birth anniversary – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Wed, 03 Dec 2025 15:11:55 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg birth anniversary – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति ने किया नमन https://demo.theshikshanews.com/do-raajendr-prasaad-kee-jayantee-raashtrapati-draupadee-murmoo-aur-uparaashtrapati-ne-kiya-naman/ https://demo.theshikshanews.com/do-raajendr-prasaad-kee-jayantee-raashtrapati-draupadee-murmoo-aur-uparaashtrapati-ne-kiya-naman/#respond Wed, 03 Dec 2025 15:11:55 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5939 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। भारत के प्रथम राष्ट्रपति और देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद की 141वीं जयंती के मौके पर पूरे देश में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। बुधवार को राष्ट्रपति भवन में एक विशेष समारोह रखा गया, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर भी साझा कीं और देशवासियों को डॉ. राजेंद्र प्रसाद के महान योगदान की याद दिलाई।
वहीं, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट लिखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि भारत के पहले राष्ट्रपति और स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेताओं में से एक डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती पर देश गर्व महसूस करता है। संविधान सभा के अध्यक्ष के रूप में डॉ. प्रसाद ने बेहद समझदारी, धैर्य और विनम्रता के साथ देश के संविधान को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आगे लिखा कि भारत के प्रथम राष्ट्रपति चुने जाने के बाद भी डॉ. राजेंद्र प्रसाद का जीवन सादगी और ईमानदारी का प्रतीक रहा। वे हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता की सेवा को सर्वोपरि मानते थे। उनका पूरा कार्यकाल इस बात का उदाहरण है कि सत्ता में रहते हुए भी एक व्यक्ति कितनी विनम्रता और ईमानदारी से देश की सेवा कर सकता है।
3 दिसंबर, 1884 को बिहार के जिरादेई में जन्मे राजेंद्र प्रसाद न केवल एक महान नेता थे, बल्कि एक शिक्षाविद, लेखक और अत्यंत संवेदनशील व्यक्ति भी थे। स्वतंत्रता आंदोलन में उनका योगदान अतुलनीय रहा। वे महात्मा गांधी के बेहद करीबी थे और उनके सिद्धांतों पर पूरे जीवन चलते रहे। चाहे चंपारण सत्याग्रह हो या नमक सत्याग्रह, डॉ. प्रसाद हर संघर्ष में देशवासियों के साथ खड़े रहे।
राजेंद्र प्रसाद आजाद भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में चुने गए। उनका कार्यकाल 26 जनवरी, 1950 से 13 मई, 1962 तक का था। आज उनकी जयंती के अवसर पर देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लोगों ने उनके विचारों और जीवन से जुड़ी बातें साझा की।

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सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ में भाग लें देशवासी: मोदी https://demo.theshikshanews.com/saradaar-patel-kee-150veen-jayantee-par-aayojit-ran-phor-yoonitee-mein-bhaag-len-deshavaasee-modee/ https://demo.theshikshanews.com/saradaar-patel-kee-150veen-jayantee-par-aayojit-ran-phor-yoonitee-mein-bhaag-len-deshavaasee-modee/#respond Sun, 26 Oct 2025 11:35:11 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5476 NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. New Delhi। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समस्त देशवासियों से 31 अक्टूबर को लौह पुरुष सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम ‘रन फॉर यूनिटी’ में भाग लेने की अपील की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को आकाशवाणी पर प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात” की 127 वीं कड़ी में अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक काल में राष्ट्र की सबसे महान विभूतियों में से एक सरदार पटेल की 150वीं जयंती का दिन पूरे देश के लिए एक बहुत विशेष अवसर है। उनके विराट व्यक्तित्व में अनेक गुण एक साथ समाहित थे।
श्री मोदी ने कहा ” वह एक अत्यंत प्रतिभाशाली छात्र थे जिन्होंने भारत और ब्रिटेन में अपनी पढ़ाई में बेहतरीन प्रदर्शन किया। वह अपने समय के सबसे सफल वकीलों में से भी एक थे। श्री पटेल वकालत में और नाम कमा सकते थे, लेकिन महात्मा गांधी से प्रेरित होकर उन्होंने खुद को स्वतंत्रता आंदोलन में पूरी तरह समर्पित कर दिया।”
श्री मोदी ने कहा कि सरदार पटेल के ‘खेड़ा सत्याग्रह’ से लेकर ‘बोरसद सत्याग्रह’ तक अनेक आंदोलनों में उनके योगदान को आज भी याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद नगर निगम के प्रमुख के रूप में उनका कार्यकाल भी ऐतिहासिक रहा था। उन्होंने स्वच्छता और सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उप-प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के रूप में उनके योगदान के लिए हम सभी सदैव उनके ऋणी रहेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने भारत के प्रशासनिक ढांचे की एक मजबूत नींव भी रखी और देश की एकता और अखंडता के लिए उन्होंने अद्वितीय प्रयास किए। मेरा आप सबसे आग्रह है कि 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती देश-भर में होने वाली ‘रन फॉर यूनिटी’ में आप सभी अपने लोगों के साथ शामिल हों।
श्री मोदी ने कहा कि यह एक प्रकार से युवा चेतना का अवसर बनना चाहिए जो देश की एकता को मजबूती देगा। यह उस महान विभूति के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन्होंने भारत को एकता के सूत्र में पिरोया था ।

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