country – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Wed, 21 Jan 2026 15:17:07 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg country – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 भारत लोकतंत्र की जननी, प्राचीन काल से ही हमारे यहां रही है मतदान की परंपरा : ज्ञानेश कुमार https://demo.theshikshanews.com/bhaarat-lokatantr-kee-jananee-praacheen-kaal-se-hee-hamaare-yahaan-rahee-hai-matadaan-kee-parampara-gyaanesh-kumaar/ https://demo.theshikshanews.com/bhaarat-lokatantr-kee-jananee-praacheen-kaal-se-hee-hamaare-yahaan-rahee-hai-matadaan-kee-parampara-gyaanesh-kumaar/#respond Wed, 21 Jan 2026 15:17:07 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6152 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर भारत अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (आईआईसीडीईएम) 2026 शुरू किया।
यह तीन दिवसीय सम्मेलन लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में भारत द्वारा आयोजित अपनी तरह का सबसे बड़ा वैश्विक आयोजन होने वाला है, जिसमें दुनिया भर से चुनाव प्रशासक, नीति निर्माता, शिक्षाविद और विशेषज्ञ एक साथ आएंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए भारत की प्राचीन लोकतांत्रिक प्रणाली के बारे में विस्तार से बताया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में बुधवार को ईसीआई ने चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर, भारत मंडपम में आयोजित आईआईसीडीईएम 2026 के आधिकारिक स्वागत समारोह में 40 से अधिक देशों के सम्मानित मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत किया।
उद्घाटन सत्र में सभा को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “आज मैं नई दिल्ली में हो रहे इस तीन-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करने के लिए आपके सामने खड़ा हूं। सबसे पहले, मैं हमारे अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों का हार्दिक स्वागत करता हूं। जैसा कि हम अक्सर कहते हैं, भारत लोकतंत्र की जननी है। जब आप इस हॉल से बाहर निकलेंगे, तो आप देखेंगे कि बैकग्राउंड में स्तूप और अशोक स्तंभ हैं, जो लोकप्रिय रूप से लगभग 600 ईसा पूर्व के लोकतांत्रिक विचारों की शुरुआती नींव से जुड़े हुए हैं।”
उन्होंने कहा कि सम्मेलन के बैकग्राउंड में अथर्ववेद का एक संस्कृत श्लोक भी था, जो वर्तमान युग से एक सहस्राब्दी से भी पहले का है, जिसमें ग्राम समितियों और कमेटियों के बारे में बताया गया है।
उन्होंने कहा, “बैकड्रॉप में कुडावोलाई का भी जिक्र है, जो वोटिंग की एक पुरानी प्रणाली है, जिसका जिक्र तमिल शिलालेखों और मूर्तियों में मिलता है, जो मौजूदा दौर से लगभग हजार साल पुरानी हैं।”
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, “ये सभी ऐतिहासिक बातें हमें न सिर्फ लोकतंत्र का जश्न मनाने के लिए, बल्कि इसके भविष्य के रास्ते, चुनौतियों और चुनावी प्रक्रियाओं को ज्यादा आसान और कुशल बनाने के तरीकों को समझने के लिए भी एक साथ लाती हैं। ये हमें यह समझाने में मदद करती हैं कि लॉजिस्टिक्स, पैमाने और पारदर्शिता के मामले में भारतीय चुनाव साल-दर-साल दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक अभ्यासों में से एक कैसे बन गए हैं।”
उन्होंने कहा कि भारत का चुनाव आयोग, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत स्थापित एक संवैधानिक संस्था है, को चुनावों की देखरेख, निर्देशन और संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस स्वागत समारोह से चर्चाओं की औपचारिक शुरुआत हुई और प्रतिनिधियों को साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनावी प्रक्रियाओं पर बातचीत करने का मौका मिला।
अब तक, 32 देशों से लगभग 71 प्रतिनिधि आईआईसीडीईएम 2026 में हिस्सा लेने के लिए आ चुके हैं। उम्मीद है कि इस कार्यक्रम में दुनिया भर के 70 से ज्यादा देशों के लगभग 100 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि, भारत में स्थित विदेशी मिशनों के सदस्य, और चुनाव प्रबंधन के शिक्षाविद और विशेषज्ञ शामिल होंगे।

