खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com ( A Unit OF NCR Today News Paper Group ) Thu, 22 Jan 2026 15:00:10 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://demo.theshikshanews.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-Khabariya-Logo-Samal-32x32.jpg खबरिया.com https://demo.theshikshanews.com 32 32 चुनाव आयोग ने विश्व के सामने प्रस्तुत किया अपना डिजिटल मंच ईसीआईनेट , दूसरे निकायों को प्रौद्योगिकी सहयोग की पेशकश https://demo.theshikshanews.com/chunaav-aayog-ne-vishv-ke-saamane-prastut-kiya-apana-dijital-manch-eeseeaeenet-doosare-nikaayon-ko-praudyogikee-sahayog-kee-peshakash/ https://demo.theshikshanews.com/chunaav-aayog-ne-vishv-ke-saamane-prastut-kiya-apana-dijital-manch-eeseeaeenet-doosare-nikaayon-ko-praudyogikee-sahayog-kee-peshakash/#respond Thu, 22 Jan 2026 15:00:10 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6158 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने यहां लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर भारत के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (आईआईसीडीईएम-2026) में चुनाव से संबंधित सभी जानकारी और सेवाओं के लिए भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म ईसीआईनेट का उद्घाटन किया और इसकी प्राैद्योगिकी को दूसरे देशों के साथ साझा करने का प्रस्ताव किया।
तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भारत मंडपम में चल रहा है। ईसीआईनेट की परिकल्पना श्री ज्ञानेश कुमार ने अपने साथी चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर की है। आयोग ने इसके विकास की घोषणा मई 2025 में की थी।
श्री कुमार ने विश्व भर में इसे चुनाव प्रबंधन से जुड़ी संस्थाओं और संगठनों के समक्ष ईसीआईएनट को प्रस्तुत करते हुए कहा कि इसे कानून की कसौटी पर परख कर विकसित किया गया है और यह 22 अनुसूचित भाषाओं और अंग्रेजी में उपलब्ध है। उन्होंने इसकी प्राैद्योगिकी को दुनिया के दूसरे देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों ( ईएमपी) को अपने देशों के लिए, अपने कानूनों के अनुसार, और अपनी-अपनी भाषाओं में, इसी तरह के डिजिटल प्लेटफॉर्म के विकास पर भारत के साथ सहयोग करने की पेशकश की।
इस अवसर पर डॉ. संधू ने कहा कि ईसीआईनेट चुनाव प्रबंधन में विश्वास बढ़ाने वाला एक प्रतिष्ठित उपकरण है क्योंकि यह अधिक पारदर्शिता लाता है और सभी कार्यों की निगरानी में मदद करता है और त्वरित निर्णय लेने तथा जानकारी के प्रसार की सुविधा प्रदान करता है।चुनाव आयुक्त डॉ.जोशी ने कहा कि यह सम्मेलन भारत के चुनाव आयोग जैसे दूसरे देशों के चुनाव निकायों को प्रौद्योगिकी और डिजिटल नवाचारों को अपनाने पर वैश्विक प्रथाओं से सीखने और प्रेरणा लेने का अवसर देगा।
इन प्लेटफार्म के बारे में जानकारी देते हुए आयोग की महानिदेशक ( सूचना प्रौद्योगिकी ) डॉ. सीमा खन्ना ने कहा कि साइबर सुरक्षा इसके प्रमुख स्तंभों में से एक है। उन्होंने कहा कि आज तकनीक का प्रयोग रणनीतिक आवश्यकता बन गयी है। यह मंच चुनाव में पारदर्शिता, दक्षता, विश्वसनीयता और जनता के विश्वास को बढ़ाने वाला है।
ईसीआईनेट दुनिया का सबसे बड़ा चुनावी सेवा प्लेटफॉर्म है जो भारत के चुनाव आयोग के 40 से ज़्यादा ऐप्स और पोर्टल्स को समन्वित करके दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की सभी चुनावी सेवाओं को एक साथ एक सहज अनुभव में लाता है। यह नागरिकों, उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों, चुनाव अधिकारियों को जोड़ता है और मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची खोज, अपने आवेदन को ट्रैक करें, अपने उम्मीदवार को जानें, चुनाव अधिकारियों से जुड़ें, बीएलओ के साथ कॉल बुक करें, ई-ईपीआईसी डाउनलोड, मतदान रुझान, शिकायत निवारण, और अन्य जैसी प्रमुख सेवाओं को एक सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर लाता है।
इस मंच का 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था। प्रति दिन औसतन 2.7 लाख फॉर्म की दर से आज तक इस पर 10 करोड़ से ज़्यादा पंजीकरण फॉर्म संसाधित किये जा चुके हैं। प्लेटफॉर्म पर 11 लाख से ज़्यादा बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) पंजीकृत हैं। एसआईआर के दौरान इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब तक 150 करोड़ से ज़्यादा दस्तावेज़ों का डिजिटलीकरण किया गया है।
आयोग ने कहा है कि ईसीआईनेट जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की निगरानी के लिए एक सहज तंत्र भी प्रदान करता है।

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डोडा सड़क हादसे में सेना के 10 जवानों की मौत, उप राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने जताया गहरा शोक https://demo.theshikshanews.com/doda-sadak-haadase-mein-sena-ke-10-javaanon-kee-maut-up-raajyapaal-aur-mukhyamantree-ne-jataaya-gahara-shok/ https://demo.theshikshanews.com/doda-sadak-haadase-mein-sena-ke-10-javaanon-kee-maut-up-raajyapaal-aur-mukhyamantree-ne-jataaya-gahara-shok/#respond Thu, 22 Jan 2026 14:46:59 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6156 NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. Jammu। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसे में सेना के एक वाहन के गहरी खाई में गिर जाने से 10 जवानों की मौत हो गयी और 11 अन्य घायल हो गए।
यहां अधिकारियों ने बताया कि सेना का कैस्पर वाहन भद्रवाह-चंबा सड़क पर थानाला के ऊपरी इलाके खन्नीटॉप के पास फिसलन भरी सड़क के कारण करीब 300 फीट गहरी खाई में गिर गया। यह टीम एक टीम ऑपरेशन के लिए जा रही थी। यह हादसा इतना भयावह था कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही सेना, पुलिस और स्थानीय लोगों ने दुर्गम क्षेत्र में कई घंटों तक बचाव अभियान चलाया।
जिला प्रशासन के अनुसार, वाहन में सेना के कुल 21 जवान सवार थे, जिनमें से 10 की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल 10 जवानों को उधमपुर के कमांड अस्पताल में तत्काल उपचार के लिए एयरलिफ्ट किया गया है, जबकि मामूली रूप से घायल एक जवान का स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है।
जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि देश अपने बहादुर सैनिकों की उत्कृष्ट सेवा और उनके सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद रखेगा। उपराज्यपाल ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा देश एकजुट होकर उनके साथ खड़ा है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायल जवानों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस हृदय विदारक त्रासदी पर गहरा दुख प्रकट किया है। अपने शोक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने बहादुर सैनिकों के बलिदान पर गर्व है और पूरा देश शहीद सैनिकों के परिवारों के साथ खड़ा है। उन्होंने इस घटना को पूरे जम्मू-कश्मीर के लिए एक बड़ी त्रासदी बताते हुए प्रशासन को घायलों के उपचार में कोई कसर न छोड़ने के निर्देश दिए।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर बताया कि इस दुखद दुर्घटना के बारे में जानकर गहरा सदमा लगा है और उन्होंने डोडा के डीसी हरविंदर सिंह और कमांड हॉस्पिटल के इंचार्ज मेजर जनरल (डॉ.) संजय शर्मा से भी बात की है। उन्होंने लिखा” हमारे बहादुर जवानों के प्रति गहरे सम्मान की भावना को व्यक्त करने के लिए शब्द कम पड़ जाते हैं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।”

