा चुनाव तीन चरणों में हुए थे। पहले चरण में 28 अक्टूबर 2020 को 71 विधानसभा सीटों के लिए वोटिंग हुई थी, जबकि दूसरे चरण में 3 नवंबर को 94 सीट और तीसरे चरण में 7 नवंबर को 78 सीटों पर मतदान संपन्न हुआ। मतगणना 10 नवंबर को हुई थी।

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बिहार : पप्पू यादव का आरोप, भाजपा की तारीख पर आयोग करा रहा चुनाव https://demo.theshikshanews.com/bihaar-pappoo-yaadav-ka-aarop-bhaajapa-kee-taareekh-par-aayog-kara-raha-chunaav/ https://demo.theshikshanews.com/bihaar-pappoo-yaadav-ka-aarop-bhaajapa-kee-taareekh-par-aayog-kara-raha-chunaav/#respond Tue, 07 Oct 2025 03:03:59 +0000 https://www.khabariya.com/?p=5261 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। चुनाव आयोग ने सोमवार को आगामी विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। बिहार की कुल 243 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में मतदान होगा। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर और दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को प्रस्तावित है, वहीं मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। चुनाव तारीख आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई। पूर्णियां से निर्दलीय सांसद और कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने चुनाव आयोग और भाजपा में सांठगांठ का आरोप लगाया और दावा किया कि भाजपा की तारीख पर चुनाव हो रहा है।
पूर्णियां सांसद पप्पू यादव ने चुनाव आयोग और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “आयोग अपने मन से कुछ नहीं करती है। उनकी पूरी प्रक्रिया बीजेपी द्वारा होती है। जब भाजपा पूरी प्रक्रिया अपना लेती है, उसके बाद आयोग किसी मोर्चा या संगठन के तहत उनसे पूछती है कि चुनाव कब कराना है, फिर इसकी तारीख का ऐलान होता है।”
पप्पू यादव ने कहा, “रेलवे से लोगों को ढोकर बिहार ले जाना, छठ पूजा के लिए सप्लीमेंट्री बस देना और फिर उसी हिसाब से चुनाव की डेट आना स्पष्ट रूप से दिखाता है कि चुनाव आयोग क्या कर रही है। मेट्रो बनी नहीं लेकिन उसका उद्घाटन किया जा रहा है। ऐसे में चुनाव आयोग का एक ही एजेंडा भाजपा की सरकार बनाने का है, इसके अलावा आयोग के पास कोई दूसरा एजेंडा नहीं है।”
उन्होंने कहा कि आज चुनाव एक औपचारिकता रह गई है, उसी में उनके खिलाफ लड़ना है। आज एक फ्रंट नहीं बल्कि कई फ्रंट बन गए हैं, जिसमें चुनाव आयोग भी है।
पूर्णियां सांसद ने कांग्रेस की तैयारी को लेकर कहा, “लगातार एक साल से कांग्रेस की तैयारी चल रही है। हम चुनाव जीत चुके हैं, लेकिन अगर वोट की चोरी हो तो फिर क्या कहा जा सकता है? उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन में सबकुछ ठीक चल रहा है और जनता हमें चुनाव जिताने का मन बना चुकी है।”
बता दें कि चुनाव आयोग के अनुसार बिहार की 243 सीटों पर दो चरणों में मतदान कराए जाएंगे। पहले चरण के लिए मतदान 6 नवंबर को 121 सीटों पर होगा, वहीं दूसरे चरण में 122 सीटों पर 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।

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