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देश को बांटने की कोशिश कर रहे भाजपा-आरएसएस एकजुट कर रहा इंडिया गठबंधन: राहुल गांधी https://demo.theshikshanews.com/desh-ko-baantane-kee-koshish-kar-rahe-bhaajapa-aareses-ekajut-kar-raha-indiya-gathabandhan-raahul-gaandhee/ https://demo.theshikshanews.com/desh-ko-baantane-kee-koshish-kar-rahe-bhaajapa-aareses-ekajut-kar-raha-indiya-gathabandhan-raahul-gaandhee/#respond Sun, 09 Nov 2025 16:42:21 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5716 NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. Kishanganj। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि देश को बांटने का प्रयास कर रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा और देश को जोड़ने का संकल्प लिए हुए ‘इंडिया’ गठबंधन की विचारधारा के बीच इस समय सीधी लड़ाई है।
बिहार के किशनगंज में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “हम नफरत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान खोलना चाहते हैं। नरेन्द्र मोदी जी के खून में नफरत है, लेकिन मेरे खून में देश को एकजुट करने का जज्बा है।”
उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस समाज में डर व घृणा का माहौल बनाकर राजनीतिक लाभ उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “वे चाहते हैं कि लोग एक-दूसरे से डरें, नफरत करें, ताकि वे सत्ता में बने रहें।”
गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए कहा “ वह बिहार आकर कहते हैं कि यहां उद्योग लगाने के लिए जमीन नहीं है। लेकिन जब अदाणी की बात आती है, तो उन्हें जमीन दी जाती है। बिहार में एक भी फूड प्रोसेसिंग यूनिट नहीं है, जबकि यहां के किसानों के पास अपार संभावनाएं हैं।”
कांग्रेस नेता ने बिहार की गौरवशाली शैक्षणिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य कभी ज्ञान और शिक्षा का केंद्र था। उन्होंने कहा, “नालंदा विश्वविद्यालय दुनिया का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान था, जहां विदेश से विद्यार्थी पढ़ने आते थे। आज उसी बिहार को बेरोजगारी, गरीबी और पलायन के लिए जाना जाता है, जो अत्यंत दुखद है।”
गांधी ने कहा कि भाजपा सरकार के नौ वर्ष के शासनकाल में केवल कुछ उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का काम हुआ है, जबकि आम जनता की स्थिति लगातार खराब हुई है। उन्होंने कहा, “वे कहते हैं कि ‘सबका साथ, सबका विकास’, लेकिन सच्चाई यह है कि उनका पूरा ध्यान कुछ गिने-चुने लोगों के विकास पर है।”
गांधी ने दावा किया कि बिहार की जनता इस बार भाजपा और राजग को करारा जवाब देगी और ‘इंडिया’ गठबंधन को भारी समर्थन मिलेगा। गांधी ने कहा, “बिहार के लोग समझ चुके हैं कि विकास केवल नारों से नहीं, नीयत और नीतियों से होता है।”
गांधी बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से पहले कई जिलों में प्रचार कर रहे हैं। मंच पर कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। सभा में भारी भीड़ उमड़ी और गांधी के भाषण के दौरान ‘इंडिया जीतेगा’ और ‘नफरत छोड़ो, मोहब्बत से जोड़ो’ के नारे लगते रहे।

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हम एसे कार्यों को बढ़ावा देंगे जो देश की एकता को मजबूती दें: मोदी https://demo.theshikshanews.com/ham-ese-kaaryon-ko-badhaava-denge-jo-desh-kee-ekata-ko-majabootee-den-modee/ https://demo.theshikshanews.com/ham-ese-kaaryon-ko-badhaava-denge-jo-desh-kee-ekata-ko-majabootee-den-modee/#respond Fri, 31 Oct 2025 15:48:36 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5563 NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. Ekta Nagar। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के एकता नगर में कहा कि हमने संकल्प लिया है कि हम ऐसे कार्यों को बढ़ावा देंगे जो देश की एकता को मजबूती दें।
श्री मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में यहां आयोजित भव्य समारोह में कहा, “सरदार पटेल मानते थे कि इतिहास लिखने में समय नहीं गंवाना चाहिए हमें तो इतिहास बनाने के लिए मेहनत करनी चाहिए उनकी यह भावना उनकी जीवन गाथा में दिखाई देती है।” सरदार साहब ने जो नीतियां बनायीं जों निर्णय लिए उन्होंने नया इतिहास रचा, नया इतिहास बनाया। आजादी के बाद साढ़े पांच सौ से ज्यादा रियासतों को एकता में जोड़ने के असंभव कार्य को उन्होंने संभव करके दिखा दिया। एक भारत श्रेष्ठ भारत का विचार उनके लिए सर्वोपरी था। इसलिए आज सरदार पटेल की जयंति का दिन स्वभाविक रूप से राष्ट्रीय एकता का महापर्व बन गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “जिस तरह हम 140 करोड़ देशवासी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाते हैं। वैसे ही एकता दिवस का महत्व हमारे लिए प्रेरणा की पल है। गर्व की पल है। आज करोड़ो लोगों ने एकता की शपथ ली है। हमने संकल्प लिया है कि हम एसे कार्यों को बढ़ावा देंगे जो देश की एकता को मजबूती दें। यहां एकता नगर में भी एकता मॉल एकता गार्डन, एकता के सूत्र को सशक्त करते हुए दिखते हैं।”