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नासा अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 27 वर्ष के सेवाकाल के बाद हुईं सेवानिवृत्त https://demo.theshikshanews.com/naasa-antariksh-yaatree-suneeta-viliyams-27-varsh-ke-sevaakaal-ke-baad-hueen-sevaanivrtt/ https://demo.theshikshanews.com/naasa-antariksh-yaatree-suneeta-viliyams-27-varsh-ke-sevaakaal-ke-baad-hueen-sevaanivrtt/#respond Wed, 21 Jan 2026 15:47:05 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6154 NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. Washington। नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) की भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता “सुनी” विलियम्स 27 वर्षों की सेवा के बाद अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी से सेवानिवृत्ति हो गयी हैं। यह उनके एक अत्यंत सफल मानव अंतरिक्ष उड़ान करियर का अंत है। नासा ने बताया कि उनकी सेवानिवृत्ति 27 दिसंबर 2025 से प्रभावी हुयी है।
सुश्री विलियम्स अपने रिकॉर्ड-तोड़ उपलब्धियों और नेतृत्व भूमिकाओं के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने आधुनिक अंतरिक्ष अन्वेषण को नया आकार देने में मुख्य भूमिका निभायी है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस ) के तीन मिशनों में भाग लिया। अपने करियर के दौरान सुश्री विलयम्स ने कुल 608 दिन अंतरिक्ष में बिताए और वह समय बिताने के मामले में विश्व में दूसरे नंबर की नासा अंतरिक्षयात्री हैं।
नासा के प्रशासक जारेड आइजैकमैन ने कहा, “सुनी विलियम्स मानव अंतरिक्ष उड़ान में एक मार्गदर्शक रही हैं।” श्री आइजैकमैन ने अंतरिक्ष स्टेशन पर उनके नेतृत्व और चंद्रमा के लिए भविष्य की आर्टेमिस मिशनों तथा मंगल के मिशनों के लिए आवश्यक विज्ञान और तकनीक को आगे बढ़ाने में उनके योगदान की प्रशंसा की।
सुश्री विलयम्स की कई उपलब्धियों में वह अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों में सबसे लंबी एकल अंतरिक्ष उड़ान के मामले में छठे स्थान पर हैं, उन्होंने 286 दिन का रिकॉर्ड बनाया, जो नासा के बोइंग स्टारलाइनर और स्पेस एक्स क्रू-9 मिशनों के दौरान हासिल हुआ और यह रिकॉर्ड उन्होंने अंतरिक्ष यात्री बच विलमोर के साथ साझा किया।
सुश्री विलियम्स ने नौ स्पेसवॉक किए, जिनका कुल समय 62 घंटे छह मिनट था, जो किसी महिला द्वारा सबसे अधिक है और इतिहास में कुल ईवीए समय के मामले में चौथा सबसे अधिक है। वह अंतरिक्ष में मैराथन दौड़ने वाली पहली व्यक्ति भी बनीं। उन्होंने पहली बार दिसंबर 2006 में स्पेस शटल डिस्कवरी के साथ एसटीएस-116 मिशन में उड़ान भरी और एसटीएस-117 क्रू के साथ स्पेस शटल अटलांटिस से वापस लौटीं।
उन्होंने लम्बी यात्रा अभियान में फ्लाइट इंजीनियर के रूप में कार्य किया और उस मिशन के दौरान रिकॉर्ड तोड़ चार स्पेसवॉक किए।
सुश्री विलियम्स ने कहा, “जो कोई भी मुझे जानता है, वह जानता है कि अंतरिक्ष मेरा सबसे पसंदीदा स्थान है। अंतरिक्ष में तीन बार उड़ान भरने का अवसर मिला, यह मेरे लिए एक अद्भुत सम्मान है। मैंने नासा में 27 साल का शानदार करियर जिया, और यह मुख्य रूप से मेरे सहयोगियों के प्रेम और समर्थन के कारण संभव हुआ।”
उन्होंने कहा, “अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन, वहाँ के लोग, इंजीनियरिंग और विज्ञान वास्तव में प्रेरणादायक हैं और चंद्रमा व मंगल की ओर अगला कदम संभव बनाया है। मुझे उम्मीद है कि हमने जो आधार स्थापित किया है, उसने इन साहसिक कदमों को थोड़ा आसान बनाया होगा। मैं नासा और उसके साझेदार संस्थानों के लिए बहुत उत्साहित हूँ और इंतजार नहीं कर सकती कि एजेंसी इतिहास बनाए।”

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भारत लोकतंत्र की जननी, प्राचीन काल से ही हमारे यहां रही है मतदान की परंपरा : ज्ञानेश कुमार https://demo.theshikshanews.com/bhaarat-lokatantr-kee-jananee-praacheen-kaal-se-hee-hamaare-yahaan-rahee-hai-matadaan-kee-parampara-gyaanesh-kumaar/ https://demo.theshikshanews.com/bhaarat-lokatantr-kee-jananee-praacheen-kaal-se-hee-hamaare-yahaan-rahee-hai-matadaan-kee-parampara-gyaanesh-kumaar/#respond Wed, 21 Jan 2026 15:17:07 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6152 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर भारत अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (आईआईसीडीईएम) 2026 शुरू किया।
यह तीन दिवसीय सम्मेलन लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में भारत द्वारा आयोजित अपनी तरह का सबसे बड़ा वैश्विक आयोजन होने वाला है, जिसमें दुनिया भर से चुनाव प्रशासक, नीति निर्माता, शिक्षाविद और विशेषज्ञ एक साथ आएंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए भारत की प्राचीन लोकतांत्रिक प्रणाली के बारे में विस्तार से बताया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में बुधवार को ईसीआई ने चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर, भारत मंडपम में आयोजित आईआईसीडीईएम 2026 के आधिकारिक स्वागत समारोह में 40 से अधिक देशों के सम्मानित मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत किया।
उद्घाटन सत्र में सभा को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “आज मैं नई दिल्ली में हो रहे इस तीन-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करने के लिए आपके सामने खड़ा हूं। सबसे पहले, मैं हमारे अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों का हार्दिक स्वागत करता हूं। जैसा कि हम अक्सर कहते हैं, भारत लोकतंत्र की जननी है। जब आप इस हॉल से बाहर निकलेंगे, तो आप देखेंगे कि बैकग्राउंड में स्तूप और अशोक स्तंभ हैं, जो लोकप्रिय रूप से लगभग 600 ईसा पूर्व के लोकतांत्रिक विचारों की शुरुआती नींव से जुड़े हुए हैं।”
उन्होंने कहा कि सम्मेलन के बैकग्राउंड में अथर्ववेद का एक संस्कृत श्लोक भी था, जो वर्तमान युग से एक सहस्राब्दी से भी पहले का है, जिसमें ग्राम समितियों और कमेटियों के बारे में बताया गया है।
उन्होंने कहा, “बैकड्रॉप में कुडावोलाई का भी जिक्र है, जो वोटिंग की एक पुरानी प्रणाली है, जिसका जिक्र तमिल शिलालेखों और मूर्तियों में मिलता है, जो मौजूदा दौर से लगभग हजार साल पुरानी हैं।”
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, “ये सभी ऐतिहासिक बातें हमें न सिर्फ लोकतंत्र का जश्न मनाने के लिए, बल्कि इसके भविष्य के रास्ते, चुनौतियों और चुनावी प्रक्रियाओं को ज्यादा आसान और कुशल बनाने के तरीकों को समझने के लिए भी एक साथ लाती हैं। ये हमें यह समझाने में मदद करती हैं कि लॉजिस्टिक्स, पैमाने और पारदर्शिता के मामले में भारतीय चुनाव साल-दर-साल दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक अभ्यासों में से एक कैसे बन गए हैं।”
उन्होंने कहा कि भारत का चुनाव आयोग, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत स्थापित एक संवैधानिक संस्था है, को चुनावों की देखरेख, निर्देशन और संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस स्वागत समारोह से चर्चाओं की औपचारिक शुरुआत हुई और प्रतिनिधियों को साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनावी प्रक्रियाओं पर बातचीत करने का मौका मिला।
अब तक, 32 देशों से लगभग 71 प्रतिनिधि आईआईसीडीईएम 2026 में हिस्सा लेने के लिए आ चुके हैं। उम्मीद है कि इस कार्यक्रम में दुनिया भर के 70 से ज्यादा देशों के लगभग 100 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि, भारत में स्थित विदेशी मिशनों के सदस्य, और चुनाव प्रबंधन के शिक्षाविद और विशेषज्ञ शामिल होंगे।

