Bihar elections – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Mon, 10 Nov 2025 16:01:58 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg Bihar elections – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 बिहार चुनाव के अंतिम चरण में 122 विधानसभा क्षेत्रों में 11 नवंबर को होगा मतदान, 1302 प्रत्याशियों का राजनैतिक भविष्य होगा तय https://demo.theshikshanews.com/bihaar-chunaav-ke-antim-charan-mein-122-vidhaanasabha-kshetron-mein-11-navambar-ko-hoga-matadaan-1302-pratyaashiyon-ka-raajanaitik-bhavishy-hoga-tay/ https://demo.theshikshanews.com/bihaar-chunaav-ke-antim-charan-mein-122-vidhaanasabha-kshetron-mein-11-navambar-ko-hoga-matadaan-1302-pratyaashiyon-ka-raajanaitik-bhavishy-hoga-tay/#respond Mon, 10 Nov 2025 16:01:58 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5737 NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. Patna। बिहार में दूसरे और अंतिम चरण के 122 विधानसभा क्षेत्रों में मंगलवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच होने वाले मतदान में 1302 प्रत्याशियों के राजनीतिक भविष्य का फैसला लगभग तीन करोड़ 70 लाख मतदाता करेंगे।
दूसरे और अंतिम चरण में 11 नवंबर को मतदान का सामान्य समय सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक रहेगा। सुरक्षा कारणों से कटोरिया (सुरक्षित) के 121 मतदान केंद्रों, बेलहर के 140, चैनपुर, चेनारी (सुरक्षित) के 62, गोह के 25, नवीनगर के 26, कुटुंबा (सुरक्षित) के169 ,औरंगाबाद के 57, रफीगंज के 125, गुरूआ के 12, शेरघाटी के 48 , इमामगंज (सुरक्षित) के 361, बाराचट्टी (सुरक्षित) के 36 और बोधगया (सुरक्षित) के 20 मतदान केंद्रों, रजौली (सुरक्षित), गोविंदपुर और जमुई जिले की सभी चार सीटें सिकंदरा (सुरक्षित),जमुई, झाझा और चकाई में मतदान सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक ही चलेगा।
बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के दौरान 122 निर्वाचन क्षेत्रों में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय सुरक्षा बलों की कुल 1650 कंपनियाँ तैनात की गई हैं, जबकि पर्याप्त संख्या में बिहार सैन्य पुलिस (बीएमपी) के जवान भी बिना किसी बाधा के मतदान सुनिश्चित करने के लिए तैनात रहेंगे। उन्होंने बताया कि मतदान में व्यवधान उत्पन्न करने वाले असामाजिक तत्वों को नदी मार्ग से आवाजाही रोकने के उद्देश्य से नाव से गश्ती के लिये बलो की तैनाती भी की गयी है।
डीजीपी ने बताया कि मतदान में गड़बड़ी उत्पन्न करने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। किसी भी घुसपैठ को रोकने के लिए भारत-नेपाल सीमा से लगे सात जिलों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की सीमा से लगे बिहार के जिलों में अतिरिक्त सर्तकता बरती जा रही है। नेपाल के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा को रविवार से 72 घंटे के लिए सील कर दिया गया है।
इस बीच, चुनाव कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी मतदान प्रक्रिया की लाइव स्ट्रीमिंग की जाएगी। आयोग ने कानून-व्यवस्था की कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए 122 सामान्य पर्यवेक्षक, 20 पुलिस पर्यवेक्षक और 34 व्यय पर्यवेक्षक को तैनात किया है।
