at Gorakhpur in Uttar Pradesh – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Thu, 27 Nov 2025 16:00:19 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg at Gorakhpur in Uttar Pradesh – खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 भारतीय परंपरा संतों, ऋषि-मुनियों व महापुरुषों के त्याग-बलिदान की महागाथाः योगी https://demo.theshikshanews.com/bhaarateey-parampara-santon-rshi-muniyon-va-mahaapurushon-ke-tyaag-balidaan-kee-mahaagaathaah-yogee/ https://demo.theshikshanews.com/bhaarateey-parampara-santon-rshi-muniyon-va-mahaapurushon-ke-tyaag-balidaan-kee-mahaagaathaah-yogee/#respond Thu, 27 Nov 2025 16:00:19 +0000 http://www.khabariya.com/?p=5870 NCR TODAY. Khabariya. Ghaziabad। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की परंपरा संतों, ऋषि-मुनियों व महापुरुषों के त्याग-बलिदान की महागाथा है। युगों-युगों से यह महागाथा विश्व मानवता के लिए प्रेरणा रही है। विश्व मानवता ने इस महागाथा का श्रवण व प्रेरणा प्राप्त कर भविष्य को तय किया है।
भारत के अंदर आज भी पवित्र उपासना विधियां श्रद्धाभाव के साथ कार्य करते हुए इस व्यवस्था को बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि तीन दिन पूर्व अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण कार्य को पूर्ण करने के महायज्ञ के पूर्णाहुति कार्यक्रम के साथ ही पीएम मोदी के करकमलों से भव्य भगवा ध्वज का आरोहण संपन्न हुआ। पूरी दुनिया व देश ने भारत के इस सनातन वैभव को देखा और अनुभव किया।


सीएम योगी गुरुवार को तरुण सागरम् तीर्थ, मुरादनगर पहुंचे। उन्होंने यहां पंचकल्याणक महामहोत्सव के अंतर्गत 100 दिन में निर्मित गुफा मंदिर का उद्घाटन किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भगवान पार्श्वनाथ जी व संत तरुण सागर जी महाराज का स्मरण किया।
सीएम ने मेरी बिटिया व अंतर्मना दिव्य मंगल पाठ पुस्तक का विमोचन भी किया।सीएम योगी ने कहा कि यूपी का सौभाग्य है कि अयोध्या में प्रथम जैन तीर्थंकर भगवान ऋषभ देव व चार जैन तीर्थंकर पैदा हुए। दुनिया ने काशी में चार जैन तीर्थंकरों को अवतरित होते हुए देखा है। श्रावस्ती में जैन तीर्थंकर भगवान संभवनाथ का जन्म हुआ। भगवान महावीर का महापरिनिर्वाण कुशीनगर के पावागढ़ में हुआ था। हमारी सरकार ने फाजिलनगर का नाम (जहां भगवान महावीर ने महापरिनिर्वाण हुआ था), उसके नामकरण की कार्रवाई को पावा नगरी के रूप में बढ़ाया है।
सीएम योगी ने कहा कि 24 जैन तीर्थंकरों ने समाज को नई दिशा और विश्व मानवता को करुणा, मैत्री, अहिंसा व ‘जियो-जीने दो’ की प्रेरणा दी। उन्होंने सिर्फ मनुष्य ही नहीं, बल्कि प्रत्येक जीव-जंतु के लिए नई प्रेरणा प्रदान की, जिसकी प्रासंगिकता आज भी उसी रूप में बनी हुई है। मानव सभ्यता को विकास की नित नई ऊंचाइयों तक पहुंचना है तो उन्हें भारत के अध्यात्म की शरण में जाना होगा।
अध्यात्म के साथ ही भौतिक विकास, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक उन्नयन के लिए सुरक्षित, सुसभ्य, साफ-सुथरा वातावरण चाहिए, जिसे भारत ने पहले भी दुनिया को दिया है और भारत, ऋषि-मुनियों, परंपरा व भारतीय संस्कृति का संदेश आज भी विश्व मानवता के लिए यही है। सीएम योगी ने कहा कि ऋषि-मुनि परंपरा ने जो संदेश दिया है, हम उसे आत्मसात करते हैं तो यह विश्व मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है।
गत वर्ष अप्रैल में पीएम मोदी ने विश्व नवकार महामंत्र दिवस पर वन वर्ल्ड-वन चैन कार्यक्रम का उद्घाटन किया था और हम सभी को नौ संकल्प (पानी की बचत, एक पेड़ मां के नाम, स्वच्छता का मिशन, वोकल फॉर लोकल, देश-दर्शन, नेचुरल फॉर्मिंग, हेल्दी लाइफ स्टाइल, योग व खेल को जीवन में लाना, गरीब कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य करना) प्रदान किया था। जैन मुनियों की परंपरा उसी को बढ़ाने का कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि आचार्य प्रसन्न सागर जी महाराज व उपाध्याय मुनि पीयूष सागर जी महाराज की दिनचर्या को देखा। 557 दिन की कठोर साधना, 496 दिन का निर्जल उपवास, तप, अनुशासन व आत्मसंयम का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला है। ये चीजें दिखाती हैं कि यदि हम संकल्प ले लें तो जो कुछ हमें बाहर दिखाई दे रहा है, वह सब कुछ इस शरीर में अनुभव होते हुए भी दिखाई देगा। प्रसन्न सागर जी महाराज की साधना के माध्यम से यह देखने व अनुभव करने का अवसर प्राप्त हुआ है।