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अरावली मामला: सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में बनेगी कमेटी, अवैध खनन पर राज्य सरकार को सख्त निर्देश https://demo.theshikshanews.com/araavalee-maamala-supreem-kort-kee-nigaraanee-mein-banegee-kametee-avaidh-khanan-par-raajy-sarakaar-ko-sakht-nirdesh/ https://demo.theshikshanews.com/araavalee-maamala-supreem-kort-kee-nigaraanee-mein-banegee-kametee-avaidh-khanan-par-raajy-sarakaar-ko-sakht-nirdesh/#respond Wed, 21 Jan 2026 15:10:05 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6150 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi।अरावली पर्वतमाला के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक यथास्थिति को बनाए रखने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को अरावली में किसी भी अवैध खनन गतिविधि पर रोक सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है।
बुधवार को मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने मामले की सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में एक कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं। सीजेआई ने कहा कि कोर्ट और कड़ी निगरानी पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा, “हम एक कमेटी बनाएंगे, जिसमें अपने-अपने क्षेत्र के एक्सपर्ट होंगे। यह कमेटी अरावली को लेकर रिपोर्ट देगी। कमेटी कोर्ट के निर्देश और गाइडेंस में काम करेगी।”
राजस्थान के किसानों की ओर से पेश वकील राजू रामचंद्रन ने कोर्ट को बताया कि जस्टिस ओका बेंच के 2024 के आदेशों के बावजूद खनन पट्टे दिए जा रहे हैं और पेड़ काटे जा रहे हैं। उन्होंने इस पर रोक की मांग की। इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने चिंता जताई और कहा कि अवैध खनन को रोकना होगा। यह एक अपराध है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने अधिकारियों से कहा कि आपको अपनी मशीनरी को काम में लाना होगा, क्योंकि अवैध खनन के विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से कहा कि वह सुनिश्चित करें कि कोई गैरकानूनी खनन न हो। कोर्ट ने सभी पक्षकारों से पर्यावरणविदों, वैज्ञानिकों और माइनिंग एक्सपर्ट्स के नामों को लेकर सुझाव मांगे।
सुनवाई के दौरान बेंच ने स्पष्ट किया कि ‘जंगलों’ और ‘अरावली’ को परिभाषित करने के सवाल की जांच अलग से की जाएगी। कोर्ट ने कहा कि दोनों मुद्दे अलग-अलग चिंताएं उठाते हैं और उन पर अलग से विचार करने की जरूरत होगी। जब एमिकस अपना नोट जमा कर देंगे, तब इस मामले पर सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने एमिकस क्यूरी के. परमेश्वर को अरावली की परिभाषा पर एक विस्तृत नोट फाइल करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया है।
पिछली सुनवाई में, सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों की परिभाषा में बदलाव से जुड़े अपने पिछले निर्देशों को रोक दिया था।

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समाचारपत्र ‘पंजाब केसरी’ के प्रिंटिंग प्रेस निर्बाध रूप से काम करते रहेंगे : न्यायालय https://demo.theshikshanews.com/samaachaarapatr-panjaab-kesaree-ke-printing-pres-nirbaadh-roop-se-kaam-karate-rahenge-nyaayaalay/ https://demo.theshikshanews.com/samaachaarapatr-panjaab-kesaree-ke-printing-pres-nirbaadh-roop-se-kaam-karate-rahenge-nyaayaalay/#respond Tue, 20 Jan 2026 16:42:38 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6147 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि ‘‘समाचारपत्रों को रोका नहीं जा सकता’’ और पंजाब सरकार तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया कि वे प्रदेश में ‘पंजाब केसरी’ अख़बार के प्रकाशन के खिलाफ कोई कठोर कदम नहीं उठाएं।
न्यायालय ने मौखिक रूप से उल्लेख किए जाने के बाद समाचारपत्र समूह की याचिका पर तत्काल सुनवाई की और आदेश दिया कि हिंदी दैनिक के प्रिंटिंग प्रेस निर्बाध रूप से काम करते रहेंगे, भले ही पंजाब राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कथित उल्लंघनों के कारण बिजली आपूर्ति बंद करने का निर्णय लिया हो।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ ने कहा कि राज्य की कार्रवाई को चुनौती देने वाले समाचार पत्र समूह द्वारा दायर याचिका पर पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा फैसला सुनाए जाने के बाद भी उसका अंतरिम आदेश एक सप्ताह तक प्रभावी रहेगा।
⁠पीठ ने अखबार समूह की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, ‘‘दोनों पक्षों के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना और मामले के गुण दोष पर कोई राय व्यक्त किए बिना, यह निर्देश दिया जाता है कि पंजाब केसरी के प्रिंटिंग प्रेस निर्बाध रूप से काम करते रहेंगे और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, जैसे होटल आदि के संबंध में यथास्थिति बरकरार रहेगी।’’
संक्षिप्त सुनवाई के बाद पीठ ने आदेश दिया, ‘यह अंतरिम व्यवस्था उच्च न्यायालय का फैसला आने तक और पीड़ित पक्ष को उचित मंच पर जाने के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय देने के लिए की गई है।’
मामले की सुनवाई की शुरुआत में, समाचार पत्र समूह की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने स्थिति को एक ‘असाधारण मामला’ बताया और आरोप लगाया कि पंजाब सरकार की आलोचना करने वाले लेखों के प्रकाशन के बाद राज्य ने समन्वित तरीके से उत्पीड़न अभियान चलाया।
रोहतगी ने कहा कि लेख के प्रकाशन के बाद, प्रबंधन के खिलाफ विभिन्न दंडात्मक कार्रवाइयां शुरू की गईं, जिसमें बिजली आपूर्ति बंद करना, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रेस को नोटिस जारी करना, अखबार मालिकों द्वारा संचालित होटलों को बंद करना और प्राथमिकी दर्ज करना आदि शामिल हैं।
उन्होंने कहा, ‘यह सब दो दिनों के भीतर हुआ, क्योंकि हमने पंजाब की मौजूदा सरकार के लिए प्रतिकूल लेख प्रकाशित किए थे।’
पिछले कुछ दशकों से कार्यरत प्रेस को कथित जल प्रदूषण के मुद्दे पर तत्काल बंद करने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने बताया कि पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई की और फैसला सुरक्षित रख लिया। हालांकि, अंतरिम राहत नहीं दी गई है।
राज्य सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता शादान फरासत ने बताया कि राज्य सरकार ने सभी कदम कानून के अनुरूप उठाए। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने इस मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया है और आज या कल तक फैसला आने की उम्मीद है।
वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा, “यह मामला निश्चित रूप से प्रतीक्षा कर सकता है। प्रदूषण नियंत्रण कानून के तहत उठाए गए कदम बिल्कुल नियमों के अनुसार हैं। लोग इसे कुछ और ही रूप दे रहे हैं। जो भी कार्रवाई आवश्यक थी, वह पहले ही की जा चुकी है; हम आगे कोई कार्रवाई नहीं करने वाले हैं।”
प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘कोई बात नहीं। अखबारों को रोका नहीं जा सकता’’ और अंतरिम राहत प्रदान की।