उन्होंने कहा कि हर ऐसी बात जो देश की एकता को कमजोर करती है हर देशवासी को उससे दूर रहना है। यह राष्ट्रीय कर्तव्य है। यह सरदार साहब को सच्ची श्रद्धांजली है। यही आज देश की जरूरत है। यही आज एकता दिवस का हर भारतीय के लिए संदेश भी है। संकल्प भी है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा,”सरदार साहब ने देश की संप्रभुता को सबसे उपर रखा। लेकिन दुर्भाग्य से सरदार साहब के निधन के बाद के वर्षों में देश की संप्रभुता को लेकर तबकी सरकारों ने उतनी गंभीरता नहीं रही।”
श्री मोदी ने कहा कि एक ओर कश्मीर में हुयी गलतियां दूसरी ओर पूर्वोत्तर में पैदा हुई समस्याएं और देशभर में जगह-जगह पनपा नक्सलवाद, माओवादी आतंक, ये देश की संप्रभुता को सीधी चुनौतियां थीं। लेकिन उस दौर की सरकारों ने सरदार साहब की नितियों पर चलने की जगह रीढ़ विहीन रवैये को चुना। इसका परिणाम देश ने हिंसा और रक्तपात के रूप में झेला।

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रेल मंत्रालय ने देशभर के 76 स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया बनाने की योजना को दी मंजूरी https://demo.theshikshanews.com/rel-mantraalay-ne-deshabhar-ke-76-steshanon-par-holding-eriya-banaane-kee-yojana-ko-dee-manjooree/ https://demo.theshikshanews.com/rel-mantraalay-ne-deshabhar-ke-76-steshanon-par-holding-eriya-banaane-kee-yojana-ko-dee-manjooree/#respond Thu, 30 Oct 2025 15:48:18 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5533 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। रेल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्रालय ने देशभर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर ‘पैसेंजर होल्डिंग एरिया’ विकसित करने की योजना को मंजूरी दे दी है। यह फैसला नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर इस व्यवस्था की शानदार सफलता के बाद लिया गया है।
नई दिल्ली स्टेशन पर दीपावली और छठ जैसे त्योहारों के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को संभालने में यह सुविधा बेहद कारगर साबित हुई थी। सिर्फ चार महीने में तैयार हुआ यह होल्डिंग एरिया यात्रियों के लिए एक बड़ा राहत केंद्र बना, जिससे प्लेटफॉर्म और ट्रेनों पर भीड़ को नियंत्रित करना आसान हो गया।
अब इसी मॉडल को देश के अन्य बड़े स्टेशनों पर लागू किया जाएगा। रेल मंत्री ने निर्देश दिया है कि सभी होल्डिंग एरिया 2026 के त्योहारी सीजन से पहले तैयार हो जाने चाहिए। रेल मंत्रालय के अनुसार, इन नए होल्डिंग एरियाज का डिजाइन मॉड्यूलर होगा, यानी इन्हें स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से बनाया जाएगा। इससे अलग-अलग शहरों के तापमान, भीड़भाड़ और स्पेस के अनुसार सुविधाएं तैयार की जा सकेंगी।
इस योजना के तहत देश के 76 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया विकसित किए जाएंगे। इन स्टेशनों का चयन विभिन्न जोनल रेलवेज के आधार पर किया गया है।
सेंट्रल रेलवे जोन में मुंबई सीएसएमटी, लोकमान्य तिलक टर्मिनस, नागपुर, नासिक रोड, पुणे और दादर, कुल 6 स्टेशन हैं।
ईस्टर्न रेलवे में हावड़ा, सियालदह, आसनसोल, भागलपुर,जसीडीह जंक्शन कुल 5 स्टेशन हैं। ईस्ट सेंट्रल रेलवे में पटना, दानापुर, गया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (कुल 6 स्टेशन) शामिल हैं।
ईस्ट कोस्ट रेलवे में भुवनेश्वर, पुरी और विशाखापत्तनम के 3 स्टेशन, नॉर्दर्न रेलवे में नई दिल्ली, आनंद विहार, निजामुद्दीन, दिल्ली, गाजियाबाद, जम्मू तवी, कटरा, लुधियाना, लखनऊ (एनआर), वाराणसी, अयोध्या धाम और हरिद्वार के 12 स्टेशन और नॉर्थ सेंट्रल रेलवे में कानपुर, झांसी, मथुरा और आगरा कैंट (4 स्टेशन) शामिल हैं।
वहीं, नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे में गोरखपुर, बनारस, छपरा और लखनऊ जंक्शन (एनईआर) 4 स्टेशन, नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे में गुवाहाटी और कटिहार, नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे में जयपुर, गांधी नगर जयपुर, अजमेर, जोधपुर और रिंगस के 5 स्टेशन और साउदर्न रेलवे में चेन्नई सेंट्रल, चेन्नई एग्मोर, कोयंबटूर, एर्नाकुलम जंक्शन (4 स्टेशन) शामिल हैं।