दूसरे चरण में 122 विधानसभा क्षेत्रों के मतदान में 45399 मतदान केंद्र पर तीन करोड़ 70 लाख 13 हजार 556 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर 136 महिला और 1165 पुरुष प्रत्याशी और एक अन्य समेत कुल 1302 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में बंद कर देंगे। मतदाताओं में एक करोड़ 95 लाख 44 हजार 41 पुरुष, एक करोड़ 74 लाख 68 हजार 572 महिला और 943 थर्ड जेंडर शामिल हैं।
सबसे ज़्यादा 3,67,667 मतदाता हिसुआ विधानसभा सीट पर हैं, जबकि सबसे कम 2,47,574 मतदाता मखदुमपुर सीट पर हैं। पूरी तरह महिलाओं द्वारा प्रबंधित मतदान केंद्रों की संख्या 595 है, जबकि आदर्श मतदान केंद्रों की संख्या 316 है।अस्सी वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं की संख्या 487219 और शतायु मतदाताओं की संख्या 6255 है। दूसरे चरण के चुनाव में सबसे अधिक 22 उम्मीदवार चैनपुर, सासाराम और गया टाउन में, वहीं लौरिया, चनपटिया, रक्सौल, सुगौली, त्रिवेणीगंज और बनमंखी में सबसे कम पांच प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे हैं।
दूसरे चरण के चुनाव में राष्ट्रीय जनतंत्रिक गठबंधन (राजग) से जिन दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है, उनमें पूर्व उप मुख्यमंत्री रेणु देवी, पूर्व उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, बिजेन्द्र प्रसाद यादव,डा. प्रेम कुमार, नीरज कुमार सिंह, श्रीमती लेशी सिंह,नीतीश मिश्रा, सुनील कुमार पिंटू,सुमित कुमार सिंह, जयंत राज, विजय कुमार मंडल,मोहम्मद जमा खान,प्रमोद कुमार, कृष्ण नंदन पासवान,कृष्ण कुमार ऋषि,शीला मंडल, महाबली सिंह, दुलालचंद गोस्वामी,श्रेयसी सिंह, राजू तिवारी, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा की पत्नी स्नेह लता, अनिल कुमार, हिदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष जीतन राम मांझी की बहू दीपा कुमारी और समधन ज्योति देवी समेत अन्य शामिल हैं।
इसी तरह महागठबंधन से पूर्व विधान सभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, पूर्व केन्द्रीय मंत्री जय प्रकाश नारायण यादव , पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा, बिहार विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान, अब्दुल जलील मस्तान,बीमा भारती, कौशल यादव, पूर्णिमा यादव,राजेश राम, अजीत शर्मा, समेत अन्य की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुयी है। इन सबके साथ ही ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलिमीन (एआईएमआईएम) के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अख्तरुल ईमान भी दूसरे दौर के चुनावी अखाड़े में जोर आजमाइश के लिए उतरे हैं।
दूसरे और अंतिम चरण में राज्य के जिन 122 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव होना है उनमें वाल्मिकी नगर, रामनगर (सुरक्षित),नरकटियागंज, बगहा, लौरिया,नौतन,चनपटिया, बेतिया,सिकटा,रक्सौल, सुगौली,
नरकटिया, हरसिद्धि (सुरक्षित),गोविंदगंज,केसरिया,कल्याणपुर,पिपरा,मधुबन,मोतिहारी,चिरैया,
ढाका,शिवहर, रीगा, बथनाहा (सुरक्षित),परिहार,सुरसंड,बाजपट्टी,सीतामढी, रुन्नीसैदपुर,बेलसंड, हरलाखी, बेनीपट्टी, खजौली ,बाबूबरही,बिस्फी,मधुबनी,राजनगर(सुरक्षित),झंझारपुर,फुलपरास,लौकहा,निर्मली,