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भारत और यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के करीब: यूरोपीय आयोग अध्यक्ष https://demo.theshikshanews.com/bhaarat-aur-yooropeey-sangh-mukt-vyaapaar-samajhaute-par-hastaakshar-ke-kareeb-yooropeey-aayog-adhyaksh/ https://demo.theshikshanews.com/bhaarat-aur-yooropeey-sangh-mukt-vyaapaar-samajhaute-par-hastaakshar-ke-kareeb-yooropeey-aayog-adhyaksh/#respond Tue, 20 Jan 2026 16:32:52 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6145 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मंगलवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर के करीब हैं और यह अब तक का सबसे बड़ा समझौता होगा।
सुश्री लेयेन ने मंगलवार को दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) को संबोधित करते हुए कहा कि दावोस के बाद अगले सप्ताहांत में वह भारत की यात्रा करेंगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी कुछ काम शेष है।
उन्होंने कहा, “और दावोस के तुरंत बाद अगले सप्ताहांत में मैं भारत की यात्रा करूंगी। अभी कुछ काम बाकी है, लेकिन हम एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बिल्कुल करीब हैं। वास्तव में, कुछ लोग इसे सभी समझौतों की जननी कहते हैं।” उन्होंने कहा कि यह समझौता दो अरब लोगों का मुक्त बाजार तैयार करेगा। इसमें शामिल पक्ष वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में लगभग एक चौथाई योगदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इससे यूरोप को दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते और गतिशील क्षेत्रों में से एक (भारत) के साथ पहले समझौता करने का लाभ मिलेगा।
यूरोपीय आयोग अध्यक्ष ने कहा कि यूरोप मौजूदा दौर में आर्थिक वृद्धि के केंद्रों और इस सदी की आर्थिक शक्तियों के साथ व्यापार करना चाहता है जिसमें लैटिन अमेरिका से लेकर हिन्द प्रशांत और उससे आगे तक के क्षेत्र शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ ऑस्ट्रेलिया के साथ एक नए मुक्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत कर रहा है। इसके अलावा वह फिलीपींस, मलेशिया, इंडोनेशिया और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ भी समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “यूरोप दुनिया को चुनेगा और दुनिया भी यूरोप को चुनने के लिए तैयार है।”
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। इसके बाद वे 27 जनवरी को संयुक्त रूप से भारत-यूरोपीय शिखर सम्मेलन की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ सह-अध्यक्षता करेंगे। इस दौरान मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है।

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उन्नाव रेप केस: पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर की जमानत के खिलाफ याचिका पर 27 जनवरी को अगली सुनवाई https://demo.theshikshanews.com/unnaav-rep-kes-poorv-vidhaayak-kuladeep-sengar-kee-jamaanat-ke-khilaaph-yaachika-par-27-janavaree-ko-agalee-sunavaee/ https://demo.theshikshanews.com/unnaav-rep-kes-poorv-vidhaayak-kuladeep-sengar-kee-jamaanat-ke-khilaaph-yaachika-par-27-janavaree-ko-agalee-sunavaee/#respond Tue, 20 Jan 2026 16:24:38 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6143 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। उन्नाव रेप केस में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत के खिलाफ याचिका पर 27 जनवरी को अगली सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए अगली तारीख निर्धारित की है।
दिल्ली हाईकोर्ट से कुलदीप सिंह सेंगर को रेप केस में मिली जमानत याचिका का सीबीआई ने विरोध किया है। केंद्रीय एजेंसी ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी, जिस पर 27 जनवरी को फिर से सुनवाई होगी।
कुलदीप सिंह सेंगर को हाईकोर्ट से जमानत दिए जाने पर कड़ा विरोध हुआ था। हाईकोर्ट ने कुलदीप सेंगर को जमानत देने के साथ उसकी उम्रकैद की सजा पर भी रोक लगाई थी। रेप पीड़िता और उसके परिवार के अलावा कई राजनीतिक दलों ने जमानत के विरोध में विरोध प्रदर्शन किए थे। इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए कुलदीप सेंगर की जमानत को रद्द किया।
वहीं, सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत याचिका को खारिज किया। कुलदीप सिंह सेंगर इस मामले में 10 साल की सजा काट रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को अपने आदेश में कहा कि आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए कुलदीप सेंगर को जमानत नहीं दी जा सकती है।
कोर्ट ने कहा कि आरोपी के पूर्व आपराधिक इतिहास को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। अगर दोषसिद्धि के विरुद्ध दायर अपील पर शीघ्रता से फैसला किया जाता है तो यह सेंगर के हित में होगा।
हाईकोर्ट के अनुसार, कुलदीप सिंह सेंगर 10 साल की कुल सजा में से करीब 7.5 साल हिरासत में बिता चुका है। उसकी अपील पर अंतिम निर्णय नहीं होने पर हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में अपील के निपटारे में हुई देरी के लिए आंशिक रूप से स्वयं कुलदीप सिंह सेंगर जिम्मेदार है, क्योंकि उन्होंने समय-समय पर कई याचिकाएं दायर कीं।

