countrymen – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Wed, 03 Dec 2025 14:42:43 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg countrymen – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से प्राकृतिक कृषि अपनाने की अपील की https://demo.theshikshanews.com/pradhaanamantree-modee-ne-deshavaasiyon-se-praakrtik-krshi-apanaane-kee-apeel-kee/ https://demo.theshikshanews.com/pradhaanamantree-modee-ne-deshavaasiyon-se-praakrtik-krshi-apanaane-kee-apeel-kee/#respond Wed, 03 Dec 2025 14:42:43 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5934 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को नागरिकों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि यह देश के कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता रखता है। उन्होंने सोशल मीडिया में जारी एक पोस्ट में कहा कि वह कोयंबटूर में हाल ही में आयोजित दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि सम्मेलन में भाग लेकर आए हैं और वह कृषि के सतत दृष्टिकोण को लेकर किसानों में उत्साह से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती, भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों और आधुनिक पारिस्थितिकी सिद्धांतों से प्रेरित है और यह रसायनों के बिना कृषि करने पर जोर देती है। यह वह तरीका है, जिसमें पौधे, वृक्ष और पशु एक साथ मिलकर जैव विविधता को बढ़ावा देते हैं। इसमें खेतों के अवशेषों को दोबारा से इस्तेमाल कर लिया जाता है। मिट्टी की सेहत बढ़ाने के लिए बाहरी रासायनिक चीजों को मिलाने से परहेज किया जाता है।
श्री मोदी ने लिखा कि उनकी कोयंबटूर यात्रा एक ऐतिहासिक घटना साबित हुई, जिसने भारतीय किसानों और कृषि-उद्यमियों के मानसिकता, कल्पना और आत्मविश्वास में बदलाव का संकेत दिया। इस सम्मेलन में तमिलनाडु के किसानों से बातचीत हुई, जिन्होंने प्राकृतिक खेती के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साझा किया और इस दौरान उन्होंने कुछ ऐसी प्रेरणादायक कहानियाँ सुनीं, जिनसे वह हैरान रह गये। एक किसान ने बताया कि उसने 10 एकड़ क्षेत्र में केले, नारियल, पपीते, काली मिर्च और हल्दी की मिलीजुली खेती की थी, साथ ही वह 60 देसी गायों, 400 बकरियों और स्थानीय मुर्गों का पालन भी किया। एक अन्य किसान ने देशी चावल की किस्मों को संरक्षित करने का कार्य किया है और वे इन चावलों से स्वास्थ्य मिश्रण, पफ राइस, चॉकलेट और प्रोटीन बार जैसी मूल्य-वर्धित उत्पाद बना रहे हैं।
इसके अलावा, एक अन्य किसान ने 15 एकड़ की प्राकृतिक खेती की और 3,000 से अधिक किसानों को प्रशिक्षित किया है। वह हर महीने लगभग 30 टन सब्जियाँ भी उगाते हैं। वहीं, कुछ लोग एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) चला रहे हैं। इन प्रयासों को देख कर यह स्पष्ट है कि किसानों, विज्ञान, उद्यमिता और सामुदायिक कार्य की एक मजबूत साझेदारी भारत के कृषि क्षेत्र को नई दिशा दे सकती है। श्री मोदी ने लिखा कि भारत सरकार ने पिछले साल “नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग” की शुरुआत की थी, जिसके तहत लाखों किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का कार्य किया गया है। इसके अतिरिक्त, किसान क्रेडिट कार्ड और पीएम-किसान जैसी योजनाओं के माध्यम से प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को व्यापक वित्तीय सहायता मिल रही है। भारत में प्राकृतिक खेती की दिशा में विशेष प्रगति हो रही है, और अब महिलाएँ भी इस क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग ने मृदा की उर्वरता और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, लेकिन प्राकृतिक खेती इन सभी समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करती है। पंचगव्य, जीवामृत, बीजामृत और मल्चिंग जैसी पारंपरिक पद्धतियाँ मिट्टी के स्वास्थ्य को संरक्षित करती हैं और उत्पादन लागत को भी कम करती हैं।
उन्होंने लिखा कि किसानों को “एक एकड़, एक मौसम” के सिद्धांत को अपनाना चाहिए। यह देखा जा सकता है कि जब पारंपरिक ज्ञान, वैज्ञानिक प्रमाण और संस्थागत समर्थन एक साथ आते हैं, तो प्राकृतिक खेती को सफल और परिवर्तनकारी बनाया जा सकता है। उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए कि वे प्राकृतिक खेती से जुड़ने के लिए एफपीओ से जुड़ने या इस क्षेत्र में स्टार्टअप शुरू करने पर विचार करें। कोयंबटूर में किसानों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों के बीच जो समन्वय देखने को मिला, वह न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह भारतीय कृषि को एक स्थिर और उत्पादक भविष्य की ओर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