साउथ सेंट्रल रेलवे में सिकंदराबाद, विजयवाड़ा, तिरुपति, गुंटूर, काचीगुड़ा और राजमुंद्री (6 स्टेशन), साउथ ईस्टर्न रेलवे में रांची, टाटा और शालीमार के 3 स्टेशन, साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे में रायपुर का 1 स्टेशन, साउथ वेस्टर्न रेलवे में बेंगलुरु, यशवंतपुर, मैसूर और कृष्णराजपुरम के 4 स्टेशन, वेस्टर्न रेलवे में मुंबई सेंट्रल, बांद्रा टर्मिनस, उधना, सूरत, अहमदाबाद, उज्जैन, वडोदरा और सीहोर के 8 स्टेशन, वेस्ट सेंट्रल रेलवे में भोपाल, जबलपुर और कोटा के 3 स्टेशन शामिल हैं।

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देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया दशहरा पर्व https://demo.theshikshanews.com/desh-mein-harshollaas-ke-saath-manaaya-gaya-dashahara-parv/ https://demo.theshikshanews.com/desh-mein-harshollaas-ke-saath-manaaya-gaya-dashahara-parv/#respond Fri, 03 Oct 2025 04:27:10 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5223 NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. New Delhi। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व गुरुवार को देश भर में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर अनेक स्थानों पर बुराई के प्रतीक रावण के पुतले जलाये गये। इसके साथ ही मेघनाद और कुम्भकरण के पुतलों का भी दहन किया गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राजधानी में लाल किले के पास स्थित परेड ग्राउंड पर आयोजित दशहरा समारोह में शामिल हुईं। उन्होंने वहां प्रतीकात्मक रूप से तीर चलाकर रावण दहन किया। श्रीमती मुर्मु ने इस अवसर लोगों को विजयादशमी की बधाई दी। उन्होंने इस पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बताया और कहा कि पहलगाम हमले के बाद हुआ ऑपरेशन सिंदूर भी इसी तरह बुराई पर अच्छाई की जीत है। उन्होंने कहा, “हम हर साल रावण जलाते हैं लेकिन हर साल रावण फिर जीवित हो जाता है। हमें अपने भीतर के रावण को दोबारा आने से रोकना होगा।”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यहां आई पी एक्सटेन्शन में आयोजित दशहरा समारोह में शामिल होने का कार्यक्रम था लेकिन संभवत: भारी बारिश के कारण उनका कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक दशहरा समारोह में शामिल होना था लेकिन उन्हें भी अपना कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में रामलीला ग्राउंड पर आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में सम्मिलित हुये। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में विजयदशमी के विशिष्ट पूजन के क्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को मंदिर की गोशाला में गोपूजन किया।
गोमाता के माथे पर तिलक लगाकर उनका आशीर्वाद लिया। पूजनोपरांत मुख्यमंत्री ने गोमाता को प्रेम और श्रद्धाभाव से गुड़, पूड़ी और चावल का लड्डू खिलाकर उनकी सेवा की।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के परेड ग्राउंड पर रावण दहन कार्यक्रम में शिरकत की। तेलंगाना में गुरुवार को विभिन्न स्थानों पर दशहरा उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया।तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विजयादशमी के अवसर पर राज्य के लोगों को शुभकामनायें दी हैं।महिलाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवी दुर्गा के मंदिरों में उमड़े और इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना की। यह नवरात्र के समापन और राक्षस महिषासुर पर देवी दुर्गा की विजय का भी प्रतीक है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी सहित कई प्रमुख नेताओं ने जुबली हिल्स स्थित अपने आवास पर आयोजित आयुध पूजा कार्यक्रम में भाग लिया।
इस दिन शमी पूजा, आयुध पूजा और वाहन पूजा जैसे अनुष्ठान किये गये। लोगों ने एक-दूसरे को शमी के पत्ते दिये, एक-दूसरे को बधाई दी और त्योहार की शुभकामनायें दीं। कई स्थानों पर रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया।शाम को राजधानी में हुई बारिश से दशहरा से जुड़े कार्यक्रमों में कुछ बाधा पड़ी, लेकिन रावण दहन कार्यक्रम संपन्न किये गये। बिहार की राजधानी पटना में भी बारिश की वजह से दशहरे पर होने वाले कार्यक्रमों में खलल पड़ी।