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अमेरिकी सीनेटर डेन्स ने भारत का ‘सफल’ दौरा पूरा किया https://demo.theshikshanews.com/amerikee-seenetar-dens-ne-bhaarat-ka-saphal-daura-poora-kiya/ https://demo.theshikshanews.com/amerikee-seenetar-dens-ne-bhaarat-ka-saphal-daura-poora-kiya/#respond Tue, 20 Jan 2026 16:15:12 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6141 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi।अमेरिकी सीनेट फॉरेन रिलेशंस कमेटी के सदस्य और सांसद स्टीव डेन्स ने भारत का अपना “सफल” दौरा पूरा कर लिया है। इस दौरान उन्होंने नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, सांसदों के अलावा अमेरिकी और भारतीय व्यवसायियों से मुलाकात की। अमेरिकी दूतावास ने मंगलवार को एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी।
अपनी दो दिवसीय (17-19 जनवरी) यात्रा के बारे में बताते हुए, डेन्स ने कहा, “मैं भारत दोनों देशों के साझा मूल्यों और रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि करने और मोंटाना के दलहन किसानों की ओर से बात करने आया था। मुझे खुशी है कि मंत्री गोयल ने हमारे किसानों की चिंताओं को गंभीरता से सुना। मैं इस बातचीत को लेकर संवेदनशील हूं; यह हमारी प्राथमिकता में है, और मैं राष्ट्रपति ट्रंप को इस पर काम करने के लिए जरूर कहूंगा।”
अमेरिकी दूतावास के अनुसार, भारतीय वरिष्ठ अधिकारियों और सांसदों के साथ हुई मुलाकात के दौरान, डेन्स ने यूएस-भारत रक्षा सहयोग, सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के प्रयासों और एक स्थिर और खुले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को बनाए रखने के लिए अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी के महत्व पर चर्चा की।
सीनेटर की यात्रा समाप्त होने के बाद दूतावास द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, “भारत में रहते हुए, सीनेटर डेन्स ने ट्रंप प्रशासन के साथ-साथ मोंटाना के लोगों के हितों पर भी बात की। इसमें संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच भविष्य के किसी भी व्यापार समझौते में दलहन के लिए अनुकूल प्रावधानों का आग्रह करना भी शामिल है। मोंटाना, संयुक्त राज्य अमेरिका में दलहन का सबसे बड़ा उत्पादक है, और भारत दुनिया में सबसे बड़ा उपभोक्ता है। सीनेटर डेन्स ने एक निष्पक्ष और पारस्परिक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को पूरा करने की दिशा में जारी बातचीत में तेजी लाने की मांग की।”
डेन्स ने व्यापार समुदाय के प्रतिनिधियों से भी बात की ताकि उन्नत प्रौद्योगिकियों पर सहयोग बढ़ाया जा सके।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा, “हम दोनों देशों के बीच साझेदारी को अगले स्तर पर ले जाने के लिए काम कर रहे हैं। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि वरिष्ठ सरकारी अधिकारी नियमित रूप से भारत की यात्रा करें। सीनेट विदेश संबंध समिति के एक प्रमुख सदस्य के रूप में, एशिया में व्यापक अनुभव के साथ, नई दिल्ली में आधिकारिक और निजी क्षेत्र के हितधारकों के साथ सीनेटर डेन्स की बैठकें हमारे द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण रहीं।”
डेन्स ने रविवार को राजधानी में विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात की, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों और इसके रणनीतिक महत्व पर चर्चा की गई।
उनकी बातचीत के बाद, विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पोस्ट में लिखा, “आज सुबह दिल्ली में सीनेटर स्टीव डेन्स से मिलकर खुशी हुई। हमारे द्विपक्षीय संबंधों और इसके रणनीतिक महत्व पर एक व्यापक और खुली चर्चा हुई।”
पिछले हफ्ते, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने विदेश मंत्री जयशंकर से फोन पर बात की थी, जिसमें नागरिक परमाणु ऊर्जा, व्यापार वार्ता और इंडो-पैसिफिक में क्षेत्रीय सुरक्षा सहित सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों पर प्रकाश डाला गया। विदेश मंत्री जयशंकर ने कॉल के बाद एक्स पर लिखा, “व्यापार, जरूरी खनिज, परमाणु सहयोग, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र पर बात हुई। इसके अलावा दूसरे मुद्दों पर भी संपर्क में रहने पर सहमति बनी।” गोर ने इसे एक सकारात्मक कदम बताया था।

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भाजपा में नेतृत्व बदलता है, संगठन की दिशा नहीं : मोदी https://demo.theshikshanews.com/bhaajapa-mein-netrtv-badalata-hai-sangathan-kee-disha-nahin-modee/ https://demo.theshikshanews.com/bhaajapa-mein-netrtv-badalata-hai-sangathan-kee-disha-nahin-modee/#respond Tue, 20 Jan 2026 15:59:53 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6139 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संगठन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक परिवार बताया है और कहा है कि पार्टी में नेतृत्व तो बदलता है, लेकिन इसकी दिशा नहीं बदलती।
श्री मोदी ने भाजपा के नये अध्यक्ष के चुनाव के उपलक्ष्य में पार्टी मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। प्रधानमंत्री ने भाजपा के नव निर्वाचित अध्यक्ष नितिन नबीन को दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल का अध्यक्ष चुने जाने पर बहुत-बहुत बधाई और ‘शुभकामनाएं’ दीं और यह भी कहा कि खुद उनके लिए भाजपा का कार्यकर्ता होना बड़े गर्व की बात है। श्री मोदी ने कहा, “हमारी पार्टी में अध्यक्ष बदलते हैं, लेकिन आदर्श नहीं बदलते। नेतृत्व बदलता है, लेकिन दिशा नहीं बदलती।”
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा एक संस्कार है, भाजपा एक परिवार है। हमारे यहां ‘मेंबरशिप’ से भी ज्यादा ‘रिलेशनशिप’ होती है। भाजपा एक ऐसी परंपरा है, जो पद से नहीं, प्रक्रिया से चलती है। हमारे यहां पदभार एक व्यवस्था है और कार्यभार जीवन भर की जिम्मेदारी है।” श्री मोदी ने कहा, ‘‘हमारा नेतृत्व परंपरा से चलता है, अनुभव से समृद्ध होता है और जनसेवा एवं राष्ट्रसेवा के भाव से संगठन को आगे बढ़ाता है। भाजपा की शून्य से लेकर शिखर तक की यात्रा में यह सदैव प्रतिबिंबित होता रहा है।”
श्री मोदी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं का चरित्र और संस्कार ऐसा है कि उनके लिए ‘खुद से बड़ा दल और दल से बड़ा देश’ होता है। उन्होंने इसे भाजपा के हर कार्यकर्ता का संस्कार और जीवनमंत्र बताया और कहा, ‘‘इसी भाव के साथ बीते 11 वर्षों में हमने अनेक चुनौतियों पर विजय पाई है।” उन्होंने गत 11 वर्षों की भाजपा की यात्रा को जन-विश्वास अर्जित करने की अद्भुत यात्रा बताया और कहा कि पार्टी पर जनता-जनार्दन का भरोसा किस प्रकार सुदृढ़ हुआ है, यह हाल के विधानसभा चुनावों से लेकर स्थानीय निकाय चुनावों में भी देखने को मिला है।
इस दौरान जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने, तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाये जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन बातों को कभी असंभव माना जाता था, आज ये हकीकत बन चुके हैं। श्री मोदी ने कहा, ‘‘दशकों तक हमारे आदिवासी समाज को सिर्फ वोट बैंक से जोड़कर देखा गया। लेकिन भाजपा की संवेदनशीलता, संस्कार और समानता की भावना ने आदिवासियों में भी सबसे पिछड़ी जनजातियों की पीड़ा तक को समझा और उनके कल्याण के लिए योजनाएं बनायीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा के संगठनात्मक चुनाव एक व्यापक प्रक्रिया शत-प्रतिशत लोकतांत्रिक तरीके और भाजपा के संविधान की भावना के साथ आज विधिपूर्वक सम्पन्न हुए हैं। ‘संगठन पर्व’ का आज का यह विशाल आयोजन पार्टी की लोकतांत्रिक आस्था, संगठनात्मक अनुशासन और कार्यकर्ता केंद्रित सोच का प्रतीक है।
श्री मोदी ने कहा, लोगों को लगता होगा कि नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं, तीसरी बार प्रधानमंत्री बने, 50 साल की छोटी आयु में मुख्यमंत्री बन गये। 25 साल से ये लगातार सरकार के प्रमुख रहे हैं। ये सब अपनी जगह है, लेकिन इन सबसे भी बड़ी चीज मेरे जीवन में है, मैं भाजपा का कार्यकर्ता हूं। ये सबसे बड़ा गर्व है। जब बात पार्टी के विषयों पर आती है, तब मैं एक कार्यकर्ता हूं और माननीय नितिन नबीन जी मेरे बॉस हैं।”
श्री मोदी ने मंगलवार को कहा कि देश के लिए एक महत्वपूर्ण काल खंड के प्रारंभ में भाजपा का नेतृत्व नितिन नबीन जैसा युवा नेता संभाल रहा है, जिसमें भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री नबीन एक तरह से ‘मिलेनियल जेनरेशन’ के हैं और उन्होंने अपने आंखों के सामने भारत में बहुत बड़े बदलाव होते देखा है। उन्होंने कहा कि अगले 25 वर्ष भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कालखंड है। इसमें विकसित भारत का निर्माण होना तय है।
पार्टी के निवर्तमान अध्यक्ष जे पी नड्डा ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि श्री नबीन मूलत: कार्यकर्ता हैं, वैचारिक पृष्ठभूमि पर परिपक्व हैं और बहुत ही छोटी उम्र में पांच बार विधायक रह चुके हैं और वर्तमान में भी विधायक हैं। उन्होंने कहा, “ऐसे नौजवान, ऊर्जावान, प्रतिभावान व्यक्तित्व ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला है।” कार्यक्रम के मंच पर पार्टी के पूर्व अध्यक्ष सर्वश्री राजनाथ सिंह, अमित शाह और नितिन गडकरी तथा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी डॉ के लक्षमण उपस्थित थे।