]]>
https://demo.theshikshanews.com/pradhaanamantree-modee-ne-deshavaasiyon-se-praakrtik-krshi-apanaane-kee-apeel-kee/feed/ 0
सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ में भाग लें देशवासी: मोदी https://demo.theshikshanews.com/saradaar-patel-kee-150veen-jayantee-par-aayojit-ran-phor-yoonitee-mein-bhaag-len-deshavaasee-modee/ https://demo.theshikshanews.com/saradaar-patel-kee-150veen-jayantee-par-aayojit-ran-phor-yoonitee-mein-bhaag-len-deshavaasee-modee/#respond Sun, 26 Oct 2025 11:35:11 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5476 NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. New Delhi। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समस्त देशवासियों से 31 अक्टूबर को लौह पुरुष सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम ‘रन फॉर यूनिटी’ में भाग लेने की अपील की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को आकाशवाणी पर प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात” की 127 वीं कड़ी में अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक काल में राष्ट्र की सबसे महान विभूतियों में से एक सरदार पटेल की 150वीं जयंती का दिन पूरे देश के लिए एक बहुत विशेष अवसर है। उनके विराट व्यक्तित्व में अनेक गुण एक साथ समाहित थे।
श्री मोदी ने कहा ” वह एक अत्यंत प्रतिभाशाली छात्र थे जिन्होंने भारत और ब्रिटेन में अपनी पढ़ाई में बेहतरीन प्रदर्शन किया। वह अपने समय के सबसे सफल वकीलों में से भी एक थे। श्री पटेल वकालत में और नाम कमा सकते थे, लेकिन महात्मा गांधी से प्रेरित होकर उन्होंने खुद को स्वतंत्रता आंदोलन में पूरी तरह समर्पित कर दिया।”
श्री मोदी ने कहा कि सरदार पटेल के ‘खेड़ा सत्याग्रह’ से लेकर ‘बोरसद सत्याग्रह’ तक अनेक आंदोलनों में उनके योगदान को आज भी याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद नगर निगम के प्रमुख के रूप में उनका कार्यकाल भी ऐतिहासिक रहा था। उन्होंने स्वच्छता और सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उप-प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के रूप में उनके योगदान के लिए हम सभी सदैव उनके ऋणी रहेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने भारत के प्रशासनिक ढांचे की एक मजबूत नींव भी रखी और देश की एकता और अखंडता के लिए उन्होंने अद्वितीय प्रयास किए। मेरा आप सबसे आग्रह है कि 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती देश-भर में होने वाली ‘रन फॉर यूनिटी’ में आप सभी अपने लोगों के साथ शामिल हों।
श्री मोदी ने कहा कि यह एक प्रकार से युवा चेतना का अवसर बनना चाहिए जो देश की एकता को मजबूती देगा। यह उस महान विभूति के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन्होंने भारत को एकता के सूत्र में पिरोया था ।

]]>
https://demo.theshikshanews.com/saradaar-patel-kee-150veen-jayantee-par-aayojit-ran-phor-yoonitee-mein-bhaag-len-deshavaasee-modee/feed/ 0
मुर्मु ने विजयादशमी की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी https://demo.theshikshanews.com/murmu-ne-vijayaadashamee-kee-poorv-sandhya-par-deshavaasiyon-ko-shubhakaamanaen-dee/ https://demo.theshikshanews.com/murmu-ne-vijayaadashamee-kee-poorv-sandhya-par-deshavaasiyon-ko-shubhakaamanaen-dee/#respond Wed, 01 Oct 2025 14:55:54 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5210 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विजयादशमी की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा है, ” विजयादशमी के पावन अवसर पर, मैं सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ देती हूँ।
अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक विजयादशमी का पर्व हमें सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। देश के विभिन्न भागों में रावण दहन और दुर्गा पूजा के रूप में मनाया जाने वाला यह पर्व हमारे राष्ट्रीय मूल्यों को दर्शाता है। यह पर्व हमें क्रोध और अहंकार जैसी नकारात्मक प्रवृत्तियों का त्याग करके साहस और दृढ़ संकल्प जैसी सकारात्मक प्रवृत्तियों को अपनाने की शिक्षा भी देता है।”
उन्होंने कहा, ” मेरी कामना है कि यह पर्व हमें एक ऐसे समाज और देश के निर्माण के लिए प्रेरित करे जहाँ सभी लोग न्याय, समानता और सद्भाव के विचारों से प्रेरित होकर एक साथ आगे बढ़ें।”

]]>
https://demo.theshikshanews.com/murmu-ne-vijayaadashamee-kee-poorv-sandhya-par-deshavaasiyon-ko-shubhakaamanaen-dee/feed/ 0