]]>
https://demo.theshikshanews.com/bhaarateey-parampara-santon-rshi-muniyon-va-mahaapurushon-ke-tyaag-balidaan-kee-mahaagaathaah-yogee/feed/ 0
ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में काम करें युवा डॉक्टर: मुर्मु https://demo.theshikshanews.com/%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%a3-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%86%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%87%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%8b/ https://demo.theshikshanews.com/%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%a3-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%86%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%87%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%8b/#respond Mon, 30 Jun 2025 15:47:21 +0000 http://www.khabariya.com/?p=3989 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने युवा डॉक्टरों से ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में समाज के उन वर्गों के लिए काम करने का आग्रह किया है जिन्हें चिकित्सा सेवाओं की सबसे ज्यादा जरूरत है।

The President of India, Smt Droupadi Murmu attends the first convocation ceremony of AIIMS Gorakhpur, at Gorakhpur in Uttar Pradesh on June 30, 2025.

श्रीमती मुर्मु ने सोमवार को गोरखपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के पहले दीक्षांत समारोह में कहा कि इस संस्थान और अन्य एम्स की स्थापना देश के हर कोने में उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा कि समाज और देश के विकास में डॉक्टरों की अहम भूमिका होती है। डॉक्टर न सिर्फ बीमारियों का इलाज करते हैं, बल्कि स्वस्थ समाज की नींव भी रखते हैं। स्वस्थ नागरिक ही राष्ट्र की प्रगति में भागीदार बन सकते हैं।
उन्होंने युवा डॉक्टरों से समाज के उन वर्गों के लिए काम करने का आग्रह किया जिन्हें चिकित्सा सेवाओं की सबसे ज्यादा जरूरत है। उन्होंने कहा कि कई ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में अभी भी वंचित समुदायों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है। उन्होंने विश्वास जताया कि युवा डॉक्टर इस बारे में सोचेंगे और ऐसे इलाकों और लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेंगे।
राष्ट्रपति ने कहा कि डॉक्टरों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है लेकिन सहानुभूति के महत्व को समझना जरूरी है। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा से जुड़े सभी हितधारकों से आग्रह किया कि वे भावी डॉक्टरों को शुरू से ही ऐसा माहौल उपलब्ध कराएं जिसमें वे डॉक्टर-रोगी संवाद, उपचार में सहानुभूति की भूमिका और विश्वास निर्माण जैसे विषयों के साथ-साथ अपने कौशल के बारे में भी जानें तथा उन्हें अपनी कार्यशैली में अपनाएं। उन्होंने डॉक्टरों को सलाह दी कि वे अपने करियर और जीवन में इस बात को याद रखें कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं बल्कि मानवता की सेवा है। उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि वे करुणा और ईमानदारी को अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाएं।
श्रीमती मुर्मु ने कहा कि एम्स संस्थान भारत की चिकित्सा क्षमता के प्रतीक हैं और इनका नाम सुनते ही मन में विश्वस्तरीय उपचार,उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधाएं, आधुनिक तकनीक और समर्पित डॉक्टरों की छवि उभरती हैं। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में हर मरीज को उम्मीद की एक नई किरण दिखाई देती है। एम्स ने भारत में चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और उपचार के क्षेत्र में उच्चतम मानक स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि चाहे सर्जरी की नई तकनीक हो, शीघ्र निदान के लिए उपकरण हो या आयुष और एलोपैथी के संयोजन से रोगों का उपचार हो, एम्स ने नवाचार को अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि यह कहा जा सकता है कि सभी एम्स संस्थान देश के पहले एम्स की स्थापना के उद्देश्य को पूरा करने में सफल रहे हैं।

]]>
https://demo.theshikshanews.com/%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%a3-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%86%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%87%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%8b/feed/ 0