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मेला प्राधिकरण ने अविमुक्तेश्वरानंद से मांगा शंकराचार्य होने के प्रमाण https://demo.theshikshanews.com/mela-praadhikaran-ne-avimukteshvaraanand-se-maanga-shankaraachaary-hone-ke-pramaan/ https://demo.theshikshanews.com/mela-praadhikaran-ne-avimukteshvaraanand-se-maanga-shankaraachaary-hone-ke-pramaan/#respond Tue, 20 Jan 2026 15:47:41 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6136 NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. Allahabad। प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने हाई कोर्ट की नोटिस का हवाला देते हुये स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद सरस्वती को नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा है। मेला प्रशासन द्वारा ज्योतिष पीठ का शंकराचार्य न माने जाने को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का जवाब भी सामने आया है।
उन्होंने साफ कहा है कि शंकराचार्य वह है जिसे बाकी अन्य तीन पीठों के शंकराचार्य मान्यता देते हैं। उन्होंने दावा किया है कि बाकी दो पीठों द्वारका पीठ और श्रृंगेरी पीठ के शंकराचार्य उन्हे शंकराचार्य कहते हैं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा है कि पिछले माघ मेले में उन्हे साथ लेकर दोनों शंकराचार्य स्नान कर चुके हैं। उन्होंने कहा है कि जब श्रृंगेरी और द्वारका के शंकराचार्य यह कह रहे हैं कि वह ही शंकराचार्य हैं, तो आखिर किस प्रमाण की आवश्यकता है कि हम शंकराचार्य हैं कि नहीं।
उन्होंने कहा “ क्या अब यह प्रशासन तय करेगा कि हम शंकराचार्य हैं कि नहीं। क्या उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री या भारत का राष्ट्रपति तय करेगा कि शंकराचार्य कौन है। भारत के राष्ट्रपति को भी यह अधिकार नहीं है कि वह यह तय करें कि शंकराचार्य कौन है। शंकराचार्य का निर्णय शंकराचार्य करते हैं। हम निर्णीत हैं क्योंकि पुरी के शंकराचार्य ने हमारे बारे में कुछ नहीं कहा है। उन्होंने न तो यह कहा कि वह शंकराचार्य नहीं है और ना ही यह कहा कि शंकराचार्य हैं। पुरी के शंकराचार्य इस मामले में मौन हैं। इस विवाद में सुप्रीम कोर्ट में भी जो हलफनामा उनकी ओर से दाखिल किया गया है। उसको लेकर यह भ्रम फैलाया गया कि उन्होंने विरोध किया है लेकिन जब हम लोगों ने हलफनामे की उच्चतम न्यायालय से कापी निकाली तो उसमें यह लिखा गया है कि हमसे कोई समर्थन मांगा नहीं इसलिए हमने समर्थन नहीं दिया है।”
अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा “ दो शंकराचार्य का प्रत्यक्ष और लिखित व व्यवहारिक समर्थन मुझे प्राप्त है। इसके साथ ही तीसरे पीठ के शंकराचार्य की मौन स्वीकृति हमारे साथ है। ज्योतिषपीठ का आखिर और कौन शंकराचार्य है यह बताइए। निर्विवाद रूप से ज्योतिष पीठ के हम शंकराचार्य हैं। अगर इस पर कोई विवाद दिखता है तो इसका मतलब वह दूषित भावना वाला है।” उन्होंने चुनौती देते हुए कहा है कि अगर कोई यह कहता है कि मैं ज्योतिष पीठ पर शंकराचार्य हूं तो वह आकर मुझसे बात करे।