पिपरा,सुपौल,त्रिवेणीगंज ,(सुरक्षित), छातापुर, नरपतगंज, रानीगंज (सुरक्षित),फारबिसगंज,अररिया, जोकीहाट, सिकटी, बहादुरगंज,ठाकुरगंज, किशनगंज,कोचाधामन, अमौर, बायसी,कसबा,बनमनखी (सुरक्षित), रुपौली, धमदाहा,पूर्णिया, कटिहार,कदवा, बलरामपुर, प्राणपुर,मनिहारी (सुरक्षित) बरारी, कोढ़ा(सुरक्षित), बिहपुर, गोपालपुर ,पीरपैंती (सुरक्षित),कहलगांव, भागलपुर, सुलतानगंज, नाथनगर,अमरपुर, धोरैया (सुरक्षित),बांका,कटोरिया,(सुरक्षित), बेलहर,रामगढ,मोहनिया (सुरक्षित),भभुआ, चैनपुर,चेनारी (सुरक्षित), सासाराम, करगहर,दिनारा, नोखा,डेहरी,काराकाट,अरवल, कुर्था,जहानाबाद,घोसी,मखदुमपुर (सुरक्षित), गोह, ओबरा,नबीनगर, कुटुम्बा (सुरक्षित), औरंगाबाद, रफीगंज, गुरुआ, शेरघाटी,इमामगंज (सुरक्षित), बाराचट्टी (सुरक्षित),बोधगया (सुरक्षित), गया टाउन,टिकारी,बेलागंज,अतरी, वजीरगंज, रजौली (सुरक्षित), हिसुआ,नवादा, गोबिंदपुर, वारसलिगंज,सिकंदरा (सुरक्षित),जमुई, झाझा और चकाई शामिल है।
दूसरे चरण के चुनाव में राजग के घटक भाजपा ने 53, जदयू ने 44, लोक जनशक्ति पार्टी ( रामविलास) ने 15,राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) ने 04 प्रत्याशी और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) ने छह प्रत्याशी अखाड़े में उतारे हैं। वहीं महागठबंधन के घटक राजद ने 71, कांग्रेस ने 37, विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने सात,भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माक्सर्ववादी लेनिनवादी (भाकपा माले) ने 06, भारतीय कम्युनिट पार्टी (भाकपा) ने चार और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने एक उम्मीदवार खड़े किये है। मोहिनियां सुरक्षित सीट पर राजद ने श्वेता सुमन को चुनावी दंगल में उतारा था, लेकिन उनका नामांकन रद्द हो गया। राजद ने यहां निर्दलीय प्रत्याशी पूर्व सासंद छेदी पासवान के पुत्र रवि शंकर पासवान को समर्थन दिया है। वहीं सुगौली सीट पर मुकेश सहनी की पार्टी विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के उम्मीदवार शशि भूषण सिंह का नामांकन रद्द हो गया था।वीआईपी ने यहां राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के पुत्र तेज प्रताप यादव की पार्टी जन शक्ति जनता दल के उम्मीदवार श्याम किशोर भारती को समर्थन दिया है।प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने 120 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारे हैं।
वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में इन 122 सीटो में से राजद ने 33, भाजपा ने 42, जदयू ने 20 ,कांग्रेस ने 11, भाकपा माले ने पांच,एआईएमआईएम ने पांच, हम ने 04, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने एक सीट पर कब्जा जमाया था।एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदावार ने जीत दर्ज की थी।
गौरतलब है कि बिहार विधानसभा की 243 सीटों में से 121 सीटों पर प्रथम चरण के तहत 06 नवंबर को चुनाव संपन्न हो गया है।बिहार विधानसभा चुनाव में पहले चरण के मतदान में मतदाताओं ने 65.08 प्रतिशत मतदान दर्ज कर राज्य के चुनावी इतिहास में एक नया कीर्तिमान बनाया है।
