Chief Justice – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Tue, 13 Jan 2026 04:56:30 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg Chief Justice – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 मुख्य न्यायाधीश ने विवेकानंद के संदेश को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी https://demo.theshikshanews.com/mukhy-nyaayaadheesh-ne-vivekaanand-ke-sandesh-ko-yaad-kar-unhen-shraddhaanjali-dee/ https://demo.theshikshanews.com/mukhy-nyaayaadheesh-ne-vivekaanand-ke-sandesh-ko-yaad-kar-unhen-shraddhaanjali-dee/#respond Tue, 13 Jan 2026 04:56:30 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6110 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने स्वामी विवेकानंद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्य न्यायाधीश ने स्वामी विवेकानंद भारत के महानतम दूरदर्शी व्यक्तियों में से एक और देश की संस्कृति एवं दर्शन के सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय राजदूत के रूप में वर्णित किया। मुख्य न्यायाधीश ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय परिसर में रक्तदान शिविर का उद्घाटन करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद की शिक्षाएं विशेष रूप से युवा पीढ़ी के लिए बहुत प्रासंगिक हैं। रक्तदान शिविर का आयोजन सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) एवं अधिवक्ता परिषद, सुप्रीम कोर्ट यूनिट द्वारा विवेकानंद जयंती के अवसर पर संयुक्त रूप से किया गया।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “स्वामी विवेकानंद बहुत महान दूरदर्शी व्यक्ति थे। उनकी शिक्षाएं बहुत महत्वपूर्ण हैं विशेषकर नई पीढ़ी के लिए। उनके द्वारा बोला गया प्रत्येक शब्द दूरदर्शी था, नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण था और हमारे देश की समृद्ध विरासत एवं सांस्कृतिक लोकाचार को बढ़ावा देता था। वह भारतीय संस्कृति एवं दर्शन के सबसे महान अंतरराष्ट्रीय राजदूत थे।” न्यायमूर्ति सूर्यकांत उन कई राष्ट्रीय हस्तियों में शामिल हैं जिन्होंने स्वामी विवेकानंद की 164 वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसे पूरे देश में राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित विभिन्न क्षेत्रों के नेताओं ने भी स्वामी विवेकानंद के चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास एवं राष्ट्र निर्माण के चिरस्थायी संदेश को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि अर्पित करते समय एक सर्वमान्य विषय स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से प्रेरणा लेकर देश के युवाओं को सशक्त बनाना और उन्हें एक विकसित एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण के लक्ष्य की ओर मार्गदर्शन प्रदान करना था इस वर्ष राष्ट्रीय युवा दिवस ‘स्वयं को प्रज्वलित करें; विश्व पर प्रभाव डालें’ विषय के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधीश की भागीदारी ने राष्ट्रीय हस्तियों एवं सामाजिक मुद्दों के साथ न्यायपालिका की सक्रिय भागीदारी को उजागर किया। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने नवंबर 2025 में भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली और तब से वे संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी एवं देश की सभ्यतागत विरासत से प्रेरणा लेने वाली पहलों में सक्रियता से जुड़े हुए हैं।

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प्रदूषण के कारण डिजिटल आधार पर सुनवाई पर कर रहे विचार: प्रधान न्यायाधीश https://demo.theshikshanews.com/pradooshan-ke-kaaran-dijital-aadhaar-par-sunavaee-par-kar-rahe-vichaar-pradhaan-nyaayaadheesh/ https://demo.theshikshanews.com/pradooshan-ke-kaaran-dijital-aadhaar-par-sunavaee-par-kar-rahe-vichaar-pradhaan-nyaayaadheesh/#respond Wed, 26 Nov 2025 15:32:12 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5853 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi।  प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने गंभीर वायु प्रदूषण के कारण उच्चतम न्यायालय की सुनवाई केवल डिजिटल तरीके से करने की संभावना पर विचार करते हुए कहा कि एक दिन पहले जब वह एक घंटे की सैर पर गए थे तो उन्होंने खुद को अस्वस्थ महसूस किया था।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि वह बार से परामर्श के बाद निर्णय करेंगे, हालांकि 60 वर्ष से अधिक आयु के अधिवक्ताओं के लिए डिजिटल तरीके से सुनवाई की अनुमति देने का विचार अदालत में रखा गया था।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने यह टिप्पणी तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की शुरुआत में कीं, जब आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट मांगी। ⁠
द्विवेदी ने कहा, ‘‘मुझे प्रदूषण से दिक्कत है… कृपया मेरे सहकर्मी को नोट लेने की अनुमति दें। मैं अगली तारीख पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पेश होना चाहता हूं।’ उन्होंने बताया कि सुबह की सैर पर जाने के बाद से उन्हें कुछ दिक्कत हो रही है। उन्होंने कहा, ‘मुझे आपकी अनुमति चाहिए। ऑनलाइन पेश होने की अनुमति दी जाए, मेरी तबियत ठीक नहीं है।’
वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सहमति जताते हुए कहा, ‘‘इस उम्र में, हम इस खराब हवा में सांस ले रहे हैं, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400-500 है।’ प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘कल मैं एक घंटे टहलने गया था। मैं ठीक महसूस नहीं कर रहा था।’ इसके बाद, 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के वकीलों को सुनवायी के लिए भौतिक पेशी से छूट देने की संभावना पर विचार किया गया।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘अगर मैं कोई फैसला लेता हूं, तो हम पहले बार को भरोसे में लेंगे। हम वकीलों और मुकदमा लड़ने वालों को होने वाली मुश्किलों को देखेंगे… अगर हमें कोई प्रस्ताव मिलता है, तो हम कुछ करेंगे। मैं शाम को पदाधिकारियों से मिलूंगा और कुछ कदम उठाऊंगा।’’ अभी, शीर्ष अदालत ‘हाइब्रिड मोड’ में काम करती है जिसके तहत सुनवायी भौतिक और डिजिटल, दोनों तरीकों से होती है।
बुधवार सुबह राजधानी में हवा की गुणवत्ता ‘‘बहुत खराब’’ श्रेणी में दर्ज की गई क्योंकि एक्यूआई 335 थी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, शून्य से 50 के बीच का एक्यूआई ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है। दिल्ली में पिछले कुछ हफ़्तों से वायु गुणवत्ता खराब है।

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