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डिजिटल अरेस्ट… आसान है ठगों को आईना दिखाना https://demo.theshikshanews.com/dijital-arest-aasaan-hai-thagon-ko-aaeena-dikhaana/ https://demo.theshikshanews.com/dijital-arest-aasaan-hai-thagon-ko-aaeena-dikhaana/#respond Mon, 19 Jan 2026 13:11:03 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6133 डॉ. सुभाष गुप्ता/लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं
मर्ज बढ़ता गया ज्यों ज्यों दवा की… सरीखे अंदाज में डिजिटल अरेस्ट एक ऐसा अपराध बन गया है, जो तमाम सरकारी प्रयासों के बाद भी बढ़ता जा रहा है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल स्टेटस रिपोर्ट में जहां इस तेजी से पैर पसारते अपराध से निपटने के प्रयासों का जिक्र किया गया है, वहीं इस गंभीर अपराध पर रोक लगाने की योजना बनाने में समय लगने की बात भी कही है। डिजिटल अरेस्ट से बचाने की सरकारी योजनाओं, पुलिस और मीडिया के जागरुकता लाने के तमाम प्रयासों के बावजूद इस अपराध का बेकाबू होते जाना यूं ही नहीं है, कई तरह की मानवीय कमजोरियां, सामाजिक ताना-बाना और इंसानी स्वभावों की भिन्नता इस संगीन अपराध की जड़ों को मजबूत बना रही है।
दरअसल, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी से खुद को खुद ही बचाया जा सकता है, लेकिन यह इतनी सी बात भर नहीं है। इसे समझने के लिए खुद को समझना जरूरी है और उससे भी ज्यादा जरूरी है अपने ऊपर विश्वास करना। यकीन मानिये कि इस अपराध से बचने के लिए कुछ खास करने की आवश्यकता ही नहीं है, बस कुछ सामान्य सी बातों का ध्यान रखकर डिजिटल अरेस्ट का जाल फेंकने वालों को आईना दिखाया जा सकता है।
डिजिटल अरेस्ट क्या होता है? ये सवाल उतना ही पुराना है, जितना कि ये अपराध। ये अपराध शुरु होने से पहले लोग इस शब्द युगम को नहीं जानते थे। सच कहें, तो डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ होता ही नहीं, ये बस आभासी दुनिया से जुड़ा शब्दों का एक जोड़ा भर है, जिसका हकीकत से कोई वास्ता नहीं । कानून की किसी किताब में डिजिटल अरेस्ट करने का कोई प्रावधान नहीं है। जिस तरह की गिरफ्तारी का कोई प्रावधान नहीं है, उसके नाम पर लोगों को ठगा जा रहा है। रोजाना ऐसी वारदातें हो रही हैं। लोग अपनी खून पसीने की कमाई के लाखों से लेकर करोडों रुपये तक उस गिरफ्तारी के डर से गंवा रहे हैं, जो कि कहीं होती ही नहीं।
ये हमारे देश का सच है कि कोई विभाग किसी की डिजिटल गिरफ्तारी नहीं कर सकता, लेकिन इसके बावजूद लोग डिजिटल अरेस्ट का झांसा देने वाले ठगों के जाल में क्यों फंस जाते हैं? इसे समझने के लिए इस अपराध के पीछे मनोवैज्ञानिक,सामाजिक और व्यक्तित्व/स्वभाव से जुड़े कारणों को समझना जरुरी है।
इस अपराध की बुनियाद आम तौर से एक फोन कॉल से पड़ती है। यह सामान्य मोबाइल कॉल, व्हाट्सएप कॉल या वीडियो कॉल हो सकती है। यह कॉल हमेशा किसी अंजान नंबर से आती है। कॉल से साथ फोटो या वीडियो भी हो सकता है, जो अक्सर किसी वर्दीधारी व्यक्ति का होता है। कॉल करने वाला खुद को पुलिस, किसी केंद्रीय एजेंसी या नियामक एजेंसी से जुड़ा बताकर ड्रग्स, रेप, देश विरोधी गतिविधियों में आपके आधार से जुड़े मोबाइल के उपयोग, बेटा या बेटी के किसी संगीन अपराध में पकड़े जाने जैसी प्राय: काफी लोगों के दिमाग को सुन्न कर देने वाली जानकारी देकर भय का जाल बिछाता है और अपने शब्दों से संभावित शिकार पर पड़ने वाले असर को बाखूबी जांचते परखते हुए जाल को टाईट करता चला जाता है। इस क्रम में कई फर्जी अधिकारियों से भी बात करायी जाती है और कभी कभी कोर्ट रूम या किसी थाने या पुलिस मुख्यालय जैसे सीन क्रिएट करके बैक ग्राउंड में दिखाये जाते हैं, ताकि शिकार बनने वाला व्यक्ति ठगों के शब्दों को सच मानने की गलती कर सके।
यह सच है कि इस अपराध से जुड़ी ये सामान्य सी दिखने वाली जानकारियां डिजिटल अरेस्ट रूपी जाल से बचने की गारंटी बन सकती हैं। विपरीत परिस्थितियों में एकदम घबरा जाने वाले लोग इस तरह के ठगों के लिए बहुत मुफीद होते हैं। किसी अपराध से जुड़े होने की बात सुनते ही अनिष्ट की आशंका उन्हें तर्क वितर्क से दूर कर देती है और घबराहट में जो व्यक्ति सामने दिखाई दे रहा है, उसे ही वे अपना हितैषी मानने की गलती कर देते हैं।
ऐसे लोग अक्सर सामने वाले के नाटक को सच मान लेते हैं और सिर पर बड़ा खतरा मंडराने, जेल जाने या जमाने में बदनाम हो जाने के झूठे भय के जाल की रचना करने वाले को उसके आत्मविश्वास, धाराप्रभाव उस विषय पर बोलने, वर्दी आदि पहने होने और थोड़ी हमदर्दी दिखाने भर से सच्चा और अपना हितैषी मान लेने की प्रवृत्ति इस अपराध में आसानी से फंसा सकती है।
ऐसी ठगों का फोन आते ही जिनके दिल और दिमाग पर भय इस कदर हावी हो जाता है कि वे सब कुछ भूल जाते हैं। यहां तक कि जिस देश में लाखों असली मुकदमें साल दर साल तारीखों में उलझे हों, वहां फोन या वीडियो कॉल पर तत्काल किसी मामले की सुनवाई और निस्तारण जैसा छल भी उन्हें वास्तविक लगने लगता है।
इसका एक बड़ा कारण आसपास के माहौल से खुद को दूर रखना भी है। देश और समाज की घटनाओं से अंजान रहने वाले, किसी पर एकदम भरोसा कर लेने वाले और अपने सुख दुख दूसरों के साथ शेयर न करने वाले व्यक्ति इन ठगों का ज्यादा शिकार बनते हैं। रिटायर्ड होने के बाद देश दुनिया से मुंह मोड़ लेना जीने को कोई ऐसा तरीका नहीं है, जो जीवन को निरापद और सुकून वाला बना सकता हो। शतुरमुर्ग की तरह रेत में सिर छुपा लेना, अपनी सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कार्य होता है। डिजिटल अरेस्ट से बचने के लिए जमाने के साथ कदमताल करना जरूरी है।
खुशहाल जिंदगी जीने का सामान्य सा तरीका है कि कोई भी नई समस्या सामने आने पर अपने परिजनों या दोस्तों के साथ उस पर चर्चा कर ली जाये। जिस तरह की समस्या पहले कभी सामने नहीं आई, उससे अपने बूते अकेले और तुरंत निपटने का आत्मविश्वास इस ठगी से बचा भी सकता है और सामने वाले को सही मान बैठें, तो यही आत्मविश्वास ठगी का कारण भी बन सकता है… फोन काट दिया, तो बच गये, सामने वाले पर भरोसा कर लिया तो लुट गये।
इन ठगों से बचना है, तो खुद पर दृंढ विश्वास रखना जरूरी है। आसपास की दुनिया से खबरदार रहना और किसी अंजान पर विश्वास करके एकदम कोई कदम उठाने के बजाय उस विषय पर अपने परिजनों, दोस्तों आदि किसी से भी चर्चा कर लेने में समझदारी है। अन्यथा बाद में नुकसान उठाने के साथ ही शर्मिंदगी का भी सामना करना पड़ सकता है। यकीन मानिये, ये ठग आपसे ज्यादा समझदार नहीं होते, बस आपकी कोमल भावनाओं का लाभ उठाने वाले ऐसे धूर्त होते हैं, जो सरलता, आसानी से विश्वास कर लेने और मीठा बोलने वालों को सच्चा मान लेने की मानव सुलभ प्रकृति को इस अपराध की बुनियाद बनाते हैं।

(लेखक ढाई दशक की सक्रिय पत्रकारिता के बाद देहरादून में ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता के शिक्षक के रूप में सेवारत हैं)
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उत्तरी कैलिफ़ोर्निया में सड़क हादसे में छह की मौत, एक घायल https://demo.theshikshanews.com/uttaree-kailiforniya-mein-sadak-haadase-mein-chhah-kee-maut-ek-ghaayal/ https://demo.theshikshanews.com/uttaree-kailiforniya-mein-sadak-haadase-mein-chhah-kee-maut-ek-ghaayal/#respond Thu, 15 Jan 2026 15:18:08 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6131 NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. San Francisco। अमेरिका के उत्तरी कैलिफ़ोर्निया में सड़क दुर्घटना में छह लोगों की मौत हो गयी और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।
कैलिफ़ोर्निया की पुलिस ने बताया कि यह दुर्घटना बुधवार को स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 10 बजे उत्तरी सैक्रामेंटो घाटी के तेहामा काउंटी में घटित हुई, जहाँ एक पिकअप ट्रक सेंटर लाइन पार करके सामने से आ रही एक बस को टक्कर मार दी। उन्होंने बताया कि बस में पाँच यात्री और एक चालक सवार थे। टक्कर के बाद बस में आग लग गई और दोनों चालक और चार यात्रियों को मौके पर ही मौत हो गयी। इस सिलसिले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है दुर्घटना के कारणों की जाँच कर रही है।