वर्ष 2020 के चुनाव में राज्य की 243 विधानसभा सीटों में से राजग के घटक भाजपा ने 74, जदयू ने 43, वीआईपी और हम ने चार-चार सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं महागठबंधन में शामिल राजद ने 75, कांग्रेस ने 19, भाकपा माले ने 12,भाकपा और माकपा ने दो-दो सीटों पर जीत हासिल की। वहीं एआईएमआईएम ने पांच, बसपा ने एक सीट पर जीत दर्ज की। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार को जीत मिली।
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा, जिसमें 122 सीटों के लिए मतदान कराया जायेगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। इस विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है।

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क्या महाराष्ट्र को दोहराएगा बिहार चुनाव? https://demo.theshikshanews.com/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%be/ https://demo.theshikshanews.com/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%be/#respond Thu, 17 Jul 2025 07:25:13 +0000 http://www.khabariya.com/?p=4303 अर्जुन देशप्रेमी
बिहार में अक्टूबर-नवम्बर में चुनाव होने हैं। इस बीच चुनाव आयोग ने सघन मतदाता पुनरीक्षण अभियान चलाना आरम्भ किया जिसे लेकर विपक्ष की तरफ से भारी विरोध और हो-हल्ला मचाया जा रहा है। इसे लेकर अबतक जो कुछ देखने में आ रहा है, उसमे ऐसा लगता है कि कहीं विपक्ष अपने ही जाल में तो नहीं उलझ गया है। या भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने उसे फंसा दिया है। हो ये रहा है कि विपक्ष जितना इस मुद्दे को उठा रहा है, सनातनी वोट उतना ही सत्तापक्ष की ओर मुड़ता दिख रहा है। सनातनी के मन में यह बात बैठ रही है कि विपक्ष को सिर्फ मुसलमानों, बांग्लादेशियों, रोहिंगियाओं के वोट की चिंता है। तेजस्वी, राहुल गाँधी इनके वोटों के लिए लड़ रहे हैं, पर इनको सनातनियों की कोई चिंता नहीं है। ऐसे में जैसे महाराष्ट्र में चुनावों से पहले इंडी गठवंधन को लग रहा था कि वह आसानी से चुनाव जीत जायेगा, पर हुआ इसका उल्टा। विपक्ष का वहां सफाया जैसा हो गया जिसकी टीस आज भी राहुल गाँधी को उठती रहती है और जिसके लिए वह चुनाव आयोग पर हार का ठिकड़ा फोड़ते रहते हैं। पर क्या इस बार बिहार में कुछ ऐसा ही तो नहीं होने जा रहा है जिसका भान विपक्ष को हो नहीं पा रहा है, या उसे अभी से इसका भान हो गया है और वह कुछ कर नहीं पा रहा है सिवाय हल्ला मचाने के। और यह हल्ला भी उसके विरुद्ध ही तो नहीं जा रहा है। जिस तरह से अभी दोनों ओर से मोर्चाबंदी हो रही है, उसमें अगर लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी, राहुल गाँधी की पार्टी कांग्रेस और उनके सहयोगी दल 50 सीटों से भी नीचे सिमट जायें तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए जबकि हाल के दिनों में हुए कई सर्वे उसे बहुमत दिलाते दिख रहे हैं।