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देश के शिक्षकों को विश्व के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए: मुर्मु https://demo.theshikshanews.com/teachers-of-the-country-should-be-recognized-as-the-best-teachers-in-the-world-murmu/ https://demo.theshikshanews.com/teachers-of-the-country-should-be-recognized-as-the-best-teachers-in-the-world-murmu/#respond Fri, 05 Sep 2025 14:47:44 +0000 http://www.khabariya.com/?p=4993 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को शिक्षक दिवस पर आयोजित समारोह में देश भर के शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किये। श्रीमती मुर्मु ने इस मौके पर कहा कि भोजन, वस्त्र और आवास की तरह शिक्षा भी व्यक्ति के सम्मान और सुरक्षा के लिए आवश्यक है। समझदार शिक्षक बच्चों में सम्मान और सुरक्षा की भावना पैदा करते हैं। उन्होंने एक शिक्षक के रूप में अपने वक्त को याद किया और उस समय को अपने जीवन का एक बहुत ही सार्थक काल बताया।
राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति को सक्षम बनाती है। शिक्षा की शक्ति से गरीब से गरीब पृष्ठभूमि के बच्चे भी उन्नति के आसमान को छू सकते हैं। बच्चों की उड़ान को बल देने में स्नेही और समर्पित शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षकों का सबसे बड़ा पुरस्कार यही है कि उनके विद्यार्थी उन्हें जीवन भर याद रखें और परिवार, समाज और देश के लिए सराहनीय योगदान दें।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण एक शिक्षक का प्राथमिक कर्तव्य है। नैतिक आचरण का पालन करने वाले संवेदनशील, जिम्मेदार और समर्पित विद्यार्थी उन विद्यार्थियों से बेहतर होते हैं, जो केवल प्रतिस्पर्धा, किताबी ज्ञान और स्वार्थ में रुचि रखते हैं। एक अच्छे शिक्षक में भावनायें और बुद्धि दोनों होती हैं। भावनाओं और बुद्धि का समन्वय विद्यार्थियों पर भी प्रभाव डालता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि स्मार्ट ब्लैकबोर्ड, स्मार्ट कक्षायें और अन्य आधुनिक सुविधाओं का अपना महत्व है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है, स्मार्ट शिक्षक। उन्होंने कहा कि स्मार्ट शिक्षक वे शिक्षक होते हैं जो अपने विद्यार्थियों के विकास की आवश्यकताओं को समझते हैं। स्मार्ट शिक्षक स्नेह और संवेदनशीलता के साथ अध्ययन की प्रक्रिया को रोचक और प्रभावी बनाते हैं। ऐसे शिक्षक छात्रों को समाज और राष्ट्र की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम बनाते हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा को सर्वोच्च महत्व दिया जाना चाहिए। बालिकाओं की शिक्षा में निवेश करके, हम अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में एक अमूल्य निवेश करते हैं। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को सर्वोत्तम संभव शिक्षा प्रदान करना महिला-नेतृत्व विकास को बढ़ावा देने का सबसे प्रभावी तरीका है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के विस्तार और वंचित वर्ग की बालिकाओं को विशेष शिक्षा सुविधायें प्रदान करने पर ज़ोर देती है, लेकिन शिक्षा से जुड़ी किसी भी पहल की सफलता मुख्यतः शिक्षकों पर निर्भर करती है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे बालिकाओं की शिक्षा में जितना अधिक योगदान देंगे, शिक्षक के रूप में उनका जीवन उतना ही सार्थक होगा। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बालिकाओं सहित उन सभी विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दें, जो अपेक्षाकृत शर्मीले हैं, या कम सुविधा प्राप्त पृष्ठभूमि से आते हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य भारत को एक वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाना है। उन्होंने कहा, “इसके लिए हमारे शिक्षकों को विश्व के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए। हमारे संस्थानों और शिक्षकों को शिक्षा के तीनों क्षेत्रों – स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा और कौशल शिक्षा – में सक्रिय रूप से योगदान देना होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हमारे शिक्षक अपने महत्वपूर्ण योगदान से भारत को एक वैश्विक ज्ञान महाशक्ति के रूप में स्थापित करेंगे।”
इस मौके पर शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी और कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

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