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योगी आदित्यनाथ ने अर्पित की गुरु गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी https://demo.theshikshanews.com/yogee-aadityanaath-ne-arpit-kee-guru-gorakhanaath-ko-aastha-kee-khichadee/ https://demo.theshikshanews.com/yogee-aadityanaath-ne-arpit-kee-guru-gorakhanaath-ko-aastha-kee-khichadee/#respond Thu, 15 Jan 2026 14:25:17 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6128 NCR TODAY. Khabariya. Gorakhpur। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त में चार बजे गोरखनाथ मंदिर में नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार महायोगी गुरु गोरखनाथ को विधि विधान से आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाई। इस अवसर पर उन्होंने शिवावतार महायोगी से लोकमंगल तथा सभी नागरिकों के सुखमय-समृद्धमय जीवन की प्रार्थना की।
महायोगी गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नागरिकों, संतों और श्रद्धालुओं को मकर संक्रांति की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि बुधवार से ही पूरे प्रदेश में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पवित्र धर्मस्थलों पर जाकर आस्था को नमन कर रहे हैं। गोरखपुर में बुधवार को लाखों श्रद्धालुओं ने महायोगी भगवान गोरखनाथ जी को आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाई।
उन्होंने कहा कि इस पव पर लाखों श्रद्धालुओं ने प्रयागराज के संगम में आस्था की पवित्र डुबकी भी लगाई। उन्होंने कहा कि यह सिलसिला लगातार आज गुरुवार को भी जारी है। योगी ने कहा कि आज गुरुवार को गोरखपुर में भगवान गोरखनाथ जी के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालुजन पंक्ति में लगकर श्रद्धापूर्वक खिचड़ी चढ़ा रहे हैं। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे भी प्रातः 4 बजे गोरखनाथ मंदिर की विशिष्ट पूजा संपन्न होने के उपरांत भगवान गोरखनाथ जी को आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाने का अवसर प्राप्त हुआ है। गोरखनाथ मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालुजन आए हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति भारत के पर्व और त्योहारों की परंपरा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। वास्तव में सूर्यदेव इस जगत की आत्मा हैं। जगतपिता सूर्य की उपासना का यह पर्व, हर प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए प्रशस्ति तिथि माना जाता है। आज के बाद सनातन धर्म की परंपरा में सभी मांगलिक कार्यक्रम प्रारंभ हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सूर्य का जो अयन वृत्त है। ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार वह 12 विभिन्न भागों में विभाजित है। एक राशि से दूसरी राशि में सूर्यदेव के संक्रमण को संक्रांति कहा जाता है और जब धनु राशि से मकर राशि में भगवान सूर्य का संक्रमण होता है तो यह मकर संक्रांति कहलाता है।
मकर राशि से अगले छह माह तक यानी मिथुन राशि तक सूर्य भगवान उत्तरायण रहेंगे। उत्तरायण का जो समय होता है, उसमें दिन बड़े और रात्रि छोटी होती है। जीवंतता के लिए सूर्य का प्रकाश कितना महत्वपूर्ण है और भारत की ऋषि परंपरा ने इसे कितना महत्व दिया है, इसका अनुमान इस पर्व के माध्यम से लगाया जा सकता है।
उन्होने कहा कि मकर संक्रांति एक ऐसा पर्व है, जो देश के अंदर पूरब, पश्चिम, उत्तर व दक्षिण, सभी हिस्सों में अलग-अलग नाम व रूप में आयोजित होता है। पूरब में बिहू या तिलवा संक्रांति, पश्चिम में लोहड़ी, दक्षिण भारत में पोंगल और उत्तर भारत में खिचड़ी संक्रांति के रूप में मकर संक्रांति का आयोजन बड़ी श्रद्धाभाव के साथ किया जाता है।
मकर संक्रांति के अवसर पर प्रदेश के अलग-अलग धर्मस्थलों पर देश और दुनिया से आए श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी के प्रति मंगलमय शुभकामनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि एक तरफ गोरखपुर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी अर्पित कर रहे हैं वहीं, प्रयागराज में लाखों की संख्या में श्रद्धालु, कल्पवासी, पूज्य संतजन न केवल अपनी साधना में रत हैं। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में स्थिति भगवान वेणीमाधव, भगवान प्रयागराज और मां गंगा, मां यमुना, मां सरस्वती के सानिध्य में संगम में आस्था की पवित्र डुबकी लगा रहे हैं।

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ईरान से गुजरने वाली कई भारतीय उड़ानें रद्द, अन्य के मार्ग बदले https://demo.theshikshanews.com/eeraan-se-gujarane-vaalee-kaee-bhaarateey-udaanen-radd-any-ke-maarg-badale/ https://demo.theshikshanews.com/eeraan-se-gujarane-vaalee-kaee-bhaarateey-udaanen-radd-any-ke-maarg-badale/#respond Thu, 15 Jan 2026 13:33:40 +0000 http://www.khabariya.com/?p=6126 NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। भारतीय विमान सेवा कंपनियों ने ईरान के ऊपर से गुजरने वाली कई उड़ानें रद्द कर दी हैं जबकि कई अन्य के मार्गों में बदलाव किया गया है। ईरान द्वारा वाणिज्यिक उड़ानों के लिए उसके हवाई क्षेत्र को बंद किये जाने के बाद यह फैसला लिया गया है।
टाटा समूह की एयर इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि “ईरान में बने घटनाक्रम, उसके बाद हवाई क्षेत्र बंद किये जाने और यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर” उस क्षेत्र से गुजरने वाली उड़ानों के मार्ग बदले गये हैं जिससे उड़ानों में देरी हो सकती है। उसने कहा है कि जिन उड़ानों के मार्ग बदलना फिलहाल संभव नहीं है उन्हें रद्द कर दिया गया है।
उसने यात्रियों को हवाई अड्डों के लिए निकलने से पहले उड़ान की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी है और इस असुविधा के लिए खेद जताया है।
सूत्रों ने बताया है कि एयर इंडिया की अमेरिका जाने वाली तीन उड़ानें रद्द की गयी हैं। अन्य उड़ानों के मार्ग बदले गये हैं। निजी विमान सेवा कंपनी इंडिगो ने भी “ईरान द्वारा अचानक हवाई क्षेत्र बंद किये जाने” का हवाला देते हुए एक्स पर बताया है कि उसकी कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा है। उसने स्थिति पर खेद जताते हुए कहा है कि यह स्थिति एयरलाइंस के नियंत्रण से परे है। किफायती विमान सेवा कंपनी स्पाइसजेट ने भी एक्स पर पोस्ट करके बताया है कि उसकी कुछ उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। उल्लेखनीय है कि ईरान ने पहले दो घंटे के लिए अपने हवाई क्षेत्र को वाणिज्यिक उड़ानों के लिए बंद करने की घोषणा की थी। बाद में समय सीमा और बढ़ा दी गयी।

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