हाल ही में अलग-अलग एजेंसियां और मीडिया संस्थान सर्वेक्षण (ओपिनियन पोल) जारी किये हैं। कुछ सर्वेक्षणों के अनुसार, महागठबंधन (राजद, कांग्रेस और लेफ्ट) को बहुमत मिल सकता है, जबकि एनडीए (जदयू-भाजपा गठबंधन) को कुछ सीटों का नुकसान होने का अनुमान है। पोल ट्रैकर के सर्वे के मुताबिक, महागठबंधन को 44.2% वोटों के साथ 126 सीटें मिलने का अनुमान है, जो बहुमत के आंकड़े को पार करता है। वहीं, एनडीए को 112 सीटें मिल सकती हैं। नवभारत टाइम्स के एक सर्वे में भी मुख्यमंत्री पद की पहली पसंद के तौर पर तेजस्वी यादव को आगे दिखाया गया है (3.3% लोगों की पसंद), जबकि नीतीश कुमार 35.6% लोगों की पसंद हैं। इस सर्वे में यह भी सामने आया है कि 51.2% लोगों के लिए बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा है। सी-वोटर के अलग-अलग सर्वे में भी तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में सबसे आगे नजर आ रहे हैं। पर ये सारे सर्वे साफ लिख रहे हैं हैं कि चुनाव से पहले ये सिर्फ अनुमान होते हैं और वास्तविक परिणाम कई कारकों पर निर्भर करते हैं।
वर्तमान में वोटर लिस्ट का वेरिफिकेशन चल रहा है, जिससे लगभग 35 लाख नामों के कटने का अनुमान है। दरअसल ये ऐसे लोग हैं जो या तो बांग्लादेशी हैं, या रोहिंगिया या नेपाली जिनके आधार कार्ड फर्जी तरीके से बने हैं। इनमें बड़ी संख्या में वैसे लोग भी हैं जो घुसपैठ करके आते हैं, यहाँ की मतदाता सूचियों में येन केन प्रकारें नाम शामिल कराते हैं और फिर इन पहचान पत्रों के आधार पर देश के दूसरे हिस्सों में जाकर बस जाते हैं। बड़ी संख्या में ऐसे लोग दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, गुजरात आदि में देखे जाते हैं जहाँ अवैध कब्जे कर ये घर बना लेते हैं। पर वोट के समय वे बिहार में पहुंचते हैं और वोट कर देते हैं। इनको उन नेताओं की मदद करनी होती है, जिन्होंने इनको आधार कार्ड, राशन कार्ड या दूसरे पहचान पत्र बनवाने में मदद की होती है। साथ ही इससे इनको दूसरे सरकारी लाभ लेने में भी मदद मिलती है। इसका भी नतीजों पर असर पड़ सकता है। यानि फिलहाल, कोई भी निश्चित रूप से नहीं कह सकता कि कौन जीतेगा, क्योंकि राजनीतिक परिदृश्य तेजी से बदलता रहता है।
पर इनमें से किसी ने भी इसका आंकलन नहीं किया है कि बिहार में महाराष्ट्र की तर्ज पर ही सनातन धर्मावलम्बी एकजुट हो रहे हैं और उनका ध्रुवीकरण हो रहा है। इसका साफ कारण यह है कि इंडी गठबंधन की तरफ से जिस तरह की बयानबाजी हो रही है, उससे साफ है कि वे फिर से मुस्लिम वोटों पर ही नज़र गड़ाए हुए हैं। न तो ये सनातनी वोटों के लिए कोई बात कर रहे हैं, न ही उनको इनकी चिंता है। वे मानकर चल रहे हैं कि इनका एक बड़ा वर्ग तो इन्हें वोट करेगा ही। खासकर यादव वोट। यादव और मुस्लिम वोटों के जरिये ये सत्ता पा जायेंगे। अगर आप बिहार के गावों में इमानदारी से लोगों का मन टटोलें तो साफ दिखता है कि सनातनी लोग ठीक उसी तरह से गोलबंद हो रहे हैं जिस तरह मुस्लिम लोग। ऐसा मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में साफ दिखा भी है। अब यह बिहार में भी दिख रहा है जिसे विपक्ष के नेता देखना नहीं चाहते हैं। बागेश्वर बाबा की रैली इसकी एक बानगी थी, जिसे देखकर भी विपक्ष अनदेखा कर रहा है।
और ऊपर से तुर्रा यह कि बिहार के वोटर लिस्ट से 35 लाख लोगों के नाम कट रहे हैं, कुल संख्या एक करोड़ से भी ऊपर भी जा सकती है। यह वोट बैंक मना जाता है कि विपक्षी दलों का ही है, खासकर मुसलमानों के वोट। अगर ऐसा हुआ तो लगभग 50 से 60 वैसे सीटों पर विपक्ष का खेल बिगड़ सकता है। और कुल मिलाकर विपक्ष के सत्ता में आने के सपने पर पानी फेर सकता है।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

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